अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान अब खत्म होने की दिशा में बढ़ती दिख रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फिर से मेज पर बैठ सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन इस कोशिश में है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को हमेशा के लिए शांत किया जाए। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा रास्ता निकालना है जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति खत्म हो सके और वैश्विक स्तर पर शांति बहाली हो सके। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष मध्यस्थों के जरिए एक पन्ने के 14-सूत्रीय सहमति पत्र (MoU) पर काम कर रहे हैं। इस दस्तावेज का मकसद एक महीने तक चलने वाली बातचीत की प्रक्रिया के लिए एक ढांचा तैयार करना है। अगर अगले हफ्ते इस्लामाबाद में यह बैठक होती है, तो यह तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। इस समझौते के जरिए कोशिश की जा रही है कि एक महीने के भीतर किसी ठोस नतीजे पर पहुंचा जाए। यदि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो आपसी सहमति से इस समयसीमा को और आगे भी बढ़ाया जा सकता है।इस प्रस्तावित मसौदे में कई अहम और कड़े मुद्दे शामिल किए गए हैं। इसमें सबसे प्रमुख ईरान का परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव को कम करना है। रिपोर्ट बताती है कि ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम के भंडार को किसी दूसरे देश में भेजने पर भी विचार हो रहा है। हालांकि, राह इतनी आसान नहीं है। सबसे बड़ी अड़चन तेहरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने को लेकर फंसी हुई है। ईरान चाहता है कि उसे आर्थिक पाबंदियों से राहत मिले, लेकिन अमेरिका इस पर फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। यही वजह है कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की नई तैयारी: अगले हफ्ते पाकिस्तान में सकती है बैठक, जानें कैसे खत्म होगा युद्ध
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान अब खत्म होने की दिशा में बढ़ती दिख रही है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में फिर से मेज पर बैठ सकते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन इस कोशिश में है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को हमेशा के लिए शांत किया जाए। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा रास्ता निकालना है जिससे दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति खत्म हो सके और वैश्विक स्तर पर शांति बहाली हो सके। वॉल स्ट्रीट जर