दुनिया में क्यों बढ़ रहे हैं टकराव?: RSS प्रमुख ने बताई वजह; समाधान को लेकर क्या कहा?

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को नागपुर के गणेश टेकरी मंदिर में पूजा-अर्चना और गर्भगृह का उद्घाटन किया। इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने दुनिया में बढ़ते टकरावों पर अपनी बात रखी। उन्होंने इस समस्या का समधान बताते हुए कहा कि सार्वभौमिक चेतना सभी मनुष्यों को आपस में जोड़ती है। उन्होंने ‘अपनापन’ की भावना को व्यक्तिगत, सामाजिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यवहार का आधार बनाने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक दुनिया में मौजूद कई संकट और टकराव इसी भावना को भूलने का परिणाम हैं और अपनापन को मजबूत करना ही इनका वास्तविक समाधान है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 1 min · National Desk

छिंदवाड़ा में बड़ा विमान हादसा टला: टेकऑफ से ठीक पहले प्लेन के इंजन में आई खराबी, नकुलनाथ-हरीश चौधरी सुरक्षित

जानकारी के अनुसार, नकुलनाथ और हरीश चौधरी को भोपाल में आयोजित कांग्रेस की बैठक में शामिल होना था। दोनों नेता मंगलवार सुबह छिंदवाड़ा एयर स्ट्रिप पहुंचे और विमान में सवार हुए। विमान को उड़ान के लिए तैयार किया गया और इंजन भी चालू हुआ।इसी दौरान विमान में तकनीकी खराबी सामने आई। विमान रनवे पर ही खड़ा रहा और उड़ान नहीं भर सका। इंजन में खराबी की जानकारी मिलते ही पायलट ने तत्काल विमान को उड़ाने का फैसला रोक दिया। इसके बाद नकुलनाथ और हरीश चौधरी समेत विमान में मौजूद स्टाफ को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।पायलट की सूझबूझ और समय रहते तकनीकी खराबी का पता चलने से बड़ा हादसा होने से बच गया। विमान के उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि, विमान ने उड़ान भरने से पहले ही समस्या के संकेत दे दिए। विमान में आई तकनीकी खराबी के बाद दोनों नेताओं ने अपनी यात्रा का माध्यम बदल दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी सड़क मार्ग से भोपाल के लिए रवाना हुए। वहीं, पूर्व सांसद नकुलनाथ नागपुर के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद एयर स्ट्रिप पर विमान की तकनीकी जांच की गई। इंजन में किस वजह से खराबी आई और विमान को दोबारा उड़ान के लिए कब तैयार किया जाएगा, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। घटना के बाद विमान में सवार दोनों नेताओं और स्टाफ के सुरक्षित होने पर सभी ने राहत की सांस ली। समय रहते पायलट द्वारा विमान को उड़ान से रोकने को हादसा टलने की अहम वजह माना जा रहा है।नकुलनाथ ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि विमान में तकनीकी खराबी के कारण मेरा भोपाल दौरा रद्द हो गया है, जिसके लिए मैं आप सभी से हृदय से क्षमा चाहता हूं। मेरी बहुत इच्छा थी कि इस अवसर पर आप सभी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

Vande Mataram: 'वंदे मातरम' बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, जन गण मन जैसा मिलेगा कानूनी संरक्षण; कितनी होगी सजा?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को एक विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसके तहत जानबूझकर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालना या उसे रोकना अपराध माना जाएगा। सरकार के एक बयान में कहा गया है कि इसे वही कानूनी सुरक्षा मिलेगी जो अभी राष्ट्रीय गान को हासिल है। नए कानून में क्या है? राष्ट्रपति की सहमति से राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026, कानून बन गया है। लोकसभा ने 30 जुलाई को विधेयक पारित किया था, जबकि राज्यसभा ने इसे एक दिन पहले ही मंजूरी दे दी थी। इस विधेयक के अंतर्गत वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम गाया जाएगा। इससे पहले, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम के तहत जानबूझकर राष्ट्रगान (जन गण मन) गाने से रोकना या ऐसे गायन में लगे किसी भी सभा में अशांति पैदा करना प्रतिबंधित था। कितने साल की सजा हो सकती है? इन अपराधों के लिए अधिकतम तीन साल की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती थी, जबकि दूसरी और उसके बाद की हर सजा के लिए कम से कम एक साल की कैद का प्रावधान था। पूर्ववर्ती कानून में राष्ट्रगान को समान संरक्षण प्रदान नहीं किया गया था। बिल में क्या कहा गया था? बिल में कहा गया था, ‘अभी ‘वंदे मातरम’ के गायन के अपमान को रोकने के लिए कोई खास कानूनी प्रावधान नहीं है, जबकि इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान प्राप्त है। इसलिए, किसी व्यक्ति को जानबूझकर राष्ट्रीय गीत गाने से रोकने या ऐसे गायन में लगी किसी सभा में बाधा डालने से रोकने के लिए, उक्त अधिनियम की धारा 3 में संशोधन करके राष्ट्रीय गीत को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

ये है भ्रष्टाचार की सड़क!: दो किमी के हिस्से में 29 बार धंसी, 15 से 125 फीट तक चौड़े गड्ढे; डरा देंगी तस्वीरें

1 of 5 दो किमी. हिस्से में 29 बार धंसी सड़क - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें दो साल पहले विशेषज्ञ कमेटी ने जर्जर हो चुकी सीवर लाइन को बदलने की सिफारिश की थी लेकिन अब तक लाइन बदलने के लिए बजट नहीं मिल पाया है। दयालबाग के जयराम बाग में सड़क धंसने के कारण हुए गड्ढे को वीए टेक वबाग की टीम ने सोमवार को भरवा दिया। मिट्टी और मलबा डालकर इसे भरा गया है। इसके मैनहोल के पास लीकेज की आशंका है। दयालबाग में अब तक 29 बार सड़क धंसी है। हर बार सीवर मैनहोल से जुड़े पाइप से ही लीकेज मिला है। दो साल पहले एक माह में जब 8-10 बार सड़क धंसी तो तत्कालीन मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर जांच कराई थी। आगरा के दयालबाग में 100 फीट रोड और जयराम बाग से दयालबाग को जोड़ने वाली सड़क का कुल दो किमी का हिस्सा 29 बार धंस चुका है। चार साल के अंदर यहां 15 से 125 फीट तक चौड़े गड्ढे सीवर लाइन में रिसाव के कारण हो चुके हैं। 2 of 5 सड़क का हाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी 6.50 करोड़ से बदली जाएगी लाइन उस दौरान जल निगम, वबाग और नगर निगम के इंजीनियरों ने जांच रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि दयालबाग की पूरी सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है। हालांकि यह 12 साल पुरानी ही है लेकिन इसमें इस्तेमाल किए गए सीवर पाइप बेहद खराब गुणवत्ता के हैं। सीवर मैनहोल भी खराब बनाए गए जो बार-बार लीकेज हो रहे हैं। इस पूरी सीवर लाइन को बदलने की सिफारिश की गई थी। उनके हस्तक्षेप पर वीए टेक वबाग ने 6.50 करो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

बच्चे को गोद लिया, फिर किया सैल्यूट: तमिलनाडु के सीएम का मंच पर दिखा बदला रूप, वीडियो में दिखा बच्चा कौन?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय मंगलवार को एक अलग अंदाज में दिखे। दरअसल, वे चेन्नई के प्रेसिडेंसी कॉलेज में आयोजित राज्य-स्तरीय ‘नशा-मुक्त तमिलनाडु’ कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां वे पुलिस की वर्दी पहने एक बच्चे को मंच पर बुलाया और उसे अपनी गोद में उठा लिया। इसके बाद जब बच्चा वापस जा रहा था, तो मुख्यमंत्री विजय ने उसे सैल्यूट किया, जिसके जवाब में बच्चे ने भी उन्हें सैल्यूट किया। #WATCH | Tamil Nadu CM C Joseph Vijay salutes a young boy who came in a police uniform, during the Drug Free Tamil Nadu event taking place at the Presidency College in Chennai. The young boy who arrived in the Police Uniform is the son of Ramanathapuram SP Chandeesh.… pic.twitter.com/2c0Fj7HvaJ — ANI (@ANI) August 11, 2026 असल में मुख्यमंत्री विजय के कार्यक्रम में पुलिस की वर्दी पहने यह बच्चा रामनाथपुरम जिले के पुलिस अधीक्षक ( एसपी चंडीश का बेटा है। वह अपने पिता की तरह ही खाकी वर्दी पहनकर इस बड़े सरकारी कार्यक्रम में शामिल हुआ।बता दें कि मुख्यमंत्री विजय ने राज्य भर के सभी स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को नशा-मुक्त तमिलनाडु के लिए सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने छात्रों और युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने राज्य को तरक्की की राह पर ले जाने में मदद करें। मुख्यमंत्री विजय ने इस बात पर जोर दिया कि नशीले पदार्थों के सेवन पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। उन्होंने राज्य के लोगों से नशे से दूर रहने का आग्रह किया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

Jharkhand: ‘छात्रों पर हिंसा बिल्कुल मंजूर नहीं’, झारखंड आंदोलन पर अभिजीत दीपके; केजरीवाल ने सरकार को घेरा

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी सामने आने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से अस्पताल में वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनका हाल जाना और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आंदोलनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की है। केजरीवाल ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अस्पताल में भर्ती देवेंद्र महतो से दीपके ने की वीडियो कॉल पर बात CJP की ओर से जारी बयान के अनुसार, अभिजीत दीपके ने अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की। संगठन का दावा है कि पुलिस कार्रवाई से पहले महतो पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे और कथित लाठीचार्ज के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। CJP के मुताबिक, महतो को सीने में तेज दर्द और प्रदर्शन के दौरान लगी चोटों के बाद ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालांकि, पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ‘जंतर-मंतर हो या झारखंड, छात्रों पर ऐसी कार्रवाई अस्वीकार्य’ अभिजीत दीपके ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड की सड़कों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कथित पुलिस कार्रवाई गंभीर और अस्वीकार्य है। उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

Trump: ट्रंप ने फिर की इस्लाम विरोधी बयानबाजी, आखिर क्यों कहा- वे तुम्हारे घरों पर कब्जा करने आ रहे हैं

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में अब्दुल अल सईद को हिजाब पहने महिलाओं सहित भीड़ के सामने खड़े दिखाया गया है और इस तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा है, ‘वे आपके घर और आपके सामान के लिए आ रहे हैं।’ ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में अब्दुल अल सईद को हिजाब पहने महिलाओं सहित भीड़ के सामने खड़े दिखाया गया है और इस तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा है, ‘वे आपके घर और आपके सामान के लिए आ रहे हैं।’ इससे पहले भी ट्रंप ने अपनी और अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप की तस्वीर के साथ अब्दुल अल सईद और उनकी पत्नी की तस्वीर को साझा करते हुए कैप्शन दिया था कि ‘दो बिल्कुल अलग अमेरिका’।गौरतलब है कि अब्दुल अल सईद पिछले सप्ताह ही आगामी मध्याविधि चुनाव के लिए मिशिगन सीट से सीनेट के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी का नामांकन जीते हैं। उन्होंने इस चर्चित प्राइमरी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी द्वारा समर्थित उम्मीदवार हेली स्टीवंस को हराया था। मीडिया के साथ बातचीत में भी ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की आलोचना की थी।ट्रंप ने कहा था कि लोकतांत्रिक प्राथमिक चुनावों में जिहादियों को चुना जा रहा है। साथ ही ट्रंप ने डेमोक्रेट उम्मीदवारों को नीतिगत बदलावों पर विचारों को बेवकूफी भरा करार दिया। ट्रंप ने कहा, एक बात तो है कि हमारे यहां हर जगह जिहादी चुने जा रहे हैं। चाहे वह साम्यवाद हो या जिहादी, यही स्थिति है। अगर आप दूसरे देशों में जाएं और देखें तो मुझे नहीं लगता कि हम उस तरह से जीना चाहेंगे।‘ट्रंप ने सोमालिया मूल के लोगों की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि सोमाली मूल के लोग बुद्धिमान नहीं होते और उनमें योग्यता की भी कमी होती है। उनके पास करने के लिए कुछ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

अगर NEET नहीं तो क्या?: तमिलनाडु ने फिर उठाई नीट परीक्षा खत्म करने की मांग, विधानसभा में पारित हुआ प्रस्ताव

तमिलनाडु विधानसभा ने मंगलवार को नीट के अस्तित्व के ही खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया। बता दें कि नीट एक मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जो पेपर लीक विवाद के केंद्र में रही, जिसके चलते पिछले महीने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन हुए। इस बीच भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। किस- किस ने किया समर्थन? वहीं, तमिलनाडु में सत्ताधारी टीवीके और कांग्रेस समेत उसके सहयोगियों के अलावा, मुख्य विपक्षी दल डीएमके, एआईएडीएमके और अन्य दलों ने भी नीट विरोधी प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि एकमात्र भाजपा विधायक ने सदन से वॉकआउट कर दिया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने क्या आग्रह किया? राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) को समाप्त करने का आग्रह किया गया है। अरुणराज ने क्या आरोप लगाया? अरुणराज ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘नीट ने छात्रों का ध्यान स्कूली पाठ्यक्रम से हटाकर केवल कोचिंग पर केंद्रित कर दिया है। इसके कारण अधिक फीस वसूलने वाले कोचिंग केंद्रों की संख्या में वृद्धि हुई है।’ टीवीके ने क्या तर्क दिया? मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुणराज ने आगे तर्क दिया, ‘यह परीक्षा ग्रामीण, सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित छात्रों के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसरों को गंभीर रूप से कमजोर करती है।’ उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लगातार सरकारों ने इस बात पर जोर दिया है कि ‘नीट सामाजिक न्याय , समानता और राज्यों के अधिकारों क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

RSS: अमेरिका-ब्रिटेन-कनाडा के दौरे पर जाएंगे मोहन भागवत; शताब्दी वर्ष के बीच प्रवासी भारतीयों से करेंगे संवाद

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भगवत 25 अगस्त से संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा करेंगे। यह जानकारी सूत्रों के अनुसार है। डॉ. भगवत भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े विभिन्न स्थानीय संघों और संगठनों के निमंत्रण पर विदेश यात्रा करने वाले हैं। यह दौरा ऐसे अहम समय पर हो रहा है जब आरएसएस अपनी शताब्दी मना रहा है। अपने दौरे के दौरान, भगवत के भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने की उम्मीद है। आरएसएस प्रचार प्रमुख ने क्या बताया? उनकी यात्रा कार्यक्रम और व्यस्तताओं के बारे में आगे की जानकारी बाद में घोषित किए जाने की उम्मीद है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के एक पोस्ट में, आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने कहा, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक (प्रमुख) डॉ. मोहन भगवत विदेशों में स्थित स्थानीय संघों और संगठनों के निमंत्रण पर 25 अगस्त 2026 से अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा आरएसएस के चल रहे शताब्दी वर्ष के अवसर पर हो रही है।’ इससे पहले, भगवत ने मुंबई में भारत के अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्र एकीकरण आंदोलन (आईआईएमयूएन) के 15 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में युवाओं को संबोधित किया। आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत ने कहा कि लोकतंत्र में आम सहमति बनाने का एक तरीका विरोध प्रदर्शन भी है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी आंदोलन का उद्देश्य व्यवस्था में सुधार लाना होना चाहिए।नई पीढ़ी मौजूदा पीढ़ी से कहीं अधिक ईमानदार हैं। देशभक्ति और सेवा की सच्ची अपील उन पर असर डालती है।आरएसएस प्रमुख ने कहा कि युवा पीढ़ी का दृष्टिकोण पुरानी पीढ़ी से अलग है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk

'ममता पर हमला लोकतंत्र पर सीधा आघात': शिवसेना यूबीटी ने केंद्र पर बोला हमला, बंगाल के हालात को बताया चिंताजनक

‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। जिनमें अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसे सांसद और विधायक शामिल हैं, सत्ताधारी दल के रवैये में यह विरोधाभास साफ तौर पर दिखाई देता है। उन्होंने आगे लिखा कि जहां केंद्रीय नेतृत्व दलबदलुओं का गर्मजोशी से स्वागत करता है, वहीं राज्य में राजनीतिक आधार तैयार करने वाले नेता जानलेवा हमलों के शिकार हो रहे हैं। जब केंद्र सरकार ने पहले पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था के पतन का हवाला देकर अपने हस्तक्षेपों को उचित ठहराया था, तो यह सवाल उठता है, क्या अनियंत्रित शत्रुता और राज्य द्वारा स्वीकृत मनमानी का यह मौजूदा माहौल ही उनके लिए कानून व्यवस्था की परिभाषा है?संपादकीय में आगे कहा गया कि विधानसभा चुनावों के दौरान, केंद्र प्रशासन ने निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने और व्यवस्था बनाए रखने के बहाने लाखों केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया था। आज, जब लक्षित राजनीतिक हिंसा बढ़ रही है, तो वह तत्परता स्पष्ट रूप से गायब हो गई है। शांति बहाल करने के लिए आवश्यक केंद्रीय बलों को तैनात करने में अनिच्छा एक चिंताजनक दोहरे मापदंड को उजागर करती है। जब पूर्व मुख्यमंत्री, मौजूदा सांसद और निर्वाचित प्रतिनिधि बार-बार सड़क हिंसा का शिकार होते हैं, तो यह संस्थागत शासन के पूर्ण पतन को दर्शाता है।“संपादकीय में आगे कहा कि राज्य में विपक्षी नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी उतनी ही चिंताजनक है। एक वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती पर हुए हिंसक हमले को महज ‘जनता और एक राजनीतिक दल के बीच की लड़ाई’ बताकर पेश करना गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक दोनों है। इस तरह की बयानब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 11, 2026 · 2 min · National Desk