Unnao Case: 'लोग सियासी लाभ लेने की कोशिश कर रहे', हाईकोर्ट जजों पर आरोप लगाए जाने पर शीर्ष कोर्ट की टिप्पणी

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि कुछ लोग उन्नाव दुष्कर्म मामले का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। शीर्ष कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की, जब निष्कासित भाजपा नेता कुलदीप सेंगर के वकीलों ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के उन जजों के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 1 min · National Desk

Gold Silver Price: रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद चांदी में भारी गिरावट, मुनाफावसूली से सोना भी फिसला

भारतीय कमोडिटी बाजार में सोमवार को भारी उथल-पुथल देखने को मिली। पिछले कुछ सत्रों से जारी रिकॉर्ड तोड़ तेजी पर ब्रेक लगाते हुए निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतें अपने अब तक के उच्चतम स्तर से करीब 3 प्रतिशत तक टूट गईं, वहीं सोने ने भी अपनी चार दिनों की तेजी का सिलसिला समाप्त कर दिया। चांदी में रिकॉर्ड ऊंचाई से 7,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट सप्ताह के पहले कारोबारी दिन चांदी के वायदा कारोबार में जबरदस्त अस्थिरता रही। शुरुआती कारोबार में चांदी ने 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम का नया लाइफटाइम हाई छुआ, लेकिन इस स्तर पर टिकने में नाकाम रही। ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से कीमतें तेजी से नीचे आईं। सोने की चार दिनों की तेजी थमी एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव 7,124 रुपये यानी 2.97 प्रतिशत गिरकर 2,32,663 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर आ गया। गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में चांदी में करीब 15.04 प्रतिशत (31,348 रुपये) की रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई थी, जिसके बाद तकनीकी रूप से सुधार की उम्मीद की जा रही थी। पीली धातु यानी सोने में भी सोमवार को सुस्ती का माहौल रहा। सोना मजबूती के साथ खुला था, लेकिन जल्द ही मुनाफावसूली के दबाव में आ गया। सोने का वायदा भाव 1,497 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत गिरकर 1,38,376 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। बीते शुक्रवार को ही सोने ने 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया शिखर छुआ था। ‘ओवरबॉट’ टेरिटरी में कीमती धातुएं एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, “यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरावट द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

क्या रायते से रेबीज फैलता है: भैंस को कुत्ते ने काटा, उसी के दूध से बना रायता गांववालों ने खाया; अब क्या होगा?

क्या रायते से रेबीज फैलता है: भैंस को कुत्ते ने काटा, उसी के दूध से बना रायता गांववालों ने खाया; अब क्या होगा? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं उत्तर प्रदेश के बदायूं से हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गांव में तेरहवीं के भोज के दौरान रायता खाने वाले सैकड़ों लोग अचानक घबराकर अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच गए। पूरे गांव में इस रायते की ऐसी दहशत रही कि स्वास्थ्यकर्मियों को भी आनन-फानन में लोगों की मदद के लिए अस्पताल में अलग काउंटर बनाना पड़ा। इस बीच जिन लोगों को सरकारी अस्पताल में टीका नहीं मिल पाया, वे जान बचाने के लिए निजी अस्पताल भागे। क्या है पूरा मामला? दरअसल, हुआ कुछ यूं कि बदायूं के उझानी गांव में 25 दिसंबर (गुरुवार) को एक भैंस की मौत हो गई। सामने आया कि इस भैंस को कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काटा था, जिसके बाद से उसकी स्थिति खराब थी। भैंस की मौत से पहले 23 दिसंबर को गांव में एक तेरहवीं का कार्यक्रम था। इसके लिए भोज में जो रायता बना, उसमें कथित तौर पर रेबीज संक्रमित भैंस के दूध का इस्तेमाल किया गया था। भोज में करीब एक हजार से अधिक लोग पहुंचे थे। बताया जाता है कि जैसे ही गांव में भैंस के संक्रमित कुत्ते के काटने की वजह से मरने की खबर फैली, लोगों में डर फैल गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। जो लोग अस्पताल पहुंचे उनका कहना था कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

Defence: डीएसी ने सेना के आधुनिकीकरण के लिए ₹79,000 करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी, जानिए क्या बदलेगा

भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमताओं और युद्धक प्रभावशीलता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक निर्णय लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने सोमवार को लगभग ₹79,000 करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों के लिए ‘आवश्यकता स्वीकृति’ (AoN) प्रदान की। यह मंजूरी मुख्य रूप से भविष्य के युद्धक्षेत्र की जरूरतों, जैसे ड्रोन तकनीक, सटीक मारक क्षमता और उन्नत रडार प्रणालियों पर केंद्रित है। भारतीय सेना: ड्रोन डिटेक्शन और सटीक हमले पर जोर थल सेना के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया है, जो सामरिक युद्ध क्षेत्र में भारत की बढ़त सुनिश्चित करेंगे। लोइटर मुनिशन सिस्टम: सामरिक लक्ष्यों पर सटीक और घातक हमले करने के लिए इन प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दी गई है- लो लेवल लाइट वेट रडार: ये रडार छोटे आकार के और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAVs) का पता लगाने और उन पर नज़र रखने में सक्षम होंगे। ये रडार छोटे आकार के और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAVs) का पता लगाने और उन पर नज़र रखने में सक्षम होंगे। पिनाका एमआरएलएस (MLRS): पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट गोला-बारूद को मंजूरी मिली है, जिससे उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों को अधिक सटीकता से निशाना बनाया जा सकेगा। पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम के लिए लंबी दूरी के निर्देशित रॉकेट गोला-बारूद को मंजूरी मिली है, जिससे उच्च मूल्य वाले लक्ष्यों को अधिक सटीकता से निशाना बनाया जा सकेगा। ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम: एकीकृत ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम एमके-II (Mk …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

Tripura Student Death: एंजेल की मौत पर विपक्ष आक्रामक, राहुल बोले- BJP राज में नफरत सामान्य; सिब्बल ने भी घेरा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एंजेल चकमा की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोमवार को भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने नफरत को सामान्य बना दिया है, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं।इसको लेकर राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक नफरत का अपराध है। नफरत रातों-रात पैदा नहीं होती। वर्षों से इसे रोज बढ़ावा दिया जा रहा है। खासकर हमारे युवाओं को जहरीले कंटेंट और गैर-जिम्मेदार कहानियों के जरिए सत्ताधारी भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेताओं ने इसे नॉर्मल बनाया जा रहा है। भारत सम्मान और एकता पर बना है, डर और गाली-गलौज पर नहीं। हम प्यार और विविधता का देश हैं। हमें एक ऐसा मरा हुआ समाज नहीं बनना चाहिए जो अपने साथी भारतीयों को निशाना बनते हुए देखे और चुप रहे। हमें सोचना चाहिए और सामना करना चाहिए कि हम अपने देश को क्या बनने दे रहे हैं। मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार और त्रिपुरा और नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ हैं। हमें आपको अपना साथी भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है।“वहीं, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि वे नफरत भरे अपराधों के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं। सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “एंजेल चकमा की हत्या, एक चौंकाने वाला उदाहरण है- नफरत भरे अपराध का, कट्टरता का, सरकार में हमारे नेताओं की चुप्पी का। ये अपनी निष्क्रियता से इसमें शामिल हैं।’ सिब्बल ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘प्रिय अमित शाह जी, नफरत भरे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएं।“पुलिस के मुताबिक, यह घटना 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई बाजार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

अरावली खनन मामले में 'सुप्रीम' रोक: भूपेंद्र यादव ने फैसले का किया स्वागत, कांग्रेस ने बताया उम्मीदों की किरण

अरावली खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार को अपने पुराने फैसले पर रोक लगा दी। ऐसे में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले और मुद्दों का अध्ययन करने के लिए एक नई कमेटी बनाने के निर्देशों का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MOEFCC) सुप्रीम कोर्ट के इस नई समिति को हर जरूरी सहयोग देगा। अपने पोस्ट में मंत्री ने साफ किया कि अभी भी अरावली क्षेत्र में नई खनन लीज देने या पुरानी लीज को नवीनीकरण करने पर पूरी तरह रोक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अरावली पहाड़ियों की सुरक्षा और दोबारा सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उधर, कांग्रेस ने भी सोमवार को अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। पार्टी ने केंद्र सरकार और खास तौर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर हमला बोलते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस पहले से ही इस नई परिभाषा का विरोध कर रही थी। ऐसे में पार्टी का कहना है कि अगर यह परिभाषा लागू होती, तो अरावली पहाड़ियों को खनन, रियल एस्टेट और अन्य परियोजनाओं के लिए खोल दिया जाता, जिससे पहाड़ों को भारी नुकसान होता।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ‘उम्मीद की एक किरण है। उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे पर और विस्तार से अध्ययन होगा। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस नई परिभाषा का विरोध पहले ही फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

Amit Shah: 'असम ही नहीं पूरे देश में बांग्लादेशी घुसपैठियों की करेंगे पहचान', रैली में बोले गृह मंत्री शाह

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थल के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का किया उद्घाटन गृह मंत्री ने असम दौरे की शुरुआत गुवाहाटी में ‘शहीद स्मारक क्षेत्र’ में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। इसके बाद बटाद्रवा पहुंचने पर गृह मंत्री का ‘गायन-बयान’ (गायक और ढोल वादक) द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। शाह ने संत शंकरदेव के जन्मस्थल का पुनर्विकास के बाद उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद शाह केंद्रीय भवन में भी गए जहां ‘गुरु आसन’ (पूजनीय संत की सीट) रखी है। ‘महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव आविर्भाव क्षेत्र’ नाम की इस जगह को फिर से विकसित करने का फैसला सबसे पहले 2021-22 के राज्य बजट में प्रस्तावित किया गया था। इस परियोजना को न केवल ऐतिहासिक स्थल बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने के लिए भी डिजाइन किया गया है। यहां महापुरुष शंकरदेव से जुड़े जीवन, आदर्शों और कलात्मक विरासत और राज्य की व्यापक सांस्कृतिक परंपराओं को भी दर्शाया गया है। सरमा ने कहा कि यह परियोजना (आविर्भाव क्षेत्र), महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की विरासत का सम्मान करते हुए, ‘असम के सत्रों, नामघरों और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की हमारी प्रतिबद्धता’ को मजबूत करती है। एक लाख बीघा जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई बोरदुरवा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने ‘एक भारत’ का आह्वान किया था, जिसका अब पीएम नरेंद्र मोदी पालन कर रहे हैं। अमित शाह ने दावा किया कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बांग्लादेशी घुसपै …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

Karnataka: कर्नाटक में भाजपा विधायक के खिलाफ चेक बाउंस पर मामला दर्ज, चुनाव में लिया था 99 लाख का कर्ज

कर्नाटक के भाजपा विधायक शरणु सालगर के खिलाफ 99 लाख रुपये के चेक बाउंस के संबंध में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि उन पर आरोप है कि उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान लिए गए की कर्ज की राशि वापस नहीं की। उन्होंने बताया कि विधायक ने अपने दूर के रिश्तेदार से चुनाव संबंधी खर्चों को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता मांगी थी। जनवरी और फरवरी 2023 के बीच कई किस्तों में राशि प्राप्त की थी। इसके साथ ही उन्होंनेे छह महीने के भीतर भुगतान का आश्वासन भी दिया था। एफआईआर में बताया गया है कि शिकायतकर्ता ने दो साल तक इंतजार किया, लेकिन बार-बार याद दिलाने के बावजूद जब विधायक ने उधार ली गई राशि लौटाने का कोई संकेत नहीं दिखाया, तो 14 सितंबर, 2025 को वरिष्ठों द्वारा एक बैठक बुलाई गई, जिसमें विधायक ने देनदारी स्वीकार की और 99 लाख रुपये का चेक जारी किया। एफआईआर में आगे आरोप लगाया गया है कि जब शिकायतकर्ता के परिवार के सदस्य 16 सितंबर को विधायक के आवास पर यह पुष्टि करने के लिए गए कि चेक जमा किया जा सकता है या नहीं, तो विधायक ने कथित तौर पर आक्रामक व्यवहार किया और धमकी दी शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कथित धमकियों को रिकॉर्ड किया गया था और शिकायत के साथ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था। यह भी पढ़ें- Kerala: चांगर्मकुलम में खेलते-खेलत एक साल के बच्चे की दर्दनाक मौत, गलती से निगल गया था पत्थर; परिवार में मातम हालांकि, पुलिस ने बताया कि जब 18 सितंबर को शिकायतकर्ता के बैंक के माध्यम से चेक प्रस्तुत किया गया, तो अगले दिन यह कहते हुए वापस कर दिया गया कि खाता बंद है। चेक के अनादरण के बाद, 22 सितंबर को विधायक को एक कानूनी नोटिस जारी किया ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

झुग्गी वाले करोड़पति पर ईडी की चार्जशीट: रेहड़ी से बनाई 150 करोड़ की प्रॉपर्टी, काैन है रामलाल चाैधरी

150 करोड़ की प्राॅपर्टी खड़ी की पांच दशक पहले तक करता था मजदूरी गुरुग्राम के कारोबारी ने दर्ज कराई थी पांच करोड़ ठगी की शिकायत ईडी की कार्रवाई की जड़ें चार साल पहले तक जाती हैं जब चंडीगढ़ पुलिस ने रामलाल चौधरी को धोखाधड़ी के दो बड़े मामलों में गिरफ्तार किया था। इन मामलों की जांच के दौरान उसके वित्तीय नेटवर्क और संपत्तियों का खुलासा हुआ जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से केस अपने हाथ में लिया। करीब तीन साल तक चली जांच के बाद अब चार्जशीट दाखिल की गई है।ईडी के अनुसार रामलाल चौधरी ने अवैध तरीकों से 150 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति खड़ी की। जांच के दौरान उसके पास से बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बरामद की गई थीं। ईडी अब उसकी सभी संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश की गहन जांच कर रही है।रामलाल चौधरी करीब पांच दशक पहले मजदूरी करता था। वर्ष 1976 में वह चंडीगढ़ आया और रामदरबार कॉलोनी की झुग्गियों में रहा। शुरुआती दौर में रेहड़ी और छोटे-मोटे काम कर गुजारा करता था। बाद में उसने प्रभावशाली लोगों और पुलिसकर्मियों से नजदीकियां बढ़ाईं और फाइनेंस के धंधे में उतर गया। आरोप है कि वह लोगों को आपराधिक मामलों में राहत दिलाने और सरकारी तंत्र में प्रभाव का भरोसा देकर मोटी रकम वसूलता था।चार साल पहले गुरुग्राम के कारोबारी अतुल्य शर्मा ने निवेश के नाम पर पांच करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद रेवाड़ी के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने भी छह करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया। रामलाल चौधरी का नाम समय-समय पर दुष्कर्म और हत्या जैसे गंभीर मामलों में भी जुड़ता रहा है। 2014 में सेक्टर-49 में एक मॉडल युवती की हत्या के मामले में वह, उसकी बेटी और द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk

Aravalli Range : कांग्रेस का सरकार पर गंभीर आरोप, जयराम रमेश बोले- नई परिभाषा से अरावली का अस्तित्व खतरे में

इसको लेकर कांग्रेस महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा ’ इस समय देश अरावली को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के ताजा निर्देशों का इंतजार कर रहा है। यहां इस बात के और सबूत हैं कि अरावली की नई परिभाषा पहले से ही बर्बाद हो चुके इस पारिस्थितिकी तंत्र में और ज्यादा तबाही मचाएगी। मुद्दा सिर्फ खनन का नहीं है-फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की सिफारिशों के खिलाफ, नई दिल्ली और जयपुर की डबल इंजन सरकार रियल एस्टेट डेवलपमेंट के दरवाजे भी खोल रही है।‘मामले में कांग्रेस ने अरावली की नई परिभाषा का विरोध किया। कांग्रेस का आरोप है कि इस नई परिभाषा के लागू होने से अरावली का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा कानूनी सुरक्षा के दायरे से बाहर हो जाएगा। इसका सीधा मतलब यह होगा कि इन इलाकों को खनन और अन्य निर्माण कार्यों के लिए खोलकर उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। हालांकि इस मुद्दे पर विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया था कि वे पर्वत श्रृंखला के अंदर नई खनन लीज न दें। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय ने भी अरावली की परिभाषा को लेकर चल रहे विवाद पर खुद संज्ञान लिया है। इस मसले पर आज सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने पिछले फैसले पर रोक लगा दी है।इससे पहले 20 नवंबर को शीर्ष अदालत ने अरावली पहाड़ियों और श्रृंखलाओं की एक समान परिभाषा स्वीकार की थी। कोर्ट ने विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में फैले अरावली क्षेत्र में नई खनन लीज देने पर रोक लगा दी थी। वहीं सर्वोच्च न्यायालय ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों को स्वीकार किया था। समिति ने सिफारिश की थी क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 29, 2025 · 2 min · National Desk