पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक बड़े वैश्विक आर्थिक और सैन्य संकट में तब्दील होता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 20वें दिन, यह साफ हो गया है कि जंग में शामिल देशों को इस संघर्ष की भारी आर्थिक कीमत चुकानी होगी। वहीं, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर जल्द ही एक ट्रिलियन डॉलर के ‘इस्राइल फर्स्ट टैक्स’ का बोझ पड़ने वाला है। ईरान की यह टिप्पणी अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) की ओर से युद्ध के वित्तपोषण के लिए संसद से 200 अरब डॉलर के भारी-भरकम बजट की मांग के बाद आई है। ईरान ने अमेरिकियों की खिल्ली उड़ाते हुए क्या प्रतिक्रिया दी? ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पेंटागन द्वारा मांगे गए 200 अरब डॉलर केवल ‘हिमशैल का सिरा’ हैं। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस और बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधा और कहा कि आम अमेरिकी नागरिकों को इस ट्रिलियन-डॉलर के ‘इस्राइल फर्स्ट टैक्स’ के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए, जो जल्द ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला है। क्या अमेरिका ईरान में जमीनी सेना उतारने की तैयारी कर रहा? पेंटागन ने व्हाइट हाउस से अमेरिकी कांग्रेस को 200 अरब डॉलर से अधिक का अनुरोध भेजने की अपील की है, ताकि अमेरिका और इस्राइली बलों के हथियारों के भारी इस्तेमाल की भरपाई की जा सके। पिछले तीन हफ्तों में हजारों ठिकानों पर हुए हमलों के कारण महत्वपूर्ण हथियारों के उत्पादन को तत्काल बढ़ाने की जरूरत है। रक्षा विभाग भी इस आकार के पैकेज की मांग कर रहा है, हालांकि इस भारी बजट मांग का अमेरिकी सांसदों द्वारा विरोध किए जाने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अमेरिका-ईरान युद्ध से बढा संकट: पेंटागन ने मांगे 200 अरब डॉलर, ईरान ने इस्राइल फर्स्ट टैक्स कहकर उड़ाया मजाक
पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक बड़े वैश्विक आर्थिक और सैन्य संकट में तब्दील होता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 20वें दिन, यह साफ हो गया है कि जंग में शामिल देशों को इस संघर्ष की भारी आर्थिक कीमत चुकानी होगी। वहीं, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर जल्द ही एक ट्रिलियन डॉलर के 'इस्राइल फर्स्ट टैक्स' का बोझ पड़ने वाला है। ईरान की यह टिप्पणी अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) की ओर से युद्ध के वित्तपोषण के लिए संसद से 200 अरब डॉलर के भारी-भरकम बजट की मांग के बाद आ