ऐसे कैसे कम होगा प्रदूषण?: दिल्ली में टूटा वाहनों के पंजीकरण का रिकॉर्ड, राजधानी पहले ही जाम-पॉल्यूशन से बीमार

सरकार उठा रही कई कदम… बीते माह दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा था कि बढ़ती यात्रियों की संख्या और विकसित दिल्ली के विजन को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार ने रूट रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू की है ताकि सभी इलाकों में परिवहन की समान पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत भीड़-भाड़ वाले इलाकों में बस कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर बस रूटों को फिर से डिजाइन किया जा रहा है। इससे बसों की पहुंच बढ़ेगी, वेटिंग टाइम कम होगा और सार्वजनिक परिवहन यात्रियों के लिए सुगम और भरोसेमंद विकल्प बन सकेगा। सरकार लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए बेहतर कदम उठा रही है। गौरतलब है कि राजधानी में आम यात्रियों के लिए सबसे किफायती और सुलभ परिवहन साधन डीटीसी की बसें हैं। बसें कम किराए में, सबसे ज्यादा दूरी और इलाकों तक पहुंचने की सुविधा देती हैं। बस से सफर सस्ता होने के साथ ही पर्यावरणीय लाभ भी है। एक डीटीसी बस में औसतन 50–60 यात्री सफर करते हैं, यानी प्रति व्यक्ति ईंधन खपत और उत्सर्जन सबसे कम। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 1 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: बंगाल में चढ़ने लगा सियासी पारा, विश्लेषकों ने बताया इस चुनाव में किसके सामने क्या चुनौती

पश्चिम बंगाल के लिए ये चुनावी साल है। चुनाव तारीखों के एलान से पहले राज्य में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। देश के गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह लगातार बंगाल के दौरे कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी दौरे जारी हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मैदान में उतर चुकी हैं। बंगाल में चल रही इसी सियासी हलचल पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, अनुराग वर्मा, अजय सेतिया, बिलाल सब्जवारी, पीयूष पंत और राजनीतिक विश्लेषक संजय राणा मौजूद रहे। अनुराग वर्मा: भाजपा पिछले विधानसभा चुनावों में भी बहुत दमखम से लड़ी थी और तीन सीट से बढ़कर 77 सीटों तक आ गई। अब जो चुनाव का नया पैटर्न आया है कि आप रेवड़ी क्या बांटने जा रहे हो? तो ये एक सबसे बड़ा डिसाइडिंग फैक्टर होगा। दूसरी बड़ी चीज है घुसपैठ और पोलराइजेशन। बीजेपी लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि घुसपैठ देश और पश्चिम बंगाल दोनों के लिए खतरनाक है। मुझे लगता है कि भाजपा की तैयारी सही ट्रैक पर जाते दिख रही है, लेकिन ममता बनर्जी लंबे समय से सरकार में हैं। उनको अपना किला बचाना है। अजय सेतिया: भारतीय जनता पार्टी की रणनीति हमेशा यह होती है कि वे बहुत पहले शुरू होते हैं और अंत तक हमलावर रहते हैं। बंगाल में भी अमित शाह ने माइक्रो मैनेजमेंट शुरू कर दिया है। इस बार ध्रुवीकरण कुछ ज्यादा होता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन हमें ट्रेंड भी देखना पड़ेगा। लोकसभा चुनाव में ममता ने अपना रुतबा बरकरार ही नहीं रखा बल्कि उसे बढ़ाया भी है। उन्होंने सीटें बढ़ाईं, जबकि भाजपा की सीटें घटी हैं। जिस तरह से ममता बनर्जी खेल रही हैं, वह खुद ध्रुवीकरण की तरफ बढ़ रही हैं। अगर वहां पक्का ध्रुवीकरण हो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: 'भाजपा एक सांप की तरह, अगर आप अपने आंगन में...', ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक का BJP पर बड़ा हमला

अभिषेक बनर्जी ने शनिवार (03 जनवरी) को भाजपा पर बड़ा जुबानी हमला किया। उन्होंने अलीपुरद्वार में एक कार्यक्रमम के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक सांप की तरह है। इतना ही नहीं टीएमसी सांसद ने एसआईआर के दौरान कथित तौर पर गलत तरीके से वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा।अभिषेक बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि भाजपा एक सांप की तरह है। अगर आप अपने आंगन में 1 या 18 सांप रखेंगे, तो आखिरकार वह आपको काटेंगे ही। इस बार आने वाले चुनावों में यह पक्का करें कि अलीपुरद्वार में कोई सांप न रहे।कार्यक्रम के दौरान टीएमसी सांसद ने कहा कि मैं भाजपा से 10 गुना ज्यादा जिद्दी हूं, और इस तरह के बर्ताव के आगे सिर्फ भाजपा ही झुकती है। आने वाले चुनावों में ईवीएम के जरिए उन्हें सबक सिखाने के लिए लाइन में खड़े हों। जो लोग संविधान बदलना चाहते हैं, उन्हें आखिर में सत्ता से हटाना ही होगा।उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार में रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने वोटर लिस्ट के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर सीधा निशाना साधा। बनर्जी ने आरोप लगाया कि योग्य मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। कथित तौर पर गलत तरीके से मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘वैनिश कुमार’ कहा।उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “क्या आप ज्ञानेश कुमार को जानते हैं? वह एक जादूगर हैं। वह जीवित लोगों को वोटर लिस्ट से गायब कर सकते हैं और मरे हुए लोगों को चला सकते हैं। वह अब ‘वैनिश कुमार’ हैं।” इतना ही नहीं अभिषेक बनर्जी ने एसआईआर अभ्यास की तुलना नोटबंदी से की, और नरेंद्र मोदी सरकार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk

Nitin Gadkari: हाईवे के लिए गडकरी ने तुड़वा दिया था अपने ससुर का घर, ऑर्गेनिक खेती के बारे में भी किए खुलासे

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली में अपने सरकारी आवास परिसर में भी छोटे आकार में खेती करते हैं। यहां वे मिर्चियां वगैरह उगाते हैं। साथ ही उनकी पत्नी महाराष्ट्र में ऑर्गेनिक खेती करती हैं। गडकरी ने फिल्म निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान के वीडियो ब्लॉग में इन सब बातों के बारे में बताया। एक किलो का बैंगन, एक किलो का प्याज गडकरी ने बताया कि उनकी पत्नी महाराष्ट्र में जो ऑर्गेनिक खेती करती हैं, उसमें एक किलो के बैंगन और एक किलो के प्याज की पैदावार हुई है। वहां ऑर्गेनिक सब्जियां, अरहर की दाल और चने की दाल भी उगाते हैं। खेती में AI का इस्तेमाल किया जाता है। गूगल-माइक्रोसॉफ्ट की मदद से खेती की सैटैलाइट तस्वीर निकालते हैं। उस हिसाब से सिंचाई करते हैं। उन्होंने बताया कि हम अपने सरकारी बंगले के परिसर में भी खेती करते हैं और मिर्ची वगैरह उगाते हैं। बंगले पर 15-17 मोर कुछ न कुछ खाने के लिए आते हैं। सोनिया गांधी उनकी पड़ोसी हैं। दूसरी तरफ मनमोहन सिंह का बंगला था। राजनीतिक विरासत पर कार्यकर्ताओं का हक गडकरी ने बताया कि हमारी जिंदगी मध्यमवर्गीय परिवार की सामान्य जिंदगी है। हमारा मानना है कि भगवान ने हमें जो दिया है, वह हमारी हैसियत से ज्यादा है। हम उसी में खुश रहते हैं। जनप्रतिनिधि होने के नाते कभी-कभी नागपुर में पांच हजार लोग भी मिलने के लिए आते हैं। हम आखिरी व्यक्ति से भी मिलते हैं, भले ही आधा मिनट बात हो। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बेटे से भी कहा है कि जिन कार्यकर्ताओं ने मुझे बड़ा बनाया है, मेरी राजनीतिक विरासत पर उनका अधिकार है। मेरा बाकी सब कुछ उनका है, लेकिन मेरी राजनीतिक विरासत मेरे कार्यकर्ताओं की है।’’ जब ससुर का घर तोड़ना पड़ा पॉडकास …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk

पवित्र पिपरहवा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का शुभारंभ: पीएम बोले- भगवान बुद्ध सबके हैं, सबको जोड़ते हैं

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा, सवा सौ साल के इंतजार के बाद भारत की विरासत लौटी है, भारत की धरोहर लौटी है। आज से भारतीय जनमानस, भगवान बुद्ध के इन पवित्र अवशेषों के दर्शन कर पाएगा, भगवान बुद्ध के आशीर्वाद ले पाएगा। मैं इस शुभ अवसर पर यहां मौजूद सभी अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन करता हूं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 1 min · National Desk

Tamil Nadu: तमिलनाडु में 'एश्योर्ड पेंशन स्कीम' का एलान, क्या खत्म होगा ओपीएस बनाम एनपीएस विवाद?

तमिलनाडु की राजनीति और अर्थव्यवस्था के केंद्र में लंबे समय से लंबित ‘पेंशन विवाद’ पर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। राज्य विधानसभा में ‘तमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम’ (टीएनएपीएस) की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने उन लाखों सरकारी कर्मचारियों की अनिश्चितता को समाप्त करने की कोशिश की है, जो 2003 के बाद से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस योजना का सीधा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो 1 अप्रैल 2003 के बाद सरकारी सेवा में शामिल हुए हैं। अब तक ये कर्मचारी ‘अंशदायी पेंशन योजना’ (सीपीएस) के दायरे में थे, जहां रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर था। नई योजना के तहत, 25 वर्ष की अर्हक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को उनके अंतिम आहरित वेतन का 50% सुनिश्चित पेंशन के रूप में दिया जाएगा।इतना ही नहीं, इस योजना में पारिवारिक पेंशन के प्रावधान और समय-समय पर महंगाई भत्ते (डीए) के साथ ‘महंगाई राहत’ (डीआर) को भी जोड़ा गया है, जो इसे पुरानी पेंशन योजना के काफी करीब ले आता है। तमिलनाडु का यह मॉडल केंद्र सरकार की ‘यूनिफाइड पेंशन स्कीम’ (यूपीएस) की तर्ज पर तैयार किया गया लगता है, जहां राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने पूरी तरह से ओपीएस पर लौटने का जोखिम उठाया था, वहीं तमिलनाडु ने एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ चुना है।तमिलनाडु में वर्तमान में लगभग छह लाख सरकारी कर्मचारी और शिक्षक इस बदलाव के केंद्र में हैं। हालांकि, कर्मचारी यूनियनों के भीतर एक वर्ग अब भी ‘बिना किसी अंशदान वाली ओपीएस’ की मांग कर रहा है, जिससे आने वाले समय में कुछ दबाव बने रहने की संभावना है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk

Maharashtra Civic Polls: 'भ्रष्टाचार के आरोप लगाने से पहले करें आत्ममंथन'; भाजपा ने अजित पवार पर किया पलटवार

रविंद्र चव्हाण ने शनिवार को कहा कि अगर भाजपा भी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू करे, तो इससे अजित पवार के लिए गंभीर मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पवार यह स्पष्ट करें कि उनका निशाना किस पार्टी पर है- क्या वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली पार्टी की बात कर रहे हैं?चव्हाण ने कहा कि अजित पवार का बयान नगर निगम चुनावों की पृष्ठभूमि में आया है, जिससे इसके राजनीतिक मकसद पर सवाल उठते हैं। गौरतलब है कि पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम 2017 से 2022 तक भाजपा के शासन में रहा, इसके बाद वहां प्रशासक नियुक्त किया गया। अब 15 जनवरी को निगम चुनाव होने जा रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कल्याण-डोंबिवली समेत कई जगहों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने को गठबंधन की मजबूती से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ आने से विपक्ष लगभग मैदान से बाहर हो गया है।इससे पहले अजित पवार ने नगर निकाय चुनावों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने का बचाव किया था। उन्होंने कहा कि जब तक कोई दोषी साबित न हो, उसे अपराधी नहीं कहा जा सकता। पवार ने खुद पर लगे 70 हजार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले के आरोपों का भी हवाला दिया। हालांकि, एनसीपी द्वारा ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है, जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप हैं और जो फिलहाल जेल में हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk

फैमिली के साथ विदेश से छुट्टियां मनाकर लौटे शाहरुख खान, यूजर्स ने किया ट्रोल; जानिए क्या है वजह?

कई बॉलीवुड सेलेब्स अपने परिवार के साथ न्यू ईयर मनाने देश से बाहर गए थे। कई सेलेब्स अब वापस आ रहे हैं। शाहरुख भी अपनी फैमिली के साथ न्यू ईयर मनाकर देश लौटे हैं। एयरपोर्ट से उनके वीडियो वायरल हैं। इन वीडियो को देखकर यूजर्स ने शाहरुख को जमकर ट्रोल किया है। इसकी वजह क्या रही, जानिए। एयरपोर्ट पर बेटी सुहाना का हाथ थामे दिखे शाहरुख शाहरुख खान के पत्नी गौरी और बेटी सुहाना के साथ कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। इन वीडियो में वह एक परफेक्ट फैमिली नजर आ रहे हैं। कई फैंस ने इस बात की तारीफ की है। लेकिन कुछ लोगों ने शाहरुख को जमकर ट्रोल किया है। इस ट्रोलिंग के पीछे की वजह पिछले दिनों हुआ एक विवाद रहा है। इस विवाद के केंद्र में शाहरुख खान ही रहे हैं। यूजर्स ने किंग खान को जमकर ट्रोल किया सोशल मीडिया यूजर्स ने शाहरुख को लेकर ट्रोल करने वाले कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा, ‘बांग्लादेश से आ रहे हैं।’ एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, ‘अगर थोड़ी सी शरम बची हो तो शाहरुख खान हिंदुस्तान से मांफी मांगे।’ एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, ‘क्या देश छोड़कर भाग रहे हो।’ आखिर में इस ट्रोलिंग की असल वजह पर एक यूजर ने कमेंट किया, ‘बांग्लादेशी क्रिकेटर को बाहर करो।’ दरअसल, यह सब ट्रोलिंग इसी वजह से हो रही है। दरअसल, शाहरुख खान आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक हैं। इस आईपीएल टीम में हाल ही में एक बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिज़ुर रहमान को शामिल करने की बात सामने आई। इस खबर के सामने आते ही शाहरुख खान विवादों में घिर गए। क्यों बांग्लादेशी क्रिकेटर के कारण विवाद में घिरे शाहरुख? पिछले दिनों बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के हिंसा की घटनाएं हुईं। भारत और बांग्लादेश के राजनीतिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk

BMC Elections: मतदान से पहले महायुति के 68 प्रत्याशी निर्विरोध जीते, भाजपा के अकेले 44 शामिल; आयोग करेगा जांच

महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले भाजपा और महायुति गठबंधन के सहयोगियों ने 68 सीटें निर्विरोध जीत ली है। इसमें अकेले भाजपा के 44 उम्मीदवार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के 22 और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दो उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने उन नगर निकायों से रिपोर्ट मांगी है, जहां सत्तारूढ़ दलों के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। ये भी पढ़ें - Maharashtra Civic Polls: ‘मैं भी घोटाले का आरोपी…’, अजित पवार दागी प्रत्याशी उतारने के फैसले का बचाव कर बोले महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में शुक्रवार को नामांकन वापसी का आखिरी दिन था। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने शुक्रवार देर शाम को बताया कि भाजपा और महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो नगर निकाय के चुनाव में पार्टी की बढ़ती ताकत और लोकप्रियता को दर्शाता है।केशव उपाध्याय ने बताया कि निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में भाजपा के 44 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें सबसे अधिक 15 उम्मीदवार ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) से है, जबकि यहां से शिवसेना के 6 उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं। इसके बाद पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, पनवेल, भिवंडी, धुले, जलगांव और अहिल्यानगर हैं। बड़ी संख्या में सत्तापक्ष के उम्मीदवारों के निर्विरोध जीतने के मामले में विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं।वहीं, निर्वाचन आयोग ने फैसला किया है कि वह इस बात की जांच करेगा कि क्या निर्विरोध चुने जान के मकसद से नामांकन वापस लेने के लिए विपक्षी उम्मीदवारों पर कोई दबाव तो नहीं डाला गया या उन्हें कोई प्रलोभन तो नहीं दिया गया।गौरतलब है कि 29 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk

Bangladesh: 'हमने उसे जिंदा जला दिया', पुलिस के SI संतोष की हत्या पर छात्र नेता का दावा; वीडियो वायरल

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने देशभर में आक्रोश फैला दिया है, जिसमें एक कथित छात्र नेता खुलेआम एक हिंदू पुलिस अफसर की लिंचिंग पर डींग मारता दिखाई दे रहा है। The boy is a student coordinator from Habiganj district. He is openly threatening the Officer-in-Charge of a police station, saying he will burn the station down. He even boasts that during the July movement they had already set the Baniachong police station on fire. He goes even… pic.twitter.com/CNzirf99Vg — Sahidul Hasan Khokon (@SahidulKhokonbd) January 2, 2026 यह वीडियो एक्स पर एक पत्रकार और लेखक साहिदुल हसन खोकोन ने शेयर किया था। वीडियो में युवक खुद को हबीगंज जिले का छात्र समन्वयक बताते हुए पुलिस अधिकारियों को खुलेआम धमकी देता नजर आता है। वह कहता है कि जुलाई 2024 के आंदोलन के दौरान उन्होंने एक पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था और हिंदू सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू को जिंदा जला दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि वह यह बयान एक पुलिस थाने के भीतर बैठकर, बिना किसी डर या पछतावे के देता है। हालांकि, अमर उजाला इस वीडियो की प्रामाणिकता, वक्ता की पहचान या वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं कर रहा है। पुराने जख्म एक बार फिर हरे इस बयान ने अगस्त 2024 में हुई उस भयावह घटना को फिर से चर्चा में ला दिया है, जब हबीगंज जिले के बनियाचोंग थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 3, 2026 · 2 min · National Desk