अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेलकी कीमतों में भारी उछाल के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर स्थिति बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। एक तरफ, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत ने पिछले चार साल से अधिक समय तक कीमतों को स्थिर रखा है। वहीं, दूसरी ओर सरकारी सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि खुदरा कीमतों पर लगी इस रोक के कारण तेल कंपनियों को हो रहे भारी घाटे को देखते हुए निकट भविष्य में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये और डीजल की कीमत 87.67 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ है। कंपनियों को पेट्रोल पर 20 रुपये और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सूरत में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता, युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद, भारत ने 4 साल और 60 दिनों से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उन्होंने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां ईंधन की कीमतों में 39 से 66 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि हुई है और उन्हें किल्लत व राशनिंग जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ने घबराहट में कोई नीतिगत फैसला नहीं लिया और पूरी तरह से आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के बाद, भारत म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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