Racism in Cricket: भारत के पूर्व क्रिकेटर का बड़ा आरोप, बोले- भारतीय खिलाड़ी ही मुझ पर करते थे नस्लीय टिप्पणी

1 of 6 व्हाइट जर्सी में लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन और कमेंट्री करते हुए भी; साथ में गावस्कर और मुरली - फोटो : Twitter अब उन्होंने खुलासा किया है कि इसका कारण केवल उनकी प्रतिभा या खेल में सुधार की कमी ही नहीं थी, बल्कि उनके साथ ही नस्लीय टिप्पणी भी थी। हाल ही में एक इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक इंटरव्यू में, शिवरामाकृष्णन ने अन्य कारणों के बारे में खुलकर बात की। उनका कहना है कि अन्य कारणों ने भी उन पर एक गहरा मानसिक घाव छोड़ा है, जिसे मिटाना उनके लिए मुश्किल रहा है। शिवरामाकृष्णन ने कहा कि नस्लवाद की घटनाओं से उन्हें बार-बार गुजरना पड़ा। कभी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक माने जाने वाले लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही लंबा न रहा हो, लेकिन उन्होंने खेल के मैदान पर अपनी फिरकी से सलीम मलिक और इमरान खान समेत कई दिग्गजों को परेशान किया। हालांकि, उनकी प्रतिभा और शुरुआती शानदार प्रदर्शन के बावजूद, वह आगे चलकर उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 6 लक्ष्मण शिवरामाकृष्णन - फोटो : Twitter बचपन का पहला कड़वा अनुभव ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए इंटरव्यू के मुताबिक, शिवरामाकृष्णन के जीवन के साथ पहली नस्लीय घटना तब हुई, जब वह केवल 14 वर्ष के थे। वह चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में भारतीय टीम के लिए नेट गेंदबाज के तौर पर शामिल हुए थे। अपनी जर्सी में ही वह स्टेडियम के एक छोटे से कमरे में कपड़े बदलने के लिए दौड़े, तभी एक वरिष्ठ भारतीय बल्लेबाज ने उन्हें पुकारा। शिवरामाकृष्णन ने बताया कि उस वरिष्ठ भारतीय खिलाड़ी ने उनसे उनके जूते साफ करने को कहा। इस टिप्पणी से स्तब्ध शिवरामाकृष्णन ने याद करते हुए कहा, ‘मैंने बस उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia: ईरान के साथ शांति वार्ता पर असमंजस, यूएन में बोले इस्राइली राजदूत- कोई बातचीत नहीं, ऑपरेशन जारी

यह वीडियो/ हटाएं इस्राइली राजदूत बोले- ईरान को फिर से संभलने का मौका नहीं देंगे डैनन ने कहा कि किसी भी सैन्य अभियान के बाद कूटनीति जरूरी होती है, लेकिन इस्राइल यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान न तो परमाणु क्षमता हासिल कर सके और न ही बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता विकसित कर पाए। मुझे लगता है कि हमने बहुत कुछ हासिल कर लिया है, लेकिन ईरान इसे मानने को तैयार नहीं है। हमने ईरानी शासन को कमजोर कर दिया है, लेकिन हम ये सुनिश्चित करेंगे कि ऐसे हालात न बनने पाएं कि ईरान को फिर से मजबूत होने का मौका मिले। इस्राइली राजदूत ने दावा किया कि इस्राइल क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर है, जबकि ईरान का रुख इसके विपरीत है। डैनन ने आरोप लगाया कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के लिए जिम्मेदार है। इस्राइली राजनयिक ने कहा कि हर देश को अपने आप से पूछना चाहिए कि कौन शांति ला रहा है और कौन अराजकता? इस्राइल क्षेत्र में स्थिरता लाने की कोशिश कर रहा है और ईरान इसका उल्टा कर रहा है। ईरान ने एक महीने में 13 देशों पर हमले किए हैं। इस्राइल ने अपने 77 साल के इतिहास में कभी भी 13 देशों से लड़ाई नहीं की। इससे समझ सकते हैं कि ईरान अस्थिरता के लिए जिम्मेदार है। ये भी पढ़ें- ईरान की ताकत खत्म, अब वो सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ब्लैकमेल कर रहा इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संबोधन के दौरान भी डैनन ने ईरान पर हमास जैसे संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ‘इस्राइल और उसके अमेरिकी सहयोगियों ने 8,500 से ज्यादा हमले कर ईरान के मिसाइल लॉन्चर, हथियार उत्पादन केंद्र और कमांड ढांचे को निशाना बनाया है। ईरान की वायु सेना और नौसेना तबाह हो चुक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Update: हरे निशान पर खुला बाजार; सेंसेक्स 1610 अंक चढ़ा, निफ्टी 23400 के पार

भारतीय शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान पर खुला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1610.04 अंक चढ़कर 75,678.49 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 505.20 अंक चढ़कर 23,417.60 अंक पर आ गया। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 885.32 अंक बढ़कर 74,953.77 पर पहुंच गया; निफ्टी 307.65 अंक बढ़कर 23,220.05 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे गिरकर 93.96 पर आ गया। क्या है विशेषज्ञों की राय? वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार में सतर्क आशावाद देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सकारात्मक संकेतों के बावजूद निवेशकों की नजर भू-राजनीतिक हालात पर टिकी हुई है, जिससे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। एशियाई बाजारों में दिखी तेजी बैंकिंग और मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा ने कहा कि अगले दिन बाजार अवकाश होने के कारण निवेशकों का रुख सतर्क रहेगा और बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर शांति की उम्मीदों के बीच बाजार बेहद संवेदनशील स्थिति में हैं और किसी भी बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि जमीनी हालात अभी भी तेजी से बदल रहे हैं। इस्राइल और ईरान के बीच मिसाइल हमले जारी हैं, जबकि अमेरिका क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती बढ़ा रहा है। ऐसे में बाजार केवल बयानों के बजाय वास्तविक प्रगति पर नजर रखेंगे।वैश्विक संकेतों की बात करें तो अमेरिकी फ्यूचर्स और एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई है। इसकी मुख्य वजह संभावित एक महीने के युद्धविराम की उम्मीदें हैं। साथ ही, अमेरिका द्वारा ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हवाई हमले रोकने के फैसले ने भी निवेशकों के भरोसे को कुछ मजबूती दी है।हालांकि, स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जहां …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

Harish Rana Dead: 'अलविदा मेरे लाल, अब जा, शांति से जा', हरीश के माथे को आखिरी बार चूमा; फूट-फूटकर रोए मां-बाप

1 of 12 Harish Rana Dead - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स एक मां का दिल, जो 13 साल से हर दिन टूटता रहा, लेकिन कभी हारा नहीं। मंगलवार को आखिर वह पल आ ही गया, जब हरीश राणा को माता-पिता ने कलेजे पर पत्थर रखकर माता-पिता ने कलेजे के टुकड़े को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। एम्स के उस कमरे में हरीश के माता-पिता अपने लाल के इर्द-गिर्द बैठे थे। पिता अशोक राणा ने हाथ थामा और मां निर्मला देवी ने अपने बेटे के माथे को आखिरी बार चूमा और फूट-फूटकर रोते हुए कहा, अलविदा बेटा… अब जा, शांति से जा। लेकिन, किसी ने शोर नहीं मचाया। सिर्फ फुसफुसाहट में अलविदा के शब्द गूंज रहे थे। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 12 बेटे हरीश के साथ माता-पिता - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी 2013 में एक दर्दनाक हादसे ने हरीश की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। मात्र 19 साल की उम्र में वह कोमा में चले गए। तब से 13 लंबे साल तक मशीनों पर सांसें, आंखें कभी-कभी झपकतीं, लेकिन बोल नहीं पाता, हिल नहीं पाता, सिर्फ परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट (स्थायी वनस्पति अवस्था) में रहा। 3 of 12 बेटे हरीश के साथ मां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी परिवार ने हर उम्मीद से लड़ाई लड़ी डॉक्टर, अस्पताल, कोर्ट लेकिन हरीश की आत्मा उस शरीर में कैद थी, जहां दर्द हर पल उन्हें सताता रहता था। माता-पिता ने कभी हार नहीं मानी। लेकिन बेटे के दर्द के कारण उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक बेटे को सम्मानजनक मुक्ति देने की गुहार लगाई। 4 of 12 हरीश राणा की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति मिली। यह फैसला लेना किसी माता-पिता के लिए सबसे बड़ा बलिदान था। हाल ही में एम्स में उस पल की तस्वीर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

Crude Oil: युद्ध विराम के संकेतों के बीच तेल की कीमतों में दिखी नरमी, ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 99 डॉलर पर आया

तेल की कीमतों में पांच प्रतिशत से अधिक की गिरावट युद्ध विराम के संकेत कच्चे तेल की कीमतों में पांच फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सत्र की बढ़त काफी हद तक खत्म हो गई। तेल कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में संभावित कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला प्रस्ताव रखा है, जिसका मकसद जारी संघर्ष को खत्म करना है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच फिलहाल बातचीत चल रही है और ईरान समझौते के लिए इच्छुक नजर आ रहा है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया है।ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर दोनों देशों के बीच समझौता हो जाता है और युद्ध खत्म होता है, तो तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, कूटनीतिक प्रगति की उम्मीदों ने बाजार में सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं को कुछ हद तक कम कर दिया है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 1 min · National Desk

Iran: ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार, पर सिर्फ जेडी वेंस से करेगा बात; व्हाइट हाउस ने दिया ये जवाब

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ से बातचीत क्यों नहीं करना चाहता ईरान? रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान का मानना है कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के साथ बातचीत विश्वास की कमी के कारण प्रभावी नहीं होगी। गौरतलब है कि अमेरिका के ईरान पर हमले से पहले स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर ही ईरानी सरकार के साथ बातचीत कर रहे थे और वह बातचीत विफल रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, जेडी वेंस युद्ध खत्म करने के समर्थक हैं और ऐसी रिपोर्ट्स आ चुकी हैं कि वेंस, ईरान पर हमले के पक्ष में नहीं थे। यही वजह है कि विटकॉफ, कुश्नर और यहां तक कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तुलना में वेंस को संघर्ष खत्म करने के पक्ष में ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। व्हाइट हाउस का बयान- अमेरिका की तरफ से कौन बातचीत करेगा, इसका फैसला ट्रंप ही करेंगे इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि उनकी कूटनीतिक टीम के सभी प्रमुख सदस्य वार्ता में शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘जेडी (वेंस), मार्को (रुबियो), जेरेड कुश्नर, स्टीव विटकॉफ और मैं खुद—सभी बातचीत प्रक्रिया में शामिल हैं।’ ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका युद्ध जीत चुका है और ईरान की नौसेना व वायुसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है। ये भी पढ़ें- व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिका की ओर से बातचीत कौन करेगा, इसका फैसला केवल राष्ट्रपति ट्रंप ही करेंगे। उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ही तय करते हैं कि अमेरिका की ओर से कौन बातचीत करेगा। जैसा कि उन्होंने आज कहा, उपराष्ट्रपति वेंस, विदेश मंत्री रुबियो, विशेष दूत विटकॉफ और श्री कुश्नर—सभी बातचीत में शामिल रहेंगे।’ पाकिस्तान की अमेरिका-ईरान क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

‘बाहुबली’ से ‘धुरंधर’ तक, कभी जरूरत तो कभी मार्केटिंग के चलते दो भाग में बंटी फिल्में; जानिए एक्सपर्ट की राय

‘दो पार्ट बनाना कोई ट्रेंड नहीं’ ‘जब मैंने ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ की कहानी अनुराग कश्यप को पहली बार पिच की थी, तब मैंने ही उन्हें इसे दो पार्ट में सुनाया था। उस समय यह साफ नहीं था कि फिल्म एक ही होगी या दो हिस्सों में बनेगी। लेकिन जब अनुराग सर ने कहा कि इस पर ठीक से रिसर्च करो और विस्तार से लिखो, तब असली कहानी खुलनी शुरू हुई। रिसर्च और राइटिंग के दौरान हमें महसूस हुआ कि यह सिर्फ एक गैंगस्टर या गैंगवॉर स्टोरी नहीं बल्कि कई पीढ़ियों में फैली एक लंबी गाथा है। इसमें समय के साथ बदलते रिश्ते हैं। सत्ता की लड़ाई है। कई घटनाएं हैं जो मिलकर एक बड़ी दुनिया बनाते हैं। जैसे जैसे हम इस पर काम करते गए, कहानी फैलती चली गई। धीरे धीरे स्क्रिप्ट इतनी बड़ी हो गई कि वह लगभग 700 पन्नों तक पहुंच गई। अगर उस पूरी स्क्रिप्ट को ज्यों का त्यों फिल्माया जाता, तो फिल्म की लंबाई करीब नौ या साढ़े नौ घंटे तक पहुंच सकती थी। जाहिर है थिएटर में इतनी लंबी फिल्म दिखाना संभव नहीं था। ऐसे में हमने बाद में काफी एडिटिंग और री स्ट्रक्चरिंग की। आखिरकार इसे लगभग साढ़े पांच घंटे की फिल्म में ढाला गया। फिर इसे दो हिस्सों में रिलीज किया गया। असल बात यह है कि दो पार्ट बनाना कोई ट्रेंड नहीं है। अगर फिल्ममेकर का विजन साफ हो और कहानी इतनी बड़ी हो कि उसे दो हिस्सों में बताना जरूरी हो, तभी उसे दो भागों में बनाया जाता है। यह पूरी तरह कहानी पर निर्भर करता है।’ जीशान कादरी, लेखकर-अभिनेता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Tension: होर्मुज पर ईरान का बड़ा फैसला, गैर-दुश्मन जहाजों को मिलेगी अनुमति; बस करना होगा ये काम

Non-hostile vessels, including those belonging to or associated with other States, may—provided that they neither participate in nor support acts of aggression against Iran and fully comply with the declared safety and security regulations—benefit from safe passage through the… — I.R.IRAN Mission to UN, NY (@Iran_UN) March 24, 2026 ईरान ने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं। जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाना होगा। उन्हें सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा। ईरानी रक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि अब इस रणनीतिक रास्ते से गुजरने के लिए ईरानी अधिकारियों से पहले तालमेल करना अनिवार्य है।सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने यह कदम अमेरिका और इस्राइल की सैन्य गतिविधियों को देखते हुए उठाया है। ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर उसके बिजली घरों या ऊर्जा के ठिकानों पर कोई भी हमला हुआ, तो ईरानी सेना इसका तुरंत निर्णायक और विनाशकारी जवाब देगी।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह रास्ता इतना गहरा और चौड़ा है कि यहां से दुनिया के सबसे बड़े तेल टैंकर आसानी से निकल सकते हैं। यह दुनिया के महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों (चोकपॉइंट्स) में से एक है। इस रास्ते से दुनिया का 20 से 25 प्रतिशत कच्चा तेल निर्यात होता है।इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध जीत लिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव के शपथ ग्रहण समारोह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran War: ट्रंप ईरान से युद्ध में लक्ष्य बदल रहे या नाकाम हो रहे? जानें अमेरिका की क्या नीति, असफल क्यों

US-Iran War: ट्रंप ईरान से युद्ध में लक्ष्य बदल रहे या नाकाम हो रहे? जानें अमेरिका की क्या नीति, असफल क्यों और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अमेरिका की ईरान में रणनीति क्या रही है और किस तरह यह नीति लगातार बदलती रही है? बीते तीन हफ्तों में ईरान पर अमेरिका के अभियानों का क्या असर हुआ है और कैसे वह अब तक इस्राइल-अमेरिका के साझा हमलों के बावजूद युद्ध के मैदान पर टिका हुआ है? यह ट्रंप की रणनीति को लेकर क्या कहता है? आइये जानते हैं… अमेरिका और इस्राइल की ईरान से जंग का आज 26वां दिन है। तीन हफ्तों से ज्यादा के अपने सैन्य अभियान में अब तक अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर ढेरों बम बरसाए हैं और उसके शीर्ष नेतृत्व, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और अली लारिजानी जैसे नाम शामिल हैं, को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने भी इस्राइल और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर वार किए और उसे बड़े सैन्य और आर्थिक नुकसान पहुंचाए। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही ईरानी शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की बात कहते हुए इस हफ्ते ईरान के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाने का आदेश टाल दिया हो, लेकिन पश्चिम एशिया में संघर्ष का दौर अभी भी जारी है। ईरान के खिलाफ कैसी रही ट्रंप की नीति? इस्राइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला शुरू करने के बाद से ही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप को ईरान ने भेजा महंगा तोहफा!: US राष्ट्रपति का दावा- तेहरान चाहता है समझौता, नहीं रखेगा परमाणु हथियार

#WATCH | On the negotiations with Iran amidst the ongoing West Asia conflict, US President Donald Trump says, “… We are in negotiations right now… The other side would like to make a deal… All of the anti-aircraft and most of their missiles are gone… Today we were gonna… pic.twitter.com/SCQ3InQrPL — ANI (@ANI) March 24, 2026 #WATCH | On what made him pursue the ceasefire amidst the ongoing West Asia conflict, US President Donald Trump says, " The fact that they are talking to us and they are talking sense. It all starts with: they cannot have a nuclear weapon. They said, what are the top 10? I said,… pic.twitter.com/IYxA3W3b21 — ANI (@ANI) March 24, 2026 #WATCH | On why he is holding the talks regarding negotiations with Iran amidst the ongoing West Asia conflict, US President Donald Trump says, “Because they are going to make a deal… They gave us a present yesterday, and it arrived today. It was a very big present worth a… pic.twitter.com/EmqtX9lFpI — ANI (@ANI) March 24, 2026 ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिका एक विशाल बिजली उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाने वाला था, लेकिन बातचीत को ध्यान में रखते हुए यह कदम फिलहाल टाल दिया गया। उनका कहना है कि ईरान की अधिकांश मिसाइलें और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम पहले ही निष्क्रिय हो चुके हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी विमान सीधे तेहरान और अन्य हिस्सों में उड़ान भर रहे हैं और ईरान कुछ कर पाने में असमर्थ है। उन्होंने कहा वे पूरी तरह से हार चुके हैं। सैन्य रूप से वे निष्प्रभावी हैं।शांति के प्रयासों को लेकर उन्होंने कह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 25, 2026 · 2 min · National Desk