- I4C क्या है? भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) नई दिल्ली में स्थित एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा और इकोसिस्टम प्रदान करना है। I4C को भारत में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और इनसे जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक प्रमुख नोडल केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए स्थापित किया गया है। ‘बॉस स्कैम’ कॉरपोरेट धोखाधड़ी का एक तेजी से उभरता हुआ खतरा है, जो तकनीक से ज्यादा कर्मचारियों के मनोविज्ञान और डर का फायदा उठाता है। जैसे-जैसे साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, भविष्य में इन हमलों को पहचानना और भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए, डिजिटल युग में कॉरपोरेट जगत की सुरक्षा का सबसे बड़ा मूलमंत्र यही है कि कोई भी वित्तीय अनुरोध चाहे कितना भी जरूरी या गोपनीय क्यों न लगे, पैसे ट्रांसफर करने से पहले सीधे फोन कॉल, वीडियो कॉल या व्यक्तिगत रूप से उसकी पुष्टि अवश्य करें। कर्मचारियों की सतर्कता, बड़े लेन-देन के लिए दोहरी मंजूरी और सही सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन ही कंपनियों को इस बड़े वित्तीय खतरे से बचाने का एकमात्र सुरक्षित उपाय है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Explainer: क्या है 'बॉस स्कैम'? क्यों सहमी कॉरपोरेट दुनिया, जानिए व्हाट्सएप के जरिए कैसे हो रही लाखों की ठगी
9. I4C क्या है? भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) नई दिल्ली में स्थित एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा और इकोसिस्टम प्रदान करना है। I4C को भारत में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और इनसे जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक प्रमुख नोडल केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए स्थापित किया गया है। 'बॉस स्कैम' कॉरप