क्या है सरकार की 15 दिन की चेतावनी? अब तक कितने हथियार और विस्फोटक बरामद हुए? हिंसा के दौरान कितने हथियार लूटे गए थे? शांति बहाली के लिए सरकार की क्या रणनीति है? क्या 15 दिन बाद कार्रवाई सख्त होगी? मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि उनके पास मौजूद अवैध या लूटे गए हथियार संबंधित विधायक या जिला पुलिस के माध्यम से जमा करा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में हिंसा की गंभीर स्थिति को देखते हुए हथियार रखने वालों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज करने से परहेज किया गया था। अब स्थिति में सुधार हुआ है और ऐसे हथियारों को अपने पास रखना, छिपाना या इस्तेमाल करना उचित नहीं है। 15 दिन की अवधि खत्म होने के बाद हथियार मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पांच फरवरी से 11 अगस्त के बीच सुरक्षा बलों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों ने तलाशी अभियानों के दौरान 1,422 हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा 7,010 कारतूस और 1,137 विस्फोटक भी जब्त किए गए हैं। बरामद हथियारों को इंफाल के प्रथम मणिपुर राइफल्स मैदान में गृह विभाग के कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की ओर से बड़ी संख्या में हथियार स्वेच्छा से लौटाना इस बात का संकेत है कि वे राज्य में शांति चाहते हैं।मार्च में विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, मणिपुर में हिंसा के दौरान सरकारी शस्त्रागार, थानों और पुलिस चौकियों से 6,020 से अधिक हथियार लूटे गए थे। सरकार के अनुसार इनमें से बड़ी संख्या में हथियार अब बरामद किए जा चुके हैं। जुलाई में प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-पीपुल्स वार ग्रुप के 46 कैडरों ने हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण भी किया। सरकार ने मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान भी तेज किय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
मणिपुर में सरकार का बड़ा फैसला: हथियार लौटाने के लिए दी 15 दिन की मोहलत; कार्रवाई पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
क्या है सरकार की 15 दिन की चेतावनी? अब तक कितने हथियार और विस्फोटक बरामद हुए? हिंसा के दौरान कितने हथियार लूटे गए थे? शांति बहाली के लिए सरकार की क्या रणनीति है? क्या 15 दिन बाद कार्रवाई सख्त होगी? मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि उनके पास मौजूद अवैध या लूटे गए हथियार संबंधित विधायक या जिला पुलिस के माध्यम से जमा करा दिए जाएं। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में हिंसा की गंभीर स्थिति को देखते हुए हथियार रखने वालों के खिलाफ तुरंत मामले दर्ज करने से परहेज किया गया था। अब स्थिति में सुधार हुआ है औ