Uttarakhand: कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की तबीयत बिगड़ी, ऋषिकेश एम्स में भर्ती, हाल जानने पहुंचे सीएम

स्वास्थ्य कारणों के चलते कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। जानकारी के अनुसार, उन्हें अचानक सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अस्पताल मे डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी एम्स ऋषिकेश पहुंचे। उन्होंने महाराज का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य को लेकर विस्तृत जानकारी ली। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 1 min · National Desk

क्या ईरान के हमले से टूट गई कतर की कमर?: देश का 17 प्रतिशत LNG उत्पादन ठप, मरम्मत में लगेंगे तीन से पांच साल

कतरएनर्जी के प्रमुख साद अल-काबी ने बताया कि हमले में एलएनजी उत्पादन से जुड़ा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुआ है। यह प्लांट बनाने में करीब 26 अरब डॉलर की लागत आई थी। उन्होंने कहा कि इस नुकसान के कारण कतर को अपने कई दीर्घकालिक गैस आपूर्ति समझौतों में फोर्स मेज्योर लागू करना पड़ सकता है। इसका असर इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों पर पड़ेगा, जो कतर से गैस लेते हैं। यही बड़ा कारण है कि इस हमले के बाद से कई देशों ने युद्ध रोकने की अपील की। इस हमले के बाद कहीं न कहीं अमेरिका भी थोड़ा बैकफुट पर गया है। क्योंकि इस हमले को उसने इस्राइल का हमला बताया और कहा कि हमें इसकी जानकारी नहीं थी।इस हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झटका दिया है। एलएनजी सप्लाई में कमी आने से कई देशों में गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक उत्पादन प्रभावित रहने से ऊर्जा संकट गहरा सकता है और वैकल्पिक स्रोतों की तलाश तेज होगी। वहीं, कई देशो में महंगाई बढ़ने के भी आसार हैं।कतर के प्रधानमंत्री ने इस हमले को बड़ा झटका बताया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय रिश्तों पर सवाल खड़े हो गए हैं और भरोसा टूट गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कतर शांति चाहता है और ईरान के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है।विश्व व्यापार संगठन ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध से वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की बड़ी मात्रा में खाद और ऊर्जा सप्लाई गुजरती है। अगर यह बाधित होती है तो खेती की लागत बढ़ेगी और खाद्य उत्पादन पर असर पड़ेगा।ऊर्जा और खाद्य दोनों क्षेत्रों पर दबाव बढ़ने से दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 2 min · National Desk

BJP: पश्चिम बंगाल में अपनों पर भरोसा, असम में बाहरी उम्मीदवारों पर दांव; भाजपा की ये रणनीति कितनी होगी कामयाब?

पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा इस बार कुछ बदली रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। पश्चिम बंगाल में इस बार पार्टी ने उन उम्मीदवारों पर ज्यादा दांव लगाया है जो उसके साथ लंबे समय से जुड़े रहे हैं, जबकि असम में कांग्रेस छोड़कर पार्टी में आए उम्मीदवारों को टिकट थमा दिया गया है। पार्टी का मानना है कि दोनों ही राज्यों में उसकी यह रणनीति उसे जीत दिलाने में कामयाब रहेगी। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 1 min · National Desk

अमेरिका-ईरान युद्ध से बढा संकट: पेंटागन ने मांगे 200 अरब डॉलर, ईरान ने इस्राइल फर्स्ट टैक्स कहकर उड़ाया मजाक

पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक बड़े वैश्विक आर्थिक और सैन्य संकट में तब्दील होता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 20वें दिन, यह साफ हो गया है कि जंग में शामिल देशों को इस संघर्ष की भारी आर्थिक कीमत चुकानी होगी। वहीं, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर जल्द ही एक ट्रिलियन डॉलर के ‘इस्राइल फर्स्ट टैक्स’ का बोझ पड़ने वाला है। ईरान की यह टिप्पणी अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) की ओर से युद्ध के वित्तपोषण के लिए संसद से 200 अरब डॉलर के भारी-भरकम बजट की मांग के बाद आई है। ईरान ने अमेरिकियों की खिल्ली उड़ाते हुए क्या प्रतिक्रिया दी? ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पेंटागन द्वारा मांगे गए 200 अरब डॉलर केवल ‘हिमशैल का सिरा’ हैं। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस और बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधा और कहा कि आम अमेरिकी नागरिकों को इस ट्रिलियन-डॉलर के ‘इस्राइल फर्स्ट टैक्स’ के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए, जो जल्द ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला है। क्या अमेरिका ईरान में जमीनी सेना उतारने की तैयारी कर रहा? पेंटागन ने व्हाइट हाउस से अमेरिकी कांग्रेस को 200 अरब डॉलर से अधिक का अनुरोध भेजने की अपील की है, ताकि अमेरिका और इस्राइली बलों के हथियारों के भारी इस्तेमाल की भरपाई की जा सके। पिछले तीन हफ्तों में हजारों ठिकानों पर हुए हमलों के कारण महत्वपूर्ण हथियारों के उत्पादन को तत्काल बढ़ाने की जरूरत है। रक्षा विभाग भी इस आकार के पैकेज की मांग कर रहा है, हालांकि इस भारी बजट मांग का अमेरिकी सांसदों द्वारा विरोध किए जाने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 2 min · National Desk

UP: सीएम योगी बोले- राम मंदिर को अंधविश्वास बताने वाले सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे, अब हालात बदल गए

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर राष्ट्रपति की उपस्थिति में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को भारतीय नवसंवत्सर की शुभकामना दी। हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चा भारतीय आनंदित मुख्यमंत्री ने कहा कि सरयू मैया अयोध्या धाम को पवित्र करते हुए अपने निर्मल जल से पूरे क्षेत्र को पवित्र करती हैं। रामराज्य की अनुभूति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध चल रहे हैं और हम श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठापना कार्यक्रम में सहभागी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने वर्तमान पीढ़ी की प्रशंसा की और कहा कि यह पीढ़ी नववर्ष पर ऐसे किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर नहीं जाती, जहां सनातन के विरोध में कोई कार्य हो रहा है। वह नए वर्ष पर परिवार के साथ मंदिर जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व-मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन, श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, रामदरबार के पवित्र विग्रह की स्थापना, ध्वजा आरोहण और आज श्रीराम यंत्र की स्थापना का कार्यक्रम हर सनातन धर्मावलंबी व सच्चे भारतीय को आनंद से विभोर कर देता है और यही भारत की आस्था है। श्रीराम मंदिर भारत के राष्ट्र मंदिर का बना प्रतीक सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा, कहा कि आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया था। इसे अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो सत्ता बचाने के लिए नोएडा नहीं जाते थे। नोएडा न जाना उनके लिए अंधविश्वास नहीं था, लेकिन राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, कृष्ण- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 2 min · National Desk

MEA: 'सिर्फ हमारे लिए ही नहीं, दुनिया के लिए भी मुश्किल समय', पश्चिम एशिया संकट पर बोला विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत के शीर्ष नेता लगातार विभिन्न देशों के नेताओं के संपर्क में हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुवैत के क्राउन प्रिंस के बीच बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर चिंता जताई गई। भारत ने कूटनीति के जरिए हालात को संभालने और अपने हितों की रक्षा करने की दिशा में काम जारी रखा है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत के प्रयासों का असर भी दिखा है। हाल ही में बातचीत और समन्वय के जरिए भारत अपने दो एलपीजी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने में सफल रहा है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।सरकार ने कहा है कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारतीय दूतावास और सरकार लगातार संपर्क में हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।भारत इस संकट के बीच अपनी ऊर्जा जरूरतों को भी सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है। होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर स्थिति को सामान्य बनाए रखना भारत के लिए जरूरी है, क्योंकि यही रास्ता तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा स्रोत है।विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत कई देशों और हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। सरकार का कहना है कि वह कूटनीति के जरिए समाधान निकालने और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 2 min · National Desk

UP: ओबीसी आरक्षण पर नया अपडेट, पंचायती राज मंत्री बोले- अगली कैबिनेट में मिलेगी मंजूरी; कोई नई गणना नहीं होगी

हाईकोर्ट ने कहा-पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, पंचायतों का कार्यकाल उनकी पहली बैठक से पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। वर्तमान में प्रदेश की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि समय सीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की स्थिति है या नहीं। अगली सुनवाई तक चुनाव संपन्न कराने का पूरा समयबद्ध कार्यक्रम प्रस्तुत करे। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन की याचिका पर दिया है। प्रयागराज निवासी याची ने निर्धारित समय पर चुनाव कराए जाने की मांग की है। उन्होंने इनपर्सन कोर्ट में दलील दी कि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी, जिसके अनुसार पांच साल का सांविधानिक कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो जाएगा। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद प्रेम लाल पटेल केस का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व में राज्य सरकार ने चुनाव की तारीखें तय करने की शक्ति अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी, जिसे असांविधानिक घोषित करते हुए रद्द कर दिया गया था। संविधान का अनुच्छेद 243क स्पष्ट करता है कि चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण केवल निर्वाचन आयोग में निहित है। सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने इस मामले में कानून की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के लिए समय की मांग की है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से अगली तारीख 25 मार्च तक समय सीमा के भीतर चुनाव कराने की स्थिति स्पष्ट करते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान में युद्ध पर सियासत: भारत के रुख को लेकर आलोचनाओं के बीच बोले थरूर- यह कायरता नहीं जिम्मेदार कूटनीति है

पश्चिम एशिया में जंग को लेकर भारत सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस के भीतर ही अलग-अलग राय सामने आई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार के रुख का बचाव करते हुए इसे जिम्मेदार कूटनीति बताया है, जबकि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसी चुप्पी को जिम्मेदारी से पलायन करार दिया था। विदेश नीति में केवल नैतिकता के आधार पर फैसले नहीं लिए जाते- थरूर अपने लेख में शशि थरूर ने कहा कि भले ही यह युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और भारत के मूल सिद्धांतों संप्रभुता, अहिंसा और शांतिपूर्ण समाधान का उल्लंघन करता है, लेकिन विदेश नीति में केवल नैतिकता के आधार पर फैसले नहीं लिए जा सकते। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए संतुलित रुख अपनाना होता है। थरूर के मुताबिक, सरकार की चुप्पी कायरता नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है, और कई बार बिना बयान दिए भी कूटनीतिक रास्ते खुले रखे जा सकते हैं। मौन रहना तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है- सोनिया थरूर ने यह भी कहा कि भारत के पश्चिम एशिया में बड़े हित जुड़े हैं करीब 200 अरब डॉलर का व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और लगभग 90 लाख भारतीयों की मौजूदगी, ऐसे में किसी भी कड़े सार्वजनिक बयान से इन हितों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका के साथ भारत के रक्षा और तकनीकी संबंधों का भी जिक्र करते हुए कहा कि नैतिक भाषण देकर इन संबंधों को खतरे में डालना समझदारी नहीं होगी। वहीं, सोनिया गांधी ने अपने लेख में सरकार की चुप्पी पर कड़ा सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि ईरान के शीर्ष नेता की हत्या जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत का मौन रहना तटस्थता नहीं, बल् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 2 min · National Desk

पालम अग्निकांड में बड़ा खुलासा: दमकल और एंबुलेंस के लिए रुकावट बना गलियों में अतिक्रमण, तड़प-तड़पकर हुई मौत

मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिल्ली सरकार ने वयस्क मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है। नाबालिगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये की तत्काल सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने आग लगने के कारणों की गहराई से जांच के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 1 min · National Desk

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा: भविष्य के युद्धों में ड्रोन अहम, भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया इन युद्धों को देख रही है। इनसे हमें यह सबक मिलता है कि भारत को ड्रोन बनाने के लिए एक ऐसा ईकोसिस्टम तैयार करना होगा, जिसमें हम पूरी तरह आत्मनिर्भर हों। रक्षा मंत्री के अनुसार, भारत की रक्षा तैयारियों और अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है। उन्होंने घरेलू रक्षा कंपनियों के प्रमुखों और सरकारी अधिकारियों से कहा कि हमें ड्रोन तकनीक में किसी भी दूसरे देश के भरोसे नहीं रहना चाहिए।राजनाथ सिंह ने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का मतलब केवल पूरा ड्रोन बनाना नहीं है, बल्कि उसके हर छोटे-बड़े पुर्जे का निर्माण भारत में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रोन के सांचे, सॉफ्टवेयर, इंजन और बैटरी जैसी सभी चीजें ‘मेड इन इंडिया’ होनी चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि यह काम चुनौतीपूर्ण है। इसका कारण यह है कि दुनिया के कई देश ड्रोन तो बनाते हैं, लेकिन उनके जरूरी पुर्जे किसी न किसी देश से ही आयात करते हैं। भारत को इस चुनौती को पार करना होगा।इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई तकनीकों के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये तकनीकें आज पूरी दुनिया में निर्माण के तरीके को बदल रही हैं। सिमुलेशन टेक्नोलॉजी भी भविष्य के लिए नए रास्ते खोल रही है। इस सम्मेलन में देश की प्रमुख रक्षा कंपनियों के बड़े अधिकारी और रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ मौजूद रहे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 19, 2026 · 2 min · National Desk