Explainer: क्या है 'बॉस स्कैम'? क्यों सहमी कॉरपोरेट दुनिया, जानिए व्हाट्सएप के जरिए कैसे हो रही लाखों की ठगी

I4C क्या है? भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) नई दिल्ली में स्थित एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा और इकोसिस्टम प्रदान करना है। I4C को भारत में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और इनसे जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक प्रमुख नोडल केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए स्थापित किया गया है। ‘बॉस स्कैम’ कॉरपोरेट धोखाधड़ी का एक तेजी से उभरता हुआ खतरा है, जो तकनीक से ज्यादा कर्मचारियों के मनोविज्ञान और डर का फायदा उठाता है। जैसे-जैसे साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, भविष्य में इन हमलों को पहचानना और भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए, डिजिटल युग में कॉरपोरेट जगत की सुरक्षा का सबसे बड़ा मूलमंत्र यही है कि कोई भी वित्तीय अनुरोध चाहे कितना भी जरूरी या गोपनीय क्यों न लगे, पैसे ट्रांसफर करने से पहले सीधे फोन कॉल, वीडियो कॉल या व्यक्तिगत रूप से उसकी पुष्टि अवश्य करें। कर्मचारियों की सतर्कता, बड़े लेन-देन के लिए दोहरी मंजूरी और सही सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन ही कंपनियों को इस बड़े वित्तीय खतरे से बचाने का एकमात्र सुरक्षित उपाय है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

Air India: एअर इंडिया में बड़ा बदलाव, पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव खरोला वरिष्ठ प्रबंधन टीम में शामिल

एअर इंडिया ने अपनी वरिष्ठ प्रबंधन टीम में एक बड़ा बदलाव किया है। पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह एअर इंडिया के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन को रिपोर्ट करेंगे। खरोला प्रबंधन समिति के पूर्णकालिक सदस्य भी होंगे। खरोला की वापसी क्यों महत्वपूर्ण है? यह जानकारी एक आंतरिक संचार के माध्यम से सामने आई है। खरोला तत्काल प्रभाव से अपनी नई भूमिका संभालेंगे। वह पहले भी एअर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। उन्होंने सरकारी स्वामित्व के दौरान दो साल से अधिक समय तक यह पद संभाला था। टाटा समूह ने जनवरी 2022 में एअर इंडिया का अधिग्रहण किया था। एयरलाइन वर्तमान में कई चुनौतियों और भारी नुकसान का सामना कर रही है। इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। वह आने वाले महीनों में अपना पद छोड़ देंगे। खरोला एअर इंडिया के लिए कोई नए नहीं हैं। उन्होंने 2017 से 2019 तक अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया था। इसके बाद वह नागरिक उड्डयन सचिव बने। इस भूमिका में वह एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया में गहराई से शामिल थे। विल्सन ने आंतरिक संचार में खरोला के अनुभव को अमूल्य बताया। यह अनुभव नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के लिए सुचारु नेतृत्व परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। एअर इंडिया किन चुनौतियों का सामना कर रही है? टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद भी एअर इंडिया को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एयरलाइन भारी वित्तीय नुकसान झेल रही है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी विल्सन का इस्तीफा भी एक बड़ी चुनौती है। कंपनी को नए नेतृत्व की आवश्यकता है। इन परिस्थितियों में खरोला का अनुभव म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran Talks: वेंस का दावा- ईरान परमाणु जांचकर्ताओं को देश में आने की देगा इजाजत; तेहरान ने नहीं की पुष्टि

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने बातचीत को लेकर क्या कहा? वेंस ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन बैठकों में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी जैसे मुद्दों पर अहम प्रगति हुई है। वेंस ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई जरूरी कदमों पर सहमति बनी है, ताकि क्षेत्र में शांति बनाए रखी जा सके। उन्होंने कहा, बातचीत में सबसे अहम बात यह तय हुई कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन होता है, इसलिए इसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। इससे तेल और गैस की कीमतों पर भी असर पड़ता है। वेंस ने यह भी बताया, संघर्ष को रोकने और भविष्य में तनाव की स्थिति को संभालने के लिए एक ढांचा तैयार किया गया है, खासकर लेबनान में इस्राइल के हमलों से जुड़े मुद्दे पर। उन्होंने कहा, ईरान लंबे समय बाद परमाणु कार्यक्रम के जांचकर्ताओं को देश में आने दे रहा है। हम जांच को मजबूत करेंगे, ताकि यह शासन कभी भी परमाणु हथियार न रख सके। ये भी पढ़ें: अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा, तकनीकी बातचीत आगे भी जारी रहेगी। दोनों पक्ष अपनी-अपनी टीमें वहीं छोड़कर आगे चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, किसी भी समझौते की सफलता शब्दों पर नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई पर निर्भर करेगी। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? इसी बीच, स्विट्जरलैंड ने बर्जेनस्टॉक में अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के बीच हुई कूटनीतिक बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया। स्विस विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एक उच्च-स्तरीय समिति बनाने और 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी ने तीन दिन बाद भी नहीं सौंपी रिपोर्ट, बड़े पदाधिकारी को बचाने की कोशिश की आशंका

राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी को बचाने की जद्दोजहद चल रही है, ताकि वह बेदाग रह सकें। इसलिए मंथन चल रहा है कि किस पर और किस तरह की कार्रवाई की जाए। एसआईटी को लौटे तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक नहीं पहुंच सकी है। चोरी का मामला उजागर होने के बाद से ट्रस्ट के पदाधिकारी उसे दबाने में जुटे थे। एसआईटी की टीम ने छह दिन तक अयोध्या में तफ्तीश कर चढ़ावे में हेरफेर के साक्ष्य जुटाए। छानबीन में यह भी सामने आया कि पदाधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर किस तरह रिश्तेदारों व करीबियों को मंदिर प्रबंधन में काम पर रखा हुआ था। इसलिए एसआईटी ने एक तरफ आपराधिक कृत्य करने वालों की सूची तैयार की और दूसरी तरफ लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल किए।इसमें एक बड़ा नाम भी शामिल है, जिनकी ट्रस्ट में भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। सोशल मीडिया पर उनको लेकर तमाम चर्चाएं भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई में देरी की वजह भी इसी नाम को माना जा रहा है। जब तक इस बारे में ऊपर यानी दिल्ली से निर्देश नहीं मिलेंगे, तब तक कोई कार्रवाई संभव नहीं है।मामले में निर्माण समिति के गोपाल राव चर्चा में हैं। उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शनिवार देर शाम एसआईटी के लौटने के बाद गोपाल राव कर्नाटक चले गए और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उसके फोटो और वीडियो भी वायरल हैं। पहले बताया जा रहा था कि एसआईटी ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों के जिले के बाहर जाने पर रोक लगा दी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

NEET Exam Row: कांग्रेस MLA जारकीहोली ने BJP के आरोपों को बताया बेबुनियाद, कहा- पार्टी को पहले से थी जानकारी

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) विवाद पर कांग्रेस विधायक जारकीहोली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा, उन्हें पहले से पता था कि उनके कार्यक्रम स्थल के पास नीट के तीन केंद्र हैं। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू हुई थी। उनका कार्यक्रम 11 बजे शुरू हुआ। इसलिए दोनों के बीच समय या प्रवेश का टकराव नहीं था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 1 min · National Desk

विदेशी धन पाने वाले गैर-सरकारी संगठनों पर सख्ती: सरकार ने बदले FCRA के नियम, जानिए क्या हैं नए प्रावधान?

गृह मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया कि ऐसे किसी भी संगठन को आमतौर पर विदेशी धन प्राप्त करने के लिए पंजीकरण या पूर्व अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसमें विदेशी नागरिक (भारतीय मूल के अलावा) मुख्य पदों पर हों।हालांकि, नियमों में यह भी अपवाद है कि केंद्र सरकार विशेष आदेश के माध्यम से कुछ मामलों में विदेशी नागरिकों को संगठन में प्रमुख पदों पर रहने की अनुमति दे सकती है।सरकार ने एफसीआरए नियम, 2011 में कई संशोधन किए हैं, जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि भारत में एनजीओ और अन्य संगठन विदेशी धन कैसे प्राप्त करें और उसका उपयोग कैसे करें। इस पर निगरानी और जवाबदेही और सख्त होगी।संशोधनों के मुताबिक ‘मुख्य कार्यकर्ता’ की परिभाषा को और व्यापक कर दिया गया है। अब इसमें कंपनी के निदेशक, साझेदार, ट्रस्टी, हिंदू अविभाजित परिवार का कर्ता और वे सभी व्यक्ति शामिल होंगे जो संगठन के प्रबंधन पर नियंत्रण रखते हैं।अब एनजीओ को पंजीकरण के लिए आवेदन करते समय अपने कार्यों का स्पष्ट उद्देश्य और संचालन का राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बताना अनिवार्य होगा। आवेदन में यह जानकारी देनी होगी कि संगठन किन उद्देश्यों के लिए पंजीकरण चाहता है और ये उद्देश्य केवल नियमों की सूची में दिए गए विकल्पों में से ही चुने जाएंगे। यह विवरण पंजीकरण प्रमाणपत्र में भी दर्ज किया जाएगा।धार्मिक उद्देश्यों के तहत निर्माण, मरम्मत, धार्मिक स्थलों का रखरखाव, धार्मिक शिक्षा और भक्ति संगीत के प्रचार जैसी गतिविधियां शामिल की गई हैं। लेकिन धार्मिक शिक्षा, धार्मिक परंपराओं के दस्तावेजीकरण और संरक्षण जैसे कार्यों में स्पष्ट रूप से धर्मांतरण को बाहर रखा गया है।इसी तरह जनजातीय और स्थानीय धार्मिक परंपराओं के संरक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

बगावत का बदला: बागियों के गढ़ को ढहाने निकलेंगे उद्धव ठाकरे, 'गद्दारों' को टिकट देने पर जनता से मांगेंगे माफी

राज्यसभा सांसद और ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह तीन दिवसीय दौरा राज्य के कई सबसे महत्वपूर्ण जिलों को कवर करेगा। पार्टी की तरफ से इस महादौरे को बेहद आक्रामक बनाने के लिए शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारा गया है और हर लोकसभा क्षेत्र के लिए विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।यह सियासी सरगर्मी पिछले सप्ताह शिवसेना-यूबीटी के छह बड़े सांसदों के विद्रोह के बाद शुरू हुई है। इन बागी सांसदों में ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय पाटिल (मुलुंड उत्तर पूर्व), संजय जाधव (परभणी), संजय देशमुख (यवतमाल), नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी) शामिल हैं, जिन्होंने शिंदे गुट में शामिल होने का स्पष्ट संकेत दे दिया है।पार्टी को लगे इस करारे झटके के बाद उद्धव ठाकरे ने बेहद भावुक और रणनीतिक दांव खेला है। ठाकरे ने पहले ही एलान कर दिया है कि वह सीधे इन निर्वाचन क्षेत्रों की जनता के बीच जाएंगे। वे 2024 के आम चुनावों के दौरान इन दलबदलू सांसदों को वोट देने वाले मतदाताओं से सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगेंगे कि उन्होंने गलत उम्मीदवारों को टिकट दिया।तय कार्यक्रम के मुताबिक, उद्धव ठाकरे 27 जून को यवतमाल से अपने इस शक्ति प्रदर्शन वाले दौरे की शुरुआत करेंगे। यवतमाल में तैयारियों का जायजा लेने के लिए सांसद अरविंद सावंत, विधायक संजय डेरकर और जिला प्रमुख प्रवीण शिंदे समेत कई वरिष्ठ नेताओं को तैनात किया गया है। इसके तुरंत बाद वे वाशिम के लिए रवाना होंगे, जहां की कमान दिलीप जाधव और बालाजी वानखेड़े संभाल रहे हैं।27 जून की दोपहर को ही ठाकरे हिंगोली पहुंचेंगे, जहां विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंबादास दानवे और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

Core Sector: आठ प्रमुख क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि मई में सात महीने के निचले स्तर पर, जानिए आंकड़े क्या कह रहे

देश के आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्रों की उत्पादन वृद्धि मई में काफी धीमी हो गई है। यह वृद्धि दर सात महीने के निचले स्तर 0.5 फीसदी पर पहुंच गई है। मुख्य रूप से कोयला, कच्चा तेल और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में गिरावट इसका कारण रही। किन क्षेत्रों में गिरावट सरकार द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। अप्रैल 2026 में इन क्षेत्रों की वृद्धि 1.8 फीसदी दर्ज की गई थी। पिछले साल मई 2025 में यह वृद्धि 1.2 फीसदी थी। यह गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंता का विषय है। आठ प्रमुख क्षेत्र देश के औद्योगिक उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी धीमी गति का असर समग्र आर्थिक विकास पर पड़ सकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें कोयला, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन शामिल है। रिफाइनरी उत्पादों और उर्वरक के उत्पादन में भी कमी आई है। यह दर्शाता है कि इन प्रमुख उद्योगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों में सुधार के लिए विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पिछली अवधि का प्रदर्शन अप्रैल-मई 2026-27 की अवधि के दौरान, इन प्रमुख क्षेत्रों का विस्तार 1.1 फीसदी पर स्थिर रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग समान स्तर पर है। अक्तूबर 2025 में आठ क्षेत्रों के उत्पादन में 0.1 फीसदी की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई थी। यह आंकड़े मौजूदा मंदी की प्रवृत्ति को और पुष्ट करते हैं। लगातार धीमी वृद्धि आर्थिक स्थिरता के लिए चुनौती पेश कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 22, 2026 · 2 min · National Desk

बगावत का बदला: बागियों के गढ़ को ढहाने निकलेंगे उद्धव ठाकरे, 'गद्दारों' को टिकट देने पर जनता से मांगेंगे माफी

राज्यसभा सांसद और ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह तीन दिवसीय दौरा राज्य के कई सबसे महत्वपूर्ण जिलों को कवर करेगा। पार्टी की तरफ से इस महादौरे को बेहद आक्रामक बनाने के लिए शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारा गया है और हर लोकसभा क्षेत्र के लिए विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।यह सियासी सरगर्मी पिछले सप्ताह शिवसेना-यूबीटी के छह बड़े सांसदों के विद्रोह के बाद शुरू हुई है। इन बागी सांसदों में ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय पाटिल (मुलुंड उत्तर पूर्व), संजय जाधव (परभणी), संजय देशमुख (यवतमाल), नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी) शामिल हैं, जिन्होंने शिंदे गुट में शामिल होने का स्पष्ट संकेत दे दिया है।पार्टी को लगे इस करारे झटके के बाद उद्धव ठाकरे ने बेहद भावुक और रणनीतिक दांव खेला है। ठाकरे ने पहले ही एलान कर दिया है कि वह सीधे इन निर्वाचन क्षेत्रों की जनता के बीच जाएंगे। वे 2024 के आम चुनावों के दौरान इन दलबदलू सांसदों को वोट देने वाले मतदाताओं से सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगेंगे कि उन्होंने गलत उम्मीदवारों को टिकट दिया।तय कार्यक्रम के मुताबिक, उद्धव ठाकरे 27 जून को यवतमाल से अपने इस शक्ति प्रदर्शन वाले दौरे की शुरुआत करेंगे। यवतमाल में तैयारियों का जायजा लेने के लिए सांसद अरविंद सावंत, विधायक संजय डेरकर और जिला प्रमुख प्रवीण शिंदे समेत कई वरिष्ठ नेताओं को तैनात किया गया है। इसके तुरंत बाद वे वाशिम के लिए रवाना होंगे, जहां की कमान दिलीप जाधव और बालाजी वानखेड़े संभाल रहे हैं।27 जून की दोपहर को ही ठाकरे हिंगोली पहुंचेंगे, जहां विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंबादास दानवे और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 22, 2026 · 2 min · National Desk

अमर उजाला संवाद 2026: मंच पर गूंजेंगे विकास, आस्था, शिक्षा और तकनीक के मुद्दे, जुटेंगी देश की नामी हस्तियां

स्वास्थ्य, सेवा और संगठन का संतुलित नेतृत्व राजनीति में कुछ लोग पद से बड़े हो जाते हैं और कुछ अपने कार्यों से। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा उन नेताओं में शामिल हैं जिनकी पहचान प्रशासनिक दक्षता, संगठनात्मक क्षमता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता से बनती है। देश के स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने से लेकर आयुष्मान भारत जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के विस्तार तक उनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, दवाओं की उपलब्धता और सतत् विकास के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाए, इस विषय पर उनके विचार नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। विकास के रोडमैप व भविष्य की योजनाओं पर रहेगा जोर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे। छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की यात्रा तय करने वाले धामी आज राज्य के युवा नेतृत्व का प्रमुख चेहरा बन चुके हैं। रोजगार, निवेश, आधारभूत संरचना और सुशासन से जुड़े उनके कई निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहे हैं। संवाद के मंच से वह उत्तराखंड के विकास रोडमैप, सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे। ये भी पढ़ें…Rudraprayag: नगरासू गुरुद्वारा विवाद; एक दिन बाद सेवादार को छोड़ा, कुछ निहंग अभी भी अंदर मौजूद इन सहयोगियों का मिला साथ अमर उजाला संवाद उत्तराखंड 2026 को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों का साथ मिला है। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी प्रस्तुति साझेदार की भूमिका निभा रही है, जबकि गोल्डी ग्रुप पॉवर्ड बाय पार्टनर है। किआ कार्यक्रम की ड्रिवेन बाय पार्टनर तो रेडियो साझेदार के रूप में रेड ए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 22, 2026 · 2 min · National Desk