और पढ़ें बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी शामिल थे। बैठक के दौरान सांसदों ने एनटीए से पूछा कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों समेत एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और महानिदेशक अभिषेक सिंह ने राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए एनटीए के डीजी सूत्रों के अनुसार, जब सांसदों ने पूछा कि नीट-यूजी का पेपर कैसे लीक हुआ, तो एनटीए के महानिदेशक ने कहा कि यह लीक उनके सिस्टम से नहीं हुआ। इस पर कई सांसदों ने सवाल किया कि फिर पेपर लीक कैसे हुआ और परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी। एनटीए प्रमुख इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और उन्होंने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है। कुछ विपक्षी सांसदों ने जांच रिपोर्ट समिति के सामने रखने की मांग की। लेकिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ सांसदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र एजेंसी है और उसे अपना काम करने देना चाहिए। एनटीए के अधिकारियों ने क्या कहा? सूत्रों के मुताबिक, एनटीए ने बताया कि राधाकृष्णन रिपोर्ट में सुझाए गए करीब 70 प्रतिशत अल्पकालिक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि एक भरोसेमंद और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए व्यापक समीक्षा की जा रही है और पेपर सेटिंग व वितरण में भरोसेमंद लोगों को शामिल किया जा रहा है। एनटीए अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में राष्ट्रीय पात् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
NEET Row: पेपर लीक नहीं हुआ तो क्यों रद्द हुई परीक्षा? संसदीय समिति ने NTA प्रमुख से पूछे सवाल; मिले ये जवाब
और पढ़ें बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी शामिल थे। बैठक के दौरान सांसदों ने एनटीए से पूछा कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों समेत एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और महानिदेशक अभिषेक सिंह ने राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए एनटीए के डीजी सूत्रों के अनुसार, जब सांसदों ने पूछा कि