PM Modi: पीएम मोदी की मंत्रिपरिषद के साथ अहम बैठक, योजनाओं की प्रगति और पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने गुरुवार को राजधानी में स्थित सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सरकार के कई बड़े मंत्रालयों ने अपनी-अपनी प्रगति और कामकाज पर प्रस्तुति दी। इनमें कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट मामलों, विदेश, वाणिज्य और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय शामिल रहे। और पढ़ें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

May 22, 2026 · 1 min · National Desk

NEET Row: पेपर लीक नहीं हुआ तो क्यों रद्द हुई परीक्षा? संसदीय समिति ने NTA प्रमुख से पूछे सवाल; मिले ये जवाब

और पढ़ें बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी शामिल थे। बैठक के दौरान सांसदों ने एनटीए से पूछा कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों समेत एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और महानिदेशक अभिषेक सिंह ने राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए एनटीए के डीजी सूत्रों के अनुसार, जब सांसदों ने पूछा कि नीट-यूजी का पेपर कैसे लीक हुआ, तो एनटीए के महानिदेशक ने कहा कि यह लीक उनके सिस्टम से नहीं हुआ। इस पर कई सांसदों ने सवाल किया कि फिर पेपर लीक कैसे हुआ और परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी। एनटीए प्रमुख इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और उन्होंने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है। कुछ विपक्षी सांसदों ने जांच रिपोर्ट समिति के सामने रखने की मांग की। लेकिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ सांसदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र एजेंसी है और उसे अपना काम करने देना चाहिए। एनटीए के अधिकारियों ने क्या कहा? सूत्रों के मुताबिक, एनटीए ने बताया कि राधाकृष्णन रिपोर्ट में सुझाए गए करीब 70 प्रतिशत अल्पकालिक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि एक भरोसेमंद और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए व्यापक समीक्षा की जा रही है और पेपर सेटिंग व वितरण में भरोसेमंद लोगों को शामिल किया जा रहा है। एनटीए अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में राष्ट्रीय पात् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi: पीएम मोदी की मंत्रिपरिषद के साथ अहम बैठक, योजनाओं की प्रगति और पश्चिम एशिया के हालातों पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी कर गुरुवार को दिल्ली लौटे। इसके बाद पीएम मोदी ने आज केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ अहम समीक्षा बैठक की है। रिपोर्ट्स की मानें तो मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रालयों, सरकारी योजनाओं और पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुए हालातों की समीक्षा की। शाम 5 बजे ‘सेवा तीर्थ’ में शुरू हुई इस बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, यह इस साल मंत्रिपरिषद की पहली पूर्ण बैठक थी। सूत्रों के मुताबिक, इस अहम बैठक में नौ मंत्रालयों की ओर से प्रजेंटेशन दी। सबसे पहले वाणिज्य मंत्रालय ने प्रस्तुति दी, इसके बाद पेट्रोलियम, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों के काम की भी समीक्षा की गई।रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेवा तीर्थ में करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईज ऑफ लिविंग पर जोर दिया। इसके अलावा पीएम मोदी ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को सलाह दी कि वे जनता को सरकार के 12 साल के कार्यों के बारे में बताएं। बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालातों को लेकर भी चर्चा की गई है। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकसित भारत 2047 सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। सभी मंत्रालय अपने काम को 2047 के विजन के अनुरूप प्लान करें।पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुए हालातों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे इस संकट की वजह से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो। खासतौर पर एनर्जी, खेती, खाद, एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

'ईरान से बाहर नहीं जाना चाहिए यूरेनियम भंडार': मोजतबा खामेनेई ने अपनाया सख्त रुख; US की प्रमुख मांग खारिज की

और पढ़ें रॉयटर्स के मुताबिक, इस्राइली अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले इस्राइल को यह आश्वासन दिया था कि संवर्धित यूरेनियम भंडार को ईरान से पूरी तरह हटा दिया जाएगा। यह परमाणु हथियार बनाने में प्रमुख घटक है। बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनाया सख्त रुख इस बीच, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सख्य रुख अपनाया हुआ है। उन्होंने कहा कि वह तब तक शत्रुता समाप्त करने पर विचार नहीं करेंगे, जब तक संवर्धित यूरेनियम को पूरी तरह ईरानी नियंत्रण से बाहर नहीं कर दिया जाता है, जब तक ईरान अपने समर्थित क्षेत्रीय लड़ाकू समूहों को वित्तीय समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं करता है और अपनी बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली को पूरी तरह खत्म नहीं कर देता है। हालांकि, दो ईरानी सूत्रों में से एक ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर ईरान की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्थाओं के भीतर बनी सहमति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च नेता ने आदेश दिया है कि संवर्धित यूरेनियम का भंडार देश से बाहर नहीं जाना चाहिए। उसी अंदरूनी सूत्र ने बताया कि ईरान के शीर्ष प्रशासनिक और सैन्य अधिकारी मानते हैं कि इस सामग्री पर नियंत्रण छोड़कर इसे विदेश भेजना देश की सुरक्षा को गंभीर रूप से कमजोर करेगा और इससे अमेरिका और इस्राइल की भविष्य की संभावित सैन्य कार्रवाइयों के लिए ईरान ज्यादा कमजोर हो जाएगा। ईरान के सांविधानिक ढांचे के अनुसार, देश की सभी महत्वपूर्ण नीतियों पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार सर्वोच्च नेता के पास होता है। अमेरिका-इस्राइल के हमलों से जंग की शुरुआत आठ अप्रैल से जारी अस्थायी युद्ध विराम की पृष्ठभूमि में मौजूदा कूटनीतिक गतिरोध विकसित हो र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

कलकत्ता हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बंगाल में गोवंश वध पर पाबंदी रहेगी जारी, बकरीद से पहले सभी याचिकाएं खारिज

कोर्ट ने कहा कि सरकार का यह फैसला साल 2018 के पुराने अदालती आदेश के मुताबिक ही है। इसलिए इस नोटिस पर रोक लगाने का कोई ठोस कारण नहीं है। नए नियमों के मुताबिक सांड, बैल, गाय, बछड़े और भैंस का वध आसानी से नहीं होगा। इसके लिए पहले डॉक्टरों से फिटनेस प्रमाण पत्र लेना होगा। प्रमाण पत्र में यह लिखा होना चाहिए कि पशु अब खेती या माल ढोने के लायक नहीं है। इसके बिना पशु का वध नहीं किया जा सकेगा। साथ ही, वध केवल सरकार से मान्यता प्राप्त बूचड़खानों में ही होगा। अधिकारियों को अवैध वध रोकने के लिए जांच करने का पूरा अधिकार दिया गया है।हाईकोर्ट ने सरकार से कहा कि वह प्रमाण पत्र देने के लिए एक अच्छी व्यवस्था बनाए। सरकार यह भी जांचे कि पूरे राज्य में इसके लिए पर्याप्त बूचड़खाने और जरूरी अधिकारी मौजूद हैं या नहीं। इस मामले में टीएमसी विधायक अखरुज्जामन ने भी याचिका लगाई थी। उनका कहना था कि बकरीद पर बकरे-भेड़ महंगे हो जाते हैं। ऐसे में गरीब परिवारों के लिए बड़े पशुओं की कुर्बानी आर्थिक रूप से आसान होती है। इसलिए सरकार को धार्मिक छूट देनी चाहिए थी।इस पर अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि गाय की कुर्बानी इस्लाम धर्म का कोई अनिवार्य हिस्सा नहीं है। कोर्ट ने सरकार को सुझाव दिया कि वह खुले और सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध रोकने के नियम भी इसमें जोड़े। चूंकि बकरीद 27 या 28 मई को है, इसलिए कोर्ट ने सरकार को छूट देने या न देने के मामले पर 24 घंटे में फैसला लेने को कहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

तमिलनाडु में नए विभागों का हुआ आवंटन: एआई के लिए बना अलग मंत्रालय, मुख्यमंत्री विजय के पास कई अहम जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री विजय ने सार्वजनिक, सामान्य प्रशासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय वन सेवा (आईएफएस), जिला राजस्व अधिकारी, पुलिस और गृह जैसे कोर विभाग अपने पास रखे हैं। इसके साथ ही, संशोधित सूची के तहत अब विशेष कार्यक्रम कार्यान्वयन, विशेष पहल, गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण ऋणग्रस्तता, युवा कल्याण, नगर पालिका प्रशासन, शहरी और जल आपूर्ति तथा महिला, बाल, बुजुर्ग व दिव्यांग कल्याण विभाग भी सीधे मुख्यमंत्री की देखरेख में रहेंगे।कैबिनेट के अन्य प्रमुख सदस्यों में एन आनंद अब ग्रामीण विकास, पंचायत, पंचायत यूनियन और लघु सिंचाई सहित सिंचाई परियोजनाओं के मंत्री होंगे। पूर्व वित्त मंत्री केए सेंगोट्टैयान को अब राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि एन मरी विल्सन को वित्त, योजना और विकास मंत्रालय सौंपा गया है। आर निर्मलकुमार को बिजली, गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास, कानून, अदालत और जेल विभाग की जिम्मेदारी मिली है।मंत्रिमंडल में आधव अर्जुन को लोक निर्माण और खेल विकास, केजी अरुणराज को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, पी वेंकटरमणन को खाद्य और नागरिक आपूर्ति, एस कीर्तना को उद्योग और विनोद को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग दिया गया है। इसके अलावा जेगदेश्वरी के को समाज कल्याण और आर कुमार को नवगठित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी और डिजिटल सेवाएं सौंपी गई हैं। अल्पसंख्यक कल्याण और आदि द्रविड़ कल्याण विभागों का आवंटन अभी बाकी है, जिन्हें आईयूएमएल और वीसीके के सरकार में शामिल होने पर आवंटित किया जाएगा।इस पुनर्गठन और नए तकनीकी मंत्रालयों के गठन से राज्य में प्रशासनिक दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। एआई मंत्रालय की स् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Pakistan: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान मारा गया, मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारी

पुलवामा आतंकी हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कथित तौर पर अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हत्या कर दी गई है। यूएनआई के मुताबिक, मुजफ्फराबाद में हुए हमले में हमजा बुरहान को कई गोलियां मारी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुरहान का असली नाम अर्जुमंद गुलजार डार है। हमजा बुरहान पुलवामा के रत्नीपोरा का रहने वाला था। 2017 में पाकिस्तान जाकर हमजा आतंकवादी संगठन अल बद्र में शामिल हो गया। अल बद्र को भारत में एक आतंकवादी संगठन के तौर पर लिस्ट किया गया है हमजा अल बद्र के कमांडर के तौर पर काम कर रहा था। भारत के गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे एक आतंकवादी घोषित कर दिया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फराबाद के एआईएसएस कॉलेज के बाहर हमजा की कार सड़क पर जाम में फंसी हुई थी, तभी हमलावरों ने उस पर कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलवार बाइक से आए थे और उन्होंने बुर्का पहन रखा था।हमजा बुरहान दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने और उन्हें आतंकी संगठनों में भर्ती करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। हमजा बुरहान को केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में आतंकवादी घोषित किया था। रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान में हमजा अपनी पहचान छिपाने के लिए एक स्कूल में प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रहा था। अपने लोगों के बीच वह डॉक्टर के नाम से प्रसिद्ध था। हमजा मारे गए आतंकियों अबू दुजाना, अबू कासिम, बुरहान वानी और जाकिर मूसा का करीबी सहयोगी था। पुलवामा हमले में बलिदान हुए थे 40 जवान 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi Gifts: केसर आम, मधुबनी पेंटिंग और मूगा सिल्क स्टोल, पांच देशों की यात्रा में PM मोदी ने दिए खास उपहार

पीएम मोदी ने मेलोनी को क्या उपहार दिया? शिरुई लिली सिल्क भी की भेंट मार्बल इनले वर्क बॉक्स यूएई के राष्ट्रपति को पीएम ने केसर आम भेंट किया यूएई के क्राउन प्रिंस को पीएम ने दिया कटार यूएन के महानिदेशक को पीएम का खास उपहार क्यू डोंगयु इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को प्रधानमंत्री मोदी ने असम की प्रसिद्ध मूगा सिल्क स्टोल भेंट की। गोल्डन सिल्क के नाम से मशहूर मूगा सिल्क पूर्वोत्तर भारत की ब्रह्मपुत्र घाटी की एक दुर्लभ और प्रतिष्ठित पारंपरिक विरासत मानी जाती है।इसका प्राकृतिक सुनहरा रंग और सादगीपूर्ण आकर्षण इसे बेहद खास बनाता है। यह सिल्क बिना किसी कृत्रिम रंग के तैयार की जाती है, जो इसे पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ परंपरा का प्रतीक बनाती है। मूगा सिल्क दुनिया के सबसे मजबूत प्राकृतिक रेशों में गिनी जाती है और इसकी चमक समय के साथ और निखरती जाती है। इसकी नमी सोखने और UV-प्रतिरोधी क्षमता भी इसे बेहद उपयोगी बनाती है। इटली की लग्जरी टेक्सटाइल परंपरा और असम की गोल्डन सिल्क के बीच एक स्वाभाविक सांस्कृतिक जुड़ाव भी देखा जाता है।प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को शिरुई लिली सिल्क स्टोल भी भेंट की। यह स्टोल मणिपुर के शिरुई काशोंग पर्वत की धुंध भरी पहाड़ियों से प्रेरित है। इसका डिजाइन दुर्लभ शिरुई लिली फूल पर आधारित है, जो हल्के गुलाबी-सफेद रंग की घंटी के आकार वाली एक विशेष प्रजाति है और दुनिया में केवल मणिपुर में ही पाई जाती है।तंगखुल नागा समुदाय के लिए यह फूल पवित्रता, सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक माना जाता है। यह स्टोल हिमालयी हस्तकला की सुंदरता के साथ-साथ आदिवासी परंपरा और लोककथाओं की भावना को भी दर्शाता है। इटली में भी लिली फूल को पवित्रता, स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली HC की टिप्पणी: 'राजनीतिक फैसले की आलोचना करना उल्लंघन नहीं', राघव चड्ढा की याचिका पर हाईकोर्ट की दो टूक

और पढ़ें अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी बदलना एक सार्वजनिक फैसला है। अदालत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बने वीडियो पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि यदि इन वीडियो पर आपत्ति है, तो विशेष याचिका दाखिल करें। व्यापक रोक लगाने की मांग नहीं की जा सकती राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ इस मामले की सुनवाई की।अदालत ने कहा कि राजनीतिक फैसलों की आलोचना व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन नहीं है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 1 min · National Desk

मुर्शिदाबाद में घुसपैठ पर नकेल: शुभेंदु सरकार ने BSF को दी 27 किमी जमीन, 18 किमी में लगाए जाएंगे कंटीले तार

पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को 27 किलोमीटर जमीन सौंप दी है। गुरुवार को राज्य सचिवालय नबान्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बीएसएफ अधिकारियों की मौजूदगी में औपचारिक रूप से भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया की शुरुआत की। सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? राज्य के मुर्शिदाबाद और मालदा जिले इस समय सुरक्षा और राजनीतिक दोनों वजहों से बेहद अहम माने जा रहे हैं। इन्हीं संवेदनशील इलाकों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सीमा पर फेंसिंग और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर लगाया आरोप दरअसल, मुर्शिदाबाद और मालदा दोनों जिले सीधे बांगलादेश सीमा से जुड़े हैं और यहां बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है। 2011 की जनगणना के मुताबिक मुर्शिदाबाद में मुस्लिम आबादी करीब 66 प्रतिशत और मालदा में 51 प्रतिशत है। भाजपा लंबे समय से इन इलाकों में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाती रही है। पार्टी का आरोप है कि अवैध घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्थानीय स्तर पर पहचान दिलाई जाती रही है।हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के शुरुआती फाइनल आंकड़ों में भी मुर्शिदाबाद और मालदा चर्चा में रहे। करीब 60 लाख से ज्यादा लंबित मतदाताओं में लगभग एक-तिहाई सिर्फ इन दो सीमावर्ती जिलों से हैं। मुर्शिदाबाद में ऐसे मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा 11.01 लाख बताई गई, जबकि मालदा में यह आंकड़ा 8.28 लाख है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर असहयोग के जरिए सीमा सुरक्षा में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीमा पर बाड़बंदी राष्ट्रीय और राज्य सुरक्षा के लिए बे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk