अरावली खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी सोमवार को अपने पुराने फैसले पर रोक लगा दी। ऐसे में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले और मुद्दों का अध्ययन करने के लिए एक नई कमेटी बनाने के निर्देशों का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MOEFCC) सुप्रीम कोर्ट के इस नई समिति को हर जरूरी सहयोग देगा। अपने पोस्ट में मंत्री ने साफ किया कि अभी भी अरावली क्षेत्र में नई खनन लीज देने या पुरानी लीज को नवीनीकरण करने पर पूरी तरह रोक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अरावली पहाड़ियों की सुरक्षा और दोबारा सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उधर, कांग्रेस ने भी सोमवार को अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। पार्टी ने केंद्र सरकार और खास तौर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर हमला बोलते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस पहले से ही इस नई परिभाषा का विरोध कर रही थी। ऐसे में पार्टी का कहना है कि अगर यह परिभाषा लागू होती, तो अरावली पहाड़ियों को खनन, रियल एस्टेट और अन्य परियोजनाओं के लिए खोल दिया जाता, जिससे पहाड़ों को भारी नुकसान होता।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ‘उम्मीद की एक किरण है। उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे पर और विस्तार से अध्ययन होगा। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि इस नई परिभाषा का विरोध पहले ही फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया, सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें