MEA: विदेश मंत्रालय ने की कुवैत एयरपोर्ट पर हमले की निंदा, भारतीय नागरिक की मौत पर जताई संवेदना

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? मंत्रालय ने कहा, हम कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले की निंदा करते हैं, जिसमें एख भारतीय की मौत हो गई और हमारे कई अन्य नागरिक घायल हुए हैं। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से हम मजबूती से यह अपील करते रहे हैं कि नागरिक आबादी और नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हम एक बार फिर सभी पक्षों ऐसे हमलों को रोकने की अपील करते हैं। विदेश मंत्रालय ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही बताया कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास घायलों को हरसंभव मदद दे रहा है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। इसने यह भी कहा कि पूरे क्षेत्र में भारतीय मिशन अलर्ट पर हैं और भारतीय समुदाय की सहायता के लिए लगातार काम कर रहे हैं। ये भी पढ़ें: कुवैत ने ईरानी सेना पर लगाया आरोप यह हमला कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की पैसेंजर बिल्डिंग (T1) को निशाना बनाकर किया गया था। कुवैत की सेना ने आरोप लगाया है कि ईरान ने ड्रोन के जरिए यह हमला किया। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने इसे ईरान की आपराधिक आक्रामकता बताया है। इस हमले की वजह से हवाई अड्डे की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है। हमले में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा कारणों से कुवैत ने हवाई यातायात को रोक दिया है और उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की तरफ मोड़ दिया गया है। ईरान ने क्या कहा? वहीं, ईरान के सरकारी मीडिया ‘प्रेस टीवी’ ने एक अलग दावा किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि उन्होंने यह हमला जवाबी कार्रवाई के तौर पर किया है। ई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

Thailand: थाईलैंड के पूर्व PM थाकसिन शिनावात्रा को मिली शाही माफी, पैरोल खत्म होने से पहले ही मिल गई रिहाई

थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा ने बुधवार को अपनी जेल की सजा से जुड़ी सभी कानूनी जिम्मेदारियों को औपचारिक रूप से पूरा कर लिया। शाही माफी मिलने के बाद उनकी चार महीने की पैरोल समय से पहले खत्म कर दी गई। दो दशकों से अधिक समय तक थाई राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्ति रहे 76 वर्षीय अरबपति और लोकप्रिय नेता को पिछले महीने बैंकॉक की जेल से रिहा किया गया था। तब से इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि वह सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा फिएउ थाई पार्टी पर अपना मजबूत प्रभाव जारी रख सकते हैं। हालांकि, उनके परिवार ने कहा है कि वह राजनीति से पीछे हटना चाहते हैं।थाईलैंड के राजा महा वाचिरालोंगकोन द्वारा जारी किया गया माफी आदेश मंगलवार देर रात रॉयल गजट में प्रकाशित हुआ। यह बुधवार को प्रभावी हो गया। थाईलैंड एक सांविधानिक राजशाही है, जिसमें राजा को दोषी अपराधियों की माफी पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार है।राजा का यह निर्णय रानी सुतिदा के जन्मदिन के अवसर पर लिया गया था। यह विशिष्ट शर्तों को पूरा करने वाले योग्य दोषियों पर व्यापक रूप से लागू हुआ। थाकसिन पूर्ण रिहाई के लिए योग्य थे, क्योंकि उन्हें पैरोल पर रिहा किया गया था और उनकी सजा में एक वर्ष से कम का समय बचा था।थाकसिन एक दूरसंचार दिग्गज थे, जिन्होंने 1998 में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी की स्थापना की थी। उन्होंने 2001 से 2006 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया, जब एक सैन्य तख्तापलट ने उन्हें विदेश में रहते हुए सत्ता से बेदखल कर दिया था।शिनावात्रा के सत्ता से बेदखल होने के लगभग दो दशकों तक राजनीतिक ध्रुवीकरण जारी रहा। हालांकि उनके स्वनिर्वासित काल में भी उनसे जुड़े दल बार-बार सत्ता में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

Bengal: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने शुरू की अन्नपूर्णा योजना, पहले चरण में 28.25 लाख महिलाओं को मिलेंगे 3,000 ₹

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के पहले चरण में 28.25 लाख लाभार्थियों को 3,000 रुपये की मासिक सहायता मिलेगी। इसे बंगाल की भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक कल्याण योजना माना जा रहा है। योजना के पहले चरण में लाभार्थियों के बैंक खातों में आज से सीधे 3,000 रुपये की राशि भेजी जाएगी। शुरुआती अनुमान के अनुसार, इस योजना से लगभग दो करोड़ महिलाओं को लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, पहले चरण में 28.25 लाख महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा।बंगाल की पहली भाजपा सरकार की इस अन्नपूर्णा योजना के उद्घाटन समारोह में सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पॉल भी मौजूद रहीं। योजना का उद्घाटन कार्यक्रम राज्य के सभी ब्लॉकों, नगरपालिकाओं और कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में भी वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया।उद्घाटन के तुरंत बाद प्रत्येक ब्लॉक और नगरपालिका में चयनित 100 अन्नपूर्णा योजना लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए। इसी तरह कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में भी 100 लाभार्थियों को ये पत्र दिए गए। सूत्रों के अनुसार, संबंधित उपमंडल अधिकारियों (एसडीओ), बीडीओ और नगरपालिका प्रशासन की सिफारिशों के आधार पर लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है।योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से वित्तीय मदद मुहैया कराना है। इस वित्तीय मदद से वे अपने घरेलू खर्चों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगी। भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में ‘अन्नपूर्णा योजना’ का एलान किया गया था। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

भयावह: जमीन में एक-एक कर समाई दर्जनों गाड़ियां, बारिश के बाद का खौफनाक मंजर; हर एक तस्वीर खड़े कर देगी रोंगटे

1 of 9 जमीन में एक-एक कर धंस गईं दर्जनों गाड़ियां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied सीएम ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत नगर निगम ने काम शुरू कराया है। बसई रोड से इंद्रापुरम रोड तक के हिस्से में 10 फीट गहराई पर यूटिलिटी डक्ट, सीवर और पानी की लाइनें बिछाई गई हैं। लाइनें बिछाकर मिट्टी और गिट्टी बिछा दी गई। पार्षद दीपक वर्मा ने बताया कि सोमवार रात की बारिश में सड़क पानी से लबालब हो गई। मुख्यमंत्री के नाम पर सड़कों के विकास के लिए शुरू की गई सीएम ग्रिड योजना के निर्माण कार्य एक ही बारिश में बह गए। बसई मंडी से इंद्रापुरम और इंद्रापुरम से अमर होटल तक सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़कें के बारिश में धंसने से 12 कारें और वैन पलट गईं। तीन से चार फीट तक धंसीं सड़कों के गड्ढों में वाहन फंस गए, जिन्हें शाम तक हाइड्रा मशीन मंगाकर निकलवाया गया। गड्ढों में वाहन गिरने से कई लोग घायल हो गए। बारिश के कारण नाले उफनाने से सड़कों पर दो फीट तक जलभराव हो गया। 2 of 9 सड़क में धंस गई कार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी सुबह कार चालक यहां से निकले तो वह पानी भरा देखकर गड्ढों को भांप नहीं सके और इनमें फंसते चले गए। करीब 12 कारें और वैन इन गड्ढों में फंसने के बाद पलट गईं। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गए। उन्हें क्षेत्रीय लोगों ने जैसे-तैसे बाहर निकाला। पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई। 3 of 9 सड़क में समाई कार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

विश्व साइकिल दिवस आज: जब साइकिल पर लगता था टैक्स और लाइसेंस, जानिए इंदौर की रोचक साइकिल कहानी; कैसे बदली पहचान

इंदौर में 1930 के करीब महारानी रोड पर साइकिल की दुकानें खुलना आरंभ हुईं और धीरे-धीरे यह साइकिल बिक्री का प्रमुख केंद्र बन गया। 1950 से 60 के मध्य इंदौर में 10 रुपये में साइकिल मिल जाया करती थी, वह भी किस्तों में। साइकिल की बिक्री पर विशेष छूट दुकानदारों द्वारा दी जाती थी।दहेज या उपहार में साइकिल देने का प्रचलन 1950 के दशक में शुरू हुआ। क्लर्क कॉलोनी निवासी 96 वर्षीय अन्नाजी बताते हैं कि साइकिल के बारे में सुना तो बड़ा आश्चर्य हुआ। मैं मेरे पिताजी के साथ पहली बार साइकिल देखने गया था। बड़े ही कौतुहल के साथ साइकिल को हमने निहारा था। साइकिल चलाने का लाइसेंस लगता था और साइकिल पर वार्षिक कर भी वसूला जाता था। घरेलू और व्यावसायिक उपयोग की दरें अलग-अलग थीं।1958 के स्थानीय नगर निगम के चुनाव में साइकिल पर लगने वाले कर की समाप्ति का वादा विपक्षी पार्टी द्वारा किया गया और इसी मुद्दे पर वह चुनाव में विजयी हुई। 1957-58 में नगर में साइकिल कर से निगम को 51,284 रुपये प्राप्त हुए थे। इंदौर की कपड़ा मिलों के अधिकतर मजदूरों के पास साइकिल थी। साइकिल पर लगने वाले कर और समय-समय निगम की साइकिल कर की जांच से वे परेशान थे।साइकिल एक परिवहन का सस्ता और सुगम साधन था। साइकिल दुकानों से प्रति घंटे की दर से किराए पर भी दी जाती थी। वर्तमान में एआईसीटीएल द्वारा आधुनिक साइकिलें केंद्रों पर किराये में उपलब्ध हैं। पहले दूध की आपूर्ति करने करने वाले सर्वाधिक साइकिल का उपयोग करते थे, पर समय के साथ अब वे भी बाइक से दूध देने आते हैं। इसकी मुख्य वजह शहर का विस्तार और दूरियों का बढ़ना प्रमुख है। साइकिल मुख्यत: पर्यावरण हितैषी वाहन है। जब देश में ईंधन संकट होता है तो साइकिल पर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

मौत के महीनों बाद खामेनेई का अंतिम संस्कार: ईरान में तीन दिन का राजकीय शोक, कई शहरों में निकाले जाएंगे जुलूस

ईरानी मीडिया आईआरआईबी के मुताबिक, ये जुलूस राजधानी तेहरान, कौम और मशहद में निकलेंगे। इन तीनों जगहों पर बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम होंगे। अकेले तेहरान में मुख्य कार्यक्रम 24 घंटे से ज्यादा चलेगा। तेहरान प्रशासन तैयारियों में जुटा है। अधिकारियों का अनुमान है कि तेहरान में दो करोड़ लोग आ सकते हैं। प्रशासन इतनी बड़ी भीड़ को संभालने का इंतजाम कर रहा है।यह घोषणा खामेनेई की मौत के कई महीनों बाद हुई है। इस्लामिक परंपरा के मुताबिक दफनाने का काम तुरंत होता है। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने इसे लंबे समय के लिए टाल दिया था। खामेनेई की मौत 28 फरवरी को उनके घर पर हुए हमले में हुई थी। मार्च की शुरुआत में प्रशासन ने कहा था कि भारी भीड़ के कारण तुरंत अंतिम संस्कार मुमकिन नहीं है। अब सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने बताया है कि यह कार्यक्रम जून के मध्य में होगा। हालांकि अभी पक्की तारीख आना बाकी है।अयातुल्ला अली खामेनेई 86 साल के थे। उनके घर के दफ्तर पर हमला हुआ था। इस हमले में उनकी जान चली गई। इसके साथ ही ईरान पर उनका 30 साल से ज्यादा पुराना शासन खत्म हो गया। वे देश के सबसे ताकतवर नेता थे। उनकी मौत पर ईरान में अलग-अलग नजारे दिखे। कुछ लोग सदमे और दुख में थे, तो कुछ हिस्सों में जश्न भी मना। अब उनके बेटे अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। हालांकि, पद संभालने के बाद से वे जनता के सामने नहीं आए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन: आज मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे डीके शिवकुमार, मंत्रिमंडल की सूची भी होगी साफ

कांग्रेस विधायक शरत कुमार बच्चेगौड़ा ने इस शपथ ग्रहण समारोह को कर्नाटक के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान जल्द ही उन मंत्रियों के नामों की घोषणा करेगा जो शिवकुमार के साथ शपथ लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिद्धारमैया के पिछले तीन साल और उससे पहले के पांच साल के कार्यकाल में लागू किए गए अच्छे प्रशासन और सामाजिक न्याय के कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखा जाएगा। कांग्रेस का मुख्य ध्यान अब 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव पर है। पार्टी इस बदलाव के जरिए चुनाव के लिए मजबूत माहौल तैयार करना चाहती है।दूसरी ओर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने इस बदलाव पर बेहद संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी नेतृत्व उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उनके लिए पद से ज्यादा काम महत्वपूर्ण है।मीडिया में मंत्रियों को लेकर चल रही अटकलों पर कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मीडिया में जो समय बताया जा रहा है, वह सही नहीं है। कल सुबह 10 बजे या फिर दोपहर में, हाई कमान मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देकर भेज देगा। हम सभी एक साथ बैठे, चर्चा की और अपनी-अपनी राय साझा की। जैसे ही हाई कमान सूची भेजेगा, हम उसे राजभवन भेज देंगे। कल शाम को हमने कांग्रेस पार्टी के एक कार्यालय के शिलान्यास समारोह का कार्यक्रम तय किया है।इस राजनीतिक बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए पिछले कुछ दिनों से नई दिल्ली में बैठकों का दौर जारी था। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री पद के दावेदार डीके …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

CBSE में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: लोखंडे प्रशांत सीताराम नए चेयरमैन, वरुण भारद्वाज को सचिव नियुक्त किया गया

CBSE Chairman Secretary Transferred: केंद्र सरकार ने सीबीएसई से जुड़े मामलों में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। इन अधिकारियों के स्थान पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम सीबीएसई के नए प्रमुख नियुक्त किया गया है। वहीं, सीनियर ब्यूरोक्रैट वरुण भारद्वाज सीबीएसई के नए सचिव होंगे। 19 अप्रैल 2027 तक होगा नए सचिव का कार्यकाल गृह मंत्रालय के गृह विभाग के तहत अतिरिक्त सचिव के रूप में सेवा दे रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम अब सीबीएसई की कमान संभालेंगे। वहीं, राहुल सिंह को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस निर्णय को मंजूरी दी है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक वरुण भारद्वाज को सीबीएसई के सचिव (निदेशक स्तर) के पद पर नियुक्त किया गया है। ओएसएम ठेका प्रक्रिया की जांच के लिए समिति गठित यह नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत प्रतिनियुक्ति (deputation) के आधार पर, हिमांशु गुप्ता के स्थान पर ‘लैटरल शिफ्ट’ के रूप में की गई है, जिसकी अवधि 19.09.2027 तक (यानी, केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत कुल 05 वर्ष का कार्यकाल) होगी। इसके साथ ही सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है। एस. राधा चौहान होंगी कमेटी की अध्यक्ष सूत्रों के अनुसार यह जांच समिति ओए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 2 min · National Desk

'यह जवाबदेही नहीं, कवर-अप है': CBSE चेयरमैन-सचिव के तबादले पर राहुल का हमला, बोले- असली जिम्मेदार बचाए गए

शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में कहा कि उनकी मांग पहले की तरह अब भी कायम है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की ‘एक महीने पुरानी अधूरी फाइल’ को चुपचाप बंद करने की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘18.5 लाख सीबीएसई छात्रों की परवाह होती’ तो शिक्षा मंत्री को पहले ही हटा दिया गया होता। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 3, 2026 · 1 min · National Desk

NEET Row: 'पूरी एक पीढ़ी के साथ विश्वासघात', नीट पेपर लीक को लेकर शशि थरूर ने सरकार पर साधा निशाना

वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें थरूर ने कहा, आप ऐसी व्यवस्था चला रहे हैं, जिसमें परीक्षाओं की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं किया जा सकता। जहां छात्र तैयारी में बहुत मेहनत की है, अचानक यह देखते हैं कि पेपर लीक हो गया, भ्रष्टाचार है, बेईमानी है और पूरी प्रक्रिया दूषित हो गई है। कभी-कभी परीक्षाएं रद्द करनी पड़ती हैं और उन्हें फिर से शुरुआत करनी पड़ती है। उन्होंने भारत की परीक्षा प्रणाली की विश्व स्तर की प्रणालियों से भी तुलना की और उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता कहा, दुनिया में कई प्रतियोगी परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से कराई जाती हैं, चाहे वह एसएटी हो, कैम्ब्रिज परीक्षाएं हों या आईएससी आदि। उन्होंने पूछा, ऐसा क्यों है कि केवल हमारी सरकारी व्यवस्था में ही बार-बार गड़बड़ी हो रही हैं? सरकार ऐसी स्थिति में क्यों है कि वह राष्ट्रीय परीक्षा जैसी सरल प्रक्रिया की निष्पक्षता और ईमानदारी की गारंटी नहीं दे पा रही है? थरूर ने इन लगातार संकटों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, यह वास्तव में सरकार की कमी है और सरकार को जिम्मेदारी लेते हुए इस समस्या को ठीक करने के लिए कदम उठाने चाहिए। नहीं तो यह पूरी एक पीढ़ी के साथ विश्वासघात है। इसके लिए हम केवल सरकार को ही दोष दे सकते हैं। ये भी पढ़ें: ‘सरकार और एनटीएस जिम्मेदार’ उन्होंने आगे कहा, सरकार, मंत्रालय, एनटीए और वे सभी लोग जिम्मेदार हैं, जिनकी वजह से ऐसी स्थिति पैदा हुई है। थरूर ने कहा, मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की पूरी जिम्मेदारी बनती है। यह दोबारा कभी नहीं होना चाहिए। यह पहली बार नहीं है। लेकिन यह आखिरी बार होना चाहिए। 21 जून को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 2, 2026 · 2 min · National Desk