राज्यसभा सांसद और ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह तीन दिवसीय दौरा राज्य के कई सबसे महत्वपूर्ण जिलों को कवर करेगा। पार्टी की तरफ से इस महादौरे को बेहद आक्रामक बनाने के लिए शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारा गया है और हर लोकसभा क्षेत्र के लिए विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।यह सियासी सरगर्मी पिछले सप्ताह शिवसेना-यूबीटी के छह बड़े सांसदों के विद्रोह के बाद शुरू हुई है। इन बागी सांसदों में ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय पाटिल (मुलुंड उत्तर पूर्व), संजय जाधव (परभणी), संजय देशमुख (यवतमाल), नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिरडी) शामिल हैं, जिन्होंने शिंदे गुट में शामिल होने का स्पष्ट संकेत दे दिया है।पार्टी को लगे इस करारे झटके के बाद उद्धव ठाकरे ने बेहद भावुक और रणनीतिक दांव खेला है। ठाकरे ने पहले ही एलान कर दिया है कि वह सीधे इन निर्वाचन क्षेत्रों की जनता के बीच जाएंगे। वे 2024 के आम चुनावों के दौरान इन दलबदलू सांसदों को वोट देने वाले मतदाताओं से सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगेंगे कि उन्होंने गलत उम्मीदवारों को टिकट दिया।तय कार्यक्रम के मुताबिक, उद्धव ठाकरे 27 जून को यवतमाल से अपने इस शक्ति प्रदर्शन वाले दौरे की शुरुआत करेंगे। यवतमाल में तैयारियों का जायजा लेने के लिए सांसद अरविंद सावंत, विधायक संजय डेरकर और जिला प्रमुख प्रवीण शिंदे समेत कई वरिष्ठ नेताओं को तैनात किया गया है। इसके तुरंत बाद वे वाशिम के लिए रवाना होंगे, जहां की कमान दिलीप जाधव और बालाजी वानखेड़े संभाल रहे हैं।27 जून की दोपहर को ही ठाकरे हिंगोली पहुंचेंगे, जहां विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अंबादास दानवे और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बगावत का बदला: बागियों के गढ़ को ढहाने निकलेंगे उद्धव ठाकरे, 'गद्दारों' को टिकट देने पर जनता से मांगेंगे माफी
राज्यसभा सांसद और 'सामना' के कार्यकारी संपादक संजय राउत की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह तीन दिवसीय दौरा राज्य के कई सबसे महत्वपूर्ण जिलों को कवर करेगा। पार्टी की तरफ से इस महादौरे को बेहद आक्रामक बनाने के लिए शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारा गया है और हर लोकसभा क्षेत्र के लिए विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।यह सियासी सरगर्मी पिछले सप्ताह शिवसेना-यूबीटी के छह बड़े सांसदों के विद्रोह के बाद शुरू हुई है। इन बागी सांसदों में ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय पाटिल (मुलुंड उत्तर पूर