पंजाब चुनाव 2027: वोटर दोहराएगा 2022 का बदलाव या लौटेगी विरासत, होगी व्यक्तिगत जनाधार की परीक्षा

2022 में मिले थे चाैंकाने वाले नतीजे 2022 में पंजाब ने जिन राजनीतिक दिग्गजों को बाहर का रास्ता दिखाया, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू और कई अन्य बड़े नाम शामिल थे। चन्नी को चमकौर साहिब और भदौर दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जबकि सुखबीर बादल अपनी पारंपरिक जलालाबाद सीट भी नहीं बचा सके। प्रकाश सिंह बादल को भी अपेक्षाकृत नए उम्मीदवार से हार मिली। मजीठिया को अमृतसर ईस्ट में पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार जीवनज्योत कौर ने शिकस्त दी। यानी 2022 में लड़ाई सिर्फ पार्टियों की नहीं रही, बल्कि मतदाता ने स्थापित राजनीतिक पहचान और पीढ़ियों से चली आ रही राजनीतिक पकड़ को भी चुनौती दी। राजनीति विशेषज्ञ प्रोफेसर कुणाल मेहता के अनुसार, “2022 का जनादेश पंजाब की पारंपरिक राजनीतिक विरासत के लिए एक बड़ा झटका था। मतदाताओं ने यह स्पष्ट कर दिया था कि केवल परिवार का नाम और राजनीतिक विरासत अब चुनाव जीतने की गारंटी नहीं है। 2027 में इन राजनीतिक परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी खोई हुई विश्वसनीयता और जनाधार को दोबारा हासिल करने की होगी। अब देखना यह है कि पुरानी विरासत खुद को बदलते पंजाब की राजनीतिक अपेक्षाओं के साथ जोड़ पाती है या नए चेहरे इस बदलाव की प्रक्रिया को आगे ले जाते हैं।” विरासत बचाने की लड़ाई यही वजह है कि 2027 का विधानसभा चुनाव अब पुराने राजनीतिक परिवारों के लिए केवल सत्ता में वापसी का चुनाव नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक विरासत बचाने की लड़ाई भी बनता दिखाई दे रहा है। करीब पांच साल बाद वही नेता और उनके राजनीतिक परिवार फिर अपनी जमीन तलाश रहे है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

सालाना रिपोर्ट: सुरक्षा बलों के तालमेल से जम्मू-कश्मीर में अब सब सामान्य, आतंकवाद से युवाओं का मोहभंग

भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के लगातार प्रयासों और आपसी समन्वय से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है। रक्षा मंत्रालय की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में प्रदेश में हिंसा की घटनाओं में भारी गिरावट, विरोध-प्रदर्शनों पर प्रभावी नियंत्रण और पथराव की घटनाओं के शून्य पर पहुंचने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में सुरक्षा बलों के प्रयासों के साथ स्थानीय जनता के सहयोग को भी शांति बहाली में महत्वपूर्ण बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से चलाए गए अभियानों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण केंद्र शासित प्रदेश के माहौल में सुधार हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार की अनिश्चितता के बावजूद मई 2025 में महानिदेशक सैन्य अभियान (डीजीएमओ) स्तर की वार्ताओं के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति काफी हद तक स्थिर बनी हुई है।रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बावजूद देश-विदेश के पर्यटकों का जम्मू-कश्मीर के प्रति विश्वास कायम रहा। वर्ष 2025 के दौरान रिकॉर्ड 2.3 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया, जबकि 4.13 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा में हिस्सा लिया। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की यह संख्या प्रदेश के सुरक्षा माहौल के प्रति भरोसे को दर्शाती है।रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के आतंकवाद से दूर होने को महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में रेखांकित किया गया है। बीते वर्ष पूरे प्रदेश में केवल एक स्थानीय युवा के आतंकवाद से जुड़ने की जानकारी सामने आई। स्थानीय युवाओं का आतंकवाद से यह मोहभंग पाकिस्तान के उस नैरेटिव को भी चुनौती देता है, जि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

रिपोर्ट में खुलासा: अमेरिका ने ईरान से जंग में फूंके 38 अरब डॉलर; कितने विमान गंवाए, हर महीने कितना खर्च?

50 से ज्यादा विमान-हेलिकॉप्टर और ड्रोन गंवाए ईरानी हमले में तबाह बोइंग ई-3 सेंट्री सीबीओ ने कहा कि इस युद्ध का असर महंगाई पर 2027 की पहली तिमाही तक रह सकता है। इसके कारण महंगाई पहले के अनुमान से करीब 0.5 प्रतिशत अंक ज्यादा रह सकती है। इसकी बड़ी वजह तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कमी है। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से इनकी आवाजाही प्रभावित हुई है। लाल सागर से होने वाली जहाजों की आवाजाही में भी बाधा आई है।यह अनुमान प्रतिनिधि ब्रेंडन बॉयल के जानकारी मांगने के बाद तैयार किया गया। बॉयल प्रतिनिधि सभा की बजट समिति में सबसे वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य हैं। सीबीओ का यह अनुमान पहले दिए गए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुमान से काफी मिलता है। हेगसेथ ने सीनेट में गवाही के दौरान युद्ध की लागत 37.5 अरब डॉलर बताई थी।सीबीओ के मुताबिक, इस खर्च का बड़ा हिस्सा युद्ध में इस्तेमाल हुई या नष्ट हुई मिसाइलों, हथियारों और सैन्य उपकरणों को फिर से खरीदने पर हो रहा है। इसमें युद्ध में मारे गए या घायल हुए अमेरिकी सैनिकों का खर्च शामिल नहीं है। इसमें भविष्य में सैनिकों की स्वास्थ्य देखभाल और विकलांगता मुआवजे का खर्च भी शामिल नहीं किया गया है।ब्रेंडन बॉयल ने कहा कि युद्ध की मानवीय कीमत के अलावा अमेरिकी लोगों को इसकी आर्थिक कीमत भी चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सीबीओ की गैर-दलीय रिपोर्ट से साफ है कि युद्ध पर अमेरिकी करदाताओं के अरबों डॉलर खर्च हो चुके हैं। खर्च अभी भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही आम लोगों के लिए चीजों की कीमतें भी बढ़ रही हैं।बॉयल ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन कई वर्षों से अमेरिकी लोगों से कहते रहे हैं कि देश में परिवारों की मदद करने के लिए पर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू: अमर उजाला के 'ऑपरेशन पहचान' के बाद घाटी में पहली बड़ी कार्रवाई, नरवाल की रोहिंग्या बस्ती कराई खाली

घुसपैठ कर कश्मीर तक जड़ें जमाने वाले रोहिंग्याओं के विरुद्ध कार्रवाई की शुरुआत मंगलवार को जम्मू से हो गई। अमर उजाला के ऑपरेशन पहचान के बाद रोहिंग्याओं की बस्तियों पर पहली बड़ी कार्रवाई है। नरवाल स्थित रोहिंग्या बस्ती को खाली कराया जा रहा है। पहले दिन बस्ती में बनी रोहिंग्याओं की दुकानें और झुग्गियां हटाई गईं। ऑपरेशन पहचान के बाद रोहिंग्याओं की मौजूदगी से जुड़े जनसांख्यिकीय बदलाव की पड़ताल के लिए दो दिन जम्मू में रही नावलेकर समिति ने भी हालात को गंभीर बताया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 1 min · National Desk

धूप में आई तेजी तो जहरीली हुई हवा: दिल्ली-एनसीआर में ओजोन ढा रही है कहर, बढ़ने लगा असर; हालात चिंताजनक

दिल्ली की हवा खराब होने पर अमूमन चर्चा धूल के महीन कणों पीएम2.5 और पीएम10 के इर्द-गिर्द होती है, लेकिन साफ दिखाई न देने वाली एक प्रदूषक गैस भी सेहत पर भारी पड़ रही है। यह सतह के आसपास मौजूद, ग्राउंड लेवल ओजोन है। यह वही गैस है, जो धरती के परिवेश को सूर्य की खतरनाक अल्ट्रावायलेट किरणों सुरक्षित रखती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट बताती हैं कि दिल्ली-एनसीआर में पूरे साल ओजोन खतरा बढ़ा रही है। 71/71 दिन : मार्च-10 मई 2026, दिल्ली-एनसीआर में हर दिन ओजोन मानक से ऊपर 92/92 दिन : मार्च-मई 2025 में दिल्ली में ओजोन मानक से ऊपर 472 µg/m³ : CRRI मथुरा रोड पर अधिकतम 8 घंटे का स्तर 135 µg/m³ : 13 अप्रैल 2025 को दिल्ली-एनसीआर का औसत चरम स्तर 8.79 स्टेशन: 2026 में दिल्ली में रोज औसतन मानक से ऊपर रहने वाले स्टेशन 55 रात: 2025 में नजफगढ़ में रात के समय उच्च ओजोन 46 रात: 2026 अध्ययन अवधि में दिल्ली-एनसीआर में रात का ओजोन स्तर ज्यादा सीएसई ने एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक मार्च से 10 मई 2026 के बीच किए गए अध्ययन के 71 दिनों में दिल्ली-एनसीआर में आठ घंटे का राष्ट्रीय मानक 100 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर को हर दिन पार कर गया। दिल्ली में औसतन 8.79 मॉनिटरिंग स्टेशन रोजाना मानक से ऊपर रहे, जबकि एनसीआर के शहरों में यह आंकड़ा औसतन 3.2 स्टेशन था। दिल्ली में पूसा आईएमडी, जबकि एनसीआर में ग्रेटर नोएडा का नॉलेज पार्क-5, नोएडा सेक्टर-125 और गाजियाबाद का वसुंधरा प्रमुख हॉटस्पॉट रहे। ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क-5 में 44 दिन ओजोन मानक से ऊपर रही।सीएसई की डिप्टी प्रोग्राम मैनेजर, अर्बन लैब शरणजीत कौर बताती हैं कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

एफबीआई की नौकरी के नियम क्यों बदले?: सीनेट में उठे सवाल, काश पटेल ने पीड़ितों का दिया हवाला; क्या कहा?

एफबीआई ने इस साल वसंत में चुपचाप अपने नियम बदले थे। पहले वेश्यावृत्ति में शामिल रह चुके लोगों पर नौकरी को लेकर पूरी रोक थी। ऐसे लोग एफबीआई में नौकरी के लिए अयोग्य माने जाते थे। अब यह रोक हटा दी गई है। कुछ मामलों में एफबीआई अब पूरे मामले की परिस्थितियों को देखेगा। ब्यूरो ने पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े मामलों में भी ऐसा ही बदलाव किया है।सीनेट की न्यायपालिका समिति की सुनवाई में पटेल से इन बदलावों के बारे में सवाल पूछे गए। पटेल ने कहा कि इससे नौकरी के मानक कम नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव का मकसद पीड़ितों की रक्षा करना है। कुछ लोगों को जबरन ऐसे कामों में शामिल किया गया था। कुछ लोग मानव तस्करी के शिकार हुए थे। ऐसे लोगों को सिर्फ उनके साथ हुई घटना की वजह से नौकरी के लिए अपने आप अयोग्य नहीं ठहराया जाना चाहिए।पटेल ने कहा कि एफबीआई पशुओं के साथ यौन संबंध के पीड़ितों को सजा नहीं देना चाहता था। उन्होंने मानव तस्करी के पीड़ितों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई नहीं चाहता था कि ऐसे मामले अपने आप नौकरी से अयोग्य होने की वजह बन जाएं।पटेल के जवाब से रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी संतुष्ट नहीं हुए। कैनेडी लुइसियाना से सीनेटर हैं। उन्होंने पटेल से इस बदलाव के पीछे की वजह पूछी। पटेल ने बताया कि यह सुझाव उनके अधीन काम करने वाले अधिकारियों ने दिया था। कैनेडी ने इस पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े नियम में बदलाव का सुझाव देने वाले व्यक्ति से पटेल ने ऐसा क्यों नहीं कहा कि वह किस ग्रह से आया है। पटेल ने जवाब दिया कि शुरुआत में उनकी प्रतिक्रिया भी कुछ ऐसी ही थी। लेकिन बाद में उन्होंने इसे पीड़ितों की मदद करने का एक तरीका माना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

दिशा सालियान केस: सूरज पंचोली का नाम आने पर फिर छलका जिया खान की मां का दर्द, कहा- सच छिपाने का खेल चल रहा है

दिवंगत एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान ने दिशा सालियान की मौत के मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर में एक्टर सूरज पंचोली का नाम सामने आने के बाद अपना पहला बड़ा बयान दिया है। बिना किसी का सीधा नाम लिए राबिया खान ने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी है। उन्होंने लिखा कि जब वो सुनती हैं कि छह साल पहले हुई एक और युवा लड़की दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में वही नाम दोबारा सामने आ रहा है, तो उन्हें बहुत गहरा दुख पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यह बात सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि हर किसी को सतर्क और सावधान करने वाली है। राबिया खान ने केस से जुड़े जरूरी सबूतों को संभालकर रखने के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वो अच्छी तरह जानती हैं कि जब सबूतों को जानबूझकर मिटा दिया जाता है या उनमें फेरबदल की जाती है, तो पीड़ितों के साथ कितना बड़ा धोखा होता है। एक बार जब मामले के मुख्य सबूत ही गायब या खराब हो जाते हैं, तो फिर जांच अधिकारियों और पीड़ित परिवारों के लिए सच को साबित कर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। राबिया ने दिशा सालियान के मामले में हाई कोर्ट की तरफ से मानी गई गड़बड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि शुरुआत में ही काफी लापरवाहियां हुई हैं।जिया की मां ने दावा किया कि अगर किसी मामले के सबसे अहम सबूत ही अब मौजूद नहीं रहेंगे, तो किसी भी नई जांच टीम को केस सुलझाने में बहुत बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि एजेंसियां अब कह रही हैं कि बिना सबूत के किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता। लेकिन सवाल यह है कि जब जरूरी सबूतों को पहले ही खत्म कर दिया गया है, तो फिर नई जांच से किसी को न्याय कैसे मिलेगा? राबिया ने अपनी बेटी ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: त्योहारों के ठीक पहले बिजली संकट, छह से आठ घंटे में सिमटी गांवों में बिजली सप्लाई; इकाइयां ठप

पावर कार्पोरेशन बिजली संकट से निपटने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। त्यौहार पर बिजली संकट न हो, इसके लिए अभी से तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। यह निर्देश पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने मंगलवार को समीक्षा बैठक में दिए हैं। बैठक में बताया गया कि कोयला खदान क्षेत्रों में अतिवृष्टि और जलभराव के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। आगामी दो-तीन दिनों में अनपरा-डी, हरदुआगंज-ई तथा जवाहरपुर की बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण बंद इकाइयों के चालू होने की उम्मीद है। अनपरा के कोयले को लैंको की ओर डायवर्ट करने और बारा में कोयला आपूर्ति में सुधार से लगभग 2200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी। एसीएस डा. गोयल ने निर्देश दिया कि भविष्य में बिजली की मांग बढ़ेगी। ऐसे में अभी तैयारी ररखें। फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 15, 2026 · 1 min · National Desk

एक्सप्लेनर: यूपीआई लेन-देन के नए नियम का बीमा प्रीमियम, पेट्रोल पंप पर क्या होगा असर, किस खर्च पर कितना शुल्क?

पेट्रोल पंपों पर यूपीआई से ईंधन खरीदने पर एमडीआर नियम कैसे काम करता है? पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से अधिक के ईंधन भुगतान पर ₹5 प्रति लेन-देन की फ्लैट रियायती दर लागू होती है। वहीं, ₹2,000 से कम के सभी ईंधन भुगतानों पर एमडीआर 0% रहता है, जिससे आम वाहन चालकों का दैनिक रीफ्यूलिंग पूरी तरह शुल्क-मुक्त रहता है। ये भी पढ़ें: यूपीआई का नया नियम: 15 अक्तूबर से 2000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4% शुल्क, लेकिन इसका भार कारोबारियों पर 10. रेलवे रिजर्वेशन पर कितना शुल्क लगेगा? 2,000 रुपये से ज्यादा के रेलवे ट्रांजैक्शन पर पांच रुपये का एमडीआर लगेगा, लेकिन यह चार्ज विक्रेता देगा और इसे यात्री पर नहीं डाला जा सकता। यानी यात्री को टिकट बुक करने के लिए यूपीआई से पेमेंट करने पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। यह चार्ज इंडियन रेलवे देगा। यानी जो सेवा उपलब्ध करा रहा है, उसे ही एमडीआर शुल्क देना होगा। 11. शैक्षणिक संस्थानों के लिए नियमों में बदलाव का क्या मतलब? ₹2,000 तक की फीस पर एमडीआर नहीं लगेगा। दूसरी तरफ ₹2,000 से अधिक की फीस पर प्रतिशत के हिसाब से ज्यादा शुल्क लेने के बजाय एक फ्लैट फीस या अधिकतम सीमा वाली फीस व्यवस्था लागू होगी। फिलहाल सरकार की तरफ से इस फीस के बारे में नहीं बताया गया है। उदाहरण के तौर पर अगर अगर सामान्य एमडीआर 0.4% होता और ₹10,000 की फीस जमा की जाती, तो ₹40 शुल्क बन सकता था। लेकिन इस व्यवस्था में फ्लैट या कैप्ड शुल्क होने के कारण शुल्क एक तय सीमा तक ही रहेगा। 12. किस कानून के तहत यह अधिसूचना जारी की गई है? सरकार ने यह महत्वपूर्ण अधिसूचना पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A के तहत जारी की है। इस कानूनी धारा के तहत जारी निर्देशों के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

September 15, 2026 · 2 min · National Desk

मेरठ: पल्लवपुरम में एसटीपी से क्लोरीन गैस का रिसाव, सांस लेना हुआ दूभर, मची भगदड़; 15 लोग अस्पताल में भर्ती

1 of 6 गैस रिसाव होने पर पानी का छिड़काव करते दमकलकर्मी। - फोटो : अमर उजाला पल्लवपुरम फेस-2 के एन पॉकेट स्थित आकांक्षा एंबिएंस कॉलोनी के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से मंगलवार को क्लोरीन गैस के रिसाव ने लोगों की सांसें थाम सी दीं। अचानक गैस की तेज बदबू आसपास के घरों में पहुंची तो लोगों को कुछ समझ नहीं आया। देखते ही देखते लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर घरों से बाहर निकलकर इधर-उधर भागने लगे। सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस ने माइक से लोगों को मास्क अथवा रुमाल से मुंह ढककर रखने और घरों में रहने की अपील की। 2 of 6 अस्पताल में भर्ती पीड़ित। - फोटो : अमर उजाला आकांक्षा एंबिएंस कॉलोनी के पास शाम करीब सवा सात बजे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से गैस रिसाव होने पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद कर लीं। बाहर मौजूद परिजनों को भी तत्काल फोन कर सुरक्षित स्थान पर जाने या घर लौटने के लिए कहा गया। कुछ परिवार बच्चों को लेकर क्षेत्र से दूर चले गए। 3 of 6 जांच करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला इस दौरान लोगों में गैस के प्रभाव को लेकर डर बना रहा। गैस रिसाव के बाद तबीयत बिगड़ने पर विशाल, दीपांशु, वंशी, आदित्य, अनिका, विक्रांत ढाका, वाणी और वान्या को एसडीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, राधे श्याम को फ्यूचर प्लस अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा सीबी अस्पताल में भी दो लोगों को भर्ती कराया गया। अस्पताल पहुंचे लोगों में गैस के संपर्क में आने के बाद परेशानी होने की बात सामने आई। 4 of 6 अस्पताल पहुंचे विधायक और मेयर। - फोटो : अमर उजाला पार्षद विक्रांत ढाका को आईसीयू में भर्ती कराया गया। घटना के बाद आसप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 15, 2026 · 2 min · National Desk