यूपी: योगी कैबिनेट के मंत्री बोले- साजिश के तहत नोएडा में भड़का विवाद, पाकिस्तान कनेक्शन की भी हो रही जांच

नोएडा में हिंसा को उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना प्रदेश के विकास और शांति व्यवस्था को बाधित करने के उद्देश्य से कराई गई प्रतीत होती है। पिछले दिनों मेरठ और नोएडा से चार संदिग्ध आतंकवादियों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े थे। ऐसे में प्रदेश में अस्थिरता फैलाने की साजिश की आशंका को बल मिलता है। एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सोमवार को मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम को विफल करने के इरादे से भी इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया गया हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर देश विरोधी ताकतें इस तरह के षड्यंत्र रच रही हैं।श्रम मंत्री ने श्रमिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या बहकावे में न आएं और शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि अराजकता और उग्र आंदोलन किसी समस्या का समाधान नहीं हैं। सरकार आपकी हर बात सुनने के लिए तैयार है।उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों को नोएडा भेजा गया है, जो श्रमिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पहले से भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।अनिल राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और सरकार उनके हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “श्रमेव जयते” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए सरकार लगातार श्रमिक कल्याण के लिए काम कर रही है।उन्होंने दोहराया कि सरकार श्रमिको …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 2 min · National Desk

Noida Labour Protest: नोएडा हिंसा के बाद सख्त हुई योगी सरकार, मजदूर-उद्योग विवाद सुलझाने को बनी हाई लेवल कमेटी

नोएडा में कर्मचारियों की क्या हैं मांगे नोएडा-ग्रेटर नोएडा की गारमेंट फैक्ट्रियों में कार्यरत कर्मचारी हरियाणा के नवीनतम मजदूरी दरों (15,220 रुपए-18,500+ रुपए) के अनुसार वेतन की मांग कर रहे हैं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच वे अपना गुजारा कर सकें। वेतन में अनियमितता इसके आंदोलन का मुख्य कारण है, एक ही कार्य के लिए किसी कर्मचारी को 15 हजार तो किसी को 16 हजार और किसी को कुछ और वेतन दिया जाता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 1 min · National Desk

Noida Labour Protest: नोएडा हिंसा के बाद सख्त हुई योगी सरकार, मजदूर-उद्योग विवाद सुलझाने को बनी हाई लेवल कमेट

नोएडा में कर्मचारियों की क्या हैं मांगे नोएडा-ग्रेटर नोएडा की गारमेंट फैक्ट्रियों में कार्यरत कर्मचारी हरियाणा के नवीनतम मजदूरी दरों (15,220 रुपए-18,500+ रुपए) के अनुसार वेतन की मांग कर रहे हैं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच वे अपना गुजारा कर सकें। वेतन में अनियमितता इसके आंदोलन का मुख्य कारण है, एक ही कार्य के लिए किसी कर्मचारी को 15 हजार तो किसी को 16 हजार और किसी को कुछ और वेतन दिया जाता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 1 min · National Desk

Strait of Hormuz: अमेरिकी नौसेना नाकाबंदी लगाने के लिए तैयार, ईरान के पलटवार के बाद भी पीछे नहीं हट रहे ट्रंप

ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस नाकेबंदी को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गैरकानूनी बताया है। उन्होंने इसे “समुद्री डकैती” कहा और चेतावनी दी कि होर्मुज के पास आने वाले किसी भी युद्धपोत को संघर्षविराम का उल्लंघन माना जाएगा। इससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने चेतावनी जारी की है कि ईरान के तटीय इलाकों और बंदरगाहों पर समुद्री प्रतिबंध लागू हो गए हैं। यह सभी देशों के जहाजों पर लागू होंगे। हालांकि गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा जारी रह सकती है, लेकिन जहाजों को सैन्य निगरानी और जांच का सामना करना पड़ सकता है।अमेरिका के इस फैसले को उसके सहयोगियों का पूरा समर्थन नहीं मिला है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने साफ किया कि उनका देश नाकेबंदी का समर्थन नहीं करता। वहीं यूरोपीय आयोग ने समुद्री रास्तों की आजादी बनाए रखने पर जोर दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि इस मुद्दे पर पश्चिमी देशों में भी मतभेद हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस कदम के जरिए ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहता है, क्योंकि उसकी आय का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात से आता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है, ऐसे में इस नाकेबंदी का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 2 min · National Desk

Pakistan Share Crash: शांति वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान का शेयर बाजार धड़ाम, 6000 अंक टूटा केएसई100

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के विफल होने का सीधा और नकारात्मक असर पाकिस्तान के वित्तीय बाजारों पर देखने को मिला है। सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में भारी बिकवाली का दौर रहा, जिसके चलते प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स केएसई 100 (केएसई 100) में लगभग 6,000 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस भू-राजनीतिक झटके ने निवेशकों के उत्साह को बुरी तरह से प्रभावित किया है। पाकिस्तान का प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक केएसई 100 सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान 3.5 प्रतिशत तक गोता लगाते हुए दिन के निचले स्तर 1,61,638 पर पहुंच गया। बाजार में इस भारी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच एक स्थायी शांति समझौते का अंजाम तक नहीं पहुंच पाना है गौरतलब है कि इस संवेदनशील शांति वार्ता में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन इन दोनों शीर्ष नेतृत्व के कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद जब यह वार्ता किसी ठोस शांति समझौते में तब्दील नहीं हो सकी, तो बाजार में तुरंत निराशा छा गई और निवेशकों ने मुनाफावसूली व बिकवाली शुरू कर दी।सोमवार की यह भारी गिरावट पिछले सप्ताह के कारोबारी रुझान के बिल्कुल विपरीत है। बीते सप्ताह के बुधवार को जब अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी युद्धविराम की खबरें सामने आई थीं, तब पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद जगी थी। उस सकारात्मक खबर से निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ था और केएसई 100 इंडेक्स ने 12,000 से अधिक अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई थी। यह बढ़त निरपेक्ष रूप से इंडेक्स की अब तक की सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त थी। लेकिन वार्ता के विफल होने से यह रिकॉर्ड तेजी कुछ ही दिन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: ईरान में डेढ़ महीने से इंटरनेट सेवाएं ठप; होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर IRGC सख्त

03:22 PM, 13-Apr-2026 इस्राइल तुर्किये को नया दुश्मन बना सकता है- तुर्की विदेश मंत्री तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस्राइल भविष्य में तुर्किये को नया दुश्मन घोषित कर सकता है। उनका कहना है कि इस्राइल अपनी राजनीति को बनाए रखने के लिए हमेशा किसी न किसी दुश्मन की तलाश में रहता है। फिदान ने यह भी बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई बातचीत में भले ही कोई समझौता नहीं हो पाया, लेकिन दोनों पक्ष युद्धविराम को लेकर ईमानदार नजर आते हैं। यह बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर परमाणु मुद्दे पर सब कुछ या कुछ नहीं जैसी स्थिति बनती है, खासकर यूरेनियम संवर्धन को लेकर, तो आगे गंभीर बाधाएं आ सकती हैं। इस बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस्राइल और तुर्किये के रिश्ते बिगड़ते हैं, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की राजनीति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस्राइल भविष्य में तुर्किये को नया दुश्मन घोषित कर सकता है। उनका कहना है कि इस्राइल अपनी राजनीति को बनाए रखने के लिए हमेशा किसी न किसी दुश्मन की तलाश में रहता है। फिदान ने यह भी बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुई बातचीत में भले ही कोई समझौता नहीं हो पाया, लेकिन दोनों पक्ष युद्धविराम को लेकर ईमानदार नजर आते हैं। यह बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई थी।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर परमाणु मुद्दे पर सब कुछ या कुछ नहीं जैसी स्थिति बनती है, खासकर यूरेनियम संवर्धन को लेकर, तो आगे गंभीर बाधाएं आ सकती हैं। इस बयान के बाद म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 2 min · National Desk

संविधान पर खतरा?: सोनिया गांधी बोलीं- महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन है असली मुद्दा, केंद्र सरकार पर साधा निशाना

यह वीडियो/ हटाएं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि संसद के विशेष सत्र में असली मुद्दा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि परिसीमन है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस तरह का परिसीमन प्रस्ताव सामने आ रहा है, वह ‘बहुत खतरनाक’ है और यह संविधान पर हमला जैसा हो सकता है। उन्होंने एक अखबार में लिखे अपने लेख में कहा कि सरकार जिस तेजी से बिल लाना चाहती है, उसके पीछे राजनीतिक फायदा उठाने की मंशा हो सकती है। उनका कहना है कि संसद का यह विशेष सत्र ऐसे समय बुलाया गया है जब नरेंद्र मोदी विपक्ष से समर्थन मांग रहे हैं, लेकिन असली जानकारी साझा नहीं की जा रही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 1 min · National Desk

Top News: आज से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी करेगा US, महिला आरक्षण पर सुनवाई; आशा भोसले का अंतिम संस्कार आज

अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा है कि 13 अप्रैल सुबह 10 बजे से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर नाकाबंदी लागू की जाएगी। वहीं, अयोध्या में श्रद्धालु आज से राम मंदिर परिसर के उप-मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बस-ट्रक की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए हैं। महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी।पश्चिम एशिया में लाल सागर में एक जहाज पर हमले की कोशिश नाकाम हुई है। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने चुनाव में अपनी हार को स्वीकार किया है और इसके साथ ही उनके 16 साल के शासन का अंत हो गया। उत्तर भारत के मौसम में बदलाव को समझने के लिए 35 वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन चल रहा है। मौसम विभाग ने लू और बारिश-बर्फबारी दोनों का अलर्ट जारी किया है और आईपीएल में आरसीबी ने मुंबई इंडियंस को 18 रन से हराया। दिग्गज गायिका आशा भोसले का आज अंतिम संस्कार होगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 1 min · National Desk

'टोल देकर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोकेंगे': वार्ता विफल होने पर भड़के ट्रंप, नाकेबंदी का किया एलान

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान में हुई नाकाम शांति वार्ता के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त और तीखा बयान जारी किया है, जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का वादा किया था, लेकिन जानबूझकर उसे तोड़ा, जिससे दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता, डर और संकट की स्थिति पैदा हो गई है। उनके मुताबिक, यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बन चुका है और ईरान की गैर-जिम्मेदार हरकतों ने वैश्विक व्यवस्था को चुनौती दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने समुद्र में बारूदी माइन्स बिछाई हैं, जिससे जहाजों की आवाजाही खतरे में पड़ गई है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान की इन हरकतों से उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि खराब हुई है और वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने ईरान को चेतावनी भरे अंदाज में तुरंत इस जलमार्ग को खोलने की मांग की और कहा कि इसे तेजी से लागू किया जाना चाहिए। होर्मुज से पास होने वाले जहाजों की निगरानी करेगी अमेरिकी नौसेना एक दूसरे पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान के साथ हुई बैठक में ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन गई, लेकिन सबसे अहम मुद्दा परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं हो सका। ट्रंप के अनुसार, इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने वाले सभी जहाजों की निगरानी और रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगी और टोल देकर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को भी अमेरिकी नौसेना रोकेगी। उनका कहना है कि जब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 2 min · National Desk

चीन को सस्ते दामों में तेल बेचेगा अमेरिका?: 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की भी दी धमकी, समझें ट्रंप की दोहरी रणनीति

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और असफल शांति वार्ता के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। ट्रंप ने चीन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वह ईरान को हथियार सप्लाई करता है तो उस पर 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। इस बयान के साथ ही ट्रंप ने चीन को अमेरिका और वेनेजुएला से सस्ता तेल खरीदने का ऑफर भी दे दिया, जिससे वैश्विक राजनीति में नई हलचल मच गई है। ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि चीन ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि अगर यह सच हुआ तो चीन को भारी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका ऐसे किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेगा जो ईरान की सैन्य ताकत बढ़ाए।रिपोर्टों के अनुसार चीन पोर्टेबल एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम यानी MANPAD भेजने की तैयारी में है। ये हथियार कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। हालांकि, चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी भी पक्ष को हथियार नहीं दिए हैं और वह हमेशा अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है।ट्रंप ने पहले भी कई देशों पर टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की है। भारत, ब्राजील और चीन जैसे देशों पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कानून के खिलाफ बताया था। इसके बावजूद ट्रंप नए-नए तरीकों से टैरिफ लागू करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़त हासिल की जा सके।ट्रंप ने चीन को अमेरिका और वेनेजुएला से सस्ता तेल खरीदने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास तेल की भरपूर क्षमता है और वह ईरान से भी कम कीमत पर तेल दे सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 13, 2026 · 2 min · National Desk