मेरठ: आसमान में दिखा वायुसेना का शौर्य, 35 मिनट भरीं राेमांचक उड़ानें; पांच मीटर की दूरी पर उड़े नौ हॉक विमान

1 of 8 मेरठ में सूर्यकिरण टीम का एयर शो - फोटो : अमर उजाला मेरठ के आसमान में शनिवार को पहली बार भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने रोमांच और शौर्य का प्रदर्शन किया। मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप परिसर में करीब 35 मिनट तक चले एयर शो में जांबाज पायलटों ने हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाए। लूप और बैरल रोल समेत अलग-अलग मैनूवर देखकर दर्शक हैरान रह गए और तालियों से पूरा कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। 2 of 8 सूर्य किरण टीम का मेरठ में एयर शो - फोटो : सुनील कैथवास, अमर उजाला सूर्य किरण एयर शो के पहले दिन तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ। लोग सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे और बेसब्री से एयर शो का इंतजार करते दिखे। जैसे ही एयर शो शुरू हुआ, आसमान में विमानों के करतब देखकर मेरठ के लोग खुशी से झूम उठे। दर्शकों ने इसे मेरठ के लिए गौरवशाली क्षण बताया। जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह ने भी इस पल को मेरठ के लिए ऐतिहासिक बताया। 3 of 8 सूर्य किरण टीम का मेरठ में एयर शो - फोटो : सुनील कैथवास, अमर उजाला पहली बार मेरठ में एयर शो भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम का दो दिवसीय एयर शो शनिवार से शुरू हुआ। सुबह करीब 10 बजे जांबाज पायलटों ने आसमान में उड़ान भरकर अलग-अलग हवाई करतब दिखाए। यह मेरठ में सूर्यकिरण टीम का पहला एयर शो है। हालांकि उत्तर प्रदेश में टीम का यह दूसरा शो है, इससे पहले टीम लखनऊ में एयर शो कर चुकी है। शो की डिस्प्ले साइट पर स्क्वाड्रन लीडर तुषार शर्मा ने अमर उजाला के साथ टीम की खासियत और पायलटों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेरठवासियों से टीम को भरपूर प्यार मिला। स्कूली बच्चों में भी एयर शो को लेकर काफी उत्साह देखन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका का नया टैरिफ कानून: क्या भारत का 140 अरब डॉलर का व्यापार दांव पर? विस्तार से जानिए जमीनी हकीकत

अमेरिका की ओर से पारित नए व्यापारिक कानून ने भारतीय निर्यातकों और नीति निर्माताओं के बीच भारी अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित ‘सैनक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ के तहत अमेरिका को रूसी तेल व गैस खरीदने वाले देशों से आयातित सामानों पर 100 प्रतिशत तक का भारी-भरकम टैरिफ लगाने का कानूनी अधिकार मिल गया है। ऐसे समय में जब अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, 100% टैरिफ का यह सीधा खतरा भारत के इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, लेदर और फार्मा जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों के लिए एक बड़े संकट की घंटी बजा रहा है। अमेरिका का नया टैरिफ कानून क्या है और यह कब से लागू होगा? अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा 18 सितंबर को हस्ताक्षरित यह नया कानून वाशिंगटन को मॉस्को के शीर्ष ऊर्जा खरीदारों पर दंडात्मक शुल्क लगाने की शक्तियां देता है। यह कानून राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर प्रभावी हो जाएगा। भारतीय निर्यातकों की अनिश्चितता और चिंता क्यों बढ़ गई है? कानून के तहत, लागू होने से ठीक पहले के 12 महीनों के दौरान रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस की कुल मात्रा के हिसाब से शीर्ष पांच खरीदार देशों में शामिल राष्ट्रों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100 फीसदी तक का आयात शुल्क थोपा जा सकता है। इस मानदंड के कारण भारत और चीन जैसे देश, जो रूसी ऊर्जा के शीर्ष खरीदारों में शामिल हैं, सीधे तौर पर इस कानून की जद में आ रहे हैं। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6.5 प्रतिशत बढ़कर 140.76 अरब डॉलर (निर्यात 87.3 अरब डॉलर और आयात 53.45 अरब डॉलर) रहा था। वहीं चालू वित्त वर्ष (20 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह: एनएसए अजीत डोभाल बोले- आप 1,000 साल में सबसे भाग्यशाली पीढ़ी; वजह भी बताई

VIDEO | Addressing at the IIT Roorkee convocation ceremony, National Security Advisor (NSA) Ajit Doval says, “You may not be conscious of the fact that, in the last 1,000 years, you are the luckiest generation, which is going to have so many opportunities. Generations before you… pic.twitter.com/w1EWwMaBpv — Press Trust of India (@PTI_News) September 19, 2026 एनएसए अजीत डोभाल ने छात्रों से कहा- शायद आपको इस बात का एहसास नहीं है कि आप पिछले 1,000 वर्षों की सबसे भाग्यशाली पीढ़ी हैं, जिसके पास अवसरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनसे पहले की पीढ़ियां गुलामी के दौर में संघर्ष कर रही थीं और उनके सामने ऐसे रास्ते नहीं खुले थे। आज न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी परिस्थितियां पहले से काफी बेहतर हुई हैं। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसे दौर में आ रहे हैं, जहां किसी भी देश या समाज की तरक्की के लिए तकनीक सबसे महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है।डोभाल ने कहा कि छात्र देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने संस्थानों में से एक से पास हो रहे हैं, जिसने देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने छात्रों के माता-पिता को बधाई दी, जिन्होंने बच्चों को प्रेरित किया और उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों और प्रोफेसरों का भी आभार जताया, जिन्होंने ऐसा माहौल तैयार कर ज्ञान दिया जिससे छात्र खुद के साथ-साथ समाज, राष्ट्र और मानवता की भलाई में अपना योगदान दे सकें।कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि यह ऐसी पहली पीढ़ी है, जो एक ऐसी दुनिया में जा रही है जो खुद को नए सिरे से बदलने की जद्दोजहद में लगी है। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

नलखेड़ा में दर्दनाक हादसा: बगलामुखी दर्शन कर लौट रहे ओडिशा के 8 श्रद्धालुओं की मौत, नाले में बही कार

राधारानी ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा रीता रानी पति ज्ञानेंद्र बेहरा और कृष्णा राजवीर पुत्र शिवप्रसाद बेहरा जानकारी के अनुसार श्रद्धालु उज्जैन से टैक्सी किराये पर लेकर मां बगलामुखी माता मंदिर के दर्शन करने नलखेड़ा पहुंचे थे। दर्शन के बाद लौटते समय मंदिर के पास स्थित बरसाती नाला तेज बारिश के कारण उफान पर था, इसी दौरान कार तेज बहाव की चपेट में आ गई और नाले में बह गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी मशक्कत के बाद कार को उफनते नाले से बाहर निकाला। कार में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो चुकी थी।पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि तेज बहाव के बीच चालक ने जल्दबाजी में नाला पार करने का प्रयास किया, जिसके कारण कार पानी के तेज बहाव में फंसकर बह गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है।एसपी दिलीप कुमार सोनी के मुताबिक हादसे में तीन बच्चों, दो महिलाओं और तीन पुरुषों की मौत हुई है। सभी मृतक ओडिशा के निवासी बताए जा रहे हैं। मरने वालों मेंशामिल हैं। पुलिस बाकी मृतकों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया में जुटी है। प्रशासन और पुलिस की टीम पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

जम्मू-कश्मीर: रामबन हाईवे पर बीएसएफ का वाहन पलटा, पांच जवान घायल; ड्राइवर की हालत गंभीर

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में आज शनिवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई। सीमा सुरक्षा बल का एक वाहन पलट गया। इस हादसे में कम से कम पांच जवान घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंबा-सेरी के पास हुई। बीएसएफ का यह वाहन जम्मू की ओर जा रहे एक बड़े काफिले का हिस्सा था। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे।उन्होंने तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। घायल जवानों को तत्काल वाहन से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में उप-निरीक्षक घर सिंह, चालक शमीम अहमद, आरक्षी सुनील कुमार, परशुतम कुमार और चंदन यादव शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।अधिकारियों के अनुसार, वाहन के चालक शमीम अहमद की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। शमीम अहमद उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का निवासी है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी जान बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। अन्य चार घायल जवानों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई हैये दुर्घटना जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक संवेदनशील हिस्से पर हुई। पुलिस ने बताया कि वाहन के पलटने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सड़क की स्थिति या किसी तकनीकी खराबी की संभावना पर गौर किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में एक मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की विस्तृत जांच जारी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

ग्रीनलैंड पर ट्रंप का नया दांव: कब्जे की धमकी के बाद डेनमार्क से समझौता, बढ़ेगी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी?

समझौते के तहत ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन ही रहेगा और उसकी संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता दी गई है। अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और सुरक्षा से जुड़ी भूमिका मजबूत होगी। ग्रीनलैंड में किसी गैर-नाटो देश का सैन्य अड्डा बनाने की अनुमति नहीं होगी। रूस और चीन को ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा बनाने से रोकने की व्यवस्था होगी। विरोधी देशों के ग्रीनलैंड में निवेश करने की क्षमता को भी सीमित किया जाएगा। समझौते पर अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारें अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हस्ताक्षर करेंगी। समझौते को लागू करने से पहले डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संसदों की मंजूरी जरूरी होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि समझौता ग्रीनलैंड की सुरक्षा और अमेरिका की दूसरी जरूरतों पर उसे स्थायी नियंत्रण देता है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन ग्रीनलैंड में बड़ी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी विकसित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करेगा। ग्रीनलैंड खनिज संसाधनों से समृद्ध है और आर्कटिक में इसकी रणनीतिक स्थिति इसे अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के कार्यालय ने बताया कि समझौते पर अगले सप्ताह हस्ताक्षर होंगे। फ्रेडरिक्सन ने कहा कि यह समझौता डेनमार्क और ग्रीनलैंड की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देता है और दोनों के आत्मनिर्णय के अधिकार को कायम रखता है। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेंस-फ्रेडरिक नील्सन ने कहा कि उभरता समझौता तीनों सरकारों के हित में है और ग्रीनलैंड के हितों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग में उसकी जगह को मान्यता देता है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

चीन ने बदल दिया तेल का पूरा खेल: बड़ा स्टॉक जमा कर बदली रणनीति, अब निर्यातक देशों पर निर्भर नहीं रहा बाजार

विशाल रिजर्व : जब तेल सस्ता था, तब चीन ने चुपचाप भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर अपने गोदामों में भर लिया। आज दुनिया के कुल ज्ञात आपातकालीन तेल भंडार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेला चीन के पास है। जब तेल सस्ता था, तब चीन ने चुपचाप भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर अपने गोदामों में भर लिया। आज दुनिया के कुल ज्ञात आपातकालीन तेल भंडार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेला चीन के पास है। मौके का फायदा : दुनियाभर में तेल की किल्लत हुई तो चीन ने अपने पुराने स्टॉक का इस्तेमाल शुरू किया और आयात 23% घटा दिया। तेल कीमतें काबू में रहीं। चीन ने साबित कर दिया कि अगर वो खरीदना बंद कर दें, तो तेल बेचने वाले संकट में आ जाएंगे। चीन ने काफी मात्रा में कच्चा तेल जमा करके, शोधन क्षमता बढ़ाकर और कोयले तथा अन्य विकल्पों में निवेश करके अपनी सबसे बड़ी कमजोरी (तेल के लिए दूसरों पर निर्भर होना) को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया है। अब आयातक देश अपनी मनमर्जी से तेल का बाजार नहीं चला सकते। चीन ने दिखा दिया है कि वह जब चाहे तेल खरीदकर कीमतें बढ़ा सकता है और जब चाहे खरीदारी रोककर कीमतें गिरा सकता है। इसके अलावा, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में आगे होने के कारण व अब कच्चे तेल का मोहताज भी नहीं रहा है।ईरान जंग के शुरुआती महीनों में चीन ने पड़ोसियों को ईंधन आपूर्ति रोक अपनी ताकत का अहसास कराया। वहीं, पश्चिम एशिया पर निर्भर अन्य देशों के पास दूसरे विकल्प नहीं थे। उन्हें या तो ऊर्जा इस्तेमाल घटाना पड़ा या भारी कीमत चुकानी पड़ी।चीन के पास उसे पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन में बदलने की सबसे बड़ी फैक्ट्रियां भी हैं। युद्ध के समय उसने अपने पड़ोसी देशों को डीजल-पेट्रोल की सप्लाई रोक दी। वियत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

जिनपिंग के दौरे की तैयारी: ट्रंप एयरपोर्ट पर करेंगे स्वागत; किन मुद्दों पर होगी बात, क्या व्यापार तनाव घटेगा?

आमतौर पर ट्रंप विदेशी नेताओं से व्हाइट हाउस में मिलते हैं। इसलिए एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करना असामान्य है। शी की यात्रा का मुख्य कार्यक्रम गुरुवार को होगा। ट्रंप और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करेंगे। इसके लिए व्हाइट हाउस के स्टेट फ्लोर पर एक स्वागत समारोह होगा। यह समारोह घर के अंदर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद ट्रंप और शी रोज गार्डन में सैनिकों का निरीक्षण करेंगे। फिर दोनों नेता बंद कमरे में बातचीत करेंगे। इस बातचीत में दोनों देशों के अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। मेलानिया ट्रंप और पेंग लियुआन का अलग कार्यक्रम होगा। उधर उनके पति दोनों देशों के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में इसकी ज्यादा जानकारी नहीं दी। गुरुवार को शी और उनकी पत्नी राजकीय रात्रिभोज में मेहमान होंगे। ट्रंप और प्रथम महिला इस रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। यह रात्रिभोज व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में होगा। ट्रंप ने कहा कि हर कोई इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहता है। दोनों नेता इस मौके पर भाषण भी देंगे। रात्रिभोज पर कौन-कौन मेहमान होंगे शामिल? ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि हजारों लोग इस रात्रिभोज में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि व्हाइट हाउस में बनाया जा रहा 1,000 लोगों की क्षमता वाला नया बॉलरूम अभी तैयार नहीं है। इस वजह से यह कार्यक्रम वहां नहीं हो सकेगा। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कई बहुत अच्छे दोस्तों से कह दिया है कि वे इस कार्यक्रम में नहीं आ सकते। व्हाइट हाउस ने रात्रिभोज में आने वाले कुछ लोगों के नाम बताए लेकिन ट्रंप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

व्हाइट हाउस में मीडिया बैन: ट्रंप तीन संस्थानों पर भड़के, सीएनएन, एमएसनाउ और पॉलिटिको प्रतिबंधित; तनाव बरकरार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन मीडिया संस्थानों- सीएनएन, एमएसएनओडब्ल्यू और पॉलिटिको को व्हाइट हाउस से प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। ट्रंप ने इन मीडिया आउटलेट्स पर ‘अनुकूल कवरेज’ न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह इनकी रिपोर्टिंग ‘फेक न्यूज’ का परिणाम है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में अन्य मीडिया संस्थानों पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। शुक्रवार को (स्थानीय समय) ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके इस फैसले की जानकारी दी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैं CNN, MSNBC और Politico को व्हाइट हाउस से तत्काल प्रभाव से बैन कर रहा हूं क्योंकि वे लगातार ‘फेक न्यूज़’ (झूठी खबरें) दिखा रहे हैं! यह कदम अमेरिकी संविधान के प्रथम संशोधन के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संरक्षण के लिए एक नई चुनौती पेश करता है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन ने मीडिया के साथ इस तरह का व्यवहार किया है। फरवरी 2025 में, ट्रंप ने एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों को ओवल ऑफिस, एयर फोर्स वन और अन्य छोटे आयोजनों से बाहर रखने का फैसला किया था। यह कदम एसोसिएटेड प्रेस द्वारा मेक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने के उनके सुझाव का पालन न करने के प्रतिशोध में उठाया गया था। एसोसिएटेड प्रेस ने इस मामले में मुकदमा दायर किया है। ये कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है।गौरलतब है कि जनवरी, 2025 में पद संभालने के बाद से ट्रंप लंबे समय से समाचार कवरेज पर नाराजगी व्यक्त करते रहे हैं जिन्हें वे अपने प्रति प्रतिकूल मानते हैं। उनका समाचार संगठनों के खिलाफ मुकदमे दायर करने और व्यक्तिगत पत्रकारों पर सोशल मीडिया या व्यक्तिगत रूप से हमला करने का इतिहास रहा है। सत्ता में लौटने के बाद स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

डूसू चुनाव 2026: किसके सर सजेगा ताज... फैसला आज, मतगणना सुबह आठ बजे से; दोपहर तक नतीजे आने की संभावना

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव का करीब एक माह से चला आ रहा चुनावी संग्राम शुक्रवार को मतदान के साथ खत्म हो गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पदों के लिए मैदान में उतरे 20 उम्मीदवारों का भविष्य ईवीएम में बंद हो गया है। इस बार डूसू चुनाव में करीब 1.51 लाख छात्र मतदाता थे। अब शनिवार को होने वाली मतगणना में तय होगा कि डीयू की छात्र राजनीति की कमान किसके हाथ जाएगी। पिछले साल कुल मतदान प्रतिशत 39.45 फीसदी रहा था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 1 min · National Desk