आज भारत ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ बना रहा है। इस मौके पर डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की उस प्रतिक्रिया के रूप में वर्णित किया, जब उसकी शांति की प्रतिबद्धता को कमजोरी और संयम को निष्क्रियता समझा जाता है। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, एयर मार्शल भारती ने कहा कि भारत ने हमेशा “जियो और जीने दो” के दर्शन का पालन किया है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि जब भी इस भावना का उल्लंघन होता है, तो राष्ट्र निर्णायक और समझौताहीन कार्रवाई के साथ जवाब देता है। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। उन्होंने आगे बताया हमने 7 मई को उनके 9 आतंकवादी कैंपों पर हमला किया और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। इसका सबूत सबके सामने है। हमने उनके 11 हवाई अड्डों पर हमला किया। हमने उनके 13 विमानों को नष्ट कर दिया, चाहे वे ज़मीन पर हों या हवा में।उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हमे कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाए हैं। न तो कोई सैन्य ढांचा और न ही ज्यादातर नागरिक ढांचे… वे चाहे कुछ भी कहें, याद रखें कि किस्से-कहानियां और बयानबाजी आपको जीत नहीं दिलाते। जीत का पैमाना तो ठोस तथ्य होते हैं…“इसी प्रेस वार्ता में मौजूद लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने 100 से ज्यादा सैनिक खो दिए। उन नौ आतंकवादी कैंपों में 100 आतंकवादी मारे गए।उन्होंने कहा, उनकी सम्मान और पुरस्कारों की सूची, जो इंटरनेट पर जारी हुई थी, उससे हमें पता चला कि उनमें से कई पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए थे। नियंत्रण रेखा पर हुई झड़पों में उन्हें जो नुकसान उठाना पड़ा, उसमें उन्होंने 1 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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