राम मंदिर चंदे में चोरी: गबन करने में सिर्फ ये 5 नाम या फिर इसके पीछे कोई और भी? SIT को तलाशने होंगे कई जवाब
एसआईटी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान में गड़बड़ी के आरोपों की जांच करेगी। अधिकारियों ने बताया, ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के गठन के निर्देश दिए। जांच पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एसआईटी में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसआईटी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान में गड़बड़ी के आरोपों की जांच करेगी। अधिकारियों ने बताया, ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के गठन के निर्देश दिए। जांच पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एसआईटी में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। एक सप्ताह पहले यह विवाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों से शुरू हुआ था। सपा प्रमुख ने दावा किया कि मंदिर को मिले दान में से करोड़ों रुपये गायब होने की खबरें सामने आ रही हैं। अब तक वित्तीय गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है: चंपत राय उन्होंने मंदिर ट्रस्ट और सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए थे और सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया था। आरोपों पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले ही कहा था कि आंतरिक ऑडिट चल रहा है और अब तक वित्तीय गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने बताया था, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और ट्रस्ट के प्रतिनिधि नियमित तौर पर ऑडिट कर रहे हैं। हालांकि, शनिवार को ट्रस्ट ने सीएम को पत्र लिखकर एसआईटी जांच की मांग की थी। देर शाम सरकार ने एसआईटी गठित कर दी। एसआईटी को तलाशने होंगे कई जवाब मामला प्रकाश में आने के बाद लगातार इसे दबाने का प्रयास किया गया। ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...