इस मामले में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। लखनऊ के वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) राजकिशोर मिश्र के अनुसार, 13006 पंजाब मेल अमृतसर से हावड़ा जा रही थी। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे ट्रेन जब कैंट के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास पहुंची, तभी लोको पायलट ने ट्रैक पर लोहे का बड़ा चौखट पड़ा देखा। उन्होंने बिना देरी किए इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। इसके बावजूद इंजन ट्रैक पर रखे 50 किलो वजनी लोहे के चौखट से टकरा गया और वह इंजन के नीचे फंस गया। लोको पायलट ने तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचना दी। रेलवे के अधिकारी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। चौखट को हटाकर आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया।घटना के बाद राजकिशोर मिश्र की तहरीर पर कैंट थाने में रेलवे अधिनियम की धारा 151 (रेल संपत्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने या नष्ट करने से संबंधित) और धारा 153 (रेल यात्रियों की सुरक्षा को जानबूझकर खतरे में डालने से संबंधित) के तहत एफआईआर दर्ज की गई। एसओ कैंट गुरप्रीत कौर ने बताया कि पुलिस और सर्विलांस टीम घटनास्थल के आसपास जांच कर रही है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। खुफिया एजेंसियां भी की गईं अलर्ट कैंट पुलिस रेलवे ट्रैक पर मिले 50 किलो वजनी लोहे के चौखट को नशेड़ियों की हरकत मान रही है। हालांकि, घटना की सूचना खुफिया एजेंसियों को भी दे दी गई है। मामले के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें जांच में जुटी हैं। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं 22 जून 2025 : मल्हौर स्टेशन के पास (पोल संख्या 1087/10-12) रेल ट्रैक के बीचों-बीच लोहे की होर्डिंग का एक बहुत बड़ा और भारी स्ट्रक्चर लाकर रख दिया गया था। आनंद विहार से गोरखपुर जा रही हमसफर एक्सप्रेस (12572) के लो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
यूपी: लखनऊ के कैंट इलाके में ट्रेन पलटाने की रची गई साजिश, ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गाड़ी
इस मामले में कैंट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। लखनऊ के वरिष्ठ खंड अभियंता (रेलपथ) राजकिशोर मिश्र के अनुसार, 13006 पंजाब मेल अमृतसर से हावड़ा जा रही थी। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे ट्रेन जब कैंट के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास पहुंची, तभी लोको पायलट ने ट्रैक पर लोहे का बड़ा चौखट पड़ा देखा। उन्होंने बिना देरी किए इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। इसके बावजूद इंजन ट्रैक पर रखे 50 किलो वजनी लोहे के चौखट से टकरा गया और वह इंजन के नीचे फंस गया। लोको पायलट ने तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचना दी। रेलवे के अधिकारी और आरपी