बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी की इस प्रतिक्रिया ने ढाका और कोलकाता के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा पार विवादों को लेकर कूटनीतिक उम्मीद का एक दुर्लभ और सकारात्मक क्षण पेश किया है। उनका मानना है कि यह सत्ता परिवर्तन दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने के साथ-साथ काफी बेहतर बनाएगा।बीएनपी के इस पूरे बयान में सबसे अहम बात तीस्ता जल बंटवारा संधि को लेकर कही गई है, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से अधर में लटकी हुई है। बीएनपी के नेता हेलाल ने सीधे तौर पर निवर्तमान तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व और विशेषकर ममता बनर्जी को इस समझौते में सबसे बड़ी बाधा बताया है।बीएनपी का दावा है कि ममता बनर्जी का पिछला प्रशासन ही तीस्ता बैराज समझौते में रुकावट डाल रहा था। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि अब चूंकि पश्चिम बंगाल की सत्ता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के हाथ में आ गई है, इसलिए राज्य सरकार इस संधि को अंतिम रूप देने के लिए मोदी प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगी। हेलाल ने स्पष्ट कहा कि तृणमूल कांग्रेस की जगह भाजपा के सत्ता में आने से अब तीस्ता बैराज परियोजना को जरूर लागू किया जाएगा।भारत और बांग्लादेश आपस में कुल 54 नदियां साझा करते हैं, लेकिन अभी तक दोनों देशों के बीच केवल दो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
दशकों पुराना तीस्ता जल विवाद सुलझेगा?: बंगाल में BJP की जीत से गदगद हुआ बांग्लादेश, ममता पर लगाए कई गंभीर आरोप
बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी बीएनपी के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। हेलाल ने कहा कि वह विजेता पार्टी भाजपा और शुभेंदु अधिकारी को बधाई देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की यह जीत सुनिश्चित करेगी कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सरकार के बीच संबंध पहले की तरह ही अच्छे और मजबूत बने रहें। बीएनपी की इस प्रतिक्रिया ने ढाका और कोलकाता के बीच लंबे समय से चल रहे सीमा पार