पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से की बात, होर्मुज से निर्बाध परिवहन पर बनी सहमति

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नहयान से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने यूएई पर हमलों की एक बार फिर निंदा की। इन हमलों में आम लोगों की जान गई और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

March 18, 2026 · 1 min · National Desk

Israel Iran War: 'अभी और सरप्राइज बाकी', लारीजानी और बसीज कमांडर सुलेमानी की मौत का दावा कर बोले नेतन्याहू

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि आज सुबह हमने अली लारिजानी और गुलामरेजा सुलेमानी को खत्म कर दिया। उन्होंने लारीजानी को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड का बॉस बताया। उन्होंने बासिज कमांडर सुलेमानी को गुंडों का सहायक बताया, जो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनकारी अभियानों के लिए जिम्मेदार थे।इस्राइली पीएम ने यह भी कहा कि इस्राइल ईरान के अंदर गहराई तक हवाई हमले कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य वहां की सत्ता को कमजोर करना और आंतरिक बदलाव के हालात बनाना है। उन्होंने कहा कि लारिजानी और बासिज कमांडर दोनों ही ईरान में विरोध प्रदर्शनों को दबाने में शामिल रहे हैं।नेतन्याहू ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग जारी है। इस्राइली विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि इससे ईरानी नागरिकों की सुरक्षा बेहतर होगी। उन्होंने लारिजानी के संदर्भ में कहा कि उन पर अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर का इनाम था, लेकिन हमने यह काम मुफ्त में कर दिया।वहीं, इस्राइल ने चेतावनी दी है कि हिजबुल्ला की ओर से बड़े पैमाने पर रॉकेट हमले की तैयारी के संकेत मिले हैं, जिसके चलते उसकी वायु रक्षा प्रणाली हाई अलर्ट पर है। यह घटनाक्रम उस संघर्ष के बीच हुआ है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हमले में मौत के बाद हुई थी। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस्राइल के साथ कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 18, 2026 · 2 min · National Desk

Assam Assembly Election: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में हलचल, एक सांसद और एक बड़े नेता का इस्तीफा

Ahead of Assam Assembly Elections, Navajyoti Talukdar tenders his resignation from the post of Vice President, AICC Member, and from the primary membership of the Indian National Congress pic.twitter.com/0CT5wkUfer — ANI (@ANI) March 17, 2026 विधानसभा की कुल सीटें: 126 , बहुमत के लिए: 64 126 64 अधिसूचना- 16 मार्च 16 मार्च नामांकन की आखिरी तारीख- 23 मार्च 23 मार्च नामांकन पत्रों की जांच- 24 मार्च 24 मार्च नाम वापसी की आखिरी तारीख- 26 मार्च 26 मार्च मतदान- 9 अप्रैल, नतीजे- 4 मई 2021 के विधानसभा चुनावों में असम में क्या थे नतीजे? वहीं, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता नवज्योति तालुकदार ने पार्टी के उपाध्यक्ष, एआईसीसी सदस्य और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्राथमिक सदस्यता के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को संबोधित करते हुए पोस्ट में इस्तीफे की बात लिखी है।असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि उनका फिलहाल कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई से कोई संपर्क नहीं है, लेकिन भविष्य में बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राजधानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि अभी तक उनकी प्रद्युत बोरदोलोई से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बोरदोलोई ने केंद्रीय गृह मंत्री से संपर्क किया होता, तो उन्हें इसकी जानकारी जरूर होती। फिलहाल ऐसा नहीं लगता कि उन्होंने किसी भाजपा नेता से बात की है।राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा की ओर से अभी प्रत्याशियों के नामों का एलान नहीं किया गया है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने दो सूची जारी करते हुए कुल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 17, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से की बात, होर्मुज से निर्बाध परिवहन पर बनी सहमति

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नहयान से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने यूएई पर हमलों की एक बार फिर निंदा की। इन हमलों में आम लोगों की जान गई और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

March 17, 2026 · 1 min · National Desk

चुनाव के बाद कितनी बदली राज्यसभा की तस्वीर: किसकी सीटों में हुआ इजाफा, कौन से दल रहे नुकसान में? जानें

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के करीब सवा नौ घंटे बाद घोषित परिणाम में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध विजयी रहे। हरियाणा में राज्यसभा सीट जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को 31 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। राज्य में मौजूदा समय में 48 सीटों के साथ भाजपा सबसे मजबूत है। हालांकि, कांग्रेस भी 37 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है। यानी भाजपा-कांग्रेस के लिए एक-एक सीट के साथ मुकाबला बराबर रहना तय था। हालांकि, इसमें पेच निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल की वजह से आया।बताया गया है कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि कुल पांच वोट रद्द हुए। इसमें कांग्रेस के चार व भाजपा का एक वोट शामिल है। दूसरी तरफ इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दो विधायकों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। ऐसे में किसी उम्मीदवार को राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए कुल 28.66 वोट हासिल करने थे।इसे ऐसे समझें- हरियाणा में कुल 90 सीटें हैं। इनमें इनेलो के दो विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया, जबकि पांच वोट रद्द हुए। यानी कुल वोट 83। भाजपा के 48, निर्दलीय तीन और कांग्रेस के पांच क्रॉस वोट और एक वोट रद्द। यानी भाजपा के पास कुल वोट हुए- 55, जबकि जीत के लिए समर्थन का आंकड़ा था 28.66 वोटों का। इसके बाद भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध को जीत मिली, जबकि सतीश नांदल को हार मिली। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 17, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप को बड़ा झटका: 'इस्राइल के दबाव में किया ईरान पर हमला', अमेरिकी आतंकरोधी एजेंसी के प्रमुख का इस्तीफा

After much reflection, I have decided to resign from my position as Director of the National Counterterrorism Center, effective today. I cannot in good conscience support the ongoing war in Iran. Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this… pic.twitter.com/prtu86DpEr — Joe Kent (@joekent16jan19) March 17, 2026 जो केंट ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था। उनके मुताबिक यह युद्ध अमेरिका ने अपनी सुरक्षा की वजह से नहीं बल्कि इस्राइल और अमेरिका में उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया है। केंट ने कहा कि वह ऐसी नीति का समर्थन नहीं कर सकते जिसमें बिना स्पष्ट खतरे के युद्ध छेड़ा जाए।जो केंट ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के लिए कोई तत्काल या प्रत्यक्ष खतरा पैदा नहीं किया था। उनके मुताबिक हालात ऐसे नहीं थे कि युद्ध की जरूरत पड़ती। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में अमेरिका की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। केंट ने यह भी कहा कि युद्ध का फैसला दबाव और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण लिया गया।जो केंट अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक थे। इस एजेंसी की जिम्मेदारी दुनिया भर में आतंकवादी खतरों का विश्लेषण करना और उनसे निपटने की रणनीति बनाना होती है। केंट को जुलाई में सीनेट में 52-44 वोट से इस पद के लिए मंजूरी मिली थी। इससे पहले वह राजनीति में भी सक्रिय रहे और वॉशिंगटन राज्य से कांग्रेस चुनाव भी लड़ चुके हैं।जो केंट का लंबा सैन्य और खुफिया अनुभव रहा है। वह अमेरिकी सेना में ग्रीन बेरेट कमांडो के रूप में काम कर चुके हैं और 11 बार अलग-अलग मिशनों में तैनात रहे हैं। सेना छ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 17, 2026 · 2 min · National Desk

KC Tyagi Resign: दो दशक बाद जेडीयू से अलग हुए पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी, नीतीश कुमार पर भी कही ये बात

केसी त्यागी ने साफ कहा कि वह जेडीयू से अलग हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो गया है और इस बार उन्होंने अपनी सदस्यता नवीनीकरण नहीं कराया। त्यागी ने कहा कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसला करेंगे और इसके लिए अपने साथियों व समर्थकों से चर्चा करेंगे।केसी त्यागी जेडीयू के गठन के समय से ही पार्टी के साथ जुड़े हुए थे। अक्तूबर 2003 में समता पार्टी और जनता दल के विलय से जेडीयू का गठन हुआ था। तब से लेकर अब तक वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने पार्टी में मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।पार्टी छोड़ने के बावजूद केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ उनका करीब आधी सदी पुराना संबंध रहा है और उनके प्रति उनका व्यक्तिगत सम्मान पहले की तरह ही बना रहेगा। त्यागी ने कहा कि राजनीतिक फैसले अलग हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रिश्ते कायम रहते हैं।केसी त्यागी ने कहा कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य पर फैसला करेंगे। उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2026 को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलांकर हॉल में समान विचारधारा वाले लोगों की बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी और आगे की दिशा तय की जाएगी।त्यागी ने कहा कि वह आगे भी भारत रत्न चौधरी चरण सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा से प्रेरित रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के गरीब, किसान और वंचित वर्ग के हितों के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 17, 2026 · 2 min · National Desk

MEA: 'ईरान से चल रही बातचीत, भारतीय जहाजों को वापस लाना लक्ष्य', होर्मुज संकट पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा? एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ईरान और अन्य देशों के साथ हमारी बातचीत जारी है। जैसा कि हमारे विशेष सचिव ने बताया, कई जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद हैं। हमारा इरादा ईरान और अन्य देशों के साथ मिलकर इन जहाजों को सुरक्षित वापस लाना है। यही हमारा उद्देश्य है और इस मुद्दे पर बातचीत जारी है। मानवीय सहायता के संबंध में भी हम ईरान के साथ कई मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। ब्रिक्स के रुख पर क्या कहा? रणधीर जायसवाल ने कहा, ब्रिक्स की अध्यक्षता हमारे पास है। ब्रिक्स आपसी सहमति के आधार पर काम करता है। जैसा कि आप जानते हैं, इस समय चल रहे संघर्ष में ब्रिक्स के कई सदस्य शामिल हैं। इसी वजह से देशों के बीच अलग-अलग रुख को एक साथ लाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन हम सभी पक्षों के साथ लगातार जुड़े हुए हैं और बातचीत कर रहे हैं। विदेश मंत्री की ब्रसेल्स यात्रा पर क्या कहा? विदेश मंत्रालय ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूरोप के अपने समकक्षों के साथ वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर चर्चा की। यह बातचीत विदेश मामलों की परिषद की बैठक के दौरान हुई। प्रवक्ता जायसवाल ने आगे कहा, हमारे विदेश मंत्री ब्रसेल्स गए थे। उन्हें यूरोपीय संघ की शीर्ष प्रतिनिधि काजा कालास ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों की परिषद की बैठक में आमंत्रित किया था। इस बैठक में भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के अलावा वैश्विक चुनौतियों, खासकर पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके ऊर्जा सुरक्षा पर असर पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने इस संघर्ष को जल्द खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति की जरू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 17, 2026 · 2 min · National Desk

TMC ने जारी की 291 उम्मीदवारों की सूची: भवानीपुर से ममता-शुभेंदु की लड़ाई तय, मंत्री मनोज तिवारी का पत्ता कटा

विधानसभा क्र. विधानसभा सीट उम्मीदवार 1 मेखलीगंज (अजा) परेश चंद्र अधिकारी 2 माथाभांगा (अजा) साबलु बर्मन 3 कूचबिहार उत्तर (अजा) पार्थ प्रतिम रॉय 4 कूचबिहार दक्षिण अभिजीत दे भौमिक (हिप्पी) 5 सीतलकुची (अजा) हरिहर दास 6 सिताई (अजा) संगीता रॉय बसुनिया 7 दिनहाटा उदयन गुहा 8 नाटाबाड़ी शैलेन बर्मा 9 तूफानगंज शिब शंकर पॉल 10 कुमारग्राम (अजजा) राजीव तिर्की 11 कालचीनी (अजजा) बीरेंद्र बारा 12 अलीपुरद्वार सुमन कांजीलाल 13 फालाकाटा (अजा) सुभाष चंद्र रॉय 14 मदारीहाट (अजजा) जयप्रकाश टोप्पो 15 धुपगुड़ी (अजा) डॉ. निर्मल चंद्र रॉय 16 मयनागुड़ी (अजा) राम मोहन रॉय 17 जलपाईगुड़ी (अजा) कृष्णा दास 18 राजगंज (अजा) स्वप्ना बर्मन 19 डाबग्राम-फूलबाड़ी रंजन शील शर्मा 20 माल (अजजा) बुलू चिक बड़ाइक 21 नागराकाटा (अजजा) संजय कुजूर 22 कलिम्पोंग (घोषित नहीं) 23 दार्जिलिंग (घोषित नहीं) 24 कुर्सियांग (घोषित नहीं) 25 माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (अजा) शंकर मालाकार 26 सिलीगुड़ी गौतम देब 27 फांसीदेवा (अजजा) रीना टोप्पो एक्का 28 चोपड़ा हमीदुल रहमान 29 इस्लामपुर कन्हैया लाल अग्रवाल 30 ग्वालपोखर मो. गुलाम रब्बानी 31 चाकुलिया मिन्हाजुल आरफिन आजाद 32 करनदिघी गौतम पॉल 33 हेमताबाद (अजा) सत्यजीत बर्मन 34 कलियागंज (अजा) निताई बैश्य 35 रायगंज कृष्णा कल्याणी 36 ईटाहर मुसर्रफ हुसैन 37 कुशमंडी (अजा) रेखा रॉय 38 कुमारगंज तोरफ हुसैन मंडल 39 बालुरघाट अर्पिता घोष 40 तपन (अजजा) चिंतामणि बिहा 41 गंगारामपुर (अजा) गौतम दास 42 हरिरामपुर बिप्लव मित्रा 43 हबीबपुर (अजजा) अमल किस्कू 44 गाजोल (अजा) प्रसेनजीत दास 45 चंचल प्रसून बनर्जी 46 हरिश्चंद्रपुर मो. मतेबुर रहमान 47 मालतीपुर अब्दुल रहीम बक्सी 48 रतु …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 17, 2026 · 2 min · National Desk

Trade: चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा पहली बार 9.5 लाख करोड़ रुपये के करीब, आसान भाषा में समझिए इसका कारण

आयात कम करने की कोशिशों के बावजूद भारत की चीन पर यह निर्भरता क्यों? भारत ने सस्ते और खराब गुणवत्ता वाले आयात को रोकने के लिए कई कड़े मानक तय किए हैं, लेकिन देश की विनिर्माण गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए उद्योग अब भी भारी रूप से चीन पर निर्भर हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक से जुड़े सामान, भारी मशीनरी, रसायन और दवाओं से जुड़ी सामग्री (Pharma Ingredients) जैसी आवश्यक चीजों के लिए चीन पर आश्रित है। भारत और चीन के बीच व्यापार में भारी असंतुलन का बड़ा कारण क्या? एक तरफ भारत अपनी विनिर्माण जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर चीन के कच्चे पर निर्भर है, वहीं दूसरी तरफ चीन ने अपने देश में संरक्षणवादी नीतियां अपनाई हुई हैं। कई अपीलों के बावजूद, चीन कड़े निरीक्षण और मानकों का हवाला देकर भारतीय उत्पादों की अपने बाजार में एंट्री को प्रतिबंधित करता है, जिससे व्यापार एकतरफा हो गया है। क्या इस व्यापारिक स्थिति के बीच विदेशी निवेश नियमों में बदलाव किया गया? जी हां, भारत सरकार की ओर से निवेश के मोर्चे पर भी एक नीतिगत कदम उठाया गया है। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने सोमवार को एफडीआई नीति (एफडीआई नीति) में बदलावों को अधिसूचित किया है। नए नियमों के तहत, अब 10% तक चीनी शेयरधारिता वाली विदेशी कंपनियों को ‘ऑटोमैटिक रूट’ के माध्यम से भारत में निवेश करने की अनुमति मिल गई है। चीन के साथ 102 अरब डॉलर का व्यापार घाटा यह साफ करता है कि घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने के बावजूद, भारतीय सप्लाई चेन आज भी बुनियादी कच्चे माल के लिए चीनी आयात पर निर्भर है। स्मार्टफोन और पेट्रोलियम निर्यात में भारी उछाल सकारात्मक संकेत है, लेकिन आयात-निर्यात के अंतर को कम करने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 17, 2026 · 2 min · National Desk