West Bengal: 'कुलपति जेल में दिखें तो हैरान न हों', शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर मंत्री ने ऐसा क्यों कहा?

चट्टोपाध्याय ने मंगलवार को कहा कि राज्य की तत्काल प्राथमिकता एक भ्रष्टाचार मुक्त और राजनीति मुक्त शिक्षा प्रणाली का निर्माण करना है, जिसे उन्होंने दशकों के राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में जिक्र किया, जो टीएमसी के 15 साल के शासनकाल के दौरान व्यापक अनियमितताओं में परिणत हुआ।उच्च शिक्षा मंत्री चट्टोपाध्याय ने समाचार चैनल को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि आप पहले ही एक पूर्व शिक्षा मंत्री को जेल जाते देख चुके हैं। आपने अभी तक विश्वविद्यालय के कुलपतियों को जेल में नहीं देखा है। अगर भविष्य में आप एक या दो कुलपतियों को प्रेसिडेंसी, दमदम या अलीपुर (जेलों) में देखते हैं, तो आश्चर्य की कोई बात नहीं होनी चाहिए।हालांकि मंत्री ने किसी विश्वविद्यालय या कुलपति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियों को व्यापक रूप से इस संकेत के रूप में व्याख्यायित किया गया कि सरकार को उच्च शिक्षण संस्थानों में कथित अनियमितताओं की जांच को राजनीतिक अधिकारियों से परे विस्तारित करने की उम्मीद है।ये टिप्पणियां हाल के वर्षों में बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर हावी रहे कई भर्ती और शिक्षा संबंधी भ्रष्टाचार मामलों की पृष्ठभूमि में आई हैं, जिनमें स्कूल नौकरियों के घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी और नियुक्तियों और विश्वविद्यालय प्रशासन में कथित अनियमितताओं की जांच शामिल है। भाजपा सरकार के शिक्षा संबंधी रोडमैप की रूपरेखा पेश करते हुए चट्टोपाध्याय ने कहा कि भ्रष्टाचार का खात्मा करना और शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक प्रभाव को समाप्त करना इसके सर्वोपरि उद्देश्य हैं।उन्होंने आरोप लगाया, ‘पहली प्राथमिकता भ्रष्टाचार मुक्त शिक्षा प्रशासन और राजनीति मुक्त शिक्षा प्रणाली है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

India-UK FTA: 'वे दुनिया के बेहतरीन वार्ताकारों में से एक', ब्रिटिश अधिकारी ने की पीयूष गोयल की तारीफ

भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते के बाद दक्षिण एशिया के लिए यूनाइटेड किंगडम के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को सर्वश्रेष्ठ वार्ताकारों में से एक बताया। पीयूष गोयल को अच्छा दोस्त बताया ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौते के लिए ब्रिटेन के मुख्य वार्ताकार के रूप में काम करने वाले हरजिंदर कांग ने एक साथ कई व्यापार सौदों को संतुलित करने के लिए पीयूष गोयल की प्रशंसा की और उन्हें एक अच्छा दोस्त बताया। कब हुआ था एफटीए? दोनों देशों ने पिछले साल जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता 15 जुलाई से प्रभावी होगा। लंदन में हस्ताक्षरित इस ऐतिहासिक समझौते के तहत ब्रिटेन को होने वाले 90.2% भारतीय निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और प्रमुख ब्रिटिश उत्पादों पर भारत के आयात शुल्क में भारी कमी आएगी। हरजिंदर कांग ने आगे क्या कहा? एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में कांग ने कहा, ‘अब मेरे सभी समकक्षों के साथ मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई है। जहां हम वर्षों तक एक-दूसरे से मतभेद रखते थे, वहीं अब हम नियमित रूप से हाथ मिलाते हैं और चाय पीते हैं। मंत्री गोयल… मैं उनकी सराहना करता हूं। मैंने जितने भी वार्ताकार देखे हैं, उनमें से वे सबसे बेहतरीन हैं। उन्हें इस बात का श्रेय जाता है कि वे हमारे साथ-साथ इतने सारे मुक्त व्यापार समझौतों को भी सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं। और अब हम अच्छे दोस्त बन गए हैं।’ भारत दुनिया के सबसे बड़े निवेश अवसरों में से एक उन्होंने आगे कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) निवेशकों को अधिक विश्वास और कानूनी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट परिसर में हंगामा करने वाले प्रबल प्रताप समेत दो गिरफ्तार, सीजेआई को दी थी गाली

दिल्ली पुलिस ने क्या बताया? यह घटना 10 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-13 में एसएलपी संख्या 31367/2026 प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य आयुक्त मामले की सुनवाई के दौरान हुई थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, याचिकाकर्ता के रूप में स्वयं पेश हुए प्रबल प्रताप सिंह ने जानबूझकर अदालत की कार्यवाही में बाधा डाली। आरोप है कि उन्होंने अभद्र और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, कोर्ट रूम के भीतर कागजात फेंके और हंगामा कर न्यायालय की कार्यवाही बाधित की। पुलिस के अनुसार, जब सुरक्षा कर्मियों ने अदालत की गरिमा बनाए रखने और उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया, तो प्रबल प्रताप सिंह ने शिकायतकर्ता के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और बल प्रयोग किया और उनके कर्तव्य में बाधा डाली। क्या है मामला? 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस केवी विश्वनाथम और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच प्रबल प्रताप की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता प्रबल प्रताप खुद ही अपने केस की पैरवी कर रहे थे। यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश से जुड़ा था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई शुरू होते ही वह जजों पर चिल्लाने लगा। उन्होंने जजों को ‘जुडिशियल सर्वेंट’ (न्यायिक नौकर) कहना शुरू कर दिया। उसने दावा किया कि वह खुद ‘संप्रभु’ यानी सबसे ऊपर है। प्रबल प्रताप ने पहले बेंच को ‘मिस्टर जुडिशल सर्वेंट’ कहकर संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि ‘मैं आपको आदेश देता हूं…।’ इसके बाद याचिकाकर्ता ने बेंच के सामने ही कागज फेंकना शुरू कर दिया। कोर्ट रूम में इस माहौल को देखकर तुरंत की सिक्योरिटी गार्ड एक्टिव हुए और प्रबल प्रताप को पकड़ लि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: क्यों 18 दिन से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक, ऐसे अनशन से कब-कब झुकी सरकारें, कौन से रहे बेअसर?

आजादी के बाद चर्चित भूख हड़तालें कौन सी रहीं? पोट्टी श्रीरामलू: भारत के इतिहास की सबसे चर्चित भूख हड़तालों में पोट्टी श्रीरामलू का नाम लिया जाता है। उन्होंने 19 अक्तूबर 1952 को तेलुगु भाषी लोगों के लिए अलग आंध्र राज्य की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया। 56 दिन बाद 15 दिसंबर 1952 को उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ और केंद्र सरकार ने अलग आंध्र राज्य के गठन की घोषणा की। मास्टर तारा सिंह (1961) शिरोमणि अकाली दल के नेता मास्टर तारा सिंह ने पंजाबी भाषी राज्य की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की। तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने 48 दिन बाद अनशन समाप्त किया। उनके ‘पंजाबी सूबा आंदोलन’ के परिणामस्वरूप 1 नवंबर 1966 को पंजाब का पुनर्गठन हुआ। संत फतेह सिंह (1966) संत फतेह सिंह ने नवगठित पंजाब में चंडीगढ़ को शामिल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने 10 दिन में अनशन समाप्त किया। हालांकि चंडीगढ़ आज भी पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है। के. चंद्रशेखर राव (2009) तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर 29 नवंबर 2009 को आमरण अनशन शुरू किया। सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया, लेकिन उन्होंने जेल में भी अनशन जारी रखा। तबीयत बिगड़ने और बढ़ते जनदबाव के बाद केंद्र सरकार ने तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद उन्होंने 11 दिन में अनशन समाप्त कर दिया। इरोम शर्मिला (2000-2016) मणिपुर की इरोम चानू शर्मिला को आयरन लेडी ऑफ मणिपुर कहा जाता है। उन्होंने नवंबर 2000 में सशस्त्र बल (विशेष अधिकार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

AMC: अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2026 के लिए आवेदन आज से शुरू, आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 30 जुलाई

अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बुधवार यानी आज से शुरू हो रही है। यह प्रक्रिया 30 जुलाई तक चलेगी। इसके लिए फाउंडेशन की वेबसाइट amarujalafoundation.org या फिर अमर उजाला की वेबसाइट amarujala.com पर या https://www.amarujala.com/atul-maheshwari-chhatravritti-2026 पर जाकर फॉर्म भरा जा सकता है। फॉर्म में मांगी गईं सभी जानकारियां देना अनिवार्य होगा। लिखित परीक्षा विभिन्न शहरों में निर्धारित केंद्रों पर होगी। फॉर्म भरते समय लिखित परीक्षा के लिए विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार शहर का चयन कर सकेंगे। इसके लिए 95 शहरों का विकल्प फॉर्म में दिया गया है। परीक्षा केंद्र की सूचना ई-मेल द्वारा भेजे जाने वाले एडमिट कार्ड में दी जाएगी। इसलिए हर आवेदक का ई-मेल आईडी होना अनिवार्य है।इस वर्ष अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में नौवीं और 10वीं के प्रादेशिक बोर्ड के विद्यार्थियों को 50-50 हजार रुपये की 23 छात्रवृत्तियां और 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को 75-75 हजार रुपये की 23 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रादेशिक शिक्षा बोर्ड में नौवीं से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले और पिछली वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी अंक पाने वाले वही विद्यार्थी पात्र होंगे, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय दो लाख रुपये से कम हो, BPL कार्ड धारक परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी।जो विद्यार्थी कक्षा आठ में या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, वे इस परीक्षा में आवेदन के पात्र नहीं होंगे। आवेदन केवल ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे। योग्य विद्यार्थियों को एडमिट कार्ड भी ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे। 2025 में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: ' 2029 में एक साथ होंगे लोकसभा व विधानसभाओं के चुनाव, बदले जा सकते हैं कानून', पीपी चौधरी ने की घोषणा

पीपी चौधरी की अगुवाई में जेपीसी तीन दिवसीय दौरे पर सोमवार को लखनऊ पर पहुंची थी। जेपीसी अध्यक्ष ने होटल ताज में अमर उजाला के साथ खास बातचीत में कहा कि हम देश में जहां भी जा रहे हैं, आम जनता एक देश-एक चुनाव का समर्थन कर रही है। लोकतंत्र की असली हितधारक (स्टेकहोल्डर) जनता ही है। उन्होंने कहा कि 1952 से 1967 तक चार चुनाव एक साथ हुए थे। तब तो हमारे पास आज जैसा इन्फ्रास्ट्रक्चर भी नहीं था। आज हमारे पास पर्याप्त ईवीएम भी हैं।चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र की मूल भावना है कि चुनाव में अधिक से अधिक लोग वोट डालें, जो तभी संभव है, जब चुनाव बार-बार न हो। तभी लोकतंत्र अपने सही मायनों में लागू होगा। विपक्ष कह रहा है कि एक चुनाव की अवधारणा संघीय ढांचे के खिलाफ है? जवाब में जेपीसी अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव की समय-सारिणी एक होने से संघीय ढांचे की भावना का उल्लंघन नहीं होता। 50 और 60 के दशक में एक साथ हुए चुनाव यह साबित करते हैं। इसी तरह से एक साथ चुनाव कराने के लिए पर्याप्त संसाधन न होने की विपक्ष की बात भी गलत है। आज भारत इन्फास्ट्रक्चर में बहुत आगे पहुंच चुका है।जेपीसी अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी पार्टियां एक देश-एक चुनाव का सिर्फ इसलिए विरोध कर रही हैं कि कहीं इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न मिल जाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ में उनसे मिलने सपा और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता आए थे। वे वही बोल रहे थे, जो उनके शीर्ष नेतृत्व का मत है। हमारे लिए राष्ट्र हित पहले है, जबकि विपक्षी पार्टियों के अपने राजनीतिक एजेंडे हैं। कानून लागू करने की हमारी तैयारी पूरी पीपी चौधरी ने कहा कि इस कानून को लागू करने की हमारी पूरी तैयारी है। यह पूछे जाने पर कि यूपी सरीखे जिन राज्यों में विधानसभा का क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: स्पेन दूसरी बार फीफा विश्वकप के फाइनल में; मैदानी इलाकों में थमा मानसून, होर्मुज में नाकेबंदी शुरू

आज बुधवार, 15 जुलाई 2026 की तारीख में देश-दुनिया की अहम खबरों की श्रृंखला लेकर एक बार फिर अमर उजाला हाजिर है। सबसे पहले बात राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की, जिसमें एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की लापरवाही और निगरानी में कमी की ओर इशारा किया गया है। रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया और एसओपी के नियमों को शिथिल किए जाने को चोरी की बड़ी वजह बताते हुए अनिल मिश्रा को सबसे अधिक जिम्मेदार ठहराया गया है। उधर, फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब उसका सामना इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। इधर, उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की रफ्तार थमने से गर्मी और उमस फिर बढ़ गई है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। वहीं, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के पास समुद्री नाकेबंदी लागू करते हुए उसके सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं। इधर, देश की राजनीति में मानसून सत्र से पहले परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सरकार ने समर्थन जुटाने की कवायद तेज कर दी है। उधर, भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) आज से लागू हो गया है। वहीं, दिल्ली में एमसीडी की 12 वार्ड समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए आज मतदान होगा। इधर, पोलैंड के उप विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने रूस को सामरिक परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उधर, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए कई विशेष पु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज में नाकेबंदी शुरू: अमेरिकी सेना ने ईरान पर फिर बरसाए बम, आईआरजीसी के ठिकानों को बनाया निशाना

ये हमले अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य कार्रवाई की ताजा कड़ी हैं। दोनों देशों के बीच यह तनाव पिछले सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर ईरानी हमलों के बाद शुरू हुआ था। सेंट्रल कमांड ने बताया कि हमलों का उद्देश्य होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ईरानी क्षमताओं को कमजोर करना था।ये हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब अमेरिकी सेनाएं ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। यह नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम चार बजे से प्रभावी हुई। वहीं, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।इससे पहले भी अमेरिकी सेना ने ईरान के बुशेहर, चाबहार, जास्क, कोनारक, अबू मूसा और बंदर अब्बास में आईआरजीसी की रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया था।हाल के दिनों में लगातार हो रहे हमलों ने अंतरिम शांति समझौते पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह समझौता 60 दिनों के भीतर स्थायी समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से किया गया था, जिसमें ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम सहित अन्य मुद्दों का समाधान भी शामिल था। समझौते के तहत अमेरिका ने अप्रैल के मध्य में लगाई गई नाकेबंदी हटा ली थी। हालांकि, अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह दुबई समयानुसार बुधवार आधी रात से इसे फिर लागू किया जाएगा।वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज में 20 फीसदी शुल्क वसूलने की योजना पर यू-टर्न ले लिया है। ट्रंप की यह शुल्क लगाने की योजना अमेरिका की उस पुरानी नीति से अलग थी, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs ENG: 11 साल बाद इंग्लैंड की एजबेस्टन में हार, भारत ने सीरीज में बनाई बढ़त; अक्षर का ऑलराउंड प्रदर्शन

IND vs ENG: 11 साल बाद इंग्लैंड की एजबेस्टन में हार, भारत ने सीरीज में बनाई बढ़त; अक्षर का ऑलराउंड प्रदर्शन कप्तान शुभमन गिल की शानदार कप्तानी पारी और अक्षर पटेल के दमदार ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत भारत ने पहले वनडे में इंग्लैंड को छह विकेट से हरा दिया। एजबेस्टन में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। जवाब में भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। खास बात यह रही कि एजबेस्टन में 2015 के बाद इंग्लैंड की यह पहली वनडे हार है। पिछली बार 2014 में भी उसे भारत ने ही इस मैदान पर हराया था। 61/0 से 107/6… भारतीय गेंदबाजों ने पलटा मैच टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने बेन डकेट और फिल सॉल्ट की मदद से तेज शुरुआत की। 13वें ओवर की शुरुआत तक टीम बिना किसी नुकसान के 61 रन बना चुकी थी और बड़ा स्कोर बनता नजर आ रहा था।लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने मैच की तस्वीर ही बदल दी। जसप्रीत बुमराह ने दबाव बनाया तो गुरनूर बराड़ और प्रसिद्ध कृष्णा ने लगातार विकेट निकालकर इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेल दिया। देखते ही देखते मेजबान टीम 107 रन पर छह विकेट गंवा चुकी थी। हैरी ब्रूक, जोस बटलर और जैकब बेथेल जैसे बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 15, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs ENG Highlights: भारत ने इंग्लैंड को छह विकेट से हराया, गिल-अक्षर और वाशिंगटन ने जड़े अर्धशतक

11:16 PM, 14-Jul-2026 IND vs ENG Live Score: भारत की जीत भारतीय टीम ने पहले वनडे मुकाबले में इंग्लैंड को छह विकेट से हराया। इसके साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। जवाब में भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट पर 262 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। भारत के लिए इस मैच में कप्तान शुभमन गिल, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक लगाए। गिल हालांकि, रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटे। रोहित शर्मा और विराट कोहली सस्ते में आउट हो गए थे जिसके बाद गिल और श्रेयस ने तीसरे विकेट के लिए 101 रनों की साझेदारी की। गिल जब 80 रन बनाकर खेल रहे थे तो उनके पैर में कुछ दिक्कत आ गई और वह मैदान से बाहर चले गए। इसके बाद श्रेयस अय्यर रन आउट हो गए और केएल राहुल भी सस्ते में पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर और वाशिंगटन ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 102 रनों की अविजित साझेदारी की। अक्षर ने 39 गेंदों पर पचासा पूरा किया, जबकि वाशिंगटन ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई और अपना अर्धशतक भी पूरा किया। अक्षर नाबाद 57 और वाशिंगटन 52 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर, जोश टंग और सैम करन ने एक-एक विकेट झटके। भारतीय टीम ने पहले वनडे मुकाबले में इंग्लैंड को छह विकेट से हराया। इसके साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। जवाब में भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट पर 262 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। भारत के लिए इस मैच में कप्तान शुभमन गिल, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक लगाए। गिल हालांकि, रिटायर्ड हर्ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 14, 2026 · 2 min · National Desk