झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी सामने आने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से अस्पताल में वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनका हाल जाना और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आंदोलनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की है। केजरीवाल ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अस्पताल में भर्ती देवेंद्र महतो से दीपके ने की वीडियो कॉल पर बात CJP की ओर से जारी बयान के अनुसार, अभिजीत दीपके ने अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बातचीत की। संगठन का दावा है कि पुलिस कार्रवाई से पहले महतो पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे और कथित लाठीचार्ज के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। CJP के मुताबिक, महतो को सीने में तेज दर्द और प्रदर्शन के दौरान लगी चोटों के बाद ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। संगठन ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालांकि, पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़ी परिस्थितियों को लेकर सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ‘जंतर-मंतर हो या झारखंड, छात्रों पर ऐसी कार्रवाई अस्वीकार्य’ अभिजीत दीपके ने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड की सड़कों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह की कथित पुलिस कार्रवाई गंभीर और अस्वीकार्य है। उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Jharkhand: ‘छात्रों पर हिंसा बिल्कुल मंजूर नहीं’, झारखंड आंदोलन पर अभिजीत दीपके; केजरीवाल ने सरकार को घेरा
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक समर्थन भी सामने आने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से अस्पताल में वीडियो कॉल पर बातचीत कर उनका हाल जाना और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आंदोलनकारी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने क