Top News: ट्रंप बोले- सैन्य कार्रवाई या समझौता, बस दो विकल्प; पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर आज पुनर्मतदान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच कहा कि अमेरिका के सामने स्पष्ट विकल्प हैं - या तो बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाए या फिर सैन्य रास्ते पर आगे बढ़ा जाए। वहीं, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों पर चुनावी धांधली की शिकायतों के बाद 15 मतदान केंद्रों पर आज पुनर्मतदान होगा। इधर, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद देश के उत्तर से लेकर दक्षिण तक के कई राज्यों में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। उधर, अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड्स 2026–27 एक नए, उन्नत रूप में शुरू हो चुका है, जहां हर चरण, हर मूल्यांकन और हर परिणाम एआई से संचालित है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो चुकी है। वहीं, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती को चुनौती दी है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 2, 2026 · 1 min · National Desk

US: 'होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को न दें टोल', अमेरिका ने कंपनियों को दी चेतावनी; लग सकते हैं कड़े प्रतिबंध

ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने इस संबंध में एक सलाह जारी की है। विभाग को ऐसी खबरें मिली हैं कि ईरान जहाजों को डरा-धमका रहा है और सुरक्षित रास्ते के लिए ‘टोल’ के रूप में पैसों की मांग कर रहा है। अमेरिका ने साफ किया है कि यह भुगतान किसी भी रूप में हो, उस पर प्रतिबंधों का खतरा बना रहेगा।भुगतान के तरीकों में नकद पैसा, डिजिटल करेंसी, या किसी संस्था को दिया गया दान भी शामिल हो सकता है। ईरान रेड क्रिसेंट सोसाइटी, बुनियाद मुस्तजाफन या ईरानी दूतावास के खातों के माध्यम से पैसा भेजना भी इसी दायरे में आएगा। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि लेनदेन का तरीका चाहे जो भी हो, जोखिम बना रहेगा।नियमों के मुताबिक, अमेरिकी नागरिकों और वहां की कंपनियों को ईरान सरकार के साथ किसी भी तरह के लेनदेन की मनाही है। वे न तो ईरान को कोई सेवा दे सकते हैं और न ही वहां से कोई सेवा ले सकते हैं। यह पाबंदी तब तक लागू रहेगी जब तक OFAC से इसकी विशेष अनुमति न मिल जाए।यह चेतावनी केवल अमेरिकी कंपनियों के लिए ही नहीं है। अगर कोई विदेशी कंपनी या व्यक्ति ईरान सरकार या उसकी सेना ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के साथ लेनदेन करता है, तो उसे भी सजा भुगतनी पड़ सकती है। विदेशी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी सावधान किया गया है। अगर वे इन लेनदेन में शामिल होते हैं, तो अमेरिका उनके लिए अपने बैंकिंग सिस्टम के दरवाजे बंद कर सकता है।OFAC ने ईरान के डिजिटल एसेट एक्सचेंज के इस्तेमाल से भी बचने को कहा है। अमेरिका ईरान के पेट्रोलियम, पेट्रोकेमिकल और शिपिंग सेक्टर पर अपनी नजर बनाए रखेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही की लगातार निगरानी कर रहा है। ईरानी बंद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 2, 2026 · 2 min · National Desk

MP News: बरगी क्रूज हादसे में सीएम की बड़ी कार्रवाई, पायलट समेत 3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, मैनेजर निलंबित

और पढ़ें बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। कार्रवाई के तहत क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को निलंबित किया गया है। इसके अलावा रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 1 min · National Desk

मतगणना से पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC: विशेष पीठ कल करेगी सुनवाई, पर्यवेक्षकों की तैनाती से जुड़ा है मामला

और पढ़ें तृणमूल कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। यह कदम कोलकाता उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ उठाया गया है। उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल को तृणमूल कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया था। यह याचिका पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से संबंधित थी। तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना में पर्यवेक्षकों की तैनाती पर आपत्ति जताई थी। पार्टी ने केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पर्यवेक्षक बनाने के फैसले को चुनौती दी थी। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मचारी भी शामिल थे। अब सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ 2 मई को इस मामले की सुनवाई करने वाली है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 1 min · National Desk

Petrol Diesel Price: '4 साल 60 दिनों से पेट्रोल-डीजल के भाव स्थिर', हरदीप पुरी का बयान कीमत बढ़ने का संकेत?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेलकी कीमतों में भारी उछाल के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर स्थिति बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। एक तरफ, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने पिछले चार साल से अधिक समय तक कीमतों को स्थिर रखा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि खुदरा कीमतों पर लगी इस रोक के कारण तेल कंपनियों को हो रहे भारी घाटे को देखते हुए निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। कंपनियों को पेट्रोल पर 20 रुपये और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सूरत में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता, युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद, भारत ने 4 साल और 60 दिनों से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उन्होंने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ईंधन की कीमतों में 39 से 66 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि हुई है और उन्हें किल्लत व राशनिंग जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ने घबराहट में कोई नीतिगत फैसला नहीं लिया और पूरी तरह से आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के बाद, भारत म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 2 min · National Desk

Bengal: मतगणना से पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, केंद्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती पर HC से रद्द हुई थी याचिका

और पढ़ें तृणमूल कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। यह कदम कोलकाता उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ उठाया गया है। उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल को तृणमूल कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया था। यह याचिका पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से संबंधित थी। तृणमूल कांग्रेस ने मतगणना में पर्यवेक्षकों की तैनाती पर आपत्ति जताई थी। पार्टी ने केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पर्यवेक्षक बनाने के फैसले को चुनौती दी थी। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मचारी भी शामिल थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 1 min · National Desk

Petrol Diesel Price: वैश्विक तनाव और महंगे क्रूड का असर, क्या देश में जल्द बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के बाद, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि लगभग चार साल से खुदरा कीमतों पर लगी रोक के कारण तेल कंपनियों को हो रहे भारी घाटे को देखते हुए निकट भविष्य में कीमतों में इजाफा होने की पूरी संभावना है। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। कंपनियों को पेट्रोल पर 20 रुपये और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें इस सप्ताह 126 डॉलर प्रति बैरल के चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं थीं। हालांकि बाद में इनमें थोड़ी नरमी आई, लेकिन यह 110 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। इस उछाल का प्रमुख कारण 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया हमला और उसके बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से बंद कर दिया है।यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है और दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से (20%) के तेल व्यापार के साथ-साथ तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की महत्वपूर्ण मात्रा को संभालता है। इसके अलावा, रुकी हुई शांति वार्ता के बीच अमेरिकी तथा ईरानी नेताओं के बीच लगातार हो रही बयानबाजी से भी आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि पिछले साल जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल था, इस महीने उसका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 2 min · National Desk

Congress: 'हमारे फैसले सोनिया गांधी लेती हैं', कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद पर बदलाव को लेकर खरगे का बड़ा बयान

और पढ़ें कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि फिलहाल सिद्धारमैया ही सीएम रहेंगे। हालांकि, अपने बयान में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि हमारे फैसले सोनिया गांधी लेती हैं। उनके बयान को लेकर भाजपा ने उन्हें कटघरें में लाकर खड़ा कर दिया है। यहां तक कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष होने तक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 1 min · National Desk

UP : राहुल गांधी को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत, उनके खिलाफ एफआईआर की मांग वाली याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक बड़े कानूनी मामले में बड़ी राहत दी है। जस्टिस विक्रम डी चौहान की एकल पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ ‘इंडियन स्टेट’ से लड़ाई वाले विवादित बयान को लेकर दाखिल याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब इस मामले में न तो मुकदमा दर्ज होगा और न ही कोई कानूनी कार्यवाही चलेगी। यह मामला पिछले वर्ष कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी के उस बयान को देशद्रोह की श्रेणी में मानते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “अब हमारी लड़ाई भाजपा, आरएसएस और खुद ‘इंडियन स्टेट’ से है।” इससे पहले, 7 नवंबर 2025 को संभल की चंदौसी कोर्ट ने इस याचिका को आधारहीन मानते हुए खारिज कर दिया था। याची ने निचली अदालत के इसी फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अब उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है।मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 8 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को ओपन कोर्ट में फैसला सुनाते हुए जस्टिस विक्रम डी चौहान ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता की मांग में कानूनी आधार का अभाव है। अदालत के इस रुख से यह साफ हो गया है कि राजनीतिक बयानों में व्यवस्था के विरोध को सीधे तौर पर आपराधिक कृत्य या देशद्रोह के चश्मे से नहीं देखा जा सकता। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 2 min · National Desk

Hate Speech: 'अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के भाषण नफरत फैलाने वाले नहीं', सुप्रीम कोर्ट में FIR की अपील खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा को राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई भी संज्ञेय अपराध नहीं बनता। यह फैसला 29 अप्रैल को जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने सुनाया। प्रस्तुत सामग्री और कथित भाषणों की जांच के बाद कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। भाषण किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं थे। इनमें हिंसा या सार्वजनिक अशांति भड़काने का स्पष्ट तत्व नहीं पाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि:- अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट का अंतिम निष्कर्ष सही था, लेकिन उसकी तर्क प्रक्रिया (सैंक्शन के आधार पर) पूरी तरह उचित नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि एफआईआर दर्ज करने के लिए पहले से सरकारी अनुमति (सैंक्शन) जरूरी नहीं है। ऐसी अनुमति की आवश्यकता केवल उस चरण में होती है, जब अदालत मामले का संज्ञान लेती है। यदि जांच शुरू करने से पहले ही सैंक्शन को अनिवार्य कर दिया जाए, तो इससे जांच प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अदालत ने कहा कि हेट स्पीच संविधान की भाईचारे की भावना के खिलाफ है और समाज की नैतिक संरचना को कमजोर करती है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी माना कि मौजूदा कानून इस मुद्दे से निपटने के लिए पर्याप्त हैं और नए कानून बनाने की जरूरत नहीं है।मामला 2020 में दिल्ली के शाहीन बाग में हुए एंटी-सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित भाषणों से जुड़ा था। अनुराग ठाकुर ने जहां ‘देश के गद्दारों को…’ वाली बात कही थी, वहीं प्रवेश वर्मा ने चेतावनी दी थी कि अगर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को नहीं रोका गया, तो वह आखिरकार घरों में घुसकर बलात्कार और हत्या करेंगे। जिसके …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 1, 2026 · 2 min · National Desk