Vande Bharat Sleeper: गुवाहाटी-कोलकाता रूट पर उतरेगी पहली वंदे भारत स्लीपर; जानें रूट-किराया,ट्रेन की खासियत

देश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की बड़ी सौगात मिल गई है। नए साल के अवसर पर रेल मंत्री ने इस हाईटेक ट्रेन के रूट की आधिकारिक घोषणा की। रेल मंत्री ने बताया कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुवाहाटी और कोलकाता के बीच चलेगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुरू होने से पूर्वोत्तर राज्यों, खासकर असम और पश्चिम बंगाल को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और लंबी दूरी की यात्रा ज्यादा आसान और आरामदायक बन सकेगी। चुनावी नजरिए से देखें तो यह ट्रेन पश्चिम बंगाल और असम के लिए भी एक अहम सौगात मानी जा रही है। इस ट्रेन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम 17 या 18 जनवरी को इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं। रेलवे की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जैसे ही ट्रेन की लॉन्चिंग तारीख तय होगी, टिकट बुकिंग भी शुरू कर दी जाएगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी। इसमें यात्रियों के आराम और सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में थर्ड एसी कोचों की संख्या ज्यादा रखी गई है, ताकि अधिक लोग किफायती किराए में सफर कर सकें।रेल मंत्री ने बताया कि स्वदेशी तकनीक से तैयार वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने हाल ही में अपना अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह परीक्षण कोटा–नागदा सेक्शन पर किया गया, जहां ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की। यह हाई-स्पीड ट्रायल रेलवे सुरक्षा आयुक्त की निगरानी में किया गया था। ट्रायल की सफलता के बाद अब इस ट्रेन के व्यावसायिक संचालन का रास्ता साफ हो गया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के लिए क्षेत्रीय मेहमानन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

Cigarette Excise Duty Hike: सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर बढ़ा टैक्स, जाने कब से लागू होगा ये नया नियम

केंद्र सरकार ने देश में तंबाकू नियंत्रण और राजस्व ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। यह नई कर व्यवस्था 1 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगी, जो धूम्रपान करने वालों की जेब पर सीधा असर डालेगी। उत्पाद की लंबाई के आधार पर तय हुआ शुल्क सरकार ने सिगरेट की लंबाई और उसके प्रकार को आधार बनाकर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क निर्धारित किया है। नए नियमों के तहत, प्रति 1,000 सिगरेट पर अतिरिक्त शुल्क की सीमा 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक तय की गई है। यह वर्गीकरण प्रीमियम और साधारण सिगरेट के बीच कर के अंतर को स्पष्ट करता है। 40% जीएसटी के ऊपर लगेगा अतिरिक्त टैक्स महत्वपूर्ण बात यह है कि यह नया उत्पाद शुल्क कोई स्वतंत्र टैक्स नहीं है, बल्कि यह तंबाकू उत्पादों पर पहले से लागू 40 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) के अतिरिक्त देय होगा। हाल ही में संसद द्वारा पारित ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025’ के माध्यम से इस बदलाव को कानूनी रूप दिया गया है। राज्यों के साथ साझा होगा राजस्व: वित्त मंत्री इस विधेयक का प्राथमिक उद्देश्य जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर की समय सीमा समाप्त होने के बाद पैदा होने वाली राजस्व की कमी को पूरा करना और शुल्क ढांचे को अधिक व्यवस्थित बनाना है। संसद में इस विषय पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि इस माध्यम से एकत्र किया गया राजस्व ‘विभाजित किए जाने वाले कोष’ का हिस्सा बनेगा। उन्होंने कहा, “उत्पाद शुल्क कोई उपकर नहीं है। एकत्रित राजस्व को 41 प्रतिशत की निर्धारित दर से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

UP: नौकरी से निवेश तक... नए साल में और दमकेगा यूपी का चेहरा; योगी सरकार की 10 बड़ी सौगातों से विकास को रफ्तार

UP: नौकरी से निवेश तक… नए साल में और दमकेगा यूपी का चेहरा; योगी सरकार की 10 बड़ी सौगातों से विकास को रफ्तार विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और शानदार बदलावों का साल साबित होगा। युवाओं को डेढ़ लाख सरकारी नौकरियों से लेकर गंगा एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट, पांचवां भूमि पूजन समारोह, वैश्विक निवेश, स्वास्थ्य और सुरक्षा क्षेत्र में प्रदेश को 10 बड़ी सौगातें मिलेंगी। ये न सिर्फ प्रदेश के आर्थिक विकास को रफ्तार देंगी, बल्कि आम लोगों का जीवन भी सुविधाजनक बनाएंगी। युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी वर्ष 2026 में पुलिस विभाग 30 हजार आरक्षी, 5000 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती करेगा। इसके अलावा 15 हजार विभिन्न पदों पर भर्ती होगी। शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक के 50 हजार पदों पर भर्तियां होंगी। राजस्व विभाग में 20 हजार पदों पर भर्ती होगी। वहीं, कारागार, आवास विकास, बाल विकास पुष्टाहार, स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों में 30 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा देश का जेवर दिल्ली से सटे जेवर में जल्द ही देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने की उम्मीद है। ये एयरपोर्ट 3300 एकड़ जमीन पर 7000 करोड़ रुपये की लाग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

Elections 2026: पांच राज्यों के चुनाव नतीजे तय करेंगे सियासी दिशा, बंगाल-केरल में गठबंधन की अग्निपरीक्षा

नया साल सियासी दलों खासकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी इंडिया गठबंधन के लिए चुनौतियों का साल होगा। नए साल के पूर्वार्ध में केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी और चार राज्यों केरल, तमिलनाडु, असम व पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम देश की सियासत की भावी दशा और दिशा तय करेंगे। केरल में वामदल, तमिलनाडु में डीएमके, पश्चिम बंगाल में टीएमसी, असम व पुदुचेरी में भाजपा की अगुवाई वाले राजग के सामने अपना गढ़ बचाने की चुनौती होगी। भाजपा के लिए विशेष रूप से नया साल चुनौतियों और अवसरों से भरपूर होगा। पार्टी के सामने दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु में अपनी ताकत साबित करने का अवसर के साथ पश्चिम बंगाल में दशकों से कमल खिलाने की इच्छा को पूरा करने की चुनौती होगी। इसके अलावा असम में जीत की हैट्रिक लगाने और पुदुचेरी में राजग की अगुवाई वाली सरकार को बनाए रखने की भी चुनौती होगी।विपक्षी गठबंधन के सामने बड़ी चुनौती : वर्ष 2026 में विपक्षी गठबंधन के लिए चुनौती बड़ी है। दरअसल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में असम, पश्चिम बंगाल और केरल में गठबंधन के घटक दल आमने-सामने होंगे। केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ और वाम दलों की अगुवाई वाले एलडीएफ के बीच ही मुख्य मुकाबला होगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में भी टीएमसी का वाम दलों और कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के आसार नहीं दिख रहे। पुदुचेरी और तमिलनाडु में विपक्षी गठबंधन की पुरानी एकता बरकरार रहेगी।चुनावी राज्यों में मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल पर सबकी नजरें रहेंगी। सत्तारूढ़ टीएमसी के सामने जीत का चौका लगाने की चुनौती होगी, तो मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा के लिए सत्ता हासिल करने की चुनौती रहेगी। बीते चुनाव में भ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: भीषण सर्दी के साथ नए साल का आगाज; SIR पर आमने-सामने टीएमसी और चुनाव आयोग; EU का कार्बन कर आज से लागू

नए साल 2026 का स्वागत देशभर में उत्साह और उमंग के साथ किया जा रहा है। दिल्ली से मुंबई, लखनऊ और शिमला तक जश्न का माहौल दिखा, कहीं रंग-बिरंगी आतिशबाजी से आसमान रोशन हुआ तो कहीं लोग संगीत की धुनों पर थिरकते नजर आए। वहीं, नए साल की शुरुआत भीषण सर्दी के साथ हुई है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित है, जबकि मौसम विभाग ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में आज बारिश के आसार जताए हैं। उधर, गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारियों में भी खास झलक देखने को मिलेगी, जहां कर्तव्य पथ पर सेना के ‘मूक योद्धा’ ऊंट, घोड़े और श्वान कदमताल करते नजर आएंगे। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल भी तेज है, जहां अभिषेक बनर्जी ने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग ने अपने रवैये को लेकर सफाई दी है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 1 min · National Desk

Khaleda Zia: 'वह मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ विश्वास वाली नेता थीं', खालिदा जिया के निधन पर पीएम मोदी का शोक पत्र

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं Prime Minister Narendra Modi wrote a letter to Tarique Rahman, Acting Chairman of BNP and son of former Prime Minister of Bangladesh Begum Khaleda Zia, on the passing away of his mother. “I warmly recall my meeting and discussions with Begum Sahiba in Dhaka in June 2015. She was… pic.twitter.com/rkB6tye8xd — ANI (@ANI) December 31, 2025 पीएम मोदी ने अपने पत्र में लिखा, ‘आपकी मां, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की चेयरपर्सन, महामहिम बेगम खालिदा जिया के गुजर जाने की खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। इस गहरे निजी नुकसान पर मेरी दिल से संवेदनाएं स्वीकार करें। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें। पीएम ने याद की पुरानी मुलाकात मुझे जून 2015 में ढाका में बेगम साहिबा के साथ हुई अपनी मुलाकात और बातचीत अच्छी तरह याद है। वह बहुत ही पक्के इरादे और भरोसे वाली नेता थीं, और उन्हें बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री होने का गौरव प्राप्त था। उन्होंने बांग्लादेश के विकास के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उनके जाने से एक खालीपन आया है जिसे भरा नहीं जा सकता, लेकिन उनका विज़न और विरासत हमेशा रहेगी। मुझे पूरा भरोसा है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की आपकी काबिल लीडरशिप में उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जाएगा, और वे भारत और बांग्लादेश के बीच एक नई शुरुआत और गहरी और ऐतिहासिक पार्टनरशिप को और बेहतर बनाने के लिए एक गाइडिंग लाइट की तरह काम करते रहेंगे। ये भी पढ़ें - ‘मेरी संवेदनाएं बांग्लादेश के लोगों के साथ भी’ राष्ट्रीय शोक के इस पल में, मेरी संवेद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

New Year 2026: अर्थव्यवस्था में 'गोल्डिलॉक्स' दौर, क्या रुपये की गिरती साख को भी साधने में हम होंगे कामयाब?

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए वर्ष 2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाला है। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत एक ऐसे ‘गोल्डिलॉक्स’ चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां मजबूत वृद्धि दर और नरम महंगाई का दुर्लभ मेल दिख सकता है। हालांकि, घरेलू मोर्चे पर मजबूती के बावजूद वैश्विक व्यापार में तनाव और मुद्रा बाजार की अस्थिरता 2026 में नीति निर्माताओं के लिए मुख्य चुनौती बनी रहेगी। आर्थिक शब्दावली में ‘गोल्डीलॉक्स इकोनॉमी’ उस आदर्श स्थिति को कहते हैं जो न तो बहुत अधिक गर्म (बहुत ज्यादा महंगाई) होती है और न ही बहुत ठंडी (मंदी या सुस्ती)। यानी एक ऐसी अर्थव्यवस्था जहाँ आर्थिक विकास की गति स्थिर बनी रहती है, बेरोजगारी कम होती है और महंगाई नियंत्रण में रहती है। साल 2026 के लिए जो अनुमान लगाए जा रहे हैं- जैसे कि 3.5% की रिटेल महंगाई और स्थिर जीडीपी विकास दर- वे संकेत देते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था वर्तमान में इसी ‘गोल्डीलॉक्स’ जोन में है। यह मध्यम वर्ग के लिए सबसे सुखद स्थिति होती है क्योंकि यहां न तो ब्याज दरों के अचानक बढ़ने का डर होता है और न ही आय कम होने का जोखिम।2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, इस आंकड़ने भारत को जापान से आगे निकालकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ भारत अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। अनुमान है कि 2030 तक भारत की जीडीपी 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने विकास अनुमान को 6.8 प् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

नया साल, नई बचत: 2026 में आपकी जेब पर महंगाई का असर कम होगा, जानिए आर्थिक बदलावों का घर के बजट पर कितना असर

हमने जैसे ही साल 2026 में कदम रखा है, हर मध्यमवर्गीय परिवार पिछले साल के अपने खर्चे और बचत का हिसाब-किताब लगा रहा है। साल 2025 जहां स्कूल फीस और मेडिकल खर्चों की चुनौतियों भरा रहा, वहीं जाते-जाते इस साल ने हमें टैक्स और जीएसटी में बड़ी राहतों का तोहफा भी दिया। अब सवाल यह है कि क्या 2026 वाकई आपकी जेब के लिए ‘हैप्पी न्यू ईयर’ साबित होगा? विशेषज्ञों और आर्थिक रिपोर्ट्स की मानें तो कम होती ब्याज दरें और गिरती महंगाई दर इस साल आपके घर के बजट को बड़ी राहत देने वाली हैं। टैक्स विशेषज्ञ एवं निवेश सलाहकार प्रवीन माहेश्वरी के अनुसार, साल 2025 में सरकार का पूरा फोकस पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) से हटकर खपत बढ़ाने पर रहा। आठवें वेतन आयोग के लागू होने की सुगबुगाहट और आयकर में मिली छूट ने आम आदमी के हाथ में खर्च करने के लिए अधिक पैसा दिया है।महेश्वरी सलाह देते हैं, “2026 की शुरुआत करते समय अपना वार्षिक बजट तैयार करें और आपातकालीन फंड को और मजबूत करें। हालांकि वैश्विक उथल-पुथल का असर रहता है, लेकिन इस साल घरेलू मोर्चे पर स्थिति काफी अनुकूल दिख रही है।“आम आदमी के लिए सबसे सुखद खबर रसोई के बजट से जुड़ी है। सरकार ने घर की बुनियादी जरूरतों को सस्ता करने के लिए यूएचटी दूध, पनीर और सभी प्रकार की भारतीय रोटियों (रोटी, चपाती, पराठा) पर जीएसटी को शून्य कर दिया है। इससे रोजमर्रा के खाने-पीने के खर्च में सीधी बचत देखने को मिल रही है।बीमा क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी बदलावों ने 2026 को सुरक्षित बना दिया है। व्यक्तिगत जीवन बीमा (टर्म, यूलिप, एंडोमेंट) और स्वास्थ्य बीमा (फैमिली फ्लोटर, वरिष्ठ नागरिक) प्रीमियम पर अब जीएसटी शून्य कर दिया गया है। इसके अलावे, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में PRAGATI की 50वीं बैठक, विकसित भारत बनाने का दिया मंत्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों का मतलब प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर समाधान तक पहुंचना है। उन्होंने जोर दिया कि प्रक्रियाएं सरल हों, जीवन और कारोबार में आसानी बढ़े और सिस्टम ज्यादा अनुकूल बने। क्रियान्वयन में समय, लागत और गुणवत्ता तीनों पर समान ध्यान जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रगति के जरिए परिणाम आधारित शासन को मजबूती मिली है और अब इसे और गहराई तक ले जाने की जरूरत है।प्रधानमंत्री ने प्रगति को पिछले दस वर्षों में भारत की शासन संस्कृति में आए गहरे परिवर्तन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब फैसले समय पर होते हैं, समन्वय मजबूत होता है और जवाबदेही तय होती है, तो सरकारी कामकाज की रफ्तार अपने आप बढ़ती है और उसका सीधा असर नागरिकों के जीवन में दिखता है।प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रगति सिर्फ एक समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि टीम इंडिया की भावना और सहकारी संघवाद का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने सड़क, रेल, बिजली, जल संसाधन और कोयला जैसे क्षेत्रों की पांच अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो पांच राज्यों में फैली हैं और जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की कई लंबित परियोजनाएं अब पूरी हो चुकी हैं।पीएम श्री योजना की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय मानक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना का क्रियान्वयन ढांचागत नहीं, बल्कि परिणाम केंद्रित होना चाहिए। सभी मुख्य सचिवों से उन्होंने पीएम श्री योजना की कड़ी निगरानी करने और इन स्कूलों को राज्य सरकारों के अन्य स्कूलों के लिए बेंचमार्क बनाने को कहा। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी दौरे कर मूल्यांकन करने की सलाह दी।प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 1, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में PRAGATI की 50वीं बैठक, विकसित भारत बनाने का दिया मंत्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों का मतलब प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर समाधान तक पहुंचना है। उन्होंने जोर दिया कि प्रक्रियाएं सरल हों, जीवन और कारोबार में आसानी बढ़े और सिस्टम ज्यादा अनुकूल बने। क्रियान्वयन में समय, लागत और गुणवत्ता तीनों पर समान ध्यान जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रगति के जरिए परिणाम आधारित शासन को मजबूती मिली है और अब इसे और गहराई तक ले जाने की जरूरत है।प्रधानमंत्री ने प्रगति को पिछले दस वर्षों में भारत की शासन संस्कृति में आए गहरे परिवर्तन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब फैसले समय पर होते हैं, समन्वय मजबूत होता है और जवाबदेही तय होती है, तो सरकारी कामकाज की रफ्तार अपने आप बढ़ती है और उसका सीधा असर नागरिकों के जीवन में दिखता है।प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रगति सिर्फ एक समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि टीम इंडिया की भावना और सहकारी संघवाद का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने सड़क, रेल, बिजली, जल संसाधन और कोयला जैसे क्षेत्रों की पांच अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो पांच राज्यों में फैली हैं और जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की कई लंबित परियोजनाएं अब पूरी हो चुकी हैं।पीएम श्री योजना की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय मानक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना का क्रियान्वयन ढांचागत नहीं, बल्कि परिणाम केंद्रित होना चाहिए। सभी मुख्य सचिवों से उन्होंने पीएम श्री योजना की कड़ी निगरानी करने और इन स्कूलों को राज्य सरकारों के अन्य स्कूलों के लिए बेंचमार्क बनाने को कहा। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी दौरे कर मूल्यांकन करने की सलाह दी।प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 31, 2025 · 2 min · National Desk