'PAK रोके आतंकवाद, तभी आगे बढ़ेगी बात': सिंधु जल संधि को मिलेगा नया रूप, भारत ने कर ली ये बड़ी तैयारी

सूत्रों के अनुसार, अगर भविष्य में इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू किया जाता है, तो इसके लिए संधि पर नए स्वरूप में बातचीत करनी होगी। यह तभी संभव होगा, जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को स्थायी रूप से समर्थन देना बंद करे।सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान यह गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है कि भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने से वहां पानी की कमी हो रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान को मिलने वाले पानी का बड़ा हिस्सा पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के अभाव, भारी रिसाव और प्रांतों के बीच जल बंटवारे के विवादों के कारण नष्ट हो जाता है।उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल सिंधु जल संधि से अलग होने की दिशा में सक्रिय रूप से विचार नहीं कर रहा है, लेकिन एक संप्रभु देश होने के नाते उसके पास अपने हितों के खिलाफ जाने वाली किसी भी संधि को समाप्त करने का अधिकार सुरक्षित है। एक सूत्र ने कहा, “यह (संधि से बाहर निकलना) इस बात पर निर्भर करेगा कि आगे पाकिस्तान क्या कदम उठाता है।“पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए थे। इन्हीं के तहत सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने का फैसला लिया गया था। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने अंजाम दिया था। इसके जवाब में भारत ने मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था।एक अन्य सूत्र ने कहा, “यह कहना सही होगा कि सिंधु जल संधि अपने मौजूदा स्वरूप में दोबारा लागू नहीं होगी। अगर इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू करना है, तो वह मौजूदा स्वरूप में नहीं बल्क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

पहाड़ी राज्यों में मानसून का कहर: घाटी से पूर्वोत्तर तक भूस्खलन-बाढ़ ने मचाई तबाही, जम्मू-कश्मीर में 23 की मौत

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 और 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को उत्तराखंड, बिहार तथा असम-मेघालय में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय बना रहेगा। आईएमडी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने और उत्तर भारत में मानसूनी धाराओं के मजबूत होने के कारण मानसून फिर सक्रिय हुआ है।सबसे अधिक प्रभावित जम्मू-कश्मीर रहा, जहां जम्मू संभाग में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और उसके दो बच्चे भी शामिल हैं। पिछले दो दिनों में राज्य में बारिश से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।अधिकारियों के अनुसार, पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण दिन में राहत और बचाव कार्य प्रभावित रहा। हालांकि मौसम में कुछ सुधार होने पर अभियान तेज किया गया, लेकिन देर शाम तक लापता लोगों का कोई पता नहीं चल सका।पुंछ जिले के लोरान के ऊपरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से मिट्टी का मकान ढह गया। इस हादसे में एक महिला और उसके दो बच्चों समेत सात लोग मलबे में दबकर मौत का शिकार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद रहा। मार्ग पर चट्टानें गिरने से दो निजी वाहन इसकी चपेट में आए, हालांकि उनमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे से शुरू हुई बारिश लगातार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Jammu: डोडा-जम्मू हाईवे पर भूस्खलन से तीन की मौत, चार लोग घायल; पहाड़ से गिरे मलबे ने कई घरों को दिया दर्द

डोडा-जम्मू नेशनल हाईवे-244 पर सोमवार सुबह रागी नाले के पास पहाड़ से मलबा गिरा। इस हादसे में डोडा से जम्मू जा रही एक बस और दो टैक्सियां चपेट में आ गईं। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। घायलों की पहचान मोहम्मद शफी (भद्रवाह), रेशमा बानो (डोडा), तारिक हुसैन (किश्तवाड़) और पूजा देवी (जम्मू) के रूप में हुई है। इनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, एक घायल की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब 9:30 बजे अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरे। इससे बस, टैक्सियों और दो निजी वाहनों को क्षति पहुंची। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को निकाला। डोडा के उपखंड गंदोह में भी नदी-नाले उफान पर हैं। गंदोह निवासी इश्तीयक अहमद ने बताया कि तीन दिन से बंद इंटरनेट सोमवार को बहाल हुआ है।मौसम विभाग ने 21 और 22 जुलाई के लिए भारी बारिश और भूस्खलन का रेड अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन ने भद्रवाह, देसा और गंदोह में घोषणा की है। लोगों से अनावश्यक सफर न करने और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है। जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि देसा में एक दर्जन मवेशियों के नुकसान की सूचना है।सभी अधिकारी अपने तैनाती स्थान पर मौजूद रहेंगे। नुकसान का आकलन लगातार जारी है। अभी तक बड़े नुकसान की कोई अन्य खबर नहीं है। प्रशासन स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

प्रदर्शनकारियों को किसने बनाया मोहरा?: CCTV-वीडियो खोलेंगे राज, 'सफेदपोश' टोली के वॉट्सएप मैसेज पर नजर

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से खदेड़ दिया है। कई दर्जन लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आ रही है, हालांकि दिल्ली पुलिस ने अभी इस बाबत कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पचास से ज्यादा पुलिस कर्मी व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान घायल हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ सीजेपी ने भी दावा किया है कि अनेक कार्यकर्ताओं को पुलिस के बल प्रयोग के दौरान गंभीर चोटें लगी हैं। प्रदर्शनकारियों को किसने बनाया ‘मोहरा’, सीसीटीवी-मोबाइल वीडियो और वॉट्सएप मैसेज खोलेगा ‘सफेदपोश’ टोली का राज, दिल्ली पुलिस अब इसकी तह तक जाने में जुट गई है। दिल्ली पुलिस के एक शीर्ष अफसर बताते हैं, इसमें कोई शक नहीं कि प्रदर्शनकारियों को एक साजिश के तहत उकसाया गया है। ऐसे लोगों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया है। नई दिल्ली क्षेत्र में लगे सीसीटीवी और मेट्रो स्टेशनों व ट्रेन में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। दिल्ली पुलिस को यह जानकारी मिली है कि प्रदर्शनकारियों को एक जगह से दूसरी जगह पर जाने के लिए उकसाया जा रहा था। उन्हें मैसेज भेजे जा रहे थे। केवल सीसीटीवी ही नहीं, ऐसे मोबाइल वीडियो जो पुलिस एवं दूसरी एजेंसियों ने बनाए हैं, उन्हें भी चेक किया जा रहा है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भी दिल्ली पुलिस देखेगी।प्रदर्शनकारियों के पास कुछ ‘सफेदपोश’ लोगों के मोबाइल फोन से वॉट्सऐप मैसेज आना, ये भी पुलिस जांच का विषय रहेगा। इस बाबत कॉल डिटेल भी जांची जाएगी। सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ जिस तरीके से आगे बढ़ रही थी, वह बिना किसी के उकसावे या साजिश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

'PAK रोके आतंकवाद, तभी आगे बढ़ेगी बात': सिंधु जल संधि को मिलेगा नया रूप, भारत ने कर ली ये बड़ी तैयारी

सूत्रों के अनुसार, अगर भविष्य में इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू किया जाता है, तो इसके लिए संधि पर नए स्वरूप में बातचीत करनी होगी। यह तभी संभव होगा, जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को स्थायी रूप से समर्थन देना बंद करे।सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान यह गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है कि भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने से वहां पानी की कमी हो रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान को मिलने वाले पानी का बड़ा हिस्सा पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के अभाव, भारी रिसाव और प्रांतों के बीच जल बंटवारे के विवादों के कारण नष्ट हो जाता है।उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल सिंधु जल संधि से अलग होने की दिशा में सक्रिय रूप से विचार नहीं कर रहा है, लेकिन एक संप्रभु देश होने के नाते उसके पास अपने हितों के खिलाफ जाने वाली किसी भी संधि को समाप्त करने का अधिकार सुरक्षित है। एक सूत्र ने कहा, “यह (संधि से बाहर निकलना) इस बात पर निर्भर करेगा कि आगे पाकिस्तान क्या कदम उठाता है।“पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए थे। इन्हीं के तहत सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने का फैसला लिया गया था। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने अंजाम दिया था। इसके जवाब में भारत ने मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था।एक अन्य सूत्र ने कहा, “यह कहना सही होगा कि सिंधु जल संधि अपने मौजूदा स्वरूप में दोबारा लागू नहीं होगी। अगर इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू करना है, तो वह मौजूदा स्वरूप में नहीं बल्क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर विवाद: शोभनाथ मिश्र राम मंदिर के नए गणना प्रभारी, चढ़ावे की गिनती फिर से दो शिफ्टों में शुरू

राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती फिर से दो शिफ्टों में शुरू हो गई है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शोभनाथ मिश्र को नया गणना प्रभारी नियुक्त किया है। यह कदम चढ़ावा चोरी के मामलों के बाद सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। भारतीय स्टेट बैंक के परीक्षण के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक शिफ्ट में 10 से 12 लोगों का समूह गणना कार्य करेगा। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक पहली शिफ्ट और दोपहर दो बजे से शाम आठ बजे तक दूसरी शिफ्ट शनिवार से प्रभावी है।ट्रस्ट ने पर्यवेक्षण के लिए चार कर्मियों को तैनात किया है, जिनमें एक पूर्व सैनिक भी शामिल है। सुरक्षा प्रभारी कैप्टन केके तिवारी को गणना की दैनिक रिपोर्टिंग का वरिष्ठ प्रभारी बनाया गया है। पूर्व सैनिक एसपी दुबे, शेषमणि तिवारी और शोभनाथ मिश्र भी ट्रस्ट प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किए गए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 1 min · National Desk

E20 Petrol: क्या पेट्रोल में बढ़ेगी इथेनॉल की 20 फीसदी से ज्यादा मात्रा? सरकार ने राज्यसभा में दिया जवाब

लिखित जवाब में कहा गया, “खाद्य सुरक्षा की सभी जरूरतों और निर्धारित बफर स्टॉक को पूरा करने के बाद खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा अतिरिक्त घोषित किए गए खाद्यान्न को ही इथेनॉल उत्पादन के लिए अनुमति दी जाती है।” सरकार ने कहा कि यह कार्यक्रम “वेस्ट-टू-वेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित है। इसके तहत अतिरिक्त कृषि उपज, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, टूटे हुए चावल और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त अनाज का उपयोग किया जाता है। साथ ही कृषि अवशेषों से दूसरी पीढ़ी (2जी) के इथेनॉल उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने बताया कि वर्ष 2024 में कृषि विशेषज्ञ समिति ने इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली फसलों की जल आवश्यकता की समीक्षा की थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि इथेनॉल कार्यक्रम का खुदरा खाद्य महंगाई पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। लिखित जवाब में कहा गया, “इथेनॉल उत्पादन के लिए केवल अतिरिक्त चीनी का ही उपयोग किया जा रहा है।” इसके कारण वर्ष 2024-25 की तुलना में खुदरा चीनी की कीमतों में वार्षिक वृद्धि लगभग 2.5 प्रतिशत रही है। सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अतिरिक्त चावल के उपयोग से भी खुदरा खाद्य महंगाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि यह तभी किया जाता है जब खाद्य सुरक्षा और बफर स्टॉक की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में सरकार ने कहा कि इथेनॉल संयंत्रों को सख्त पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होता है। सरकार के अनुसार, शीरा और अनाज आधारित डिस्टिलरी में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) व्यवस्था लागू है। इसके तहत प्रक्रिया मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

DGCA ला रहा नया सिस्टम: विमान से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट होगी ऑनलाइन, यात्रियों-एयरलाइंस को क्या फायदा होगा?

देश में हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) जल्द ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए विमानन क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे घटनाओं की जानकारी समय पर मिलेगी, जांच की प्रक्रिया तेज होगी और सुरक्षा निगरानी पहले से ज्यादा प्रभावी बन सकेगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में हवाई किरायों का निर्धारण बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर ही होता रहेगा। डीजीसीए का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म क्या करेगा? नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि डीजीसीए इस समय ईजीसीए पोर्टल पर घटना रिपोर्टिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से विमानन कंपनियां और संबंधित संस्थाएं अनिवार्य घटना रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा कर सकेंगी। अभी कई मामलों में रिपोर्टिंग और उसकी प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन नए सिस्टम के लागू होने के बाद जानकारी तेजी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और उस पर समयबद्ध कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे विमानन सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी होगी। सरकार के अनुसार, नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ईजीसीए पोर्टल का हिस्सा होगा। इसका उद्देश्य विमानन क्षेत्र में होने वाली किसी भी अनिवार्य घटना की रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना और उसकी डिजिटल प्रोसेसिंग करना है। इससे रिपोर्ट भेजने, उसकी जांच शुरू करने और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का पूरा काम एक ही प्रणाली के जरिए किया जा सकेगा। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और रिप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

ICC Player of the Month: आईसीसी ने किया जून के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का एलान, किन प्लेयर्स ने जीते अवॉर्ड?

ICC Player of the Month: आईसीसी ने किया जून के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का एलान, किन प्लेयर्स ने जीते अवॉर्ड? अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने जून 2026 के लिए प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड्स की घोषणा कर दी है। पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ और महिला वर्ग में इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी व्यॉट-हॉज को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया है। नाथन स्मिथ ने इंग्लैंड में रचा इतिहास 27 वर्षीय नाथन स्मिथ ने इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से टेस्ट सीरीज जीत में न्यूजीलैंड की सफलता में अहम भूमिका निभाई। टीम के कई प्रमुख तेज गेंदबाजों के चोटिल होने के बावजूद स्मिथ ने नई गेंद से जिम्मेदारी संभाली और पूरी सीरीज में 23 की औसत से 16 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने इस पुरस्कार की दौड़ में भारत के कप्तान शुभमन गिल और बांग्लादेश के ऑलराउंडर मोसादेक हुसैन को पीछे छोड़ा। लॉर्ड्स टेस्ट में किया यादगार प्रदर्शन स्मिथ का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पहले टेस्ट में लॉर्ड्स पर देखने को मिला, जहां उन्होंने दूसरी पारी में 6/70 विकेट लेकर मैच में कुल नौ विकेट झटके। दूसरे टेस्ट में उन्होंने एक विकेट लेने के अलावा 38 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। वहीं निर्णायक तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 4/91 और दूसरी पारी में दो विकेट लेकर न्यूजीलैंड को ऐतिहासिक सीरीज जीत दिलाने में अहम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

बुनियादी उद्योगों में लौटी रफ्तार: जून में पांच प्रतिशत उत्पादन बढ़ा, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कैसे संकेत?

देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जून 2026 में देश के नौ प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों का उत्पादन पांच फीसदी बढ़ा है, जो पिछले पांच महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क के उत्पादन में तेज वृद्धि रही। इससे पहले मई 2026 में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर 3.2 फीसदी थी, जबकि जून 2025 में यह सिर्फ 1.1 फीसदी रही थी। बुनियादी क्षेत्रों में सुधार को अर्थव्यवस्था की मजबूती का अहम संकेत माना जाता है, क्योंकि इनका असर उद्योगों और निर्माण गतिविधियों पर भी पड़ता है। किन क्षेत्रों ने सबसे ज्यादा रफ्तार दिखाई? सरकार ने इस बार बुनियादी क्षेत्रों के आंकड़े नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार जारी किए हैं। पहले आधार वर्ष 2011-12 था। नए आंकड़ों में एक बड़ा बदलाव यह भी किया गया है कि अब लौह अयस्क को भी इस सूचकांक में शामिल कर लिया गया है। इसके बाद प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। नए आधार वर्ष के जरिए सरकार का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को अधिक सटीक तरीके से दिखाना है। जून के दौरान सबसे बेहतर प्रदर्शन सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क क्षेत्र का रहा। सीमेंट और बिजली का उत्पादन 9.8-9.8 फीसदी बढ़ा। वहीं पहली बार सूचकांक में शामिल किए गए लौह अयस्क का उत्पादन 43.9 फीसदी बढ़ गया। दूसरी ओर कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और उर्वरक के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में तेजी बनी हुई है, जबकि ऊर्जा से जुड़े कुछ पारंपरिक क्षेत्रों में अभी भी दबाव बना हुआ है। प्रमुख आंकड़े एक नजर में क्षेत्र जून 2026 का प्रदर्शन कुल 9 प्रमुख क्षे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk