Moody's Report: पश्चिम एशिया तनाव का भारत पर पड़ेगा बड़ा असर, बढ़ेगी महंगाई; जीडीपी वृद्धि दर भी गिरेगी

रिपोर्ट के अनुसार, एलपीजी आपूर्ति में बाधा और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू स्तर पर असर दिख सकता है। इससे परिवहन लागत बढ़ेगी और खाद्य महंगाई पर भी दबाव पड़ेगा, क्योंकि भारत उर्वरकों के आयात पर निर्भर है। पश्चिम एशिया से भारत में कच्चे तेल का लगभग 55 प्रतिशत और एलपीजी का 90 प्रतिशत से अधिक आयात होता है।मूडीज ने नए वित्त वर्ष में औसत महंगाई दर 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो 2025-26 के 2.4 प्रतिशत से अधिक है। एजेंसी के अनुसार, भू-राजनीतिक जोखिमों के चलते महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बढ़ती महंगाई और स्थिर आर्थिक वृद्धि के बीच नीतिगत ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है या धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है, जो संघर्ष की अवधि और उसके प्रभाव पर निर्भर करेगा।एजेंसी के मुताबिक निजी खपत में कमी, औद्योगिक गतिविधियों में नरमी और उच्च लागत के कारण निवेश की गति धीमी पड़ सकती है, जिससे विकास दर प्रभावित होगी।ओईसीडी ने भी हाल ही में भारत की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।वहीं ईवाई की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो वृद्धि दर में लगभग एक प्रतिशत की कमी आ सकती है।घरेलू रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ने वित्त वर्ष 2026-27 में विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।रिपोर्ट के अनुसार, तेल, गैस और उर्वरकों की ऊंची कीमतों से सरकारी सब्सिडी का बोझ बढ़ेगा और राजस्व पर दबाव पड़ेगा। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से टैक्स संग्रह पर असर पड़ सकता है।भारत का चालू खाता घाटा 2025 में घटकर 0.4 प्रतिशत रहा, लेकिन 2026-27 में इसके 1-1.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। महंगे आयात और व्यापार में बाधाओं के कारण यह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 5, 2026 · 2 min · National Desk

AAP के लिए राघव चड्ढा का नया वीडियो: 'यह छोटा सा ट्रेलर, पिक्चर अभी बाकी है'; बोले- पंजाब मेरा घर है

राघव चड्ढा ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा है कि, ‘‘आम आदमी पार्टी (आप) के मेरे उन साथियों के लिए, जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने पर मजबूर होना पड़ा कि ‘राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दों को उठाने में विफल रहे’, यह एक छोटा सा ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है। पंजाब मेरे लिए सिर्फ चर्चा का विषय नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कर्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है।’’ To my colleagues in AAP who were forced to issue videos saying that “Raghav Chadha failed to raise Punjab’s issues in Parliament”, here is a small trailer…Picture Abhi Baaki Hai. Punjab isn’t a talking point for me. It is my home, my duty, my soil, my soul❤️ pic.twitter.com/qdTMHK4sqU — Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 5, 2026 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 5, 2026 · 1 min · National Desk

Easter 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने ईस्टर पर दी शुभकामनाएं; देशवासियों से की ये अपील

देश के सर्वोच्च नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ईस्टर के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में कहा ईस्टर की शुभकामनाएं सभी को, खासकर हमारे ईसाई भाइयों और बहनों को! यीशु मसीह के पुनरुत्थान का यह पवित्र पर्व प्रेम, आशा और वैश्विक भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है। यीशु मसीह की शिक्षाएं हमें शांति और सामंजस्य के मार्ग पर ले जाएं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा ईस्टर की शुभकामनाएं। यह पवित्र दिन आशा और नवीनीकरण का प्रतीक है। यह सभी के जीवन में शांति, आनंद और उजाला लाए। पीएम मोदी ने आगे कहा कि यीशु मसीह की शिक्षाएं सभी को दयालु और सहयोगी बनने के लिए प्रेरित करें और समाज में एकता की भावना मजबूत करें। ईस्टर, यीशु मसीह के मृतकों से पुनरुत्थान की याद दिलाता है और यह पूरे विश्व में आशा, प्यार और नई शुरुआत का संदेश देता है।गप्रधानमंत्री मोदी ने इसके अलावा पूर्व उपप्रधानमंत्री और दलित नेता जगजीवन राम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जगजीवन राम का देश के प्रति अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।पीएम मोदी ने ट्वीट किया ‘पूर्व उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम जी को उनकी जयंती पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने अपने जीवन को समानता और सामाजिक न्याय के उद्देश्य को समर्पित किया।’ बिहार के रहने वाले जगजीवन राम अपनी प्रशासनिक क्षमता और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री के रूप में योगदान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने आपातकाल के विरोध में कांग्रेस छोड़ दी थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 5, 2026 · 2 min · National Desk

Assembly Polls: वोटर आईडी चेक करेगी BSF, नियंत्रण में होगा सीसीटीवी; चुनावी ड्यूटी से हटेंगे ये अफसर

बता दें कि पांच राज्यों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर केंद्रीय बलों की तैनाती की जा रही है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लगभग ढाई से तीन लाख जवान, उक्त राज्यों में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराने के मकसद से तैनात किए गए हैं। बीएसएफ के आदेशों में कहा गया है कि पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव में यह सुनिश्चित किया जाए कि इंस्पेक्टर और ऊपर के रैंक में कोई भी ऐसा अधिकारी ड्यूटी पर न हो, जिसने 2024 के लोकसभा चुनाव में इन्हीं पांच राज्यों में ड्यूटी दी है। ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर उन्हें तुरंत प्रभाव से बदला जाए। बल की तरफ से अपनी यूनिटों को यह सख्त हिदायत दी गई है कि वे इस काम को अविलंब पूरा करें। फ्रंटियर हेडक्वार्टर, जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करेगा।बीएसएफ के एक पुरुष और एक महिला जवान को प्रत्येक पोलिंग बूथ पर तैनात किया जाए। उनका काम, वोटरों के पहचान पत्रों की जांच करना होगा। वहां पर लगे सीसीटीवी, पूरी तरह से बीएसएफ के दो जवानों के नियंत्रण में रहेंगे। वे जवान यह सुनिश्चित करेंगे कि सीसीटीवी ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं। इतनी ही नहीं वे सीसीटीवी की फीड की भी मॉनीटरिंग करेंगे।टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक, इस तरह के आदेश जारी कर चुनाव आयोग के स्थापित नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वोटरों की आईडी चेक करना, यह कार्य परंपरागत रूप से केवल चुनाव आयोग के मतदान अधिकारियों का होता है, न कि अर्धसैनिक बलों का। बीएसएफ डीजी ने प्रत्येक बूथ पर जवानों की तैनाती और क्लोज-सर्किट कैम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 5, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia: अपने ही बढ़ा रहे कांग्रेस की मुश्किलें; थरूर के बाद सरकार के साथ आनंद शर्मा, कमलनाथ व मनीष तिवारी

यह वीडियो/ हटाएं कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट से निपटने के तरीके पर सरकार के साथ खड़े नजर आकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस को असहज स्थिति में डाल चुके पार्टी सांसद शशि थरूर के अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और मनीष तिवारी ने पिछले कुछ दिनों में पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग राय जताई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 5, 2026 · 1 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: कहीं हिंसा, कहीं ध्रुवीकरण की कोशिश; विश्लेषकों ने बताया कहां कैसे चल रहा चुनाव

पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुदुचेरी में चुनावी सरगर्मी चरम पर है। पश्चिम बंगाल और केरल में हिंसा की घटनाएं सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। मलदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। वहीं, केरल में कांग्रेस नेता शशि थरूर के काफिले पर शनिवार को हमला कर दिया गया। चुनावी हिंसा और उसके परिणामों पर असर को लेकर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और अजय सेतिया मौजूद रहे। राकेश शुक्ल: ममता बनर्जी दो राष्ट्रीय पार्टियों के बीच अपने आप को सैंडविच नहीं बनाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने ये मुद्दा चुना। वो नहीं चाहती थीं कि उनके 15 साल के शासन पर सवाल हो। इसलिए उन्होंने एसआईआर को मुद्दा बनाया। आजादी के बाद से जो भी बंगाल के मिजाज से पार्टियां बनीं वो सत्ता में रहीं। भाजपा अब तक बंगाल के मिजाज के हिसाब की पार्टी नहीं बन सकी है। इसलिए अब तक वो सत्ता में नहीं आ सकी है। बंगाल का ये चुनाव भय और विश्वास का चुनाव है। असम के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का मुद्दा क्यों बन गए। दो राज्यों का चुनाव दो मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। असम का चुनाव पाकिस्तान के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है। वहीं, पश्चिम बंगाल का चुनाव बांग्लादेश के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है। अजय सेतिया: बंगाल के चुनाव में हिंसा का लंबा इतिहास है। बाकी राज्यों में अब चुनावी हिंसा लगभग खत्म हो चुकी है। मालदा की घटना को दूसरे परिपेक्ष्य में देखना चाहिए। ममता सुप्रीम कोर्ट नहीं आईं होतीं तो सुप्रीम कोर्ट वहां न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति नहीं करता। तो ये मामला होता ही नहीं। न्यायिक अधिकारियों का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

Trump Warns Iran: ट्रंप बोले- ईरान पर 48 घंटे बाद कहर टूटेगा, समझौते और होर्मुज में गतिरोध का जिक्र भी किया

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी टकराव जल्द थमने के संकेत नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ताजा घटनाक्रम में कहा है कि 48 घंटे में अगर ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता है और होर्मुज क्षेत्र में जहाजों की मुक्त और सुरक्षित आवाजाही पर बना हुआ गतिरोध दूर नहीं होता है तो अंजाम बहुत बुरा होगा। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री ने शांति वार्ता को लेकर एक बयान में कहा कि उन्होंने कभी पाकिस्तान जाने से इनकार नहीं किया, लेकिन ईरान अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। ईरान को लेकर ट्रंप ने अपने सबसे ताजा बयान में क्या कुछ कहा है? बीते एक महीने से अधिक समय से जारी जंग किस दिशा में जा रही है? इस खबर में जानिए ऐसे सवालों के जवाब दरअसल, शनिवार शाम करीब सात और साढ़े सात बजे के बीच (भारतीय समयानुसार) ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखे दो अलग-अलग बयानों में ईरान में जारी युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने पहले पोस्ट में लिखा, ‘कल जारी किए गए 1,78,000 नई नौकरियों के आंकड़े जबरदस्त हैं। व्यापार घाटा भी 55% कम हो गया, जो इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है।‘अमेरिका की तरफ से लगाए जा रहे टैरिफ को अपना पसंदीदा शब्द बता चुके ट्रंप ने अपने इस पोस्ट में इसका भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ‘धन्यवाद, मिस्टर टैरिफ़!… एक परमाणु-संपन्न ईरान के कारण पैदा होने वाले खतरे को भी मिटाया जा रहा है।’ ट्रंप ने अपने इस पोस्ट के अंत में रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी नारे- मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) का भी जिक्र किया।इसके करीब आधे घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक और ट्रुथ सोशल पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने ईरान को खुली धमकी दी। ट्रंप ने इस पोस्ट में लिखा, ‘याद रहे कि मैंने ईरान क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

Iran War: ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था पस्त, लेकिन चीन के लिए कैसे वरदान बन सकता है यह संकट? जानिए सच

पश्चिम एशिया में अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है। इस युद्ध के कारण अपूर्ति शृंखला इतनी बुरी तरह प्रभावित हुई कि पूरी दुनिया असमंजस में है। हालांकि, यह संकट चीन के लिए एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। जहां एक ओर डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और ईरान पर हमलों से वैश्विक बाजार खस्ताहाल हो रहे हैं, वहीं चीन खुद को इस हालात में भी स्थिरता और निश्चितता का प्रतीक बता रहा है। इकोनॉमिस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस युद्ध से चीन की अर्थव्यवस्था को नुकसान तो होगा, लेकिन उसके प्रतिद्वंद्वियों और पड़ोसियों की तुलना में यह असर काफी कम रहेगा। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच चीन की मजबूत तैयारी ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर चीन अपनी बेहतर तैयारी के कारण काफी सुरक्षित स्थिति में है। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश अपने कच्चे तेल का 70% से अधिक हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते मंगाते हैं, जबकि चीन की इस मार्ग पर निर्भरता केवल एक तिहाई है। इसके अलावा, चीन के कुल ऊर्जा उपयोग में कोयला, परमाणु ऊर्जा और तेजी से बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा की प्रमुख हिस्सेदारी है। चीन पर दबाव और न्यू थ्री उत्पादों की क्या भूमिका? यदि आपूर्ति शृंखला बुरी तरह बाधित होती है, तो चीन के पास लगभग चार महीने का सुरक्षित समुद्री तेल भंडार मौजूद है, जिसे सरकार फिलहाल केवल सबसे खराब स्थिति के लिए बचाकर रखना चाहती है। हालांकि, 23 मार्च को चीन में पेट्रोल की कीमतों में 13% की बढ़ोतरी की गई है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार कच्चे माल की यह बढ़ती लागत चीन को 41 महीनों से चले आ रहे ‘डिफ्लेशन’ (कीमतों में लगातार गिरावट) के खतरनाक दौर से बाहर निकालने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

केरल चुनाव के उम्मीदवारों की कुंडली: किस पार्टी ने कितने दागियों को दिया मौका, करोड़पति उम्मीदवार कितने बढ़े?

केरल चुनाव के उम्मीदवारों की कुंडली: किस पार्टी ने कितने दागियों को दिया मौका, करोड़पति उम्मीदवार कितने बढ़े? यह वीडियो/ हटाएं राजनीतिक सुधारों के लिए काम करने वाले एनजीओ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की तरफ से इस बार केरल चुनाव में उतरने वाले 883 में से 863 उम्मीदवारों के एफिडेविट का विश्लेषण किया गया है। इसके जरिए जो आंकड़े सामने आए हैं, वह काफी चौंकाने वाले हैं। आइये जानते हैं कि केरल विधानसभा चुनाव में इस बार उम्मीदवारों का विश्लेषण क्या कहता है… केरल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। इसे लेकर उम्मीदवारों के नामांकन भरने के बाद इसकी जांच प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और अब अधिकतर प्रत्याशी जीत के लिए मैदान में जोर-शोर से उतरे हैं। इस बीच केरल चुनाव में इस बार खड़े होने वाले उम्मीदवारों के राजनीतिक जीवन की कुंडली यानी उनके एफिडेविट के आधार पर एक विश्लेषण सामने आया है। पहले जानें- इस बार केरल में कितने उम्मीदवार? केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कुल 883 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें राष्ट्रीय दलों से कुल 375 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य स्तरीय दलों से 81 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों से 145 उम्मीदवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट पर बोले PM: खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध, दुश्मनी चाहती है कांग्रेस

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मंशा बेहद खतरनाक है। वे चाहते हैं कि पश्चिम एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझ लें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें या कोई ऐसा बयान दे दें, जिससे खाड़ी देशों में रह रहे हमारे भारतीय भाई-बहनों पर बड़ी मुसीबत आ जाए। पीएम मोदी ने सीधे तौर पर कहा कि कांग्रेस जानबूझकर खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है, जिससे देश में डर का माहौल बने और उन्हें केंद्र सरकार को कोसने का मौका मिल सके।प्रधानमंत्री ने विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मैं कांग्रेस और एलडीएफ-यूडीएफ के लोगों से साफ कह देना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह है और चुनाव आते-जाते रहेंगे। मेरे लिए केरल के जो लाखों लोग वहां काम कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और मैं इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं।प्रधानमंत्री ने केरल की संस्कृति पर हो रहे हमलों को लेकर भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लेफ्ट और कांग्रेस के भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का सीधा निशाना केरल की महान संस्कृति और आस्था पर है। उन्होंने कहा कि पहले इन लोगों ने सबरीमाला तीर्थ को बदनाम करने की साजिश रची और अब यह इनकी लूट का अड्डा बन गया है।पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि सबरीमाला में जो कुछ भी हुआ वह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यह चोरी एलडीएफ सरकार में हुई और इसके तार कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से जुड़े पाए गए हैं। यही वजह है कि एलडीएफ सरकार इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंप रही है।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हर चीज में झूठ बोलना इनका स्वभाव बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब हम सीएए लेकर आए, तब इन्होंने खूब झूठ फैलाया। आज का …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 4, 2026 · 2 min · National Desk