Explainer: भारत-जापान में रक्षा सह-उत्पादन समझौते पर मुहर, पहला प्रोजेक्ट क्या; आगे किन हथियारों तक जाएगा सफर? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत-जापान के बीच जिस रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर की बात सामने आई है, वह क्या है? इसके तहत दोनों देश किस पहले प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहे हैं? भारत को इससे क्या मिल सकता है? थलसेना से लेकर वायुसेना और नौसेना तक जापान भविष्य में भारत को किन हथियारों को बनाने में मदद कर सकता है? इसके अलावा भारत किस तरह जापान के लिए मददगार साबित हो सकता है? आइये जानते हैं… जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची भारत के दौरे पर हैं। गुरुवार को ताकाइची और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने साझा तौर पर मीडिया को संबोधित किया। इसमें दोनों ही नेताओं ने कई बड़े एलान किए। हालांकि, जो एक समझौता इस वक्त चर्चा में है, वह है दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सह-उत्पादन से जुड़ा। दरअसल, पीएम मोदी ने खुद इस समझौते के तहत पहले प्रोजेक्ट की जानकरी दी। पीएम ने कहा कि हम क्षेत्र की शांति, नौपरिवहन की सुरक्षा और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए साझा तौर पर रक्षा तकनीक विकसित करेंगे। क्या है रक्षा सह-उत्पादन समझौता, भारत-जापान के लिए क्यों जरूरी? रक्षा सह-उत्पादन समझौता एक ऐसी रणनीतिक साझेदारी है जिसके तहत दो या दो से ज्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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