Twisha Sharma Case: मौत से पहले त्विषा के साथ हुई थी मारपीट? हाईकोर्ट में सरकार ने चोटों को लेकर किया खुलासा

पति समर्थ सिंह को सीबीआई ने लिया रिमांड पर भोपाल की अदालत ने बुधवार को त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। अधिवक्ता अंकुर पांडे ने बताया कि मामले की जांच अब पूरी तरह सीबीआई को सौंप दी गई है। इससे पहले समर्थ सिंह को राज्य पुलिस की एसआईटी ने जबलपुर से गिरफ्तार कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। दोपहर बाद मेडिकल कराने के बाद भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह को भोपाल जिला अदालत में प्रस्तुत किया। सीबीआई के अधिकारियों की टीम वकील के साथ अदालत में मौजूद थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 27, 2026 · 1 min · National Desk

Politics on SIR: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भाजपा बोली- विपक्ष का चेहरा बेनकाब, कांग्रेस का दुष्प्रचार जारी

भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने उनके आरोपों की पोल खोल दी है। यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा कराए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को वैध और संवैधानिक करार दिया। पार्टी सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आज सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पूर्णतः संविधान सम्मत घोषित कर दिया है। बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में राजनीतिक दृष्टि से करारी हार मिलने के बाद, अनर्गल बयानों और अफवाहों के बावजूद जनता से किसी भी प्रकार का समर्थन न मिलने के पश्चात मुझे लगता है कि अब विपक्ष, खासकर कांग्रेस पार्टी, नैतिक और संवैधानिक दोनों मोर्चों पर भी पूरी तरह पराजित हो चुकी है। कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सभी संस्थाओं पर अपनी अकर्मण्यता और राजनीतिक अक्षमता को छिपाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप, लांछन और अपमान का जो खेल खेला जा रहा था, वह आज सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पूरी तरह निष्फल साबित हो गया है। यह कांग्रेस और समूचे विपक्ष की नैतिक, राजनीतिक तथा संवैधानिक तीनों आयामों पर निर्णायक पराजय है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मतदाता सूची का यह विशेष पुनरीक्षण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक आवश्यकता को मजबूत करता है। अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को इस तरह की प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। भाजपा ने कांग्रेस पर बोला हमला फैसले के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 27, 2026 · 2 min · National Desk

Cabinet: सरकार ने पीडीएस को आधुनिक बनाने के लिए मंजूर किए 25530 करोड़ रुपये, जानें कैबिनेट के फैसले

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राशन दुकानों को समर्थन देने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को आधुनिक बनाने के लिए 25,530 करोड़ रुपये की सार्थक पीडीएस योजना योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी। सूचना व प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकारी दी। सरकार के इस बड़े कदम का सीधा और सकारात्मक असर देश के उन 80 करोड़ नागरिकों पर पड़ेगा जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए सरकार के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम पर निर्भर हैं। निर्मल: एआई-संचालित वास्तविक समय पीडीएस लाभार्थी रजिस्ट्री। अंतर-मंत्रालय एकीकरण और क्रॉस-स्कीम अभिसरण। एआई-संचालित वास्तविक समय पीडीएस लाभार्थी रजिस्ट्री। अंतर-मंत्रालय एकीकरण और क्रॉस-स्कीम अभिसरण। आशा: कॉल, व्हाट्सएप, आईवीआरएस और चैटबॉट के माध्यम से बहुभाषी एआई शिकायत निवारण और नागरिक सहभागिता मंच। प्रतिदिन 3 लाख इंटरैक्शन तक स्केलेबल। कॉल, व्हाट्सएप, आईवीआरएस और चैटबॉट के माध्यम से बहुभाषी एआई शिकायत निवारण और नागरिक सहभागिता मंच। प्रतिदिन 3 लाख इंटरैक्शन तक स्केलेबल। सक्षम: एआई-सक्षम आपूर्ति शृंखला मंच जिसमें वाहन ट्रैकिंग, क्यूआर ट्रेसिबिलिटी, मांग पूर्वानुमान और मार्ग अनुकूलन शामिल हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज मंत्रिमंडल ने एक ऐसा निर्णय लिया है जो देश के 80 करोड़ नागरिकों को प्रभावित करेगा। जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम चला रहा है।इस खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत 80 करोड़ नागरिकों को हर महीने बुनियादी राशन उपलब्ध कराया जाता है। य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 27, 2026 · 2 min · National Desk

कर्नाटक में कांग्रेस की खींचतान: शिवकुमार को कमान या CM सिद्धारमैया का रसूख बरकरार? बंगलूरू में नाश्ते पर नजर

2025 में सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद भी इसी तरह की अटकलों को जोर मिला था। हालांकि, उस समय कांग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद बयानबाजियों का तीखा दौर खत्म हो गया था। हालांकि, अब एक बार फिर से शिवकुमार के खेमे से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की मांग की जाने लगी है। आइए जानते हैं कर्नाटक को लेकर चल रहे ‘नाटक’ में हाल के दिनों में क्या हुआ और सिद्धारमैया-शिवकुमार के बीच की खींचतान को खत्म करने के लिए क्या कोशिशें की जा रही हैं…कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर खींचतान नए मोड़ पर पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस राज्यसभा चुनाव के बाद कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। इसी मुद्दे को लेकर 26 मई को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच लंबी बातचीत हुई।हालांकि बैठक के बाद पार्टी ने साफ तौर पर किसी नेतृत्व परिवर्तन से इनकार किया, लेकिन अंदरखाने में चर्चा तेज बनी हुई है। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच चल रही सत्ता की खींचतान पर भी शीर्ष नेतृत्व ने अलग-अलग बातचीत की।कर्नाटक की सियासत में लंबे समय से ये सवाल गूंज रहा है कि क्या सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा? डिप्टी सीएम शिवकुमार के खेमे के विधायक खुलकर दावा कर चुके हैं कि 2023 विधानसभा चुनाव के समय ढाई साल बाद डीके …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 27, 2026 · 2 min · National Desk

SIR: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, याचिकाओं में एसआईआर को दी गई है चुनौती

याचिकाओं में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर अभियान की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और उससे जुड़े नियमों के तहत चुनाव आयोग को मिले अधिकारों के तहत नहीं आती है। विवाद का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की वह शर्त है, जिसके तहत जिन मतदाताओं का नाम 2002 या कुछ राज्यों में 2003 की मतदाता सूची में नहीं था, उन्हें ऐसे व्यक्ति से पारिवारिक संबंध साबित करना होगा, जिसका नाम उन सूचियों में दर्ज था।याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि यह शर्त गरीब, प्रवासी और हाशिए पर रहने वाले लोगों को मतदान अधिकार से वंचित कर सकती है, क्योंकि उनके पास पुराने रिकॉर्ड से जुड़ा दस्तावेजी प्रमाण मिलना मुश्किल है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावित मतदाताओं को राहत देने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अंतरिम निर्देश भी जारी किए थे। शुरुआत में चुनाव आयोग ने सत्यापन के लिए 11 दस्तावेज तय किए थे, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को भी एसआईआर प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया।अधिकांश याचिकाएं पिछले साल जून में दाखिल की गई थीं, जब चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर अभियान शुरू करने का फैसला लिया था। इसके बाद यह प्रक्रिया पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक बढ़ा दी गई। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाए रखने तथा फर्जी या अयोग्य मतदाताओं को हटाने के लिए यह अभियान जरूरी है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 27, 2026 · 2 min · National Desk

'दो-तीन साल पहले बांग्लादेश से आए थे': सीमा पर अवैध प्रवासियों का कबूलनामा, बंगाल में घुसपैठियों पर कार्रवाई

सीमा पर मौजूद एक युवक ने बातचीत में बताया कि वह बांग्लादेश से दो-तीन साल पहले भारत आया था। उसने कहा कि उसे दूसरे लोग यहां लेकर आए थे और यहां आने के बाद कहा गया कि अब खुद काम करके रहो। युवक ने बताया कि वह बाइक मैकेनिक का काम करता था और हावड़ा इलाके में रहता था। उसने यह भी कहा कि उसके साथ करीब दस लोग आए थे, लेकिन अब वह अकेला है। कई लोगों के पास आधार कार्ड और राशन कार्ड भी नहीं मिले। इन बयानों के बाद प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।पश्चिम बंगाल सरकार और प्रशासन ने कथित अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए अभियान तेज कर दिया है। उत्तर 24 परगना के बसीरहाट इलाके के हाकिमपुर चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं पहुंचीं। इनमें कई लोग ऐसे बताए जा रहे हैं जो लंबे समय से बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे थे। हाल में घुसपैठियों को पकड़ने, पहचान करने और वापस भेजने की बात सामने आने के बाद सीमा पर भीड़ बढ़ गई। प्रशासन अब दस्तावेजों की जांच कर रहा है और संदिग्ध लोगों को होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है।मालदा जिला इस कार्रवाई का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यहां इंग्लिश बाजार इलाके के चंदन पार्क में पहला होल्डिंग सेंटर शुरू किया गया है। यहां फिलहाल नौ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। इनमें तीन महिलाएं और छह नाबालिग शामिल हैं। इन लोगों को गाजोल थाना क्षेत्र से पकड़ा गया था। सेंटर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस के साथ सिविल डिफेंस तथा अन्य कर्मचारी चौबीस घंटे निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि यहां लोगों के दस्तावेज और पहचान की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।राज्य में डिटेक्ट, डिलीट और डिप …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 27, 2026 · 2 min · National Desk

सिद्धारमैया बनाम शिवकुमार: कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन पर सस्पेंस बरकरार, जानें कब हो सकता है फैसला

कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रही नेतृत्व की खींचतान अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस राज्यसभा चुनाव के बाद कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच लंबी बैठक हुई। हालांकि बैठक के बाद पार्टी ने साफ तौर पर किसी नेतृत्व परिवर्तन से इनकार किया, लेकिन अंदरखाने में चर्चा तेज बनी हुई है। दिल्ली में हुई बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन की बातें केवल अटकलें हैं। उन्होंने कहा कि बैठक पूरी तरह राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव पर केंद्रित रही। उनके साथ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार भी मौजूद थे। सिद्धारमैया ने भी साफ कहा कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मीडिया की अटकलें हैं। वहीं कैबिनेट फेरबदल के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में अलग-अलग बैठकों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच चल रही सत्ता की लड़ाई पर भी शीर्ष नेतृत्व ने अलग-अलग बातचीत की। माना जा रहा है कि अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर अंतिम फैसला कर सकती है।कांग्रेस के भीतर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिद् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 27, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम बंगाल: पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर थाने में शिकायत, सनातन धर्म पर टिप्पणी का आरोप

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। उनके खिलाफ सिलीगुड़ी स्थित साइबर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें उन पर सनातन धर्म को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। यह शिकायत अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि ममता बनर्जी के बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और यह समाज में तनाव पैदा कर सकता है। जानकारी के अनुसार, चुनाव से पहले और वर्ष 2025 में हिंदुओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि 2025 में कोलकाता में ईद के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदू समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। इसके अलावा, चुनाव से पहले भी ऐसे ही बयान देने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता रिंकी चटर्जी ने दावा किया कि उन्होंने वर्ष 2025 में भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें प्रताड़ना का सामना भी करना पड़ा।प्रसिद्ध गायक-गीतकार और पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद कबीर सुमन एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ कोलकाता में पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें उन पर महिलाओं और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित बयान देने का आरोप लगाया गया है। यह शिकायत जातिर कथा नामक एक संगठन द्वारा दर्ज कराई गई है। संगठन के सदस्यों का आरोप है कि कबीर सुमन ने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और ऐसे बयान दिए जिससे हिंदू धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।संगठन के सदस्यों ने कहा कि वे इस मामले में कानूनी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 26, 2026 · 2 min · National Desk

Congress: कांग्रेस हाईकमान ने कहा- कर्नाटक में सीएम पद के लिए कोई खींचतान नहीं, अटकलों में कोई सच्चाई नहीं

और पढ़ें कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मंगलवार को कांग्रेस के शीर्ष कमान की बैठक हुई। बैठक के बाद पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पूरी चर्चा केवल आगामी राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक में विधान परिषद चुनावों पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। ये केवल आशंकाएं हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

May 26, 2026 · 1 min · National Desk

'जम्मू-कश्मीर पर किसी को भी टिप्पणी करने का हक नहीं': चीन-पाकिस्तान को भारत की दो टूक; CPEC पर भी जताई आपत्ति

और पढ़ें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? मंत्रालय ने कहा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से रहे थे, हैं और हमेशा रहेंगे। इस पर टिप्पणी करने का किसी अन्य देश को कोई अधिकार नहीं है। सीपीईसी पर जताया कड़ा विरोध इसके अलावा, भारत ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना का भी कड़ा विरोध किया, क्योंकि इसमें भारत के संप्रभु क्षेत्र आते हैं। मंत्रालय ने कहा कि अन्य देशों की ओर से पाकिस्तान के गैरकानूनी और बलपूर्वक कब्जे को वैधता देने के प्रयास को स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित करता है। यह बात पाकिस्तान और चीन को कई बार स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है। ये भी पढ़ें: मंत्रालय ने कहा, भारत ने ‘सीमा पार जल संसाधन सहयोग’ के संदर्भों को भी देखा है। दोनों देशों (पाकिस्तान-चीन) की कोई साझा सीमा नहीं है, इसलिए इस तरह के कथित सहयोग का सवाल ही नहीं उठता। भारत ने पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के तथाकथित सीमा समझौते को कभी स्वीकार नहीं किया है। चीन-पाकिस्तान ने बयान में क्या कहा? चीन और पाकिस्तान ने मंगलवार को आपसी रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने तथा सीपीईसी के तहत परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर नई सहमति जताई है। इसके तहत ग्वादर बंदरगाह को एक बड़े क्षेत्रीय संपर्क केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी शामिल है। दोनों देशों ने कहा कि वे पहले से तय ढांचे के तहत सीपीईसी की परियोजनाओं में तीसरे देशों की भागीदारी का भी स्वागत करते हैं। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 26, 2026 · 2 min · National Desk