Iran War: ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था पस्त, लेकिन चीन के लिए कैसे वरदान बन सकता है यह संकट? जानिए सच

पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। इस युद्ध के कारण अपूर्ति शृंखला इतनी बुरी तरह प्रभावित हुई कि पूरी दुनिया असमंजस में है। हालांकि, यह संकट चीन के लिए एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। जहां एक ओर डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और ईरान पर हमलों से वैश्विक बाजार खस्ताहाल हो रहे हैं, वहीं चीन खुद को इस हालात में भी स्थिरता और निश्चितता का प्रतीक बता रहा है। इकोनॉमिस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस युद्ध से चीन की अर्थव्यवस्था को नुकसान तो होगा, लेकिन उसके प्रतिद्वंद्वियों और पड़ोसियों की तुलना में यह असर काफी कम रहेगा। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच चीन की मजबूत तैयारी ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर चीन अपनी बेहतर तैयारी के कारण काफी सुरक्षित स्थिति में है। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश अपने कच्चे तेल का 70% से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते मंगाते हैं, जबकि चीन की इस मार्ग पर निर्भरता केवल एक तिहाई है। इसके अलावा, चीन के कुल ऊर्जा उपयोग में कोयला, परमाणु ऊर्जा और तेजी से बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा की प्रमुख हिस्सेदारी है। चीन पर दबाव और न्यू थ्री उत्पादों की क्या भूमिका? यदि आपूर्ति शृंखला बुरी तरह बाधित होती है, तो चीन के पास लगभग चार महीने का सुरक्षित समुद्री तेल भंडार मौजूद है, जिसे सरकार फिलहाल केवल सबसे खराब स्थिति के लिए बचाकर रखना चाहती है। हालांकि, 23 मार्च को चीन में पेट्रोल की कीमतों में 13% की बढ़ोतरी की गई है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार कच्चे माल की यह बढ़ती लागत चीन को 41 महीनों से चले आ रहे ‘डिफ्लेशन’ (कीमतों में लगातार गिरावट) के खतरनाक दौर से बाहर निकालने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

केरल चुनाव के उम्मीदवारों की कुंडली: किस पार्टी ने कितने दागियों को दिया मौका, करोड़पति उम्मीदवार कितने बढ़े?

केरल चुनाव के उम्मीदवारों की कुंडली: किस पार्टी ने कितने दागियों को दिया मौका, करोड़पति उम्मीदवार कितने बढ़े? यह वीडियो/ हटाएं राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाले एनजीओ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की तरफ से इस बार केरल चुनाव में उतरने वाले 883 में से 863 उम्मीदवारों के एफिडेविट का विश्लेषण किया गया है। इसके जरिए जो आंकड़े सामने आए हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं। आइये जानते हैं कि केरल विधानसभा चुनाव में इस बार उम्मीदवारों का विश्लेषण क्या कहता है… केरल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। इसे लेकर उम्मीदवारों के नामांकन भरने के बाद इसकी जांच प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और अब अधिकतर प्रत्याशी जीत के लिए मैदान में जोर-शोर से उतरे हैं। इस बीच केरल चुनाव में इस बार खड़े होने वाले उम्मीदवारों के राजनीतिक जीवन की कुंडली यानी उनके एफिडेविट के आधार पर एक विश्लेषण सामने आया है। पहले जानें- इस बार केरल में कितने उम्मीदवार? केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 883 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें राष्ट्रीय दलों से कुल 375 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य स्तरीय दलों से 81 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों से 145 उम्मीदवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट पर बोले PM: खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध, दुश्मनी चाहती है कांग्रेस

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मंशा बेहद खतरनाक है। वे चाहते हैं कि पश्चिम एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझ लें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें या कोई ऐसा बयान दे दें, जिससे खाड़ी देशों में रह रहे हमारे भारतीय भाई-बहनों पर बड़ी मुसीबत आ जाए। पीएम मोदी ने सीधे तौर पर कहा कि कांग्रेस जानबूझकर खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है, जिससे देश में डर का माहौल बने और उन्हें केंद्र सरकार को कोसने का मौका मिल सके।प्रधानमंत्री ने विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मैं कांग्रेस और एलडीएफ-यूडीएफ के लोगों से साफ कह देना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह है और चुनाव आते-जाते रहेंगे। मेरे लिए केरल के जो लाखों लोग वहां काम कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और मैं इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।प्रधानमंत्री ने केरल की संस्कृति पर हो रहे हमलों को लेकर भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लेफ्ट और कांग्रेस के भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का सीधा निशाना केरल की महान संस्कृति और आस्था पर है। उन्होंने कहा कि पहले इन लोगों ने सबरीमाला तीर्थ को बदनाम करने की साजिश रची और अब यह इनकी लूट का अड्डा बन गया है।पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि सबरीमाला में जो कुछ भी हुआ वह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यह चोरी एलडीएफ सरकार में हुई और इसके तार कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से जुड़े पाए गए हैं। यही वजह है कि एलडीएफ सरकार इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंप रही है।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हर चीज में झूठ बोलना इनका स्वभाव बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब हम सीएए लेकर आए, तब इन्होंने खूब झूठ फैलाया। आज का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar Politics: क्या होगा बिहार में सत्तारूढ़ दलों का मंत्रिमंडल गणित? सीएम का नाम तय नहीं, कहां-क्या चल रहा?

बिहार का मुख्यमत्री कौन होगा? यह अब तक तय नहीं हुआ है। 10 अप्रैल को सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा में शपथ लेंगे। इसके बाद वह कभी भी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। संभावन है कि खरमास के बाद नई सरकार का गठन कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत कुछ नेताओं ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा चल रही है। दिल्ली में बैठे आलाकामन ने कुछ नामों पर चर्चा कर रही है। अंतिम मुहर अब तक नहीं लग पाई है। इधर, सोशल मीडिया पर नई सरकार के मंत्रिमंडल का गठन भी रोज हो रहा है। ऐसे में क्या है बिहार में सत्तारूढ़ दलों का मंत्रिमंडल गणित आइये जानते हैं… जदयू के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि नई सरकार बनाने में भी नीतीश कुमार की अहम भूमिका होगी। निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि संगठन जिसे भी मुख्यमंत्री के रूप में चुनेगा, वह हमलोगों को सर्वमान्य होगा। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि भाजपा इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 89 विधायक भाजपा के पास है। सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद यह तो तय है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा। इसके लिए दिल्ली दरबार में मंथन चल जारी है। इस स्थिति में डिप्टी सीएम का पद जनता दल यूनाईटेड के पास जाएगा। फिलहाल भाजपा कोटे से दो डिप्टी सीएम हैं। जदयू की ओर से भी दो डिप्टी सीएम का दावा किया जा सकता है। नई कुछ ऐसे नए चेहरों को मौका मिला सकता है। हालांकि, मौजूदा सरकार में बड़े चेहरे हैं उन्हें सरकार रिपीट जरूर करेगी। हाल के दिनों में विपक्ष ने जिन मंत्रियों पर सवाल उठाया है, उनपर NDA दोबारा विचार कर रहा है।राजनीतिक गलियारे से यह बात सामने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

होर्मुज बंद रहा तो भी परेशानी नहीं: तेल-गैस सप्लाई के लिए क्या नई योजना बना रहे खाड़ी देश, भारत को कैसे फायदा?

होर्मुज बंद रहा तो भी परेशानी नहीं: तेल-गैस सप्लाई के लिए क्या नई योजना बना रहे खाड़ी देश, भारत को कैसे फायदा? यह वीडियो/ हटाएं आइये जानते हैं कि खाड़ी देश अब होर्मुज से आगे व्यवस्था पर विचार क्यों कर रहे हैं? जिन वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है, वह क्या हैं? योजनाओं में भारत की क्या भूमिका रही है? अगर योजना जमीन पर उतरती है तो इससे भारत को क्या फायदा होगा? आइये जानते हैं… इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (2 अप्रैल) को एलान किया कि ईरान में अपने लक्ष्य पूरे करने के बाद ही उनकी सेना इस युद्ध से बाहर निकलेगी। उन्होंने कहा कि इस काम में दो से तीन हफ्ते का समय लग सकता है। इस बीच अपनी ऊर्जा सप्लाई के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर खाड़ी देश, जैसे- संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, आदि इसके आगे भी बंद रहने की संभावना को देखते हुए तेल-गैस पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार कर रहे हैं। जिन योजनाओं पर विचार किया जा रहा है, उनमें से एक योजना खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बनाई गई थी। हालांकि, इस पर लंबे समय से काम अटका है। खाड़ी देश अब होर्मुज से आगे व्यवस्था पर विचार क्यों कर रहे हैं? खाड़ी देश होर्मुज जलडमरूमध्य को बायपास करने के लिए नए तेल परिवहन मार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

Indian Ships: भारत के लिए एक और अच्छी खबर, सातवें एलपीजी टैंकर ग्रीन शान्वी ने होर्मुज को सुरक्षित पार किया

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए एक और राहत भरी खबर है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन शान्वी 3 अप्रैल 2026 की रात हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा हुआ था। आने वाले दिनों में दो और भारत-ध्वज वाले एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा और जग विक्रम भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना होंगे। सात भारतीय जहाजों ने होर्मुज किया पार गौरतलब है कि पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ग्रीन शान्वी समेत कुल सात भारतीय एलपीजी टैंकर इस संवेदनशील जलमार्ग को पार कर चुके हैं। ग्रीन शान्वी के ट्रांजिट के बाद अब फारस की खाड़ी में कुल 17 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इनमें तीन अन्य एलपीजी टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक एलएनजी टैंकर, एक केमिकल प्रोडक्ट्स टैंकर, तीन कंटेनर शिप, दो बल्क कैरियर और दो जहाज नियमित मरम्मत (मेंटेनेंस) के लिए शामिल हैं। भारत की कूटनीतिक बातचीत का असर भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की है। ईरान ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि जो देश उसके साथ समन्वय बनाए रखते हैं और शत्रु श्रेणी में नहीं आते, उनके जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा था कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की इजाजत दी जा रही है। होर्मुज क्यों है इतना अहम? होर्मुज जलडमरूमध्य, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद संकरा लेकिन रणनीतिक समुद्री मार्ग है, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की धुरी माना जाता है। हर दिन दो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

मालदा मामला: 'जब अन्याय कानून बन जाए, तो विरोध आखिरी रास्ता'; माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने हिंसा का किया बचाव

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव और हिंसा को लेकर सियासत तेज हो गई है। माकपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम ने इस घटना का बचाव करते हुए कहा कि जब अन्याय कानून बन जाता है, तो विरोध ही एकमात्र रास्ता बचता है। सलीम ने कहा कि यह घटना केंद्र और राज्य सरकार की विफलताओं का परिणाम है, खासकर मतदाता सूची से नाम हटाने के विवाद को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। उनके मुताबिक, जब लोगों के नागरिक और वोटिंग अधिकार प्रभावित होते हैं, तो ऐसे आंदोलन स्वाभाविक हो जाते हैं।मालदा के मोथाबाड़ी इलाके में बुधवार को हालात उस समय बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारी भीड़ ने सड़क जाम, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला किया। इस दौरान सात न्यायिक अधिकारियों को बीडीओ कार्यालय में बंधक बना लिया गया, जबकि एक अधिकारी को वाहन में करीब नौ घंटे तक रोके रखा गया।इस मामले में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच की जिम्मेदारी सीआईडी के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी सौंपी गई है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सक्रिय हुई है। सलीम ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र और चुनाव आयोग जनता को न्याय देने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर पड़ती हैं, तो शासन पुलिस राज्य की तरह व्यवहार करने लगता है, जिससे जनता का विरोध बढ़ना तय है।उन्होंने यह भी दावा किया कि विवादित मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया (SIR) गरीब, अल्पसंख्यक और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के खिलाफ एक तरह का अभियान है। सलीम के अनुसार, बिना स्पष्ट कारणों के लोगों के नाम हटाए गए, जिससे समाज के कई वर्ग प्रभावित हुए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

Unmute Bharat: 'संविधान पर पूरा विश्वास पर राजनीतिक सेक्युलरिज्म अब गाली बन चुका', विपक्षियों पर बरसे ओवैसी

ओवैसी का सबसे बड़ा ख्वाब ओवैसी से जब पूछा गया कि क्या भविष्य में भारत का प्रधानमंत्री कोई मुस्लिम चेहरा बन सकता है? इस पर उन्होंने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा कि उनकी ख्वाहिश देश में एक मुस्लिम महिला हिजाब पहनकर भारत की प्रधानमंत्री बने। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि ऐसा बिल्कुल हो सकता है। पश्चिम बंगाल और टीएमसी के सेक्युलर रवैये पर बात करते हुए ओवैसी ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संविधान की प्रस्तावना में दर्ज सेक्युलरिज्म पर उन्हें पूरा विश्वास है, लेकिन आजकल का ‘पॉलिटिकल सेक्युलरिज्म’ महज एक गाली बनकर रह गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने याद दिलाया कि 2004 में जब वह पहली बार सांसद बने थे, तब ममता खुद भाजपा को समर्थन दे रही थीं। राज्य में मुसलमानों की बदहाली का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि 29 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले बंगाल में सरकारी नौकरियों में उनकी हिस्सेदारी सिर्फ 8% है, और मालदा-मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में पानी में आर्सेनिक की भारी मात्रा उनकी जमीनी हकीकत बयां करती है।कार्यक्रम की शुरुआत में जब ओवैसी से उनके तीखे बयानों और चुनावी रुख को लेकर दोहरे चेहरे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनका कोई दोहरा चेहरा नहीं है और वे जैसे हैं, वैसे ही जनता के सामने रहते हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत की सुरक्षा और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की बात आती है, तो पूरा देश एक सुर में बोलता है और राष्ट्रनीति के मसले पर उनमें कोई विरोधाभास नहीं है। वहीं, जब देश में चुनाव होते हैं, तो राजनीतिक दलों के बीच अपनी पार्टी को जिताने और दूसरों को हराने की होड़ होती है, जो म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

Shashi Tharoor: केरल में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर से मारपीट; जानें पूरा मामला

कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले को निशाना बनाते हुए उनके गनमैन और ड्राइवर पर कथित हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस संबंध में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। कब हुई घटना? पुलिस के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे वांडूर के तिरुवाली के पास चेल्लीथोडे इलाके में हुई। उस समय थरूर कांग्रेस नेता एपी अनिलकुमार के चुनाव प्रचार कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। एफआईआर में क्या बताया गया? वांडूर पुलिस ने बताया कि सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर के अनुसार, आरोपियों का एक पांच सदस्यीय समूह दो वाहनों में सवार होकर आया और उन्होंने सांसद के काफिले की गाड़ी को रास्ते में रोक लिया। आरोपियों की पहचान कर ली गई है पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर घटना हुई वह सड़क काफी संकरी है। गनमैन ने केवल आगे चल रहे वाहन से काफिले को रास्ता देने के लिए थोड़ा तेज चलने का अनुरोध किया था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और जब गनमैन ने रास्ता साफ कराने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उस पर और ड्राइवर पर कथित तौर पर हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आए। देर रात एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया, जबकि बाकी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और घटना के पीछे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

नासिक में दर्दनाक हादसा: कुएं में कार गिरने से एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत, मृतकों में छह बच्चे शामिल

कैसे हुआ हादसा? परिवार के सभी सदस्यों की हुई मौत पुलिस के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। परिवार के सभी सदस्य एक समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर पास के एक कुएं में जा गिरी।सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। राहत-बचाव अभियान के तहत दो क्रेन और तैराकों की मदद से आधी रात के आसपास कार और उसमें सवार सभी लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।पुलिस ने बताया कि सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदोरे गांव निवासी दरगुड़े परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान सुनील दत्तू दरगुड़े (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुड़े (32) और परिवार के छह बच्चों के रूप में हुई है। बच्चों में पांच लड़कियां (उम्र 7 से 14 वर्ष) और एक 11 वर्षीय लड़का शामिल है।सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डिंडोरी के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 1 min · National Desk