2025 में सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद भी इसी तरह की अटकलों को जोर मिला था। हालांकि, उस समय कांग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद बयानबाजियों का तीखा दौर खत्म हो गया था। हालांकि, अब एक बार फिर से शिवकुमार के खेमे से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की मांग की जाने लगी है। आइए जानते हैं कर्नाटक को लेकर चल रहे ‘नाटक’ में हाल के दिनों में क्या हुआ और सिद्धारमैया-शिवकुमार के बीच की खींचतान को खत्म करने के लिए क्या कोशिशें की जा रही हैं…कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर खींचतान नए मोड़ पर पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस राज्यसभा चुनाव के बाद कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। इसी मुद्दे को लेकर 26 मई को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच लंबी बातचीत हुई।हालांकि बैठक के बाद पार्टी ने साफ तौर पर किसी नेतृत्व परिवर्तन से इनकार किया, लेकिन अंदरखाने में चर्चा तेज बनी हुई है। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि बैठक में केवल राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच चल रही सत्ता की खींचतान पर भी शीर्ष नेतृत्व ने अलग-अलग बातचीत की।कर्नाटक की सियासत में लंबे समय से ये सवाल गूंज रहा है कि क्या सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा? डिप्टी सीएम शिवकुमार के खेमे के विधायक खुलकर दावा कर चुके हैं कि 2023 विधानसभा चुनाव के समय ढाई साल बाद डीके …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
कर्नाटक में कांग्रेस की खींचतान: शिवकुमार को कमान या CM सिद्धारमैया का रसूख बरकरार? बंगलूरू में नाश्ते पर नजर
2025 में सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद भी इसी तरह की अटकलों को जोर मिला था। हालांकि, उस समय कांग्रेस आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद बयानबाजियों का तीखा दौर खत्म हो गया था। हालांकि, अब एक बार फिर से शिवकुमार के खेमे से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की मांग की जाने लगी है। आइए जानते हैं कर्नाटक को लेकर चल रहे 'नाटक' में हाल के दिनों में क्या हुआ और सिद्धारमैया-शिवकुमार के बीच की खींचतान को खत्म करने के लिए क्या कोशिशें की जा रही हैं...कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से नेतृत्व को लेकर खी