केसी त्यागी ने साफ कहा कि वह जेडीयू से अलग हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी का सदस्यता अभियान समाप्त हो गया है और इस बार उन्होंने अपनी सदस्यता नवीनीकरण नहीं कराया। त्यागी ने कहा कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसला करेंगे और इसके लिए अपने साथियों व समर्थकों से चर्चा करेंगे।केसी त्यागी जेडीयू के गठन के समय से ही पार्टी के साथ जुड़े हुए थे। अक्तूबर 2003 में समता पार्टी और जनता दल के विलय से जेडीयू का गठन हुआ था। तब से लेकर अब तक वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। उन्होंने पार्टी में मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया।पार्टी छोड़ने के बावजूद केसी त्यागी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ उनका करीब आधी सदी पुराना संबंध रहा है और उनके प्रति उनका व्यक्तिगत सम्मान पहले की तरह ही बना रहेगा। त्यागी ने कहा कि राजनीतिक फैसले अलग हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रिश्ते कायम रहते हैं।केसी त्यागी ने कहा कि वह जल्द ही अपने राजनीतिक भविष्य पर फैसला करेंगे। उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2026 को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलांकर हॉल में समान विचारधारा वाले लोगों की बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी और आगे की दिशा तय की जाएगी।त्यागी ने कहा कि वह आगे भी भारत रत्न चौधरी चरण सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया और भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा से प्रेरित रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के गरीब, किसान और वंचित वर्ग के हितों के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें