संघर्ष बढ़ने का खतरा… अमेरिका और ईरान के बीच तनाव युद्ध की ओर बढ़ रहा है, इसलिए दोनों पक्ष टकराव टालना चाहते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव युद्ध की ओर बढ़ रहा है, इसलिए दोनों पक्ष टकराव टालना चाहते हैं। वैश्विक दबाव… दुनिया के कई देश चाहते हैं कि हालात शांत हों, ताकि तेल और व्यापार प्रभावित न हो। दुनिया के कई देश चाहते हैं कि हालात शांत हों, ताकि तेल और व्यापार प्रभावित न हो। आर्थिक नुकसान… लगातार तनाव से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, खासकर ईरान पर। लगातार तनाव से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, खासकर ईरान पर। मध्यस्थ देशों की पहल… पाकिस्तान जैसे देश लगातार दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार कर रहे हैं। पाकिस्तान जैसे देश लगातार दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार कर रहे हैं। अधूरी पिछली वार्ता… पिछली बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं हुई, इसलिए उसी को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस यात्रा का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को फिर से पटरी पर लाना और संघर्ष को कम करना है।यह दौरा पाकिस्तान की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान लगातार दोनों देशों के बीच बातचीत को फिर से शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले भी इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बातचीत का दूसरा दौर हो सकता है। उन्होंने कह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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