दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र ने प्रोफेसर को पीटा: प्रशासन ने हमलवार को किया निलंबित, सामने आया हिंसा का VIDEO

दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय में प्रो. अनुपम झा के साथ कथित शारीरिक मारपीट के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी छात्र शुभम सिंह का तत्काल प्रभाव से निलंबन कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार सुबह 10:30 बजे उमंग भवन में हुई घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज प्राप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई। शुभम सिंह ने विधि संकाय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पीएचडी शोधार्थी के रूप में दाखिला लिया था। वहीं पीड़ित शिक्षक ने इस मामले की शिकायत मौरिस नगर थाने में दी है। पीएचडी छात्र शुभम सिंह निलंबित निलंबन आदेश में कहा गया है कि शुभम सिंह को तत्काल प्रभाव से विधि संकाय से निलंबित किया जाता है। साथ ही, दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम, 1922 के अध्यादेश 15 बी के तहत उनके विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इंटेक ने डीयू कुलपति को लिखा पत्र इस घटना को लेकर इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (इंटेक) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिख घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा कि किसी शिक्षक के साथ परिसर में शारीरिक हिंसा की घटना को केवल सामान्य अनुशासनात्मक मामला नहीं माना जा सकता। इंटेक ने की कड़ी कार्रवाई की मांग इंटेक ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों, अध्यादेशों और लागू नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि यदि जांच में संज्ञेय अपराध के तथ्य सामने आते हैं तो उचित कार्रवाई की जाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी ने शासन को सौंपी फाइनल रिपोर्ट, जरूरी कार्रवाई के लिए ट्रस्ट को दी गई

अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। गृह विभाग ने रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद जरूरी कार्रवाई के लिए इसे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध करा दिया है। ट्रस्ट के अनुरोध पर शासन ने 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार इसके सदस्य थे। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। इसमें मामले में कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई थी।प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में केस दर्ज किया गया था। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर दर्ज केस में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया था। अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी समेत अन्य कार्रवाई हुई थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

Ranchi Student Protest: देवेंद्र महतो का अनशन तुड़वाने पहुंचे मंत्री इरफान अंसारी, CM की घोषणा के बाद क्या?

झारखंड का छात्र आंदोलन बीते लगभग एक माह से सुर्खियों में है। जेपीएससी और जेएसएससी में गड़बड़ियों से आक्रोशित छात्रों और युवाओं ने सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए धरना-प्रदर्शन और अनशन का रास्ता चुना। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बीते करीब एक महीने से जारी आंदोलन को सफलता उस समय मिली जब कई दौर की वार्ता के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा रद्द करने का एलान किया। हालांकि, इसके बावजूद छात्रों का कहना है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच के मुद्दे पर वे कोई समझौता नहीं करेंगे। सीएम हेमंत की तरफ से किए गए एलान के बाद बीते लगभग तीन सप्ताह से अनशन कर रहे आंदोलनकारी देवेंद्र महतो समेत अन्य छात्र और युवा अपनी भूख हड़ताल और अनशन खत्म करने पर राजी हो गए। झारखंड सरकार में मंत्री इरफान अंसारी ने खुद देर रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाकर युवाओं का अनशन खत्म कराया। ये भी पढ़ें- JPSC-JSSC आंदोलन: सीएम हेमंत सोरेन के एलान के बाद छात्रों में खुशी, CBI जांच की मांग पर आंदोलन जारी कई अहम सवाल, CM से लेकर आंदोलनकारियों तक, किसने क्या कहा? इस मामले में सोमवार को पूरे दिन क्या कुछ हुआ? झारखंड सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद खुद सीएम हेमंत सोरेन ने क्या कहा? राज्य सरकार के मंत्री, आंदोलन कर रहे युवा, अभ्यर्थी और छात्रों की प्रतिक्रिया क्या रही? जेपीएससी-जेएसएससी में गड़बड़ियों को दूर करने को लेकर भावी योजना या रणनीति क्या होगी? बीते करीब एक महीने के दौरान इस आंदोलन में कौन से पड़ाव अहम रहे? इस खबर में जानिए ऐसे तमाम सवालों के जवाब इस मामले में सोमवार को पूरे दिन क्या कुछ हुआ? झारखंड सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत के बाद खुद स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

JPSC-JSSC आंदोलन: झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, TDPL की सभी परीक्षाएं और परिणाम रद्द; सीएम सोरेन ने किया एलान

VIDEO | Jharkhand CM Hemant Soren says, “Today, we held a special Cabinet meeting to bring this matter to a conclusion. After considering all aspects and finding solutions to the issues, we have decided to cancel all examinations conducted by TDPL, the results published by TDPL,… pic.twitter.com/vPGtEHLSzK — Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026 झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हमने इस मामले को अंतिम रूप देने के लिए विशेष कैबिनेट बैठक की। सभी पहलुओं पर विचार करने और समस्याओं का समाधान तलाशने के बाद हमने फैसला लिया है कि टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, टीडीपीएल द्वारा जारी किए गए परिणाम तथा टीडीपीएल के माध्यम से किसी भी उम्मीदवार का चयन या भागीदारी रद्द की जाती है। इस संबंध में टीडीपीएल द्वारा की गई सभी गतिविधियां भी रद्द कर दी गई हैं।जेपीएससी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र से भी मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया था। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनके समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

Twisha Sharma Case: CBI का खुलासा- त्विषा ने गिरिबाला-समर्थ की प्रताड़ना से दी जान, चलेगा दहेज हत्या का केस

दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी 11 पन्नों की फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि की है कि शव पर मारपीट या संघर्ष के कोई निशान नहीं थे, जो किसी भी तरह से हत्या की ओर संकेत करें। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 22 मई के आदेश पर, एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को त्विषा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। बोर्ड ने तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि यह मामला आत्महत्या का ही है। 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो गई है। ये भी पढ़ें- साजिश नहीं, प्रताड़ना का नतीजा भले ही जांच एजेंसी ने हत्या के आरोपों को खारिज कर दिया हो, लेकिन सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में त्विषा की सास, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति अधिवक्ता समर्थ सिंह को दोषी माना है। सीबीआई की जांच में यह सिद्ध हुआ है कि ससुराल पक्ष द्वारा की गई दहेज प्रताड़ना ही त्विषा की मौत का मुख्य कारण बनी। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा धारा 80 (2) यानी दहेज हत्या, धारा 85 यानी पति या रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता, धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाना और धारा 3 (5) यानी दहेज का लेनदेन के अलावा, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत प्रकरण में चालान प्रस्तुत किया है। 12 मई की शाम शुरू हुआ कॉल और मैसेज का सिलसिला सीबीआई के मुताबिक 12 मई की शाम करीब 7:51 बजे ट्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

JPSC-JSSC आंदोलन: सीएम हेमंत सोरेन के एलान के बाद छात्रों में खुशी, CBI जांच की मांग पर आंदोलन जारी

मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद आंदोलनरत छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फैसले के लिए बधाई दी और इसे छात्रों के आंदोलन की बड़ी सफलता बताया।हालांकि, आंदोलन कर रहे कुछ छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से महत्वपूर्ण मांगें मान ली गई हैं, लेकिन उनका आंदोलन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। छात्रों ने कहा कि परीक्षाएं और भर्तियां रद्द करने की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।छात्रों की प्रमुख मांग अब पूरे मामले की सीबीआई जांच को लेकर है। उनका कहना है कि जब तक सरकार सीबीआई जांच कराने पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षाएं रद्द करने से पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।इस बीच सरकार के ऐलान के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों के बीच उत्साह का माहौल है, लेकिन सीबीआई जांच के मुद्दे पर आगे सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है, “हम लोगों का क्या दोष है, जो हमारी परीक्षा रद्द कर दी गई?” सफल अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए सरकार से उनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

चुनाव में काले धन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: जब्ती की सूचना 24 घंटे में देने का निर्देश, और क्या कहा?

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एनके सिंह की पीठ ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा, “इस पसंद को प्रभावित करने वाले किसी भी बाहरी कारक में लोकतंत्र के मूल स्वरूप को कमजोर करने की क्षमता है।” पीठ ने कहा कि जब अवैध धन शामिल होता है तो व्यक्ति की ओर से किया गया चुनाव स्वतंत्र नहीं रहता। उसकी पसंद मौद्रिक या अन्य तरह के लाभ से प्रभावित हो जाती है। कभी ये लाभ वास्तविक होते हैं तो कभी भ्रामक वादों के रूप में होते हैं।पीठ ने कहा, “चुनावी प्रक्रिया में काला धन, यानी जिस मुद्दे पर हम यहां विचार कर रहे हैं, ऐसा ही एक पहलू है जो लोकतंत्र, कानून के शासन और खुद चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करता है।” शीर्ष अदालत ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया में संदिग्ध धन के प्रसार और उसे दूषित करने का मुद्दा कोई हाल की घटना नहीं है। इसे बार-बार पहचाना गया है।चुनाव प्रक्रिया के दौरान नकदी और संपत्ति की जब्ती का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि “जब्ती करने वाले प्राधिकारी को 24 घंटे के भीतर इसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम क्षेत्राधिकार वाली अदालत को देनी होगी।” साथ ही लिखित कारणों में यह बताना होगा कि जब्त नकदी या अन्य संपत्ति का संदिग्ध चुनावी अपराध से प्रथम दृष्टया क्या संबंध है।पीठ की ओर से फैसला लिखने वाले न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि जब प्राथमिकी दर्ज हो जाती है तो जांच अधिकारी को हर संभव प्रयास करके एक साल के भीतर जांच पूरी करनी होगी। पीठ ने निर्देश दिया, “यदि यह समयसीमा पार होती है तो इसके कारण दर्ज किए जाएंगे और भारत निर्वाचन आयोग को बताए जाएंगे।“यह आदेश कर्नाटक सरकार की ओर से दायर एक याचिका पर आया। यह मामला 2014 के लोकसभ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

सीएम योगी का युवाओं को संदेश: माफिया और नशे से रहें दूर, 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी

सीएम योगी का युवाओं को संदेश: माफिया और नशे से रहें दूर, 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को मिलेगी सरकारी नौकरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने माफिया प्रवृत्ति को युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, पेशेवर, खेल या ड्रग माफिया, किसी भी प्रकार का माफिया युवाओं को क्षति पहुंचाता है। युवा शक्ति को बचाने के लिए डबल इंजन सरकार द्वारा बढ़ाई गई खेल संस्कृति को सार्थकता देना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर युवाओं और खेल को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें युवाओं का दुरुपयोग करती थीं और उन्हें माफिया की गिरफ्त में छोड़ देती थीं। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी माफिया की संपत्ति जब्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों में भारत की खेल संस्कृति में व्यापक परिवर्तन का उल्लेख किया। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद व विधायक खेलकूद प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग जैसी पहलें आगे बढ़ी हैं। हाल ही के कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहे और पदक जीते। उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों में से तीन ने एक गो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

माननीयों का आपराधिक रिकॉर्ड: 326 सांसदों और 14 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ मामले, सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश

हलफनामे में कहा गया है कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ 4,000 से अधिक आपराधिक मामले लंबित हैं। हलफनामे के अनुसार, 28 में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें गंभीर मामले भी शामिल हैं।आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ 89 मामले हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ 19 मामले हैं। हंसारिया ने कहा कि मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों की निगरानी के बावजूद 2018 से सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की संख्या लगभग उसी स्तर पर बनी हुई है।विभिन्न उच्च न्यायालयों से आंकड़े जुटाकर न्याय मित्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2025 में 1,243 आपराधिक मामलों का निपटारा हुआ, जबकि उसी साल 1,050 नए मामले दर्ज किए गए। उन्होंने अदालत को बताया कि पूर्व और मौजूदा सांसदों के साथ विधायकों के खिलाफ कुल 4,192 मामले लंबित हैं।हलफनामे में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है, “लोकसभा में 543 सदस्यों में से 251 सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें 170 मामले गंभीर आपराधिक मामले हैं, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।“इसमें कहा गया है, “राज्यसभा में 233 सदस्यों में से 75 (33 प्रतिशत) सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें 40 (18 प्रतिशत) मामले गंभीर आपराधिक मामले हैं, जिनमें पांच साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है।” वरिष्ठ अधिवक्ता ने विभिन्न उच्च न्यायालयों की ओर से दाखिल रिपोर्टों का विश्लेषण भी पेश किया। इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk

JPSC-JSSC आंदोलन: झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, TDPL की सभी परीक्षाएं और परिणाम रद्द; सीएम सोरेन ने किया एलान

VIDEO | Jharkhand CM Hemant Soren says, “Today, we held a special Cabinet meeting to bring this matter to a conclusion. After considering all aspects and finding solutions to the issues, we have decided to cancel all examinations conducted by TDPL, the results published by TDPL,… pic.twitter.com/vPGtEHLSzK — Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026 झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हमने इस मामले को अंतिम रूप देने के लिए विशेष कैबिनेट बैठक की। सभी पहलुओं पर विचार करने और समस्याओं का समाधान तलाशने के बाद हमने फैसला लिया है कि टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, टीडीपीएल द्वारा जारी किए गए परिणाम तथा टीडीपीएल के माध्यम से किसी भी उम्मीदवार का चयन या भागीदारी रद्द की जाती है। इस संबंध में टीडीपीएल द्वारा की गई सभी गतिविधियां भी रद्द कर दी गई हैं।जेपीएससी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र से भी मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया था। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनके समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 1 min · National Desk