CBI की कार्रवाई: 27337 करोड़ के घोटाले में अनिल अंबानी की कंपनियों पर ताबड़तोड़ छापे, जानिए सबकुछ

देश के बैंकिंग सेक्टर और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने वाले कथित घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ मुंबई में 17 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बैंक फंड की हेराफेरी के बड़े मामलों पर जांच एजेंसियों के कड़े रुख को दर्शाती है। छापेमारी के मुख्य केंद्र और आरोपी कंपनियां सीबीआई के प्रवक्ता के अनुसार, यह सर्च ऑपरेशन रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और उनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन अलग-अलग मामलों के तहत किया गया है। जांच एजेंसी ने इन कंपनियों के निदेशकों के आवासीय परिसरों पर छापे मारे। इसके साथ ही उन बिचौलिया कंपनियों के दफ्तरों को भी खंगाला गया, जिनके खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर बैंक फंड को डायवर्ट (हेराफेरी) करने के लिए किया गया था। शुक्रवार को मुंबई की एक विशेष अदालत से सर्च वारंट हासिल करने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। 27,337 करोड़ का वित्तीय नुकसान और फर्जीवाड़ा इस पूरे कथित घोटाले का वित्तीय प्रभाव बेहद व्यापक है। अधिकारियों के मुताबिक, इन मामलों में सरकारी बैंकों और LIC को कुल मिलाकर लगभग 27,337 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया है कि फंड डायवर्ट करने के लिए इस्तेमाल की गईं कई बिचौलिया कंपनियां एक ही पते से संचालित हो रही थीं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी और अब तक की कार्रवाई सार्वजनिक क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

भारत के नए CDS: पाकिस्तान-चीन मामलों के विशेषज्ञ हैं एनएस राजा सुब्रमणि, जनरल अनिल चौहान की लेंगे जगह

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वह 30 मई को कार्यकाल पूरा कर रहे जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे। रक्षा मामलों, खासकर पाकिस्तान और चीन से जुड़े रणनीतिक मुद्दों पर उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। सैन्य करियर की शुरुआत लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि का जन्म एक सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से प्रशिक्षण हासिल किया। 14 दिसंबर 1985 को उन्हें गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला। 40 साल का लंबा अनुभव करीब चार दशक के सैन्य करियर में उन्होंने देश के कई संवेदनशील इलाकों में अहम जिम्मेदारियां संभालीं। असम में ऑपरेशन राइनो के तहत आतंकवाद विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया। जम्मू-कश्मीर में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड और मध्य सेक्टर में 17 माउंटेन डिवीजन की कमान भी संभाली। बड़े पदों पर जिम्मेदारी उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना के प्रमुख स्ट्राइक कोर समेत दो कोर की कमान संभाली और चीन सीमा से जुड़े क्षेत्रों में भी काम किया। इसी वजह से उन्हें पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं का गहरा जानकार माना जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उप सेना प्रमुख (Vice Chief of Army Staff) रहे। इससे पहले वह सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। फिलहाल वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने कजाखस्तान में डिफेंस अटैची, सैन्य खुफिया विभाग में डिप्टी डायरेक्टर जनरल और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर जैस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की नई तैयारी: अगले हफ्ते पाकिस्तान में सकती है बैठक, जानें कैसे खत्म होगा युद्ध

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान अब खत्म होने की दिशा में बढ़ती दिख रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फिर से मेज पर बैठ सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन इस कोशिश में है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को हमेशा के लिए शांत किया जाए। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा रास्ता निकालना है जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति खत्म हो सके और वैश्विक स्तर पर शांति बहाली हो सके। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष मध्यस्थों के जरिए एक पन्ने के 14-सूत्रीय सहमति पत्र (MoU) पर काम कर रहे हैं। इस दस्तावेज का मकसद एक महीने तक चलने वाली बातचीत की प्रक्रिया के लिए एक ढांचा तैयार करना है। अगर अगले हफ्ते इस्लामाबाद में यह बैठक होती है, तो यह तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इस समझौते के जरिए कोशिश की जा रही है कि एक महीने के भीतर किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जाए। यदि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो आपसी सहमति से इस समयसीमा को और आगे भी बढ़ाया जा सकता है।इस प्रस्तावित मसौदे में कई अहम और कड़े मुद्दे शामिल किए गए हैं। इसमें सबसे प्रमुख ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को कम करना है। रिपोर्ट बताती है कि ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम के भंडार को किसी दूसरे देश में भेजने पर भी विचार हो रहा है। हालांकि, राह इतनी आसान नहीं है। सबसे बड़ी अड़चन तेहरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने को लेकर फंसी हुई है। ईरान चाहता है कि उसे आर्थिक पाबंदियों से राहत मिले, लेकिन अमेरिका इस पर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। यही वजह है कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

UP: देवबंद में दो बीघा के लिए भारी बवाल, दो समुदाय भिड़े, पथराव और लाठीचार्ज में कई घायल, छावनी बना क्षेत्र

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हालात को काबू में करने के लिए जनपद के कई थानों का पुलिस बल भी बुलाना पड़ा। पूरे गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में दो बीघा जमीन को लेकर शनिवार को बड़ा बवाल हो गया। जमीन पर कब्जे को लेकर ठाकुर और अनुसूचित समाज के लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। इस दौरान दो महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए। जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद बताया जा रहा है कि देवबंद कोतवाली क्षेत्र के गांव लालवाला में स्थित दो बीघा जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। शनिवार को जब एक पक्ष ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया तो दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़कर पथराव में बदल गई। अचानक हुए इस बवाल से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप अनुसूचित पक्ष का आरोप है कि भीड़ को तितर-बितर करने के नाम पर पुलिस ने उन पर एकतरफा लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। वहीं ठाकुर पक्ष का कहना है कि विवादित जमीन उन्होंने खरीदी हुई है और जब वे वहां पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने विरोध करते हुए उन पर पथराव शुरू कर दिया। बवाल में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तनाव को देखते हुए गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयोग पर हमला, कहा ममता बनर्जी के मार्गदर्शन में करेंगे लोकतंत्र की रक्षा

पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की। इसके साथ आज मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण हुआ। भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री बनाया है। भाजपा ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के साथ लंबे समय से सत्ता पर राज कर रही है ममता बमर्जी की टीएमसी को उखाड़ फेंका है। सुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से हरा कर मुख्यमंत्री की सीट हासिल की। शपथ ग्रहण के बाद टीएमसी के नेता और डायमंड हार्बर सीट से लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी का बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण बताया है। चुनाव की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उन्होंने लिखा “हमने एक बेहद मुश्किल चुनाव लड़ा है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 30 लाख असली वोटरों को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, हमने देखा कि कई सरकारी एजेंसियों और भारत के चुनाव आयोग का रवैया कितना पक्षपातपूर्ण था। लोकतांत्रिक संस्थाएं, जिन्हें निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए, वे भी सवालों के घेरे में दिखीं। इससे पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।” आग उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती से लेकर ईवीएम को लाने-ले जाने और उनके रखरखाव से जुड़े आरोपों तक जैसे कि कंट्रोल यूनिट का मेल न खाना, कई ऐसी परेशान करने वाली घटनाएं हुईं, जिनसे लाखों लोगों के मन में यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या लोगों के असली जनादेश का सम्मान किया गया है। मैंने पहले ही वोटों की गिनती वाले केंद्रों से सीसीटीवी फुटेज जारी करने और वीवीपैट पर्चियों की पारदर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

ममता सोशल मीडिया पर अब भी खुद को लिख रहीं मुख्यमंत्री: प्रोफाइल में किया बदलाव, पर नहीं हटाया सीएम वाला टैग

ममता बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल में कुछ बदलाव जरूर किए हैं। उन्होंने अपनी जानकारी में ‘15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा’ शब्द जोड़ दिए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री का टैग अब भी बरकरार है। चुनाव में हार के बाद भी उन्होंने पद छोड़ने से इनकार किया था, जिसकी झलक अब उनके सोशल मीडिया हैंडल पर भी दिख रही है।इससे पहले राज्यपाल आरएन रवि ने 17वीं विधानसभा को भंग कर दिया था। इस विधानसभा का कार्यकाल सात मई को ही पूरा हो गया था। राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 174 (2)(बी) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया था।ममता बनर्जी 2011 से लगातार 15 साल तक सत्ता में रहीं। 2021 में वह तीसरी बार मुख्यमंत्री बनी थीं। लेकिन 2026 के चुनाव में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने 293 में से 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई। ममता बनर्जी खुद भवानीपुर सीट से चुनाव हार गईं। हार के बाद उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर सीटों की चोरी का आरोप लगाया था। अब राज्य में भाजपा की नई सरकार बन चुकी है और शुभेंदु अधिकारी ने कमान संभाल ली है। फिलहाल ममता बनर्जी का सोशल मीडिया स्टेटस चर्चा का विषय बना हुआ है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हादसा: भारतीय चालक दल की नाव में लगी आग, एक की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है। इसके साथ ही कई अन्य घायल हो गए हैं। दरअसल, यह हादसा एक लकड़ी की नाव में आग लगने से हुई है। यह जानकारी एक सरकारी सूत्र ने शनिवार को दी है। 17 लोगों को बचाया गया उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हुई घटना के बाद 17 अन्य भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। यह भी बताया कि आग लगने के सटीक कारण का अभी पता लगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, चालक दल के सदस्यों को उस क्षेत्र से गुजर रहे एक जहाज ने बचाया। यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती शत्रुता के बीच हुई है, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे होकर दुनिया की तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गुजरता है। एक सूत्र ने बताया, ‘सामान्य माल से लदी एक लकड़ी की नाव, जिसमें 18 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे, कल होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आग लगने के बाद पलट गई।’ सूत्र ने बताया, ‘इस घटना में नाव पर सवार एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि चार लोग झुलस गए। घायलों का दुबई में इलाज चल रहा है और वे सुरक्षित हैं।’ भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने मुलाकात की एक अन्य सूत्र ने बताया कि दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने कल रात बचाए गए भारतीय नागरिकों से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि वाणिज्य दूतावास नाव मालिक के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

बंगाल के मंच पर खास क्षण: कौन हैं 98 वर्षीय माखनलाल, जिन्हें गले लगाकर पीएम ने छुए पैर, इनके बारे में जानिए

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नींव को मजबूत करने वाले सबसे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में से एक, 98 वर्षीय माखनलाल सरकार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। उन्हें 1953 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जाते समय गिरफ्तार किया गया था। वे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के रहने वाले हैं। राष्ट्रवादी आंदोलन और कश्मीर यात्रा शपथ ग्रहण के दौरान प्रधानमंत्री ने बंगाल में भाजपा के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में से एक सरकार को पहले अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका सम्मान किया फिर उनके पैर छुकर उन्हें गले लगाया। इस दौरान वयोवृद्धि भाजपा कार्यकर्ता काफी भावुक नजर आए। पीएम मोदी की ओर से भाजपा के वरिष्ठ नेता के साथ यह व्यवहार पार्टी की ओर से अपने वरिष्ठ नेताओं और संस्थापक सदस्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।पीएम के साथ पिता के मंच साझा करने के बाद माखनलाल सरकार के बेटे माणिकलाल सरकार ने कहा, “अपने पिता को मिले सम्मान को देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए। प्रधानमंत्री और भाजपा मेरे पिता को नहीं भूले। मेरे पिता भी बेहद खुश थे। इस उम्र में उन्हें मंच पर लाकर सम्मानित किया गया। मेरे पिता 16 साल की उम्र से ही आरएसएस के सिद्धांतों पर चलते रहे हैं… भाजपा की स्थापना के बाद से ही वे पार्टी के लिए काम करते रहे हैं। वे दार्जिलिंग में पार्टी के पहले अध्यक्ष थे… सत्ता में न होने के बावजूद आज मंच पर उन्हें इतना सम्मान मिला। मेरे पिता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर गए थे। वे अक्सर दिल्ली में भी मिलते थे। मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा गिरफ्तार: रेड के दाैरान ED ने किया अरेस्ट, मान बोले-मोदी हमें नहीं झुका सकते

सेक्टर दो में अरोड़ा के आवास पर सुबह करीब 20 गाड़ियों में टीम पहुंची है। मंत्री संजीव अरोड़ा पर महीने भर में ईडी की दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले उनके लुधियाना के ठिकानों पर दबिश हुई थी।वहीं इस रेड पर भड़के सीएम भगवंत मान ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है। सीएम ने एक्स पर लिखा-आज फिर बीजेपी की ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है। एक साल में यह तीसरी बार है जब बीजेपी की ईडी उनके घर आई है, और एक महीने में दूसरी बार। फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला। मैं मोदी जी से कहना चाहता हूं कि पंजाब गुरुओं की धरती है; औरंगजेब भी इसे झुका नहीं पाया था। यह भगत सिंह की धरती है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया; इसलिए पंजाब मोदी की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा। पंजाब, ईडी और भाजपा के इस अनैतिक गठबंधन को खत्म कर देगा। मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि वहां शपथ ग्रहण से पहले ही हिंसा का माहौल बना दिया गया है। पूरा बंगाल जल रहा है। सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है, यहां हर तरह के बीज बोए जा सकते हैं, लेकिन नफरत की पैदावार यहां कभी नहीं हो सकती।उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां का आपसी भाईचारा बहुत मजबूत है और दिल्ली की सत्ता पंजाब के साथ जो अन्याय कर रही है, उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। संगरूर में पत्रकारोें से बातचीत में भगवंत मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब के भाईचारे को तोड़ने के भाजपा के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे और पंजाब के साथ किए जा रहे अन्याय का पंजाबी कड़ा जवाब देंगे। मुख्यमंत्री ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जब भी चुनाव करीब आते हैं तो भाजपा बम धमाको …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu Gov Formation Live: राज्यपाल के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार बनाने में देरी का लगाया आरोप

11:05 AM, 09-May-2026 डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन बोले- विजय को अकेले करना चाहिए था सरकार बनाने का दावा तमिलनाडु में सरकार बनाने की खींचतान पर डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीवीके प्रमुख विजय को शुरुआत में अकेले ही राज्यपाल के पास जाना चाहिए था। विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था, इसलिए उनकी पार्टी के पास 107 सीटें थीं। एलंगोवन के अनुसार, अगर विजय सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर अकेले दावा पेश करते, तो राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे सकते थे। इसके बाद उन्हें सदन में अपनी ताकत साबित करने का मौका मिलता। लेकिन विजय ने दूसरी पार्टियों को साथ लिया और यह संख्या 112 तक पहुंच गई। 112 का आंकड़ा भी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से कम है। जब विजय ने गठबंधन के साथ दावा किया, तो राज्यपाल अब पूर्ण बहुमत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए नहीं बुला रहे हैं। अब विजय को सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार करना होगा। तमिलनाडु में सरकार बनाने की खींचतान पर डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीवीके प्रमुख विजय को शुरुआत में अकेले ही राज्यपाल के पास जाना चाहिए था। विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था, इसलिए उनकी पार्टी के पास 107 सीटें थीं।एलंगोवन के अनुसार, अगर विजय सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर अकेले दावा पेश करते, तो राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे सकते थे। इसके बाद उन्हें सदन में अपनी ताकत साबित करने का मौका मिलता। लेकिन विजय ने दूसरी पार्टियों को साथ लिया और यह संख्या 112 तक पहुंच गई। 112 का आंकड़ा भी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से कम है। जब विजय ने गठबंधन के साथ दाव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 9, 2026 · 2 min · National Desk