तमिलनाडु में चढ़ा सियासी पारा: स्टालिन ने करुणानिधि स्मारक पर ली जीत की शपथ; उदयनिधि बोले- उखाड़ फेकेंगे NEET
शनिवार को मुख्यमंत्री स्टालिन आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन के उम्मीदवार शानदार जीत दर्ज करने जा रहे हैं। हमने इस ऐतिहासिक जीत के लिए करुणानिधि मेमोरियल पर शपथ ली है। उन्होंने बड़ी बेबाकी से कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि यह चुनाव तमिलनाडु के गौरव और दिल्ली की ताकतों के बीच है। स्टालिन का यह बयान सीधे तौर पर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना है।दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पार्टी की चुनावी रणनीति का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस बार पार्टी ने टिकटों के बंटवारे में युवाओं पर बड़ा दांव खेला है। उदयनिधि के अनुसार, अधिक से अधिक युवाओं को राजनीति में लाने के लिए इस बार नए चेहरों को मौका दिया गया है। मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे युवा उम्मीदवार जनता से सीधा जुड़ाव बनाएंगे और जीत हासिल करेंगे।हालांकि, चुनावी रण में डीएमके का सबसे बड़ा हथियार एक बार फिर ‘नीट’ (NEET) परीक्षा ही रहने वाला है। उदयनिधि ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब से केंद्र में भाजपा सत्ता में आई है, तमिलनाडु पर नीट थोप दिया गया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को नीट से कोई छूट नहीं मिली है, जबकि हम इसके खिलाफ लड़ते रहे हैं। हमारा एकमात्र और अंतिम लक्ष्य इस परीक्षा को पूरी तरह खत्म करना है।तमिलनाडु की जनता के बीच नीट एक बेहद भावनात्मक मुद्दा है। डीएमके इसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर बाहरी हस्तक्षेप के रूप में पेश कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री स्टालिन का ‘दिल्ली बनाम तमिलनाडु’ वाला नैरेटिव क्षेत्रीय पहचान को उभारने की कोशिश है। दक्षिण भारत की राजनीति को समझने वाले विश्लेषकों का मानना है कि करुणानिधि की विरासत की दुहाई और नीट को मुद्दा बना …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...