The Bonus Market Update: शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 200 अंक गिरा, निफ्टी 24350 से फिसला

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर खुले। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अनसुलझी स्थिति के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों की भावना को प्रभावित किया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक जोखिमों के दबाव के कारण गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सात पैसे गिरकर 95.40 पर आ गया। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 172.48 अंक गिरकर 77,786.41 पर आ गया। इसी तरह पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 90.35 अंक की गिरावट के साथ 24,343.50 पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स पैक से टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और इंफोसिस प्रमुख नुकसान वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, इंटरग्लोब एविएशन, टेक महिंद्रा, इटरनल और एनटीपीसी जैसे शेयर लाभ में रहे। वैश्विक बाजारों का रुख कैसा रहा? ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पोनमुडी आर ने बताया कि अमेरिका-ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर जारी गतिरोध से कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति घरेलू इक्विटी के लिए प्राथमिक चिंता का विषय है। इससे निवेशकों की भावना पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.82 फीसदी की गिरावट के साथ 88.25 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। रिसर्च एनालिस्ट फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिसिल्वन राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

सीजेपी के सौरव दास के परिवार से पूछताछ: केंद्र पर लगाया डराने का आरोप; पुडुचेरी पुलिस ने क्या वजह बताई?

सौरव दास ने क्या-क्या कहा? सौरव दास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि पुलिस को उनके घर जाने का आदेश किसने दिया। इसके पीछे वजह क्या थी। दास ने लिखा, दो घंटे पहले पुडुचेरी पुलिस मेरे घर पहुंची और परिवार से कई तरह के सवाल किए। पुडुचेरी पुलिस परेशान क्यों कर रही है? इसका आदेश किसने दिया और किस मकसद से? क्या यह कानूनी प्रक्रिया है? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन वाली सरकार उनके परिवार को ‘डरा’ रही है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई केंद्र शासित प्रदेश की सरकार के स्वभाव के मुताबिक नहीं है। उन्होंने कहा, पुडुचेरी में भाजपा सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा रही है? पुडुचेरी सरकार का चरित्र ऐसा नहीं है। यह केंद्र सरकार के कहने पर किया जा रहा है। दास ने आगे आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें चुप कराने के लिए डराना है। उन्होंने कहा कि इससे वह अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखने से पीछे नहीं हटेंगे। ये भी पढ़ें: उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, अगर इसका मकसद मुझे डराकर चुप कराना है, तो यह काम नहीं करेगा। इससे मैं डरकर पीछे नहीं हटूंगा। इससे बेहतर व्यवस्था बनाने का हमारा संकल्प और मजबूत होगा। ऐसी व्यवस्था जिसमें पुलिस कानून का पालन करे, न कि गुंडों की तरह व्यवहार करे। उन्होंने पुलिस के उनके घर पर जाने के आधार पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, केंद्र सरकार के कहने पर पुडुचेरी सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा रही है? इसका आदेश किसने दिया और किस मकसद से? क्या यह कानूनी प्रक्रिया है? गृह मंत्री शाह के पुडुचेरी दौरे पर उठाए सवाल दास ने केंद्रीय गृह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

मणिपुर में सरकार का बड़ा फैसला: हथियार लौटाने के लिए दी 15 दिन की मोहलत; कार्रवाई पर क्या बोले मुख्यमंत्री?

क्या है सरकार की 15 दिन की चेतावनी? अब तक कितने हथियार और विस्फोटक बरामद हुए? हिंसा के दौरान कितने हथियार लूटे गए थे? शांति बहाली के लिए सरकार की क्या रणनीति है? क्या 15 दिन बाद कार्रवाई सख्त होगी? मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि उनके पास मौजूद अवैध या लूटे गए हथियार संबंधित विधायक या जिला पुलिस के माध्यम से जमा करा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में हिंसा की गंभीर स्थिति को देखते हुए हथियार रखने वालों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज करने से परहेज किया गया था। अब स्थिति में सुधार हुआ है और ऐसे हथियारों को अपने पास रखना, छिपाना या इस्तेमाल करना उचित नहीं है। 15 दिन की अवधि खत्म होने के बाद हथियार मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पांच फरवरी से 11 अगस्त के बीच सुरक्षा बलों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों ने तलाशी अभियानों के दौरान 1,422 हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा 7,010 कारतूस और 1,137 विस्फोटक भी जब्त किए गए हैं। बरामद हथियारों को इंफाल के प्रथम मणिपुर राइफल्स मैदान में गृह विभाग के कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की ओर से बड़ी संख्या में हथियार स्वेच्छा से लौटाना इस बात का संकेत है कि वे राज्य में शांति चाहते हैं।मार्च में विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, मणिपुर में हिंसा के दौरान सरकारी शस्त्रागार, थानों और पुलिस चौकियों से 6,020 से अधिक हथियार लूटे गए थे। सरकार के अनुसार इनमें से बड़ी संख्या में हथियार अब बरामद किए जा चुके हैं। जुलाई में प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वार ग्रुप के 46 कैडरों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण भी किया। सरकार ने मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान भी तेज किय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 13, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: शासन ने किया स्पष्ट, प्रशासक बने ग्राम प्रधानों को नहीं मिलेगा मानदेय; मई में खत्म हो चुका है कार्यकाल

प्रदेश में प्रशासक बनाए गए ग्राम प्रधानों को मानदेय देने का नियम नहीं है। इसलिए मानदेय जारी रखने की उनकी मांग पूरी होने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं है। मई में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें प्रशासक बना दिया गया था। शासन के सूत्रों के मुताबिक, प्रशासकों को ग्राम प्रधान का दर्जा नहीं दिया जा सकता। इसलिए उन्हें मानदेय भी नहीं मिल सकता। यहां बता दें कि यूपी में 58213 ग्राम पंचायतें, 827 क्षेत्र पंचायतें और 75 जिला पंचायतें हैं। प्रधानों को प्रति माह 5 हजार रुपये देने का प्रावधान है।इसी तरह ब्लॉक प्रमुखों को 11300 रुपये और जिला पंचायत अध्यक्षों को 15500 रुपये प्रति माह मानदेय मिलता है। लेकिन, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब ये पदाधिकारी निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं रह गए हैं। जब भी एडीओ पंचायत प्रशासक बनाए गए तो उन्हें भी कोई मानदेय नहीं दिया जाता था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 1 min · National Desk

कंगना का राहुल पर निशाना: कहा- अगर इतालवी मां उन्हें विपक्ष का नेता बनाना नहीं चाहतीं तो उनका क्या वजूद रहता?

कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने पहली बार संसद को इस तरह मजाक बनते देखा है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हैं कि उन्होंने छात्रों के साथ कथित तौर पर ऐसा किया या नहीं, लेकिन दूसरी तरफ कहते हैं कि वे उनका जवाब सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं।भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें अब शर्म और मर्यादा जैसी कोई भावना नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया यह देख रही है और सोच रही है कि राहुल गांधी किस तरह के व्यक्ति हैं।भाजपा सांसद कंगना ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह अपनी निराशा निकाल रहे हैं और संसद का अपमान कर रहे हैं, उससे उन्हें लगता है कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी का यह अंतिम कार्यकाल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। जबकि नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारी जनादेश हासिल कर चुके हैं।कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को ऐसा लगता है कि देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। कंगना ने दावा किया कि राहुल गांधी का मानना है कि चाहे सब कुछ राख हो जाए, फिर भी राख पर शासन करेंगे।कंगना ने राहुल गांधी की अन्य गतिविधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस और अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और उसे बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि राहुल गांधी किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या वह क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी परवाह नहीं है।कंगना ने विपक्ष में राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: आकाश आनंद के बहाने जेन जी को साधने की कोशिश में बसपा, यूं ही नहीं अखिलेश-राहुल को अंकल कहा गया

युवाओं को पार्टी के अहम पदों पर जिम्मेदारी देने की घोषणा के बाद बहुजन समाज पार्टी को हालिया जेन जी आंदोलन से संजीवनी मिल सकती है। यही वजह है कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने छात्राें के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा को निशाने पर लेकर बसपा को ही युवाओं का हितैषी बताया है। वहीं राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को जेन जी की नब्ज टटोलने की जिम्मेदारी दी गई है। बसपा ने बीते लोकसभा चुनाव के बाद संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाई है। आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने के साथ आजमगढ़ की प्रोफेसर इंदु चौधरी को अहम जिम्मेदारियां सौंपी है। बसपा को सोशल मीडिया पर सक्रिय रखने की जिम्मेदारी आकाश की टीम संभाल रही है। हाथरस के सादाबाद में आकाश की जनसभा के दौरान उनकी टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हैशटैग ‘बहन जी का संदेश’ चलाया, जो चंद मिनटों के भीतर पहले नंबर पर ट्रेंड करने लगा। इस हैशटैग का समर्थन करने वालों में अधिकतर युवा थे। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर कार्यकर्ताओं तक आकाश का हैशटैग को समर्थन करने का संदेश प्रसारित किया गया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 1 min · National Desk

कंगना का राहुल गांधी पर निशाना: कहा- अगर इतालवी मां उन्हें विपक्ष का नेता नहीं बनातीं तो उनका क्या वजूद रहता?

कंगना रनौत ने कहा कि उन्होंने पहली बार संसद को इस तरह मजाक बनते देखा है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हैं कि उन्होंने छात्रों के साथ कथित तौर पर ऐसा किया या नहीं, लेकिन दूसरी तरफ कहते हैं कि वे उनका जवाब सुनने के लिए यहां नहीं आए हैं।भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनमें अब शर्म और मर्यादा जैसी कोई भावना नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया यह देख रही है और सोच रही है कि राहुल गांधी किस तरह के व्यक्ति हैं।भाजपा सांसद कंगना ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह अपनी निराशा निकाल रहे हैं और संसद का अपमान कर रहे हैं, उससे उन्हें लगता है कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी का यह अंतिम कार्यकाल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। जबकि नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार भारी जनादेश हासिल कर चुके हैं।कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को ऐसा लगता है कि देश में उनके अलावा किसी और का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। कंगना ने दावा किया कि राहुल गांधी का मानना है कि चाहे सब कुछ राख हो जाए, फिर भी राख पर शासन करेंगे।कंगना ने राहुल गांधी की अन्य गतिविधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस और अंतरराष्ट्रीय ताकतों के साथ मिलकर देश को तोड़ने और उसे बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आखिर में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि राहुल गांधी किसके इस्तीफे की मांग करते हैं या वह क्या चाहते हैं, क्योंकि जनता को उनकी परवाह नहीं है।कंगना ने विपक्ष में राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

झारखंड परीक्षा विवाद: भूख हड़ताल कर रहे चार छात्रों की हालत स्थिर, राहुल क्रांति बोले- CBI जांच तक होगा आंदोलन

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हुआ छात्र आंदोलन देशभर में चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे चार छात्र रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चारों छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है। डॉक्टर नियमित रूप से उनकी जांच और स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच की कोर कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि भूख हड़ताल कर रहीं हबीबा और राहुल क्रांति का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। हबीबा को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि राहुल क्रांति को सात अगस्त को अस्पताल लाया गया था। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो और महेंद्र प्रताप भी भूख हड़ताल पर हैं और इसी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दोनों जेएसएससी-छात्र मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं। राहुल कुमार क्रांति ने बताया कि 2019 से अब तक हुई सभी जेपीएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग हम लोगों ने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीबीआई जांच से भाग रही है और आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। लेकिन ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज की घटना के बाद छात्र अब उग्र हो गए हैं और जब तक सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री का आदेश नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अब सभी जिलों और प्रखंडों में शुरू होगा। राज्य सरकार को जगाने के लिए हम लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि चारों छात्रों की हालत स्थिर है। उनकी समय-समय पर जांच की जा रही है और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि देवेंद्र नाथ महत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk

'मैं निराश हो चुका हूं, ऐसा पहली बार देखा है': किरेन रिजिजू ने झल्लाकर क्यों कही ये बात? विपक्ष पर लगाए आरोप

नीट विवाद को लेकर संसद में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ विपक्ष छात्रों के प्रदर्शन, कथित पुलिस ज्यादती और नीट पेपर लीक को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए सदन में हंगामा कर रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार का दावा है कि वह हर सवाल का जवाब देने और इस मुद्दे पर खुली व विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तो विपक्ष पर ही चर्चा से भागने का आरोप लगा दिया है। वहीं, अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर साफ कहा है कि वह सदन में मौजूद रहेंगे और विपक्ष के हर सवाल का जवाब देंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 1 min · National Desk

Parliament Session Live: किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला, बोले- चर्चा से भाग रहा विपक्ष; लोकसभा कल तक स्थगित

04:47 PM, 12-Aug-2026 कांग्रेस पर बरसे किरेन रिजिजू; बोले- चर्चा से क्यों डर गई पार्टी? संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर कांग्रेस बुधवार सुबह 11 बजे तक चर्चा के लिए तैयार होने की बात कहती है, तो सदन की कार्यवाही का समय बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि पार्टी चर्चा से क्यों पीछे हटी और क्यों डर गई। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कांग्रेस इतनी कमजोर हो जाएगी। #WATCH | Delhi: When asked if the duration of the House session can be extended for the discussion, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, “We are saying that if the Congress states even tomorrow morning at 11:00 AM that they are ready for the discussion, we will… pic.twitter.com/IYPNSd2luZ — ANI (@ANI) August 12, 2026 इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह पहली बार ऐसी स्थिति देख रहे हैं, जब सरकार खुद सदन में चर्चा कराने और सवालों के जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से पीछे हट रहा है। रिजिजू ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में आमतौर पर विपक्ष चर्चा की मांग करता है और सरकार जवाब देती है, लेकिन इस मामले में स्थिति इसके उलट है। सरकार चर्चा कराने और विस्तृत जवाब देने की बात लगातार कह रही है, फिर भी विपक्ष इसके लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई बार चर्चा के लिए अपनी सहमति जताई है, लेकिन विपक्ष के राजी नहीं होने के कारण गृह मंत्री को एक और पत्र लिखना पड़ा। गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर खुले, व्यापक और विस्तृत चर्चा के लिए सरकार की तैयारी दोहराई और विपक्षी नेताओं को इसके लिए र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 12, 2026 · 2 min · National Desk