चीन को सस्ते दामों में तेल बेचेगा अमेरिका?: 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की भी दी धमकी, समझें ट्रंप की दोहरी रणनीति

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और असफल शांति वार्ता के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वह ईरान को हथियार सप्लाई करता है तो उस पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। इस बयान के साथ ही ट्रंप ने चीन को अमेरिका और वेनेजुएला से सस्ता तेल खरीदने का ऑफर भी दे दिया, जिससे वैश्विक राजनीति में नई हलचल मच गई है। ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि चीन ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि अगर यह सच हुआ तो चीन को भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ऐसे किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेगा जो ईरान की सैन्य ताकत बढ़ाए।रिपोर्टों के अनुसार चीन पोर्टेबल एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम यानी MANPAD भेजने की तैयारी में है। ये हथियार कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और वह हमेशा अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है।ट्रंप ने पहले भी कई देशों पर टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की है। भारत, ब्राजील और चीन जैसे देशों पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कानून के खिलाफ बताया था। इसके बावजूद ट्रंप नए-नए तरीकों से टैरिफ लागू करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़त हासिल की जा सके।ट्रंप ने चीन को अमेरिका और वेनेजुएला से सस्ता तेल खरीदने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास तेल की भरपूर क्षमता है और वह ईरान से भी कम कीमत पर तेल दे सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk

'टोल देकर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोकेंगे': वार्ता विफल होने पर भड़के ट्रंप, नाकेबंदी का किया एलान

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान में हुई नाकाम शांति वार्ता के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त और तीखा बयान जारी किया है, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का वादा किया था, लेकिन जानबूझकर उसे तोड़ा, जिससे दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता, डर और संकट की स्थिति पैदा हो गई है। उनके मुताबिक, यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन चुका है और ईरान की गैर-जिम्मेदार हरकतों ने वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने समुद्र में बारूदी माइन्स बिछाई हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही खतरे में पड़ गई है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान की इन हरकतों से उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि खराब हुई है और वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने ईरान को चेतावनी भरे अंदाज में तुरंत इस जलमार्ग को खोलने की मांग की और कहा कि इसे तेजी से लागू किया जाना चाहिए। होर्मुज से पास होने वाले जहाजों की निगरानी करेगी अमेरिकी नौसेना एक दूसरे पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान के साथ हुई बैठक में ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई, लेकिन सबसे अहम मुद्दा परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं हो सका। ट्रंप के अनुसार, इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने वाले सभी जहाजों की निगरानी और रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगी और टोल देकर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को भी अमेरिकी नौसेना रोकेगी। उनका कहना है कि जब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी में पंचायत चुनाव: तीसरी बार बढ़ी मतदाता सूची के प्रकाशन की तिथि, अब 22 अप्रैल को आएगी लिस्ट

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब अंतिम सूची 22 अप्रैल को जारी होगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बारे में जानकारी वेबसाइट के माध्यम से जारी की है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 21 अप्रैल तक मतदाता सूचियों का कंप्यूटरीकरण, मतदेय स्थलों की मैपिंग, वार्डों का क्रमांकन और फोटो प्रतियां तैयार करने का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद 22 अप्रैल को अंतिम सूची प्रकाशित होगी। इसके पहले 15 अप्रैल को अंतिम सूची का प्रकाशन होना था। कागजी कार्रवाई पूरा न होने की वजह से समयावधि बढ़ाई गई है।मालूम हो कि 23 दिसंबर 2025 में आयोग ने पुनरीक्षण की अनंतिम सूची जारी की थी। अनंतिम सूची में 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 40.19 लाख अधिक हैं। इस पर आयोग ने दावे और आपंत्तियां मांगे थे। प्रदेश भर से लाखों आपत्तियां मिलीं।जिसका आयोग ने सुनवाई कर निस्तारण किया। अब जब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा तब मतदाताओं की वास्तविक बढ़ोतरी की संख्या और कुल मतदाताओं का पता चलेगा। सूत्रों के मुताबिक अब आगे समयाविध बढ़ने की कोई संभावना नहीं है। आयोग बढ़ाए गए सात दिनों में बचा काम पूरा कर लेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 1 min · National Desk

ईरान से समझौता किए बिना अमेरिका क्यों लौटे वेंस: किन मुद्दों पर नहीं बन पाई सहमति, अब आगे क्या करेंगे ट्रंप?

ईरान से समझौता किए बिना अमेरिका क्यों लौटे वेंस: किन मुद्दों पर नहीं बन पाई सहमति, अब आगे क्या करेंगे ट्रंप? यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता सफल क्यों नहीं हुई? अमेरिका की तरफ से ईरान को दिया आखिरी और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव क्या रहा? अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्या करेंगे? आइये जानते हैं… अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू है। इस बीच पाकिस्तान में दोनों पक्षों के बीच सीधी वार्ता का आयोजन किया गया। हालांकि, इसमें अमेरिका-ईरान की तरफ से युद्ध को स्थायी तौर पर रोकने के लिए कोई समझौता नहीं किया जा सका। इसके बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल और ईरान के संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल अपने-अपने देश लौट गए। अब चूंकि दोनों पक्षों के बीच वार्ता नाकाम हो चुकी है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य खुलवाने तक पर कोई सहमति नहीं बन पाई है, ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि अमेरिका अब अगला कदम क्या उठा सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच किन मुद्दों पर हुई बात? पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक चली मध्यस्थता वार्ता में कई अहम और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें सबसे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk

'भारत में ईंधन की किल्लत नहीं': सरकार का बड़ा दावा- पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भरे हैं भंडार

मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही, पेट्रोल और डीजल का भंडार भी इतना है कि बाजार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य उछाल के बावजूद सरकार ने घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखा है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने का असर सीधे जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली उत्पाद शुल्क यानी कि एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इसके अलावा, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी गई है। 11 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर लेवी बढ़ाकर 55.50 रुपये और हवाई ईंधन पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।सरकार के मुताबिक, आम घरों की जरूरतों को देखते हुए रिफाइनरियों से एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित कोटे से अलग 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। दवा, खाद्य वितरण और रसायन जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों को भी रोजाना 800 मीट्रिक टन सी3 और सी4 स्ट्रीम की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।शिपिंग मंत्रालय ने भी बड़ी अपडेट दी है। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई है। शिपिंग नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है और अब तक 2,084 भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा चुका है। भार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar News : जन सुराज को बड़ा झटका, कई दिग्गज नेता कांग्रेस में हुए शामिल, सदाकत आश्रम में भव्य मिलन समारोह

बिहार की राजनीति में बढ़ती हलचल के बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को एक बड़ा झटका लगा है। जन सुराज के कई प्रमुख नेताओं ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित एक भव्य मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने सभी नेताओं को कांग्रेस का तिरंगा पहनाकर पार्टी में शामिल किया। कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में गोविंद आनंद, अमित आनंद, अभिराज सिंह, प्रशांत अभिषेक, शायक आलम और प्रोफेसर चंद्रिमा सिंह सहित अन्य कई कार्यकर्ता शामिल हैं। यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 1 min · National Desk

बिहार में नई सरकार को लेकर हलचल तेज: BJP ने शिवराज चौहान को बनाया पर्यवेक्षक; सभी विधायकों को पटना बुलाया

बिहार में 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो जाएगा। इसको लेकर सीएम हाउस में आज बैठक होगी, इसलिए भाजपा और जदयू के विधायकों को पटना में रहने का निर्देश दिया गया है। इस बैठक में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा की जाएगी। मिली जानकारी के मुताबिक़, अगले दो दिनों में सभी मुद्दों पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसके साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद पार्टी ने बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक अधिसूचना में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 13 अप्रैल के बाद शुरू होगी। हालांकि बताया यह भी जा रहा है कि मुमकिन है कि 13 अप्रैल को ही संभवतः मौजूदा सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक हो। इसके बाद खरमास खत्म होते ही 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम प्रस्तावित है। दोनों उप मुख्यमंत्री पहुंचे थे सीएम हाउस बिहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट: गालिबाफ ने बताया आखिर क्यों विफल हुई इस्लामाबाद शांति वार्ता? कहा- अमेरिका पर भरोसा नहीं

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए गालिबाफ ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत के दौरान कई भविष्योन्मुखी और सकारात्मक पहल पेश की थीं, लेकिन अमेरिकी पक्ष ईरान का भरोसा जीतने में पूरी तरह नाकाम रहा। गालिबाफ ने कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और उसे ही तय करना है कि वह ईरान का विश्वास हासिल करना चाहता है या नहीं।ईरानी नेता ने बातचीत शुरू होने से पहले ही अपनी मंशा साफ कर दी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान नेक नीयती और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ मेज पर आया है, लेकिन पिछले दो युद्धों के कड़वे अनुभवों ने ईरान के मन में अमेरिका के प्रति गहरा अविश्वास पैदा कर दिया है। गालिबाफ के अनुसार, अमेरिका की कथनी और करनी में अंतर ही इस विफलता की मुख्य वजह बना।हालांकि गालिबाफ ने अपनी पोस्ट में बहुत ज्यादा विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार बातचीत टूटने के पीछे दो सबसे बड़े कारण रहे। पहला, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की सीमाओं और निगरानी को लेकर दोनों देशों के बीच गहरी खाई बनी हुई है। इसके अलावा, सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज के रास्ते से होने वाले पारगमन को लेकर भी दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन सकी।जानकारों का मानना है कि 1979 की क्रांति के बाद पहली बार दोनों देशों के बीच इस स्तर की सीधी बातचीत हो रही थी, जिससे दुनिया को बड़ी उम्मीदें थीं। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। अमेरिकी पक्ष ने अपने प्रस्ताव को अंतिम और सर्वश्रेष्ठ करार दिया था, लेकिन ईरान ने इसे अपर्याप्त माना।फिलहाल, इस्लामाबाद वार्ता के विफल होने से मध्य पूर्व में तनाव कम होने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk

UFC: ईरान-अमेरिका वार्ता विफल होने के बीच राष्ट्रपति ट्रंप यूएफसी इवेंट में हुए शामिल, लोगों ने की आलोचना

ट्रंप मियामी में यूएफसी 327 में पहुंचे, जहां फाइट देखने के लिए एरीना में जाने से पहले यूएफसी के अध्यक्ष डाना व्हाइट ने उनका स्वागत किया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी बेटी इवांका ट्रंप, पोती काई ट्रंप उनके परिवार के कई सदस्य भी मौजूद रहे। अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी शामिल थे।अमेरिकी राष्ट्रपति की यह मौजूदगी ऐसे समय में हुई है जब इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका की बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई और दोनों पक्षों के बीच मुख्य मतभेद अभी भी सुलझे नहीं हैं। इस्लामाबाद में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि लंबी बातचीत के बावजूद वॉशिंगटन और तेहरान किसी डील पर नहीं पहुंच पाए। ऐसे भू-राजनीतिक तनाव वाले माहौल के बीच ट्रंप के इस इवेंट में शामिल होने की कड़ी आलोचना हो रही है।आलोचकों का कहना है कि एक संवेदनशील भू-राजनीतिक समय के दौरान एक बड़े स्पोर्टिंग इवेंट में राष्ट्रपति की मौजूदगी से गलत मैसेज गया। कई लोगों ने बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच एक हाई-एनर्जी फाइट नाइट में शामिल होने के नजरिए पर सवाल उठाए।विरोध के बावजूद, जब ट्रंप ने एरीना में ग्रैंड एंट्री की, तो भीड़ के कुछ हिस्सों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप के साथ अपना पुरानी यादें ताजा की। यूएफसी कमेंटेटर जो रोगन समेत जाने-माने लोगों ने स्वागत किया। वहीं पूरे इवेंट के दौरान कैमरे का फोकस बार-बार उन पर ही रहा।भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ट्रंप के साथ रुबियो और गोर नजर आ रहे हैं। ट्रंप कुछ लोगों से हाथ मिला रहे हैं। वीडियो के कैप्शन में उन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk

महिला आरक्षण बिल: चुनाव के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने पर जयराम रमेश बोले- ये आचार संहिता का उल्लंघन

जयराम रमेश ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पत्र को शेयर किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद के विशेष सत्र पर अपनी बात रखी है। यह सत्र अगले हफ्ते, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी अभियान के बीच बुलाया जा रहा है, जो कि आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने (खरगे ने) विपक्ष के इस अनुरोध को दोहराया है कि सर्वदलीय बैठक 29 अप्रैल के बाद ही किसी भी समय बुलाई जाए।“दरअसल, महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर विचार-विमर्श करने और उसे पारित करने के लिए अगले सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सभी पार्टियों के सदन के नेताओं को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए समर्थन मांगा, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है। अपने जवाब में खरगे ने लिखा, “विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है और सरकार परिसीमन के संबंध में कोई भी विवरण साझा किए बिना ही एक बार फिर विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा कर रही है।“कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि अगर इस विशेष सत्र का उद्देश्य हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है, तो सरकार को सुझाव है कि 29 अप्रैल के ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 12, 2026 · 2 min · National Desk