Bihar: नए चेहरे को भी मौका देगी भाजपा, नीतीश, चिराग, मांझी और कुशवाहा की पार्टी से कितने मंत्री बन रहे?

15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह लोकभवन में हुआ था। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से तीन लोगों (सम्राट चौधरी, विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव) ने शपथ लिया था। इसके बाद 22 दिन बाद मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है। गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसको लेकर लगभग सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री को भी आमंत्रण दिया गया है। सात मई को सभी दिग्गजों का जुटान गांधी मैदान में होगा। इधर, मंत्रिमंडल का स्वरूप कैसा होगा? यह सबकुछ फाइनल हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली गए थे। वहां उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने सम्राट चौधरी के मंत्रियों की सूची पर अंतिम मुहर लगा दी है। बिहार सरकार में 36 मंत्रियों के लिए जगह है। फिलहाल सभी विभाग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के बीच में बंटा हुआ है। सात मई को एनडीए के 27 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। तो इस तरह से बिहार सरकार में 30 मंत्री होंगे। मंत्री पद के छह सीट सम्राट चौधरी भविष्य के लिए खाली रखना चाहते हैं। क्योंकि कांग्रेस में जारी उथलपुथल के बीच अगर कुछ विधायक टूटकर आते हैं तो उनके लिए जगह खाली रखा जाए। फिलहाल जो स्वरूप तय हुआ है, उसमें भाजपा से 12, जदयू से 11, लोजपा (रा) से दो और हम से एक और रालोमो से एक को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। 2025 के नवंबर जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हुआ था, उस वक्त जिन लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली थी, उनमें से एक या दो को छोड़कर बाकी सभी को दोबारा मौका दिया जाएगा।भाज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

EC: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ, निर्वाचन आयोग ने जारी की अधिसूचना

और पढ़ें निर्वाचन आयोग (ईसी) ने पश्चिम बंगाल में नई विधानसभा के गठन के लिए अधिसूचना जारी की है। राज्य में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह कदम उठाया गया है। अधिसूचना पश्चिम बंगाल के राज्यपाल को भेज दी गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया आधिकारिक रूप से समाप्त मानी जाती है और नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

May 6, 2026 · 1 min · National Desk

दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद सुलझेगा?: बंगाल में BJP की जीत से गदगद हुआ बांग्लादेश, ममता पर लगाए कई गंभीर आरोप

बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी की इस प्रतिक्रिया ने ढाका और कोलकाता के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा पार विवादों को लेकर कूटनीतिक उम्मीद का एक दुर्लभ और सकारात्मक क्षण पेश किया है। उनका मानना है कि यह सत्ता परिवर्तन दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के साथ-साथ काफी बेहतर बनाएगा।बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है। बीएनपी के नेता हेलाल ने सीधे तौर पर निवर्तमान तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व और विशेषकर ममता बनर्जी को इस समझौते में सबसे बड़ी बाधा बताया है।बीएनपी का दावा है कि ममता बनर्जी का पिछला प्रशासन ही तीस्ता बैराज समझौते में रुकावट डाल रहा था। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि अब चूंकि पश्चिम बंगाल की सत्ता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के हाथ में आ गई है, इसलिए राज्य सरकार इस संधि को अंतिम रूप देने के लिए मोदी प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगी। हेलाल ने स्पष्ट कहा कि तृणमूल कांग्रेस की जगह भाजपा के सत्ता में आने से अब तीस्ता बैराज परियोजना को जरूर लागू किया जाएगा।भारत और बांग्लादेश आपस में कुल 54 नदियां साझा करते हैं, लेकिन अभी तक दोनों देशों के बीच केवल दो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

Election Analysis: ममता पर ये मुद्दे पड़े भारी; जिन सीटों पर कटे सबसे ज्यादा नाम, उनमें से 13 जीती टीएमसी

पश्चिम बंगाल में मिली करारी हार को पचा पाना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। यही वजह है कि उन्होंने नतीजों के एक दिन बाद अपने चिरपरिचित अंदाज में इस्तीफा देने तक से इन्कार कर दिया। हठधर्मी रहीं ममता के लिए ऐसा करना स्वाभाविक भी है। आखिरकार, उन्हें पूरा भरोसा था कि एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक को घेरना उन्हें चुनावी लाभ पहुंचाएगा, लेकिन नतीजों ने उन्हें हैरान कर दिया। उनकी तमाम कोशिशें सत्ता विरोधी लहर से उबारने में काम नहीं आईं। चुनावों के दौरान ममता बनर्जी ने इस पर जमकर आवाज उठाई कि बंगाल में एसआईआर के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने आयोग पर केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। सुप्रीम कोर्ट में जनता की याचिकाकर्ता के तौर पर दलीलें पेश करके यह साबित किया कि चाहे कोलकाता की गली हो या दिल्ली का न्यायालय, उन्होंने अंत तक लड़ने की अपनी प्रवृत्ति नहीं खोई थी। लेकिन नतीजे दर्शाते है कि एसआईआर तृणमूल के लिए सत्ता विरोधी लहर को बेअसर करने का हथियार साबित नहीं हुआ।ममता शिक्षक भर्ती घोटाले से लेकर पार्टी सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों तक कई मोर्चों पर घिरी थीं। कानून-व्यवस्था के साथ महिला सुरक्षा का मुद्दा बड़ा था और यही तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के कारण भी बने। 2021 में भी ममता को मोदी-नीत भगवा पार्टी से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था, लेकिन तब वह कल्याणकारी योजनाओं और बंगाली संस्कृति को बाहरी लोगों से बचाने की अपील के दम पर जीत हासिल करने में सफल रहीं।इस बार उन्होंने युवा साथी योजना (21 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार दसवीं पास छात्रों के लि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi: पहली बार स्कूल संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे अभिभावक, केंद्र आज जारी करेगा मैनेजमेंट कमेटी की गाइडलाइन

देशभर के स्कूलों के संचालन की जिम्मेदारी अब अभिभावक संभालेंगे। केंद्र सरकार राज्यों के साथ बैठक के आधार पर तैयार पहली स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की गाइडलाइन बुधवार को जारी करेगी। इसका मकसद, स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, परीक्षा का तनाव कम करना, ड्रॉपआउट में लाने, शिक्षा व पोषण में सुधार, 12वीं कक्षा में सौ फीसदी एनरोलमेंट पर फोकस करना है। अभी तक स्कूल के प्रिंसिपल स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का संचालन करते थे। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, केंद्र और राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठकों के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत समग्र शिक्षा अभियान 3.0 में पॉलिसी रिफॉर्म के तहत स्कूल मैनेजमेंट कमेटी में संशोधन किया जा रहा है।इसमें अभिभावकों के साथ-साथ आम लोग भी शामिल होंगे। स्कूलों खासकर सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षकों के वेतन आदि की जिम्मेदारी तो सरकार की रहेगी, लेकिन स्कूलों के बेहतर संचालन का जिम्मा अभिभावकों को सौंपा जाएगा। इसमें स्थानीय लोगों व प्रतिनिधि भी जुड़ेंगे। यह पढ़ाई, खेलकूद, कौशल, फीस और शिक्षकों की ट्रेनिंग पर भी सुझाव देगी।सरकार का फोकस स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों का समग्र विकास भी है। इसमें सीखने और पोषण पर भी ध्यान देना है। विकसित भारत 2047 और अभिभावकों के माध्यम से छात्रों की जरूरतों के आधार पर समाज को स्कूलों से जोड़ा जाएगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

West Bengal: असदुद्दीन ओवैसी का ममता बनर्जी पर निशाना; बोले- भाजपा को सत्ता मिलने के फैसले का करना होगा सम्मान

हैदराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “उन्होंने मुस्लिमों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, न कि नागरिक के तौर पर। उनके प्रशासन के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। अगर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मुस्लिमों को नागरिक माना होता, न कि सिर्फ वोट बैंक, तो और अधिक विकास हुआ होता।“ओवैसी ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को एआईएमआईएम उम्मीदवारों के प्रति समर्थन दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “मैं पश्चिम बंगाल के मतदाताओं का आभारी हूं कि उन्होंने एआईएमआईएम उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। दुर्भाग्य से, हमारे उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन मैं मतदाताओं का आभारी हूं कि उन्होंने अपने वोट का प्रयोग किया। कंडी में हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उम्मीद है, कंडी से नहीं बल्कि पूरे मालदा, मुर्शिदाबाद से, मैं एआईएमआईएम के लिए एक उज्ज्वल भविष्य देखता हूं। हम अपनी गलतियों को सुधारने के लिए और कड़ी मेहनत करेंगे। हमें भाजपा को सत्ता देने के लोगों के फैसले का सम्मान करना होगा।“ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरमा ने लगभग 50,000 मुसलमानों को विस्थापित किया है। ओवैसी ने कहा कि अगर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के पास अधिक विधायक होते, तो वे असम के 30% मुसलमानों को एक मजबूत आवाज दे पाते।“ओवैसी ने जोर देते हुए कहा, “मुझे लगता है कि मुसलमानों को अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व बनाने का प्रयास करना चाहिए। आपका वोट बर्बाद हो रहा है क्योंकि आप तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों के पक्ष में मतदान कर रहे हैं, जो भाजपा को रोकने में विफल रहते हैं। यही समय है कि मुसलमानों को अपना नेतृत्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu: विजय और कांग्रेस के बीच बन गई बात! गठबंधन सरकार का रास्ता साफ, DMK को छोड़ TVK को देगी समर्थन

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ एक देर रात वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में टीवीके को समर्थन देने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने विधानसभा चुनावों में 108 सीटें जीती हैं।सूत्रों के अनुसार, गूगल मीट सत्र के दौरान तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक स्थिति और टीवीके के साथ गठबंधन के रणनीतिक निहितार्थों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। वहीं, दिल्ली में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस बात की पुष्टि की है कि विजय ने तमिलनाडु में कांग्रेस से समर्थन मांगा था। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी को अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।इससे पहले चार मई को तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके को 108 सीटें मिलीं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से 10 कम हैं। पार्टी अब डीएमके और एडीएमके दोनों खेमों की छोटी पार्टियों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।तमिलनाडु कांग्रेस के पास पांच सीटें हैं, जबकि पीएमके के पास चार सीटें हैं। इसके अलावा, सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके के पास दो-दो सीटें हैं। यह उम्मीद जताई जा रही है कि ये पार्टियां भी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन दे सकती हैं।कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देना न केवल तमिलनाडु के लिए, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। वर्तमान में कांग्रेस केंद्र में इंडिया गठबंधन के तहत एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के साथ सहयोगी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

अखिलेश का आरोप: पश्चिम बंगाल चुनावों में हुई वोट की शर्मनाक लूट, पुलिस प्रशासन का हुआ खुलकर अवैध इस्तेमाल

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने वोट की शर्मनाक लूट की। पुलिस प्रशासन का अवैध इस्तेमाल करने में उसे कतई संकोच नहीं किया। उत्तर प्रदेश में पीडीए की काट भाजपा के पास नहीं है। पीडीए का वोट सबसे ज्यादा है। इसलिए भाजपा बौखलाई हुई है। अखिलेश मंगलवार को प्रदेश सपा मुख्यालय पर बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र और संविधान दोनों को बचाने की बड़ी लड़ाई होगी। सपा आधी आबादी को प्रतिनिधित्व देने के लिए संकल्पित है। महिलाओं का आरक्षण पार्टी आधारित होना चाहिए। पहले जातीय जनगणना हो, फिर आबादी के अनुपात में आरक्षण की व्यवस्था लागू हो। इस दौरान सपा अध्यक्ष ने प्रतापगढ़ के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में टॉपर छात्रों सत्यम यादव एवं ईशान शुक्ला को लैपटॉप देकर सम्मानित किया।सपा अध्यक्ष ने कहा कि पीडीए की मांग है कि जो महिला आरक्षण विपक्ष ने मिलकर संसद में सहर्ष पास किया है, उसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लागू करने की घोषणा भाजपा सरकार तत्काल करे। ऐसा न करने का मतलब होगा कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ हैं।सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रीपेड मीटर की भ्रष्टाचारी व्यवस्था का हम सबका विरोध सरकार को झुका गया है। ये जनशक्ति की जीत है। प्रीपेड मीटर के बहाने जो बढ़े बिल जनता से वसूले गए हैं, उनका तार्किक समायोजन अगले बिलों में किया जाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर सख्त EC: मुख्य सचिव-DGP को दिया निर्देश, किसी भी सूरत में शांति हो बहाल

चुनाव आयोग ने यह सख्त निर्देश राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसक वारदातों के बाद जारी किए हैं। मंगलवार को बंगाल में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में कथित तौर पर दो लोगों की जान चली गई। इसके अलावा राज्य के कई इलाकों से राजनीतिक दलों के कार्यालयों में तोड़फोड़ और लूटपाट की खबरें भी सामने आई हैं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने आला अधिकारियों को तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लेने को कहा है।समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट की कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘शांति भंग करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा। चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को चुनाव बाद की हिंसा के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने को कहा है। इसमें शामिल व्यक्ति चाहे कोई भी हो, उसके प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।‘आयोग ने राज्य प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों को ही हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने को कहा गया है। अधिकारी ने आगे कहा, ‘स्थिति को काबू में रखने के लिए पर्याप्त तैनाती और प्रशासन-सीएपीएफ के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया है।’ इससे पहले चुनाव आयोग ने चुनावी राज्यों के राज्यपालों को अधिसूचना जारी कर नई विधानसभा का रास्ता साफ कर दिया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk

Video: कोलकाता के न्यू मार्केट में बवाल, बुलडोजर से TMC दफ्तर तोड़ने का आरोप; महुआ मोइत्रा ने कसा तंज

Kolkata’s historic New Market. Bengalis revelling in Parivartan. pic.twitter.com/TfW6jJNkgo — Mahua Moitra (@MahuaMoitra) May 5, 2026 टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस घटना का वीडियो एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कोलकाता का ऐतिहासिक न्यू मार्केट। बंगाली परिवर्तन का आनंद ले रहे हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद कई जगहों पर तोड़फोड़ और बवाल की खबरें सामने आई हैं।उत्तर 24 परगना जिले की स्वरूपनगर विधानसभा सीट से जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार बीना मंडल के घर पर मंगलवार को हमला किया गया। बताया जा रहा है कि बोंगांव में भीड़ ने बीना मंडल के घर में तोड़फोड़ की और उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया।टीएमसी की नवनिर्वाचित विधायक बीना मंडल ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ और हमला करने का आरोप लगाया है। टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी ने भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कई जगहों पर हिंसा होने का आरोप लगाया है।अभिषेक बनर्जी ने चुनाव नतीजों के बाद व्यापक हिंसा का दावा करते हुए कहा कि भाजपा समर्थकों ने उत्सव के नाम पर राज्य भर में 300 से 400 पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर में विजयी टीएमसी उम्मीदवार बीना मंडल के घर में तोड़फोड़ की गई और उनकी कार को नुकसान पहुंचाया गया।पश्चिम बंगाल में मतदान प्रक्रिया संपन्न होने के बाद हिंसा की खबरों पर चुनाव आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मंगलवार को राज्य प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि चुनाव के बाद होने वाली किसी भी तरह की हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंत नारिया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 6, 2026 · 2 min · National Desk