पंजाब: अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर, साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

ड्यूटी के दौरान शहीद हुए एएसआई हरजीत सिंह नंबर 1599/एएसआर सिटी की हत्या के मामले को कमिश्नरेट पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, थाना गेट हकीमा में दर्ज एफआईआर नंबर 281, दिनांक 18 सितंबर 2026 की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर डंप विश्लेषण और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी दीपक सिंह निवासी मुलेचक, अमृतसर की पहचान की गई। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 1 min · National Desk

सऊदी की राजधानी पर हूतियों का मिसाइल अटैक: रियाद को बनाया निशाना, अरामको पर भी हमले का दावा

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि हूतियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबू के अलावा ताइफ, बायश और फरासन में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की भी कोशिश की। गठबंधन के मुताबिक इन प्रयासों को भी नाकाम कर दिया गया। हालांकि, बयान में इन हमलों के बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी गई।हूतियों ने इससे पहले दावा किया था कि उन्होंने रियाद में कुछ ‘संवेदनशील ठिकानों’ और यानबू में सऊदी तेल कंपनी अरामको को निशाना बनाया। हूतियों ने दावा किया कि इन हमलों के कारण ‘भारी आग’ लगी। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको ने टिप्पणी के लिए भेजे गए अनुरोध का जवाब नहीं दिया। इससे पहले भी सऊदी के तेल ढांचे पर हुआ था हमला रियाद पर ताजा मिसाइल हमले की कोशिश से पहले सऊदी अरब के अहम ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर ड्रोन हमला हुआ था। 11 सितंबर को हुए इस हमले के बाद पाइपलाइन का संचालन रोकना पड़ा, जिससे सऊदी के लाल सागर स्थित यानबू बंदरगाह से तेल निर्यात प्रभावित हुआ। इसी के चलते सऊदी अरामको ने यूरोप के कम से कम दो रिफाइनिंग ग्राहकों को अक्तूबर में दी जाने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति नहीं करने की जानकारी दी है। सऊदी और इराकी अधिकारियों ने कहा है कि ड्रोन इराक से आए थे, लेकिन हमले के पीछे वास्तव में कौन था, इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी अभी सामने नहीं आई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

पुंछ: ज्वेलरी शॉप से पाकिस्तानी झंडे और एके-47 बरामद, बड़ी साजिश का भंडाफोड़; कुछ संदिग्ध हिरासत में

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ में पुलिस ने एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है। नगर के सबसे सुरक्षित और व्यस्त माने जाने वाले मुख्य बाजार में ज्वेलरी की एक दुकान से एके-47 राइफल के कारतूस, पाकिस्तानी मुद्रा, पाकिस्तानी पोस्टर और झंडे बरामद हुए। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। खुफिया एजेंसियों से मिले पुख्ता इनपुट पर पुलिस ने शुक्रवार रात करीब 8 बजे मुख्य बाजार की अकाली गुरुद्वारा गली में स्थित ज्वेलरी शॉप पर दबिश दी थी। कार्रवाई के दौरान फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम और मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार मौजूद रहे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह दुकान मोहल्ला खोड़ीनाड निवासी देविंद्र सिंह की है। पुलिस ने दुकान में ने रात करीब 10 बजे तक सघन तलाशी ली। इसमें दुकान के भीतर से एके-47 राइफल के 5 कारतूस, पाकिस्तानी मुद्रा के 105 रुपये, 30 पाकिस्तानी पोस्टर और 2 पाकिस्तानी झंडे बरामद किए गए। पुलिस ने सारा सामान अपने कब्जे में लिया लिया। पुंछ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।पुंछ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) की निगरानी में इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए जांच चल रही है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद गोलियां और पाकिस्तानी सामग्री शहर के मुख्य बाजार की उस दुकान तक कैसे और कहां से पहुंची।यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि आतंकवाद के सबसे बुरे दौर में भी पुंछ नगर के इस हिस्से से ऐसी देशविरोधी सामग्री कभी बरामद नहीं हुई थी। अब जब इलाके में आतंकवाद अंतिम सांसें गिन रहा है, तब शहर के बीचों-बीच इस तरह का जखीरा मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।इस मामले का सबस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

एआई की रफ्तार धीमी करने का समझौता: चार बड़ी कंपनियों पर अवैध डील का मुकदमा, जानें क्या है पूरा मामला?

मुकदमे में चारों कंपनियों पर क्या आरोप लगाया गया है? मुकदमे में आरोप है कि एंथ्रोपिक, ओपनएआई, स्पेसएक्सएआई और गूगल ने एआई विकास को धीमा करने के लिए आपस में तालमेल किया। यह मुकदमा शुक्रवार को अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया जिले की अदालत में दायर किया गया। चारों कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिस्पर्धा-विरोधी कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। मुकदमा चैटजीपीटी, क्लॉड, ग्रोक और जेमिनी की सशुल्क सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले चार लोगों की ओर से दायर किया गया है। वादी पक्ष पूरे अमेरिका के ऐसे अन्य सशुल्क ग्राहकों को भी प्रस्तावित वर्ग में शामिल करना चाहता है। मुकदमे में दावा किया गया है कि एआई की विकास गति धीमी करने का समझौता उपभोक्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचा सकता है। 12 सितंबर को ऐसा क्या हुआ, जिससे विवाद शुरू हुआ? एआई की रफ्तार धीमी करने की जरूरत क्यों बताई गई? सैम ऑल्टमैन ने प्रस्ताव पर क्या कहा था? मुकदमे में कौन शामिल है और कंपनियों ने क्या कहा? मुकदमे के मुताबिक, इस पूरे मामले का प्रमुख आधार 12 सितंबर को हुई सार्वजनिक बातचीत है। उस दिन एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई ने एक लेख प्रकाशित किया था। इसमें उन्होंने एआई के विकास की गति को धीमा करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए पूरी इंडस्ट्री के बीच सहयोग की बात कही थी। उसी दिन ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, स्पेसएक्सएआई के एलन मस्क और गूगल डीपमाइंड के डेमिस हासाबिस ने सार्वजनिक रूप से अमोडेई के प्रस्ताव पर सहमति जताई। मुकदमा दायर करने वालों का कहना है कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों के प्रमुखों के बीच इस तरह की सहमति उपभोक्ताओं के लिए प्रतिस्पर्धा-विरोधी असर पैदा कर सकती है।एआई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

'कर्नाटक सरकार किसानों के साथ': सीएम शिवकुमार ने किन वादों-फैसलों का जिक्र किया, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट में क्या?

मसौदे में छह राज्यों के कुल 56,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव है। कर्नाटक में 20,668 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र इसके दायरे में आएगा। इसमें 10 जिलों के 33 तालुक और 1,449 गांव शामिल हैं। किसानों और स्थानीय प्रतिनिधियों की चिंता है कि इसका असर खेती, आजीविका और भविष्य के विकास पर पड़ सकता है।कर्नाटक में प्रस्तावित पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र।मसौदे के दायरे में आने वाले तालुकों की संख्या।राज्य के इतने गांव प्रस्तावित क्षेत्र में शामिल हैं।छह राज्यों में प्रस्तावित कुल पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र।केंद्र ने सातवां मसौदा जारी किया।सोमवार से कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और सूखे पर विशेष विधानसभा सत्र।अब तक कर्नाटक में सूखाग्रस्त घोषित किए गए तालुक।सीएम शिवकुमार ने कहा कि पहले से जमीन पर खेती कर रहे किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबित भूमि अधिकार से जुड़े आवेदनों के निपटारे के लिए कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार नए अतिक्रमण की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने वन विभाग को पहले से खेती कर रहे किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने की बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की चिंताओं को देखते हुए जरूरी कानूनी संशोधनों पर विचार करेगी। केरल की तर्ज पर प्रभावित इलाकों का भौतिक सर्वे कराने और उच्चस्तरीय समिति बनाने के सुझाव पर भी विचार होगा। सरकार इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा करेगी और जरूरत पड़ी तो सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को केंद्र के पास ले जाएगी। सोमवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र में कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के साथ सूखे की स्थिति पर भी चर्चा होग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

'सिस्टम बनाम छात्र’ पर राहुल को धर्मेंद्र प्रधान का जवाब: गिनाईं योजनाएं और आंकड़े; क्या है पूरा मामला?

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष अपना एजेंडा फैलाने में व्यस्त हैं, तब भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर 2014-15 में 23.7 फीसदी था, जो 2023-24 में बढ़कर 30 फीसदी हो गया। प्रधान ने इस आंकड़े को उच्च शिक्षा तक पहुंच में हुई बढ़ोतरी के तौर पर सामने रखा।प्रधान ने केंद्र की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम-विद्यालक्ष्मी योग्य छात्रों को बिना गारंटी वाले शिक्षा ऋण और ब्याज पर मदद देती है। वहीं पीएम-उषा के जरिए राज्य के संस्थानों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। यानी प्रधान ने राहुल गांधी के शिक्षा व्यवस्था पर सवालों के जवाब में छात्रों के लिए चल रही योजनाओं और उच्च शिक्षा के विस्तार को सामने रखा।धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में भारत की अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में भारत की क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है और देश की संस्थागत क्षमता भी बढ़ी है। प्रधान ने इन उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को केवल चुनौतियों और शिकायतों के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान के अंत में राहुल गांधी से सीधा सवाल किया कि क्या वह छात्रों की समस्याओं के समाधान के बारे में बात करेंगे या हर छात्र की चिंता को राजनीतिक हथियार बनाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों को यह बताने के लिए किसी राजनेता की जरूरत नहीं है कि उन्हें गुस्सा होना चाहिए। उनके मुताबिक छात्रों को ऐसे संस्थानों की जरूरत है जो काम करें, ऐसे मौकों की जरूरत है जो बढ़ें और ऐसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 20, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: क्या दलबदल कानून को और सख्त करने का आ गया समय, विश्लेषकों ने बताया इसका क्या रास्ता

पूर्णिमा त्रिपाठी: जो सिर्फ सत्ता देखकर पाला बदलते हैं वो कहीं भी रहेंगे पार्टी के लिए खतरा तो रहेंगे ही। हमने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ये देखा। आज ममता के साथ हुआ तो कल किसी और के साथ नहीं होगा ऐसा कोई नहीं कह सकता है। कल को ये भाजपा के साथ नहीं होगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं है। मुझे लगता है कि इसे रोकने के लिए तत्काल सदस्यता जाने जैसे प्रावधान लाने होंगे। राकेश शुक्ल: ये नैतिकता और सिद्धांत का विषय है। जिस दिन राजनीतिक दलों में नैतिकता आ जाएगी और वो के सिद्धांत को अपनाएंगी तो इस तरह के किसी कानून की जरूरत नहीं पड़ेगी। सभी राजनीतिक दलों को एक सिद्धांत तय करेगा। आज जरूरत ये नहीं है कि कानून को सख्त किया जाए, लेकिन ये राजनीतिक दलों को तय करना पड़ेगा। क्योंकि दंड ही हर चीज का समाधान नहीं होता है। अजय सेतिया: पार्टियां किसी की मिल्कियत जैसे हो गई हैं। अगर ये खत्म हो जाए तो किसी को दलबदल की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। नैतिकता का जहां तक सवाल है तो अटल बिहारी वाजपेयी सरकार तक के समय तक के उदाहण आपको मिलेंगे। उसके बाद के दौर में नैतिकता का सियासत में कोई स्थान नहीं रह गया। दलबदल कानून को बदलने या उसे कठोर या ढीला करने के बजाय पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र पर काम किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। विनोद अग्निहोत्री: दलबदल कानून तब बना था जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। तब उनके पास 400 से ज्यादा सांसद थे। यानी, उनके दल के पास टूटने का खतरा नहीं था। अटल बिहारी वाजपेयी के समय इसमें संसोधन हुआ और एक तिहाई की जगह दो तिहाई वाला प्रावधान आया। लोकतंत्र की बात करें तो किस पार्टी में आंतरिक लोकतांत्रिक है ये देखना होगा। कुछ एक उदाहरण के आलाव आपको …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

डूसू चुनाव में हार के बाद हंगामा: रास्ता जाम करने पर पुलिस से भिड़े, समाजवादी छात्र सभा के छात्रों से तीखी बहस

डूसू चुनाव में हार के बाद हंगामा: रास्ता जाम करने पर पुलिस से भिड़े, समाजवादी छात्र सभा के छात्रों से तीखी बहस डूसू चुनाव परिणामों में सभी सीटों पर हार मिलने के बाद समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिससे छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रास्ता जाम करने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद छात्रों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई। दिल्ली: DUSU चुनाव परिणामों में सभी सीटों पर हार मिलने के बाद समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया, जिससे छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रास्ता जाम करने को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद छात्रों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर… pic.twitter.com/FvAuVn6vms September 19, 2026 दरअसल, 18 सितंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय में मतदान प्रक्रिया पूरी हुई थी। आज मतों की गिनती की गई। परिणाम में एबीवीपी के तीन प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। वहीं, एक निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शोकीन ने भी जीत दर्ज की। एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकीं। वहीं, सभी सीटों पर हार के बाद समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

एलपीजी सिलिंडर बुकिंग में बड़ा बदलाव: ग्राहकों के लिए 1 अक्तूबर से आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य, जानें प्रक्रिया

घरेलू एलपीजी सिलिंडर लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अक्तूबर 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सब्सिडी के साथ तय खुदरा कीमत पर घरेलू एलपीजी रिफिल बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। सरकार के मुताबिक, 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। यह कुल सक्रिय उपभोक्ताओं का 89.9 प्रतिशत है। जिन लोगों ने प्रमाणीकरण करा लिया है, उन्हें अब कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं करनी होगी और उन्हें पहले की तरह एलपीजी रिफिल मिलता रहेगा। 1 अक्तूबर से एलपीजी सिलिंडर लेने के लिए क्या बदल जाएगा? एक अक्तूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी रिफिल की बुकिंग के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण जरूरी होगा। प्रमाणीकरण पूरा कर चुके उपभोक्ताओं को कोई अतिरिक्त प्रक्रिया नहीं करनी होगी। जिन उपभोक्ताओं ने प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाली दर पर रिफिल बुक करने की सुविधा प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद मिलेगी। आधार प्रमाणीकरण रिफिल की डिलीवरी के समय, एलपीजी वितरक के शोरूम या तीनों सरकारी तेल कंपनियों के मोबाइल ऐप के जरिए किया जा सकता है। इंडेन उपभोक्ता इंडियनऑयल वन ऐप, भारतगैस उपभोक्ता हेलोबीपीसीएल और एचपी गैस उपभोक्ता एचपी पे के जरिए घर बैठे प्रमाणीकरण कर सकते हैं। जो उपभोक्ता प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहते या नहीं करा सकते, वे एलपीजी लेना जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें बिना सब्सिडी बाजार कीमत पर सिलिंडर मिलेगा। आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया तो क्या होगा? जिन घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं ने अभी तक बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण नहीं कराया है, उनके लिए एक अक्तूबर के बाद सब्सिडी वाली दर पर रिफिल बुक करने की सुविधा प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज: मनु भाकर और पवन सेहरावत ने थामा तिरंगा, ओपनिंग सेरेमनी में दिखी देश की ताकत

एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज: मनु भाकर और पवन सेहरावत ने थामा तिरंगा, ओपनिंग सेरेमनी में दिखी देश की ताकत एशियन गेम्स 2026 में भारत पर एक नजर 501 भारतीय खिलाड़ी एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 36 खेलों में भारत के खिलाड़ी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। भारतीय दल में 260 से ज्यादा पुरुष और 230 से ज्यादा महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारत के दल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी सबसे युवा खिलाड़ी हैं। 55 वर्षीय घुड़सवार श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी हैं। भारत के दल में 40 साल का उम्र का अंतर है, जो युवा जोश और अनुभव का शानदार मेल दिखाता है। भारत हांगझोउ 2022 के 107 पदकों के रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती के साथ उतरेगा। सात खेलों में लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का मौका जुड़ा है। ये सात खेल हैं, तीरंदाजी, हॉकी, स्क्वैश, टेनिस, सर्फिंग, नौकायन और ट्रायथलॉन। एशियन गेम्स में भारत के दल में अनुभवी सितारों के साथ कई युवा प्रतिभाएं भी शामिल हैं। आइची-नागोया में भारतीय खिलाड़ी पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ अपनी नई पीढ़ी को बड़े मंच पर साबित करने की कोशिश करेंगे। आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज हो गया है। पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित भव्य ओपनिंग सेरेमनी में पूरे एशिया के खिलाड़ी और अधिकारी एक मंच पर नजर आए। इसी दौरान भारतीय दल ने भी प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk