West Asia Crisis: 'बहुत डरावना था, होटल के पास हो रहे थे धमाके', अबू धाबी से लौटे भारतीयों ने सुनाई आपबीती
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे विवाद की वजह से पिछले कुछ दिनों से हवाई सेवाओं में काफी दिक्कतें आ रही थीं। कई उड़ानें रद्द कर दी गई थीं जिससे यात्री अलग-अलग जगहों पर फंस गए थे। इसी बीच, अबू धाबी से पहली उड़ान बंगलूरू के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंड की, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली। एक यात्री ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वहां का हालात बहुत खौफनाक था। जब उनकी फ्लाइट रद्द हुई, तो एयरलाइन ने उन्हें एक होटल में ठहराया। यात्री के अनुसार, उस होटल के चारों ओर लगातार धमाके हो रहे थे। आसमान में मिसाइलों को नष्ट किया जा रहा था और वे हर तरफ से धमाकों की आवाजें सुन सकते थे। यात्रियों ने बताया कि वे वहां बहुत डरे हुए थे, लेकिन अब भारत वापस लौटकर बहुत खुश हैं।हालांकि अभी हालात गंभीर बने हुए हैं। वहां फंसे भारतीय छात्रों के लिए संकट की स्थिति बन हुई है। छात्रों की वतन वापसी के लिए भारत सरकार प्रयास में लगी हुई है। ईरान-भारत के बीच समन्वय के तहत वहां फंसे छात्रों को बिना किसी विशेष अनुमति के बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुंबई में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के कॉन्सुलेट जनरल सईद रेजा मोसायेब मोतलाग ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि ईरान ने भारत सरकार के साथ मिलकर भारतीय छात्रों को ईरान से निकालने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर रही हैं।उन्होंने बताया कि ईरानी सरकार ने भारतीय छात्रों को युद्ध क्षेत्र से निकालने के लिए इंतजाम किए हैं। छात्रों को बाहर निकलने के लिए कोई विशेष परमिशन नहीं चाहिए और वे हमारे किसी भी जमीनी बॉर्डर पर जाकर ईरान से बाहर निकल सकते हैं। जंग के हालातों के चलते हमारे सभी एयरपोर्ट कंट्रोल में हैं और सुरक्षा कारणों से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...