सलमान खान के घर फायरिंग मामले में सरेंडर को तैयार गैंगस्टर बिश्नोई? मुंबई की विशेष अदालत में दाखिल की अर्जी

याचिका में क्या बोला अनमोल बिश्नोई? उन्होंने कहा कि वह पहले से ही एक और मामले (NIA) में कानून की कस्टडी में हैं और कोर्ट के उचित आदेश के बिना वह व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश नहीं हो सकता। साथ ही कहा कि मौजूदा मामले में आत्मसमर्पण को औपचारिक रूप से दर्ज करने और वर्चुअल/फिजिकल रिमांड की कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए यह जरूरी है। अनमोल ने कोर्ट से अपनी पेशी के लिए तिहाड़ जेल को प्रोडक्शन वारंट जारी करने की रिक्वेस्ट की। याचिका में कहा गया है, ‘इससे अभियोजन पक्ष को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे मुकदमे और कानूनी कार्यवाही में तेजी आएगी और कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग को भी रोका जा सकेगा। लॉरेंस बिश्नोई भी मामले में वॉन्टेड अनमोल ने अर्जी में बताया कि मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। उसकी गैर-मौजूदगी में तीन गवाहों से पूछताछ भी हो चुकी है। बाइक सवार विक्की गुप्ता और सागर पाल ने 14 अप्रैल, 2024 की सुबह बांद्रा में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था। चौधरी, गुप्ता और पाल, साथ ही सोनू कुमार बिश्नोई, मो. रफीक चौधरी और हरपाल सिंह अभी न्यायिक हिरासत में हैं। एक आरोपी अनुजकुमार थापन ने पुलिस हिरासत के दौरान कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। लॉरेंस बिश्नोई भी इस मामले में वॉन्टेड आरोपी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय और अनिल को ट्रस्ट देगा कारण बताओ नोटिस, जवाब के बाद ही होगी कार्रवाई

राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की छह जुलाई को प्रस्तावित बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को बैठक में कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया जाएगा। दोनों से प्रकरण पर लिखित और मौखिक स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट अपने बायलॉज और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप आगे का फैसला करेगा। ट्रस्ट के सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट के बायलॉज के तहत किसी भी पदाधिकारी के खिलाफ बिना स्पष्टीकरण लिए कार्रवाई नहीं की जा सकती। पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है, फिर संबंधित पदाधिकारी का जवाब सुना और रिकॉर्ड पर लिया जाता है। जवाब पर विचार करने के बाद ही ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेता है। यदि बैठक में किसी पदाधिकारी के इस्तीफे को स्वीकार करने अथवा पद से हटाने का प्रस्ताव आता है तो उस पर भी ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार आवश्यक बहुमत से ही फैसला होगा। यानी अंतिम निर्णय प्रक्रिया पूरी होने और ट्रस्टियों की सहमति के बाद ही लिया जाएगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच फरवरी 2020 को संसद में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। ट्रस्ट को मंदिर निर्माण, प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सभी निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से तय नियमों और ट्रस्ट के बायलॉज के अनुसार ही इसकी कार्यप्रणाली संचालित होती है।- किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए ट्रस्ट की निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।- संबंधित पदाधिकारी को पहले नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाता है।- ट्रस्ट मंदिर निर्माण, प्रबंधन और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

DAC की बैठक कल: भारतीय सेना को मिलेंगी हैमर मिसाइलें, इन स्वदेशी हथियारों को भी मिल सकती है मंजूरी?

डीएसी की बैठक कई महीनों के बाद हो रही है। इसमें पहली बार सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन शामिल होंगे। स्वदेशी मिसाइल प्रणाली को मिलेगी मंजूरी? रक्षा सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को होने वाली बैठक में एक अहम स्वदेशी प्रणाली को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारतीय सेना के लिए एक ऐसी टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल (एमपी-एटीजीएम) विकसित की है, जिसे एक व्यक्ति आसानी से ले जा सकता है। इस मिसाइल को बड़ी संख्या में सेना में शामिल करने का प्रस्ताव है। कितनी खर्च आएगा? प्रस्ताव के अनुसार, भारतीय सेना को 100 लॉन्चर, 2300 मिसाइलें और इस हथियार प्रणाली के लिए पांच सिम्युलेटर मिलेंगे। इस स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित प्रणाली का उत्पादन भारत डायनेमिक्स लिमिटेड करेगी। रक्षा मंत्रालय इस हथियार प्रणाली के लिए निजी क्षेत्र में नए उत्पादन साझेदार भी तलाशेगा। इस परियोजना की लागत 2,600 करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है। ये भी पढ़ें: हैमर मिसाइल क्यों अहम? भारतीय वायुसेना और नौसेना की दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने की क्षमता बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा तैयार 600 हैमर मिसाइलों की खरीद के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा। हैमर हथियारों को पहली बार वर्ष 2020 में चीन के साथ गलवां संघर्ष के बाद आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत भारतीय सेनाओं में शामिल किया गया था। फ्रांस की कंपनी सफरान इन हथियारों को भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के साथ साझेदारी में बनाएगी। किन विमानों …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: व्हाट्सएप पर बिना नंबर चैटिंग का नया दांव, निजता की आड़ में क्या बढ़ जाएगा साइबर ठगी का नया खेल?

क्या प्राइवेसी की आड़ में सुरक्षा से वाकई खिलवाड़ की आशंका है? यह नया फीचर भारत के मौजूदा सख्त सुरक्षा नियमों को सीधे तौर पर चुनौती देता नजर आ रहा है। भारत के वर्तमान टेलीकॉम नियमों के अनुसार, हर मैसेजिंग अकाउंट का एक वेरिफाइड मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है। इसके अलावा, ‘टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स 2024 के तहत सरकार धोखाधड़ी रोकने के लिए सिम-बाइंडिंग जैसे बेहद कड़े चक्रों का उपयोग करती है, जो केवल यूजरनेम आधारित बातचीत से कमजोर हो सकते हैं। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि जब अपराधी केवल नाम बदलकर (जैसे बैंक अधिकारी या कस्टमर केयर एजेंट बनकर) लोगों से संपर्क करेंगे, तो पुलिस के लिए यह पता लगाना बेहद जटिल हो जाएगा कि उस स्क्रीन नाम के पीछे असली अपराधी कौन है, जिससे जांच का एक अतिरिक्त सिरदर्द पैदा हो जाएगा। मेटा ने क्या दी सफाई? मेटा ने साफ तौर पर कहा है कि आगामी यूजरनेम फीचर पूरी तरह से ऑप्शनल होगा। इसका मतलब यह है कि किसी भी यूजर के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य ही नहीं होगा, जो लोग अपने मोबाइल नंबर के जरिए ही चैट करना चाहते हैं, वे पहले की तरह ही एप का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे। इसके साथ ही कंपनी ने इंटरनेट पर फैल रही उन अफवाहों को भी पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि कोई भी रैंडम यूजर किसी मशहूर हस्ती या ब्रांड का यूजरनेम पहले से रिजर्व कर सकता है। फर्जी पहचान रोकने के लिए होंगे क्या होंगे सुरक्षा उपाय? मेटा ने साफ किया है कि यूजर नेम फीचर लॉन्च करने से पहले इसमें कई सुरक्षा परतें जोड़ी गई हैं, जिससे पहचान छिपाकर की जाने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सके। कंपनी के अनुसार इंस्टाग्राम और फेसबुक के मौजूदा यूजरनेम रिजर्व रहेंगे। सेलिब्रिटी, सरकारी संस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

राममंदिर चढ़ावा चोरी: बिना मानचित्र बन रहे आरोपी लवकुश के भवन पर प्राधिकरण ने थमाया नोटिस, होगी कार्रवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन भवन पर अयोध्या विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू कर दी है। बनवारीपुर गांव में पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर 1000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल में जी+1 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। प्राधिकरण के अनुसार, भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। इसके बाद संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया है। एडीए सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि निर्माण नियमों के उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय के भीतर जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 1 min · National Desk

किसकी होगी टीएमसी?: चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी और रितब्रत बनर्जी गुट को भेजा नोटिस; छह जुलाई तक मांगा जवाब

हम ही असली टीएमसी, हमारे पास दो तिहाई बहुमत: ऋतब्रत बनर्जी इससे पहले, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी ने बताया था कि टीएमसी के 10 विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। इसके बाद बनर्जी ने मीडिया से कहा कि हम लोग ही असली तृणमूल कांग्रेस हैं और हमारे पास दो तिहाई बहुमत है। मीडिया से बातचीत के दौरान बनर्जी ने कहा कि 22 जून को कोलकाता में हमारा एक अधिवेशन आयोजित हुआ, जिसके आधार पर टीएमसी को चुना गया और अरूप राय को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (बागी गुट) का अध्यक्ष चुना गया। जैसे ही हमारी ये विशेष बैठक हुई, हमने निर्वाचन आयोग से 23 जून को मिलने के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा, हमने निर्वाचन आयोग से निवेदन किया था कि वे जितने भी सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को अनुमति देंगे, हम यहां आकर पूर्ण पीठ से मुलाकात करेंगे। हम निर्वाचन आयोग को धन्यवाद देना चाहते हैं कि उसकी पूर्ण पीठ ने हमसे मुलाकात की। हम उम्मीद करते हैं कि आयोग जल्द ही हमसे संपर्क करेगा। उन्होंने कहा, हम ही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस हैं। दो तिहाई से भी ज्यादा विधायक, जिला परिषद के सदस्य, पार्षद आदि सभी हमारे साथ हैं। ऐसे में (टीएमसी के चुनाव चिह्न को लेकर) मांग की कोई बात ही नहीं है। जब भी पार्टी में इस तरह का सत्र होता है, तो निर्वाचन आयोग को इसके बारे में तुरंत सूचित किया जाना चाहिए। हम शुक्रगुजार हैं कि पूर्ण पीठ ने हमसे मुलाकात की। ये भी पढ़ें: उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की एक पार्टी पर एक नौकरशाह ने कब्जा कर लिया। यह कभी जमीनी स्तर की पार्टी हुआ करती थी। लेकिन धीरे-धीरे यह एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द सिमट गई। अगर कोई सिंडिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

Petrol Diesel Price: 'पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी अभी नहीं', तेल कंपनियों को नुकसान का हवाला देकर बोले पुरी

उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा हालात में खुदरा ईंधन कीमतों को कम करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने बताया कि वैश्विक कच्चे तेल बाजारों में बड़े उतार-चढ़ाव के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी हद तक स्थिर रही हैं। पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में केवल 5.58 फीसदी और डीजल की कीमतों में 6.23 फीसदी की वृद्धि हुई है। क्या तेल कंपनियों को नुकसान हुआ है? मंत्री ने कहा कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) अब भी लगभग 2.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय घाटा वसूल कर रही हैं। इन कंपनियों के पास अब भी उच्च अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर खरीदा गया ईंधन भंडार मौजूद है। इससे खुदरा कीमतों में तत्काल कमी करना अव्यावहारिक हो जाता है।पुरी ने कहा, “इसलिए, इस समय ईंधन कीमतों को कम करने का सवाल उचित नहीं है। अगर दो-तीन महीनों तक कच्चे तेल की कीमतें नरम रहती हैं तो हम इस बारे में सोचेंगे।” उन्होंने सरकार की ओर से वैश्विक ऊर्जा बाजार में व्यवधानों के प्रबंधन के बारे में भी बताया। भारत ने उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों से उत्पन्न अधिकांश अस्थिरता से सफलतापूर्वक बचाया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालिया तनाव के दौरान भी देश ने ईंधन की उपलब्धता में कोई व्यवधान नहीं आने दिया। मंत्री ने बताया कि भारत के लगभग 1.07 लाख ईंधन खुदरा बिक्री केंद्रों का नेटवर्क संकट के दौरान सामान्य रूप से संचालित होता रहा। हां, तेल विपणन कंपनियों को 30 जून तक पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लागत से कम बेचने के कारण 74,781 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर दानपेटिका चोरी: आरोपी अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की रिमांड मंजूर, अभी तक सबसे ज्यादा बरामदगी हुई

राम मंदिर दानपेटिका से चोरी के चर्चित मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की पुलिस रिमांड अदालत ने मंजूर कर ली है। मामले के विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष त्रिपाठी ने 48 घंटे की रिमांड का अनुरोध किया था, लेकिन अदालत ने 24 घंटे की रिमांड स्वीकृत की। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर चोरी की रकम, अन्य संभावित बरामदगी और पूरे नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाएगी। अब तक गिरफ्तार आठों आरोपियों में सबसे अधिक बरामदगी अविनाश शुक्ला के पास से हुई है। उसके कब्जे से करीब 20 लाख रुपये नकद, 1121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने के आभूषण बरामद किए जा चुके हैं। मामले की विवेचना जारी है।राम मंदिर दान गबन मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा से जुड़े दो मंजिला मकान को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने निर्माण में अनियमितता की आशंका के आधार पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है। विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रवर्तन टीमें नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करती हैं। यदि कोई निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के अथवा स्वीकृत नक्शे के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार नोटिस जारी किया जाता है।उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रिया मिश्रा, पत्नी लवकुश मिश्रा, को भी नोटिस दिया गया है। प्रथम दृष्टया संबंधित पक्ष स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई। सचिव ने कहा कि नोटिस का जवाब देने के लिए नियमानुसार समय दिया गया है। जवाब मिलने के बाद प्रकरण में आगे की कार्रवाई भी विधिक प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: भारत-जापान में रक्षा सह-उत्पादन समझौते पर मुहर, पहला प्रोजेक्ट क्या; आगे किन हथियारों तक जाएगा सफर?

Explainer: भारत-जापान में रक्षा सह-उत्पादन समझौते पर मुहर, पहला प्रोजेक्ट क्या; आगे किन हथियारों तक जाएगा सफर? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत-जापान के बीच जिस रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर की बात सामने आई है, वह क्या है? इसके तहत दोनों देश किस पहले प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहे हैं? भारत को इससे क्या मिल सकता है? थलसेना से लेकर वायुसेना और नौसेना तक जापान भविष्य में भारत को किन हथियारों को बनाने में मदद कर सकता है? इसके अलावा भारत किस तरह जापान के लिए मददगार साबित हो सकता है? आइये जानते हैं… जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची भारत के दौरे पर हैं। गुरुवार को ताकाइची और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने साझा तौर पर मीडिया को संबोधित किया। इसमें दोनों ही नेताओं ने कई बड़े एलान किए। हालांकि, जो एक समझौता इस वक्त चर्चा में है, वह है दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सह-उत्पादन से जुड़ा। दरअसल, पीएम मोदी ने खुद इस समझौते के तहत पहले प्रोजेक्ट की जानकरी दी। पीएम ने कहा कि हम क्षेत्र की शांति, नौपरिवहन की सुरक्षा और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए साझा तौर पर रक्षा तकनीक विकसित करेंगे। क्या है रक्षा सह-उत्पादन समझौता, भारत-जापान के लिए क्यों जरूरी? रक्षा सह-उत्पादन समझौता एक ऐसी रणनीतिक साझेदारी है जिसके तहत दो या दो से ज्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk

Dausa Accident: अब जले शवों की पहचान के लिए DNA रिपोर्ट का इंतजार, अस्पताल में टकटकी लगाए बैठे परिजन; आंखें नम

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे के बाद भी कई परिवारों का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। जिला अस्पताल में परिजन अपनों के शवों की पहचान के लिए डीएनए रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। किसी को अपने पिता का अंतिम दर्शन करना है तो किसी को पत्नी या बेटी के शव की पहचान का इंतजार है। अस्पताल परिसर में हर वाहन के पहुंचते ही परिजनों की निगाहें उसी ओर उठ जाती हैं, मानो कोई उन्हें अपने प्रियजन की खबर देने आया हो। 12 विसरा सैंपल जयपुर लैब भेजे गए हादसे में कई शव इतनी बुरी तरह जल गए कि उनकी पहचान संभव नहीं हो सकी। कुछ शव कई हिस्सों में बंट गए थे। ऐसे में जिला प्रशासन ने पहचान के लिए 12 विसरा सैंपल डीएनए जांच हेतु जयपुर स्थित एफएसएल भेजे हैं। ‘मां, तू रो मत… पापा जरूर आएंगे’ अस्पताल में एक मार्मिक दृश्य हर किसी की आंखें नम कर रहा है। करीब चार वर्षीय मासूम अपनी मां दिव्या को सांत्वना देते हुए कहता है, “मां, तू रो मत… मैं हूं ना। पापा जरूर आएंगे।” पति दीपक को खो चुकी दिव्या कभी बेसुध हो जाती हैं तो कभी अस्पताल के गेट की ओर टकटकी लगाए बैठ जाती हैं, मानो कोई उनके पति की खबर लेकर आने वाला हो। परिवार हरिद्वार और देहरादून घूमने के बाद इंदौर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया। अस्थियां विसर्जित कर लौट रहा बेटा, खुद बन गया हादसे का शिकार सीहोर निवासी देवेंद्र सिंह (45) कुछ दिन पहले दिवंगत हुए अपने पिता नरपत सिंह की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित कर लौट रहे थे। परिवार पहले ही शोक में डूबा था, लेकिन लौटते समय बस हादसे में देवेंद्र की जिंदा जलकर मौत हो गई। अब उनके परिजन जिला अस्पताल में डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 2, 2026 · 2 min · National Desk