मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही, पेट्रोल और डीजल का भंडार भी इतना है कि बाजार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य उछाल के बावजूद सरकार ने घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखा है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने का असर सीधे जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली उत्पाद शुल्क यानी कि एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इसके अलावा, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी गई है। 11 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर लेवी बढ़ाकर 55.50 रुपये और हवाई ईंधन पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।सरकार के मुताबिक, आम घरों की जरूरतों को देखते हुए रिफाइनरियों से एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित कोटे से अलग 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। दवा, खाद्य वितरण और रसायन जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों को भी रोजाना 800 मीट्रिक टन सी3 और सी4 स्ट्रीम की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।शिपिंग मंत्रालय ने भी बड़ी अपडेट दी है। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई है। शिपिंग नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है और अब तक 2,084 भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा चुका है। भार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
'भारत में ईंधन की किल्लत नहीं': सरकार का बड़ा दावा- पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भरे हैं भंडार
मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही, पेट्रोल और डीजल का भंडार भी इतना है कि बाजार में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य उछाल के बावजूद सरकार ने घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखा है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने का असर सीधे जनता की जेब पर न पड़े, इसके लिए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार