विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत के शीर्ष नेता लगातार विभिन्न देशों के नेताओं के संपर्क में हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुवैत के क्राउन प्रिंस के बीच बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय हालात पर चिंता जताई गई। भारत ने कूटनीति के जरिए हालात को संभालने और अपने हितों की रक्षा करने की दिशा में काम जारी रखा है।विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत के प्रयासों का असर भी दिखा है। हाल ही में बातचीत और समन्वय के जरिए भारत अपने दो एलपीजी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने में सफल रहा है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।सरकार ने कहा है कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारतीय दूतावास और सरकार लगातार संपर्क में हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।भारत इस संकट के बीच अपनी ऊर्जा जरूरतों को भी सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा है। होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर स्थिति को सामान्य बनाए रखना भारत के लिए जरूरी है, क्योंकि यही रास्ता तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा स्रोत है।विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत कई देशों और हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। सरकार का कहना है कि वह कूटनीति के जरिए समाधान निकालने और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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