Delhi: जामियानगर के ओखला विहार में अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी, भारी पुलिस बल तैनात

ईरान पर इस्राइली और अमेरिका ने मिलकर हमला किया। जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। वहीं, दिल्ली के जामियानगर इलाके के ओखला विहार में शिया समुदाय के करीब 100 से 150 लोग इकट्ठा हुए। इन लोगों ने अमेरिका ओर इस्राइली के खिलाफ नारेबाजी की। जोहर की नमाज से पहले थोड़ी देर नारेबाजी हुई। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अमेरिकी और इस्राइली नेताओं (डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू) के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया जताई। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने हालात पर नजर बनाए रखी। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई के प्रति समर्थन और अमेरिका-इस्राइल के हमलों की निंदा भी की।लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।वहीं कश्मीर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। अधिकारियों के अनुसार, खासतौर पर शिया आबादी वाले इलाकों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारे लगाए, ईरान के साथ एकजुटता व्यक्त की और हमले की निंदा की। प्रदर्शनों में खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के समर्थन में बैनर दिखाए गए, साथ ही काले झंडे और पारंपरिक शोक गीत (नौहा) भी गाए गए। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 2 min · National Desk

Jonny Bairstow: अबू धाबी में फंसे इंग्लिश क्रिकेटर जॉनी बेयरस्टो, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से मदद की गुहार लगाई

1 of 5 जॉनी बेयरस्टो (पुरानी तस्वीर) - फोटो : ANI Link Copied मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब खेल जगत पर भी दिखने लगा है। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हो गई, जिसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दीं या उनके रूट बदल दिए। इसी उथल-पुथल के बीच इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो अबू धाबी में फंस गए हैं। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 5 जॉनी बेयरस्टो (पुरानी तस्वीर) - फोटो : ANI इंग्लैंड लायंस टीम के साथ बतौर कोच अबू धाबी आए जॉनी बेयरस्टो ने मदद की गुहार लगाई है। शनिवार शाम इंग्लैंड के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान पर अपना बयान पोस्ट किया था। इसका जवाब बेयरस्टो ने रविवार सुबह दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘क्या आप हमें घर पहुंचा सकते हैं?’ 3 of 5 जॉनी बेयरस्टो (पुरानी तस्वीर) - फोटो : ANI बेयरस्टो ने अपनी फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि मौजूद चैनलों से संपर्क करने की कोशिशों का कोई जवाब नहीं मिला। एमिरेट्स को टैग करते हुए उन्होंने लिखा, ‘फ्लाइट कैंसिल होने के बाद हमसे कोई बातचीत नहीं हुई है। बातचीत के तरीके आजमाए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। क्या कोई कृप्या संपर्क कर सकता है?’ 4 of 5 जॉनी बेयरस्टो (पुरानी तस्वीर) - फोटो : ANI रविवार को अबू धाबी में पाकिस्तान शाहीन्स के खिलाफ इंग्लैंड लायंस का दूसरा 50 ओवर का गेम स्थगित कर दिया गया, जबकि यूएई में इंग्लैंड विमेंस ट्रेनिंग कैंप में इलाके में मिलिट्री हमलों की वजह से देरी हो गई है। 5 of 5 जॉनी बेयरस्टो (पुरानी तस्वीर) - फोटो : ANI इंग्लैंड और …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 2 min · National Desk

Israel-Iran War: कारोबारियों की बढ़ी चिंता, जूता उद्योग पर संकट; व्यापार में 40 प्रतिशत गिरावट की आशंका

ईरान और इस्राइल के बीच छिड़े युद्ध ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है बल्कि शहर के व्यापारिक गलियारों में भी चिंता की लहर दौड़ गई है। युद्ध के कारण यूरोपीय देशों को होने वाले चमड़ा (लेदर) और हस्तशिल्प निर्यात के सामने लॉजिस्टिक्स और रूट का गंभीर संकट खड़ा होने की आशंका है। आगरा का जूता उद्योग, जो अपनी गुणवत्ता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। अब युद्ध की अनिश्चितता के साए में है। युद्ध के कारण हॉर्मुज जलडमरू मध्य और लाल सागर के रास्तों पर जहाजों के लिए जोखिम बढ़ गया है। ऐसे में आगरा के निर्यातकों को अब माल केप ऑफ गुड होप अफ्रीका के नीचे से घूमकर भेजना पड़ेगा। सामान्य रूट की तुलना में अब माल पहुंचने में 30 से 50 दिन अधिक लगेंगे। लंबा रास्ता होने के कारण माल ढुलाई की लागत दोगुनी होने के आसार हैं।आगरा से दुनिया भर में सालाना करीब 4,000 करोड़ का फुटवियर निर्यात होता है। इसमें से अकेले इस्राइल और मध्य पूर्व के देशों में 250 से 500 करोड़ का कारोबार होता है। आगरा से बड़े पैमाने पर हाई-एंड लेदर जूते और सेफ्टी शूज का निर्यात होता है, जिनकी यूरोप की सुरक्षा एजेंसियों और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी मांग है। इसके अलावा ईरान और इस्राइल में आगरा की पच्चीकारी, पीतल के बर्तन और जरी-जरदोजी के सजावटी सामान की अच्छी खपत है। नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स अध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि रूट बाधित होने और युद्ध की स्थिति के कारण इस वित्त वर्ष में कारोबार में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक बैंकिंग ट्रांजेक्शन (लेन-देन) पर भी असर पड़ना शुरू हो गया है। ईरान पर संभावित नए प्रतिबंधों और इस्राइल में युद्धकाल की स्थिति के कारण छोटे निर्यातकों के लिए भुगतान की रिकवरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: पुडुचेरी को 2700 करोड़ की बड़ी सौगात, प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और डीएमके शासन पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुडुचेरी दौरे के दौरान 2700 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुडुचेरी आना उनके लिए सम्मान की बात है और यह संतों, कवियों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि रही है। उन्होंने याद दिलाया कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती ने इसी धरती से राष्ट्रवाद की अलख जगाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब मैं पहले यहां आया था, तो मैंने ‘BEST पुडुचेरी’ का मंत्र दिया था- जिसका मतलब है बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में यह विजन फल दे रहा है। पुडुचेरी में अच्छा शासन और विकास हुआ है। जब केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश एक ही विजन और लगन से काम करते हैं, तो नतीजे तेजी से और बेहतर होते हैं।पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में उच्च गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 12 लाख करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे पुडुचेरी में बेहतर सड़कें, पेयजल आपूर्ति, तटीय ढांचा, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुडुचेरी को कैपिटल इन्वेस्टमेंट स्कीम के तहत विशेष सहायता दी गई है, जो पहले केवल राज्यों के लिए उपलब्ध थी। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा फंडिंग का मतलब है बेहतर सड़कें, पानी की सप्लाई, कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्कूल, अस्पताल और ऐसे कई प्रोजेक्ट।प्रधानमंत्री ने कहा कि एक मजबूत और सशक्त युवा हमारी तरक्की की नींव है। हम सपनों को सपोर्ट करने के लिए काम कर रहे हैं। एनआईटी कराईकल में नया डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और मॉडर्न हॉस्पिटल की सुविधाएं कई स्टूडे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 2 min · National Desk

युद्ध पर दो खेमों में बंटी दुनिया: बड़गाम से बर्लिन तक, कहीं खामेनेई के पक्ष तो कहीं विरोध में सड़क पर लोग

पश्चिम एशिया में भड़की भीषण जंग ने पूरी दुनिया को दो स्पष्ट कूटनीतिक ध्रुवों में विभाजित कर दिया है। शनिवार सुबह जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के मिसाइल उद्योग व उसकी नौसेना को नेस्तनाबूद करने के लिए बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की, तो वैश्विक राजनीति की लकीरें और गहरी हो गईं। ईरान में हुए मिसाइल हमलों के बाद वाशिंगटन ने इसे ईरानी शासन से खतरों को खत्म करने का मिशन बताया है। इस्त्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इसे अस्तित्व की रक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे ईरानी जनता को अपना भाग्य खुद चुनने का अवसर मिलेगा। संघर्ष शुरू होने के बाद भारत के कश्मीर से लेकर जर्मनी व ब्रिटेन तक कहीं इसके विरोध तो कहीं पक्ष में प्रदर्शन हुए हैं। ईरान के हमले की कई इस्लामी देशों ने भी आलोचना की है और अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले का समर्थन किया है। यूक्रेन, कतर, यूएई, बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब आदि देशों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। यूएई ने ईरान के हमले को कायराना हरकत करार देते हुए जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही है, जबकि सऊदी अरब ने इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यूक्रेन ने भी इस तनाव के लिए सीधे तौर पर ईरान के आंतरिक दमन और हालिया महीनों में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा को जिम्मेदार ठहराया है।यूरोपीय संघ, जर्मनी, फ्रांस व ब्रिटेन ने ईरान से अंधाधुंध सैन्य कार्रवाई रोकने व वार्ता दोबारा शुरू करने की अपील की। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने संयुक्त बयान में कहा, हम पश्चिम एशियाई देशों पर ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। बेल्जियम ने कहा, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: ट्रंप का दावा- मारे गए खामेनेई; बंगाल में आज से BJP की परिवर्तन यात्रा; T20WC में भारत Vs वेस्टइंडीज

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खान की मौत को लेकर लगातार किए जा रहे दावों ने वैश्विक राजनीति में एक अलग भूचाल ला दिया है। पहले इस बात का दावा इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और वहां के कुछ सैन्य अधिकारियों ने की थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात को दोहराया है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों में खामेनेई की मौत हो गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने राज्यभर में 5,000 किलोमीटर लंबी ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत का एलान किया है। यह यात्रा 1 मार्च से शुरू होकर 10 मार्च को कोलकाता में प्रस्तावित समापन तक चलेगी। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की। एक तरफ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति को हिला कर रख दिया है। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के सैन्य और नेतृत्व केंद्रों पर हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा खतरे बढ़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रमुख युद्ध अभियानों की घोषणा की, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा दिया। ऐसे में बढ़ते संघर्ष को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया है। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें पढ़ें एक ही जगह और एक ही क्लिक पर… और पढ़ें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया में तनाव: यूएन महासचिव बोले- अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा, बड़ी चेतावनी भी दी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति को हिला कर रख दिया है। अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के सैन्य और नेतृत्व केंद्रों पर हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा खतरे बढ़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रमुख युद्ध अभियानों की घोषणा की, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा दिया। ऐसे में बढ़ते संघर्ष को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया है। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 1 min · National Desk

ट्रंप के रडार पर ईरान के सुप्रीम नेता: कौन हैं अयातुल्ला अली खामेनेई और वे अमेरिका के लिए विलेन क्यों?

अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ एक नया और बेहद आक्रामक साझा सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। ईरान की राजधानी तेहरान में कई धमाके सुने गए हैं और इस हमले का सीधा मकसद ईरान के शीर्ष नेतृत्व खत्म करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की पुष्टि करते हुए खुलेआम ईरानी नागरिकों से अपनी ही सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील कर दी है। इस पूरी भू-राजनीतिक उथल-पुथल और पश्चिम एशिया के नए संकट के केंद्र में सिर्फ एक ही नाम है- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई। आइए आसान सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि 86 वर्षीय खामेनेई कौन हैं और वे पश्चिमी देशों की आंखों की किरकिरी क्यों बने हुए हैं। ताजा अमेरिका-इस्राइल हमले का खामेनेई से क्या सीधा कनेक्शन है? ईरान पर हुए इस ताजा हमले में देश भर के कई इलाकों के साथ-साथ राजधानी तेहरान के उन विशिष्ट क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है, जो सीधे तौर पर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई से जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सात मिसाइलें तेहरान के उत्तर में स्थित राष्ट्रपति भवन और खामेनेई के कार्यालयों (कंपाउंड) के पास गिरी हैं। अमेरिका और इस्राइल की इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य इस्लामी गणराज्य के नेतृत्व को निशाने पर लेना है। हालांकि, हमलों के दौरान खामेनेई तेहरान में मौजूद नहीं थे और उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। आखिर कौन हैं अयातुल्ला अली खामेनेई? 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई एक धर्मगुरु हैं, जो 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर (सर्वोच्च नेता) के पद पर काबिज हैं। उन्होंने ईरान के इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद यह पद संभाला था। खुमैनी ने ही 1979 की इस्लामी क्रांति का नेत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 2 min · National Desk

Israel-Iran War: कतर में फंसे रोहतक के युवा, बोले- आ रही धमाकों की आवाजें; फोन पर बज रहे इमरजेंसी सायरन

काला ने अमर उजाल से फोन पर बात करते हुए बताया कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सभी लोगों को कतर सरकार ने सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह की दी है। फिर भी, चारों ओर डर और दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा रुक-रुककर धमाकों की आवाजें आ रही हैं। इससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है।बकौल काला, यह वर्ल्डवार की आहट लग रही है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के 8 देशों पर अटैक किया है। वे बताते हैं कि उनका 15 साल से यूएई के देशों में काम के लिए आना-जाना रहा है। बीते 3 साल से दोहा में आना-जाना है। फिलहाल वह कतर सरकार के ऑयल व गैस फील्ड में काम कर रहे हैं।ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के ताजा हमलों के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि भारत, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बयान में कहा कि वह सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 1, 2026 · 1 min · National Desk

Israel-Iran War: कतर में फंसे रोहतक के युवा, बोले- आ रही धमाकों की आवाजें; फोन पर बज रहे इमरजेंसी सायरन

काला ने अमर उजाल से फोन पर बात करते हुए बताया कि वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। सभी लोगों को कतर सरकार ने सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह की दी है। फिर भी, चारों ओर डर और दहशत का माहौल है। उन्होंने कहा रुक-रुककर धमाकों की आवाजें आ रही हैं। इससे लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है।बकौल काला, यह वर्ल्डवार की आहट लग रही है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के 8 देशों पर अटैक किया है। वे बताते हैं कि उनका 15 साल से यूएई के देशों में काम के लिए आना-जाना रहा है। बीते 3 साल से दोहा में आना-जाना है। फिलहाल वह कतर सरकार के ऑयल व गैस फील्ड में काम कर रहे हैं।ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के ताजा हमलों के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि भारत, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बयान में कहा कि वह सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

February 28, 2026 · 1 min · National Desk