पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन: शत्रुघ्न सिन्हा ने एक दिन पहले क्यों दी बधाई? बताई इसके पीछे की दिलचस्प वजह

जाने-माने अभिनेता और नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन से एक दिन पहले ही अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को अपना 76वां जन्मदिन मनाएंगे। बुधवार को शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पीएम मोदी के साथ अपनी दो पुरानी तस्वीरें साझा कीं और एक दिन पहले बधाई संदेश भेजने का कारण भी स्पष्ट किया। Wishing you in advance before it gets lost in the flood of good well wishes tomorrow. How do you like the idea Sirji? Many happy returns of the day for our friend, friend of society, hon’ble PM @narendramodi. May you be blessed with great well-being,love, happiness, peace & a… pic.twitter.com/oL57QKRQnv — Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) September 16, 2026 शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘कल मिलने वाली ढेरों शुभकामनाओं की बाढ़ में मेरी बधाई कहीं खो न जाए, इसलिए आपको समय से पहले ही बधाई दे रहा हूं। सरजी, आपको यह विचार कैसा लगा? हमारे मित्र, समाज के मित्र और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, अपार स्नेह, खुशियां, शांति और एक बहुत लंबी उम्र प्रदान करे। गॉड ब्लेस!“बता दें कि नरेंद्र मोदी मई 2014 से लगातार देश के प्रधानमंत्री पद पर कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और बुनियादी ढांचे के विकास जैसी कई बड़ी पहलों पर खास जोर दिया गया है। हर साल उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके समर्थक और विभिन्न संगठन सार्वजनिक कार्यक्रम, जनसेवा और कल्याणकारी गतिविधियां आयोजित करते हैं।वहीं, फिल् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

यूपीआई शुल्क मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा: एमडीआर के खिलाफ अदालत में याचिका दाखिल, क्या है विवाद की वजह?

यूपीआई पर एमडीआर की नई व्यवस्था क्या है? याचिका अधिवक्ता अंजन दत्ता ने अधिवक्ता आशुतोष दुबे के माध्यम से दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यक्ति से कारोबारी यानी पी2एम यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। कुछ क्षेत्रों के लिए अलग दरों का भी प्रावधान है। याचिका में भुगतान व्यवस्था की सुरक्षा और मजबूती के उद्देश्य पर सवाल नहीं उठाया गया है, बल्कि आरोप लगाया गया है कि शुल्क लगाने की पूरी प्रक्रिया और उसके आधार को पर्याप्त रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया। याचिका में 2,000 रुपये की सीमा पर क्या सवाल उठाया गया? याचिकाकर्ता ने कहा है कि नई व्यवस्था में अलग-अलग सीमा और श्रेणियां तय की गई हैं, लेकिन उनके पीछे का आंकड़ा और आधार सार्वजनिक नहीं किया गया। याचिका में 2,000 रुपये की सीमा, हर महीने 1 लाख रुपये की यूपीआई प्राप्ति वाली श्रेणी, अलग-अलग क्षेत्रों की शुल्क दर और 75,000 रुपये की अधिकतम सीमा पर सवाल उठाया गया है। याचिका के मुताबिक 2,001 रुपये के लेनदेन पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लग सकता है, जबकि 2,000 रुपये के लेनदेन पर ऐसा शुल्क नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने ऐसी अचानक बदलने वाली सीमाओं को समान स्थिति वाले कारोबारियों के साथ अलग व्यवहार का आधार बताया है। एमडीआर तय करने की प्रक्रिया पर क्या आपत्ति है? याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से क्या मांग की है? केंद्र ने एमडीआर लगाने की क्या वजह बताई? छोटे कारोबारियों और आम लोगों के लिए क्या व्यवस्था बताई गई? याचिका में आरोप लगाया गया है कि देशभर में लागू होने वाला आर्थिक बोझ पैदा करने से पहल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

मेरठ सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण LIVE: बुलडोजर कार्रवाई देख छलके आंसू, पोकलेन मशीन का विरोध, पुलिस फोर्स तैनात

02:18 PM, 16-Sep-2026 पूरी हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी रिपोर्ट सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुबह करीब सात बजे शुरू हुई, जो दोपहर करीब 1:45 बजे तक चली। इस दौरान छहों भवनों पर अलग-अलग बुलडोजर से कार्रवाई की गई। अब आवास विकास परिषद 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान छह भवनों के ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट सौंपेगा। आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के अनुसार, ये छह भवन पूरी तरह अवैध बने हुए थे और इनका नक्शा पास नहीं था, इसलिए इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। 02:18 PM, 16-Sep-2026 जेसीबी पड़ी छोटी तो पोर्कलेन मशीन से तोड़ा गया बिल्डिंग का हिस्सा सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई की गई, लेकिन जी प्लस-3 भवन का एक हिस्सा तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन का हिस्सा तोड़ा गया। सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई की गई, लेकिन जी प्लस-3 भवन का एक हिस्सा तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन का हिस्सा तोड़ा गया। 02:17 PM, 16-Sep-2026 एकटक निहारती रहीं निगाहें… बुलडोजर की कार्रवाई देख खामोश खड़ा रहा शिवम मेरठ के सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर प्रशासन का बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान पोर्कलेन मशीन से बिल्डिंग का हिस्सा तोड़े जाने को शिवम एकटक निहारता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

आरपीएससी : एसआई और प्लाटून कमांडर शारीरिक दक्षता परीक्षा का परिणाम घोषित, 1,015 पदों पर 4,019 उम्मीदवार सफल

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा का शारीरिक दक्षता परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in के जरिये अपना परिणाम देख सकते हैं। आयोग ने परीक्षा परिणाम को पीडीएफ प्रारूप में उपलब्ध कराया है। आयोग इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया के अगले चरण के तहत साक्षात्कार के लिए बुलाएगा। आयोग ने सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर पद के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन 03 अगस्त से 13 अगस्ततक किया था। परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवार पोर्टल से परिणाम सूची डाउनलोड करके अपना परिणाम जांच सकते हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 1 min · National Desk

गुरुग्राम हिट एंड रन केस: आरोपी कल्याण बैंसला को दो दिन की पुलिस रिमांड, राइडर सिया को मारी थी टक्कर

चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए सिया ने कहा कि उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी से कोई खास संतुष्टि नहीं मिली है। उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया का सिर्फ पहला हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी से मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाएगा। सिया ने मांग की कि चारों लड़कों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हें कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आगे कहा कि ऐसी सजा से एक मिसाल कायम होगी। इससे भविष्य में कोई भी लड़का किसी लड़की को परेशान करने से पहले दस बार सोचेगा। चाहे वह कार में हो या बाइक पर, उसे डर होना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। VIDEO | Gurugram woman biker hit and run case: Victim biker Sia says, “Look, the mistake they made was trying to stop and harass a girl in broad daylight on the road and hitting her so hard that she could have even died. I also want to say that their arrest is not something that… pic.twitter.com/zhBgvPOyBR — Press Trust of India (@PTI_News) September 16, 2026 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 1 min · National Desk

द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में बढ़त; शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 215 अंक चढ़ा, निफ्टी 23200 के नीचे

16 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। सुबह के कारोबार में प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों में उत्साह का माहौल दिखा। सुबह 9:35 बजे सेंसेक्स 215.25 अंक (0.29 फीसदी) की बढ़त के साथ 74,219.07 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 66.91 अंक (0.29 फीसदी) चढ़कर 23,185.50 पर कारोबार कर रहा था। इस शुरुआती तेजी ने बाजार को सकारात्मक दिशा दी।कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से मजबूत रुझान देखा गया। बाजार विश्लेषकों ने इसे वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों का असर बताया। निवेशकों ने प्रमुख बड़ी कंपनियों के शेयरों में रुचि दिखाई। यह वृद्धि बाजार की मजबूत नींव को दर्शाती है।आज के शुरुआती कारोबार में कोटक बैंक और टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) शीर्ष लाभ वाले शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निवेशकों ने इन शेयरों पर भरोसा जताया। यह उछाल बाजार की समग्र सकारात्मक धारणा को दर्शाता है।बाजार में इस शुरुआती तेजी के पीछे कई कारक हो सकते हैं। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर दिखा। इसके अलावा, घरेलू मोर्चे पर कुछ अनुकूल आर्थिक आंकड़े भी इस वृद्धि में सहायक रहे। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से बाजार को मजबूती मिली। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: 21 राज्यों में UCC लागू करने का भाजपा ने बनाया प्लान, 2029 तक इसे जमीन पर उतारने की क्या है योजना?

किन राज्यों में यूसीसी की दिशा में कदम बढ़े? अब तक चार भाजपा शासित राज्यों ने यूसीसी से जुड़े कानून पारित किए हैं, उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो चुका है, जबकि बाकी राज्यों में कानून लागू होने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं गोवा- राज्य में 1867 से समान सिविल कोड लागू है। उत्तराखंड उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू है। इसमें शादी, तलाक, विरासत और उत्तराधिकार के लिए समान नियम हैं। बहुविवाह पर रोक और शादी का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी इसमें खास प्रावधान हैं। जोड़ों को लिव-इन रिलेशनशिप और उसके खत्म होने का पंजीकरण कराना होता है। ऐसे संबंधों से जन्मे बच्चों को वैध माना गया है। गुजरात गुजरात विधानसभा ने 24 मार्च 2026 को यूसीसी बिल पारित किया। इसका मॉडल काफी हद तक उत्तराखंड जैसा है। इसमें शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान हैं और बहुविवाह पर रोक का प्रावधान है। असम असम ने मई 2026 में यूसीसी बिल पारित किया। इसमें शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को शामिल किया गया है। बहुविवाह पर रोक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण का प्रावधान भी है। मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश विधानसभा ने जुलाई 2026 में यूसीसी बिल पारित किया। इसमें शादी, तलाक और उत्तराधिकार के साथ गोद लेने से जुड़े प्रावधान भी हैं। इसमें ट्रिपल तलाक और निकाह हलाला से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख है। बहुविवाह पर रोक और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण का प्रावधान भी है। पश्चिम बंगाल राज्य सरकार ने यूसीसी लागू करने की घोषणा की है। सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

पंजाब चुनाव 2027: वोटर दोहराएगा 2022 का बदलाव या लौटेगी विरासत, होगी व्यक्तिगत जनाधार की परीक्षा

2022 में मिले थे चाैंकाने वाले नतीजे 2022 में पंजाब ने जिन राजनीतिक दिग्गजों को बाहर का रास्ता दिखाया, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू और कई अन्य बड़े नाम शामिल थे। चन्नी को चमकौर साहिब और भदौर दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जबकि सुखबीर बादल अपनी पारंपरिक जलालाबाद सीट भी नहीं बचा सके। प्रकाश सिंह बादल को भी अपेक्षाकृत नए उम्मीदवार से हार मिली। मजीठिया को अमृतसर ईस्ट में पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार जीवनज्योत कौर ने शिकस्त दी। यानी 2022 में लड़ाई सिर्फ पार्टियों की नहीं रही, बल्कि मतदाता ने स्थापित राजनीतिक पहचान और पीढ़ियों से चली आ रही राजनीतिक पकड़ को भी चुनौती दी। राजनीति विशेषज्ञ प्रोफेसर कुणाल मेहता के अनुसार, “2022 का जनादेश पंजाब की पारंपरिक राजनीतिक विरासत के लिए एक बड़ा झटका था। मतदाताओं ने यह स्पष्ट कर दिया था कि केवल परिवार का नाम और राजनीतिक विरासत अब चुनाव जीतने की गारंटी नहीं है। 2027 में इन राजनीतिक परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी खोई हुई विश्वसनीयता और जनाधार को दोबारा हासिल करने की होगी। अब देखना यह है कि पुरानी विरासत खुद को बदलते पंजाब की राजनीतिक अपेक्षाओं के साथ जोड़ पाती है या नए चेहरे इस बदलाव की प्रक्रिया को आगे ले जाते हैं।” विरासत बचाने की लड़ाई यही वजह है कि 2027 का विधानसभा चुनाव अब पुराने राजनीतिक परिवारों के लिए केवल सत्ता में वापसी का चुनाव नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक विरासत बचाने की लड़ाई भी बनता दिखाई दे रहा है। करीब पांच साल बाद वही नेता और उनके राजनीतिक परिवार फिर अपनी जमीन तलाश रहे है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

सालाना रिपोर्ट: सुरक्षा बलों के तालमेल से जम्मू-कश्मीर में अब सब सामान्य, आतंकवाद से युवाओं का मोहभंग

भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के लगातार प्रयासों और आपसी समन्वय से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में बनी हुई है। रक्षा मंत्रालय की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में प्रदेश में हिंसा की घटनाओं में भारी गिरावट, विरोध-प्रदर्शनों पर प्रभावी नियंत्रण और पथराव की घटनाओं के शून्य पर पहुंचने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में सुरक्षा बलों के प्रयासों के साथ स्थानीय जनता के सहयोग को भी शांति बहाली में महत्वपूर्ण बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से चलाए गए अभियानों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण केंद्र शासित प्रदेश के माहौल में सुधार हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार की अनिश्चितता के बावजूद मई 2025 में महानिदेशक सैन्य अभियान (डीजीएमओ) स्तर की वार्ताओं के बाद नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर स्थिति काफी हद तक स्थिर बनी हुई है।रिपोर्ट के अनुसार, पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बावजूद देश-विदेश के पर्यटकों का जम्मू-कश्मीर के प्रति विश्वास कायम रहा। वर्ष 2025 के दौरान रिकॉर्ड 2.3 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया, जबकि 4.13 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा में हिस्सा लिया। पर्यटकों और श्रद्धालुओं की यह संख्या प्रदेश के सुरक्षा माहौल के प्रति भरोसे को दर्शाती है।रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के आतंकवाद से दूर होने को महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में रेखांकित किया गया है। बीते वर्ष पूरे प्रदेश में केवल एक स्थानीय युवा के आतंकवाद से जुड़ने की जानकारी सामने आई। स्थानीय युवाओं का आतंकवाद से यह मोहभंग पाकिस्तान के उस नैरेटिव को भी चुनौती देता है, जि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk

रिपोर्ट में खुलासा: अमेरिका ने ईरान से जंग में फूंके 38 अरब डॉलर; कितने विमान गंवाए, हर महीने कितना खर्च?

50 से ज्यादा विमान-हेलिकॉप्टर और ड्रोन गंवाए ईरानी हमले में तबाह बोइंग ई-3 सेंट्री सीबीओ ने कहा कि इस युद्ध का असर महंगाई पर 2027 की पहली तिमाही तक रह सकता है। इसके कारण महंगाई पहले के अनुमान से करीब 0.5 प्रतिशत अंक ज्यादा रह सकती है। इसकी बड़ी वजह तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कमी है। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से इनकी आवाजाही प्रभावित हुई है। लाल सागर से होने वाली जहाजों की आवाजाही में भी बाधा आई है।यह अनुमान प्रतिनिधि ब्रेंडन बॉयल के जानकारी मांगने के बाद तैयार किया गया। बॉयल प्रतिनिधि सभा की बजट समिति में सबसे वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य हैं। सीबीओ का यह अनुमान पहले दिए गए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुमान से काफी मिलता है। हेगसेथ ने सीनेट में गवाही के दौरान युद्ध की लागत 37.5 अरब डॉलर बताई थी।सीबीओ के मुताबिक, इस खर्च का बड़ा हिस्सा युद्ध में इस्तेमाल हुई या नष्ट हुई मिसाइलों, हथियारों और सैन्य उपकरणों को फिर से खरीदने पर हो रहा है। इसमें युद्ध में मारे गए या घायल हुए अमेरिकी सैनिकों का खर्च शामिल नहीं है। इसमें भविष्य में सैनिकों की स्वास्थ्य देखभाल और विकलांगता मुआवजे का खर्च भी शामिल नहीं किया गया है।ब्रेंडन बॉयल ने कहा कि युद्ध की मानवीय कीमत के अलावा अमेरिकी लोगों को इसकी आर्थिक कीमत भी चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सीबीओ की गैर-दलीय रिपोर्ट से साफ है कि युद्ध पर अमेरिकी करदाताओं के अरबों डॉलर खर्च हो चुके हैं। खर्च अभी भी बढ़ रहा है। इसके साथ ही आम लोगों के लिए चीजों की कीमतें भी बढ़ रही हैं।बॉयल ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन कई वर्षों से अमेरिकी लोगों से कहते रहे हैं कि देश में परिवारों की मदद करने के लिए पर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk