एफबीआई ने इस साल वसंत में चुपचाप अपने नियम बदले थे। पहले वेश्यावृत्ति में शामिल रह चुके लोगों पर नौकरी को लेकर पूरी रोक थी। ऐसे लोग एफबीआई में नौकरी के लिए अयोग्य माने जाते थे। अब यह रोक हटा दी गई है। कुछ मामलों में एफबीआई अब पूरे मामले की परिस्थितियों को देखेगा। ब्यूरो ने पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े मामलों में भी ऐसा ही बदलाव किया है।सीनेट की न्यायपालिका समिति की सुनवाई में पटेल से इन बदलावों के बारे में सवाल पूछे गए। पटेल ने कहा कि इससे नौकरी के मानक कम नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव का मकसद पीड़ितों की रक्षा करना है। कुछ लोगों को जबरन ऐसे कामों में शामिल किया गया था। कुछ लोग मानव तस्करी के शिकार हुए थे। ऐसे लोगों को सिर्फ उनके साथ हुई घटना की वजह से नौकरी के लिए अपने आप अयोग्य नहीं ठहराया जाना चाहिए।पटेल ने कहा कि एफबीआई पशुओं के साथ यौन संबंध के पीड़ितों को सजा नहीं देना चाहता था। उन्होंने मानव तस्करी के पीड़ितों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एफबीआई नहीं चाहता था कि ऐसे मामले अपने आप नौकरी से अयोग्य होने की वजह बन जाएं।पटेल के जवाब से रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी संतुष्ट नहीं हुए। कैनेडी लुइसियाना से सीनेटर हैं। उन्होंने पटेल से इस बदलाव के पीछे की वजह पूछी। पटेल ने बताया कि यह सुझाव उनके अधीन काम करने वाले अधिकारियों ने दिया था। कैनेडी ने इस पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े नियम में बदलाव का सुझाव देने वाले व्यक्ति से पटेल ने ऐसा क्यों नहीं कहा कि वह किस ग्रह से आया है। पटेल ने जवाब दिया कि शुरुआत में उनकी प्रतिक्रिया भी कुछ ऐसी ही थी। लेकिन बाद में उन्होंने इसे पीड़ितों की मदद करने का एक तरीका माना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
एफबीआई की नौकरी के नियम क्यों बदले?: सीनेट में उठे सवाल, काश पटेल ने पीड़ितों का दिया हवाला; क्या कहा?
एफबीआई ने इस साल वसंत में चुपचाप अपने नियम बदले थे। पहले वेश्यावृत्ति में शामिल रह चुके लोगों पर नौकरी को लेकर पूरी रोक थी। ऐसे लोग एफबीआई में नौकरी के लिए अयोग्य माने जाते थे। अब यह रोक हटा दी गई है। कुछ मामलों में एफबीआई अब पूरे मामले की परिस्थितियों को देखेगा। ब्यूरो ने पशुओं के साथ यौन संबंध से जुड़े मामलों में भी ऐसा ही बदलाव किया है।सीनेट की न्यायपालिका समिति की सुनवाई में पटेल से इन बदलावों के बारे में सवाल पूछे गए। पटेल ने कहा कि इससे नौकरी के मानक कम नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव